देश विदेश

25 वें टीसीएस रूरल आईटी क्विज़ विजेता बना छत्तीसगढ़

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और कर्नाटक सरकार के सहयोग से आयोजित 25वें टीसीएस रूरल आईटी क्विज़ का कर्नाटक क्षेत्रीय फाइनल हाल ही में संपन्न हुआ। इस प्रतियोगिता में राज्य के विभिन्न जिलों के 8वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों ने भाग लिया। कर्नाटक क्षेत्रीय फाइनल के विजेता टीम को बेंगलुरु में नवंबर 2024 में आयोजित राष्ट्रीय फाइनल में भाग लेने का अवसर मिला। सभी क्षेत्रीय विजेताओं को 10,000 रुपये के गिफ्ट वाउचर और उपविजेताओं को 7,000 रुपये के गिफ्ट वाउचर से सम्मानित किया गया। ​​ फाइनल में छत्तीसगढ़ भिलाई के छात्र तनिष्क कुमार साहू ने 125 अंकों के साथ जीत हासिल की फाइनल विजेता के रूप में तनिष्क कुमार साहू को₹100000 की राशि और अवार्ड से सम्मानित किया गया अवार्ड सम्मान समारोह में कर्नाटक के आईटी शिक्षा मंत्री ने सभी प्रतियोगियों को पुरस्कार वितरित किया | इस क्विज़ का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों में आईटी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें प्रौद्योगिकी के नवीनतम रुझानों से अवगत कराना है। यह कार्यक्रम 2000 से आयोजित हो रहा है और अब तक 21 मिलियन से अधिक छात्रों तक पहुंच चुका है। ​​​​
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संयुक्त संचालक मत्स्य विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर देव कुमार सिंह एसीबी की गिरफ्त में

मन्नू मानिकपुरी की रिपोर्ट /  बिलासपुर :-  मत्स्य विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर देव कुमार सिंह एक लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों की रफ्तार एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्यवाही मत्स्य विभाग के ज्वॉइंट डायरेक्टर देव कुमार सिंह को रिश्वत लेते पकड़ा गया राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मत्स्य विभाग के ज्वॉइंट डायरेक्टर देव कुमार सिंह को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर की। क्या है मामला? नरेंद्र श्रीवास उपयंत्री मछली पालन विभाग जांजगीर चांपा के विभागीय जांच को दबाने देव कुमार सिंह ने रिश्वत की मांग की थी | एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत मिली थी कि ज्वॉइंट डायरेक्टर देव कुमार सिंह ने मछली पालन लाइसेंस प्रक्रिया में मदद के लिए रिश्वत की मांग की है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि काम में अड़चन डालकर 2 लाख रुपये की घूस मांगी गई थी। इसके बाद एसीबी ने योजना बनाकर इस भ्रष्टाचार के खेल का पर्दाफाश किया। रंगे हाथों पकड़े गए गुप्त सूचना के आधार पर एसीबी की टीम ने जाल बिछाया और शिकायतकर्ता को नकद राशि के साथ भेजा। जैसे ही देव कुमार सिंह ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। मौके से रिश्वत की राशि बरामद कर ली गई है। कार्रवाई जारी एसीबी ने देव कुमार सिंह को गिरफ्तार कर उनके कार्यालय और आवास पर छापेमारी की है। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये की संपत्ति और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। इन दस्तावेजों से अन्य अधिकारियों के भी इस भ्रष्टाचार में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। *आरोप और कानूनी प्रक्रिया* देव कुमार सिंह पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां से रिमांड की मांग की जाएगी। प्रतिक्रिया घटना के बाद मत्स्य विभाग के अन्य अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। विभागीय मंत्री ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है, और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। यह घटना भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासनिक सख्ती और जनता के सहयोग से ऐसे मामलों को उजागर करने की आवश्यकता को उजागर करती है।

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एक ओंकार अर्थात् परमात्मा एक है - इंसानियत से बढ़कर कोई धर्म नहीं है - श्री गुरु नानक देव जी की जयंती के 555 वर्ष पूरे होने पर पर विषेश लेख

देश के वर्तमान हालातो पर श्री गुरु नानक देव जी के उपदेश और संदेश पर हर किसी को गौर करना चाहिए 

सतगुरु नानक परगटिया, मिट्टी धुन्ध जग चानन होआ |ज्यों कर सूरज निकलया, तारे छपे अंधेर पलोआ ||

एक ओंकार अर्थात् परमात्मा एक है - इंसानियत से बढ़कर कोई धर्म नहीं है

  श्री गुरु नानक देव जी ने जात-पात उच्च नीच धर्म और वर्ग के भेदभाव को मिटाने की बात की थी  

कीरत करो, वण्ड छको,  नाम जपो अर्थात काम करो, मिल बाटकर खाओ और भगवान का नाम लो का मंत्र दिया
 
 
 
श्री गुरु नानक देव जी की जीवनी, उद्देश्य, मानवता के प्रति योगदान और प्रकाश पर्व की महिमा

श्री गुरु नानक देव जी ने संपूर्ण मानवता को प्रेम, सेवा, समानता और एकता का संदेश दिया

उनके विचार का मूल तत्व "एक ओंकार" जिसका अर्थ है "परमात्मा एक है।" उन्होंने जात-पात, ऊँच-नीच, धर्म, और वर्ग के भेदभाव को मिटाने पर ज़ोर दिया।

श्री गुरु नानक देव जी (1469–1539) सिख धर्म के संस्थापक और पहले गुरु थे, जिन्होंने अपनी शिक्षा और विचारों के माध्यम से संपूर्ण मानवता को प्रेम, सेवा, समानता और एकता का संदेश दिया। उनकी शिक्षाएँ और जीवन दर्शन न केवल सिख धर्म के अनुयायियों बल्कि दुनिया के सभी लोगों के लिए एक प्रेरणा बने हुए हैं। गुरु नानक जी ने अपने समय की सामाजिक और धार्मिक विषमताओं को मिटाने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए, जिनका प्रभाव आज भी विश्व के कोने-कोने में महसूस किया जाता है।

प्रारंभिक जीवन

श्री  गुरु नानक देव जी का जन्म 15 अप्रैल, 1469 को रावी नदी के तट पर स्थित तलवंडी नामक स्थान पर हुआ था, जो अब पाकिस्तान के ननकाना साहिब में है। उनके पिता का नाम मेहता कालू जी और माता का नाम तृप्ता जी था। गुरु नानक जी का बचपन से ही आध्यात्मिकता की ओर झुकाव था और वे साधारण जीवन में भी असाधारण ज्ञान और विवेक के धनी थे। बचपन में ही उन्होंने समाज में फैली असमानता, धार्मिक कट्टरता, अंधविश्वासों के प्रति अपनी असहमति व्यक्त करना शुरू कर दिया था।

श्री  गुरु नानक जी का प्रमुख उद्देश्य

श्री  गुरु नानक देव जी का प्रमुख उद्देश्य मनुष्य को मनुष्यता के मार्ग पर चलाना था। उनके अनुसार ईश्वर एक है और सभी प्राणी उसके ही अंश हैं। उनके विचार का मूल तत्व "एक ओंकार" में समाहित है, जिसका अर्थ है "परमात्मा एक है।" उन्होंने जात-पात, ऊँच-नीच, धर्म, और वर्ग के भेदभाव को मिटाने पर ज़ोर दिया। गुरु नानक जी का मानना था कि ईश्वर के सच्चे उपासक वही हैं जो परोपकार, प्रेम, करुणा और सेवा में विश्वास रखते हैं।

मानवता के प्रति योगदान

श्री  गुरु नानक देव जी ने समाज में सुधार लाने के लिए कई यात्राएँ कीं, जिन्हें "उदासियाँ" कहा जाता है। इन उदासियों के माध्यम से उन्होंने भारत, अफगानिस्तान, अरब, तिब्बत और श्रीलंका जैसे विभिन्न देशों में जाकर अपने विचारों का प्रचार किया। उन्होंने लोगों को सत्य, धर्म, और करुणा के मार्ग पर चलने की शिक्षा दी। उनके कार्यों ने समाज में गहरे बदलाव लाए और लोगों में आत्म-सुधार और एकता की भावना जागृत की।

1. लंगर प्रथा : श्रीगुरु नानक जी ने "लंगर" की परंपरा शुरू की, जिसका उद्देश्य था सभी को समानता और एकता के भाव में जोड़ना। इसमें बिना किसी भेदभाव के सभी लोगों को भोजन कराया जाता था, जो आज भी सभी गुरुद्वारों में चल रहा है।


2. समानता और भेदभाव के विरोधी: गुरु नानक देव जी ने अपनी शिक्षाओं से महिलाओं के प्रति सम्मान का प्रचार किया और जात-पात के भेदभाव का कड़ा विरोध किया। वे कहते थे कि ईश्वर के सामने सभी एक समान हैं, चाहे वे किसी भी जाति या धर्म के हों।


3. सत्य का मार्ग: गुरु नानक जी ने ईश्वर के प्रति प्रेम और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। वे बाहरी आडंबरों के बजाय अंतःकरण की शुद्धता पर विश्वास करते थे। उनके उपदेशों में हमेशा सत्य को ही सर्वोपरि माना गया।



देश-दुनिया में योगदान और उनके अनुयायियों की भावनाएँ

श्री  गुरु नानक देव जी की शिक्षाएँ और उनके सिद्धांत सिख धर्म के मूल स्तंभ बन गए। उन्होंने "नाम जपो, किरत करो, वंड छको" का मंत्र दिया, जो आज भी सिख धर्म के अनुयायी मानते हैं। उनके विचारों ने न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में धर्म और मानवता के प्रति एक नई दिशा प्रदान की। गुरु नानक जी के अनुयायियों के लिए उनका जीवन एक प्रेरणा है, और वे उनकी शिक्षाओं का पालन करके सेवा और सद्भाव के मार्ग पर चलने का प्रयास करते हैं।

प्रकाश पर्व

श्री  गुरु नानक देव जी के जन्म दिवस को "गुरु नानक जयंती" के रूप में मनाया जाता है, जिसे "प्रकाश पर्व" भी कहा जाता है। यह सिख धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे पूरे विश्व में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इस दिन गुरुद्वारों में विशेष रूप से "अखंड पाठ" किया जाता है और गुरु का "लंगर" आयोजित होता है। इसके अलावा, प्रभात फेरियाँ निकाली जाती हैं और "शबद कीर्तन" किया जाता है, जिसमें  श्री  गुरु नानक देव जी  की शिक्षाओं का गायन होता है।

प्रकाश पर्व के दिन, सिख समुदाय के लोग विशेष सजावट करते हैं और दीयों से गुरुद्वारों और अपने घरों को सजाते हैं। यह त्योहार न केवल धार्मिक आयोजन है बल्कि एक सांस्कृतिक उत्सव भी है, जो सभी लोगों को एकता, प्रेम और मानवता के मूल्यों का स्मरण कराता है।

निष्कर्ष    
श्री  गुरु नानक देव जी का जीवन और उनके उपदेश हमें सिखाते हैं कि इंसानियत से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। उनकी शिक्षाएँ हमें अपने भीतर प्रेम, शांति, और सेवा के भाव को विकसित करने के लिए प्रेरित करती हैं। श्री गुरु नानक देव जी के योगदान और उनके विचारों की प्रासंगिकता आज भी उतनी ही है जितनी उनके समय में थी। उन्होंने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि एक सच्चा गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देता, बल्कि अपनी शिक्षाओं को अपने आचरण में जीता भी है। उनके द्वारा शुरू की गई लंगर परंपरा, जात-पात और ऊँच-नीच का भेदभाव मिटाने का प्रयास, और विश्व भर में उनके अनुयायियों की निस्वार्थ सेवा का भाव यह दर्शाते हैं कि श्री गुरु नानक देव जी का संदेश आज भी मानवता को एक नई दिशा प्रदान कर रहा है।
लेखक :- सुखबीर सिंघोत्रा अध्यक्ष छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज
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सिक्ख समाज मनाएगा श्री गुरु नानक देव जी की 555वीं जयंती का उत्सव

श्री गुरु नानक देव जी  की  जयंती पर विषेश लेख 

 
देश के वर्तमान हालातो पर श्री गुरु नानक देव जी के उपदेश और संदेश पर हर किसी को गौर करना चाहिए

एक ओंकार अर्थात् परमात्मा एक है - इंसानियत से बढ़कर कोई धर्म नहीं है

  श्री गुरु नानक देव जी ने जात-पात उच्च नीच धर्म और वर्ग के भेदभाव को मिटाने की बात की थी  

कीरत करो, वण्ड छको,  नाम जपो अर्थात काम करो, मिल बाटकर खाओ और भगवान का नाम लो का मंत्र दिया

 

 

श्री गुरु नानक जयंती सिख समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इसे "गुरुपर्व" या "प्रकाश पर्व" भी कहा जाता है। यह पर्व सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी के जन्मदिवस का प्रतीक है। गुरु नानक देव जी सिख समुदाय के पहले गुरु है। यह पर्व अकसर अक्टूबर या नवंबर माह में आता है, और इस दिन को सिख समाज के लोग बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं। इस दिन गुरुद्वारों में विशेष समारोह आयोजित किए जाते हैं। यह पर्व कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है

गुरु नानक जयंती तिथि 2024
इस वर्ष गुरु नानक जयंती 15 नवंबर को मनाई जाएगी, क्योंकि इसी दिन कार्तिक पूर्णिमा पड़ रही है। इस साल गुरु नानक देव जी की 555वीं जयंती का उत्सव मनाया जाएगा।

 
 
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डिजिटल अरेस्ट मामले में छत्तीसगढ़ में मिला आरोपी

Raipur में डिजिटल अरेस्ट का मामला आया सामने... क्राइम ब्रांच का अफसर बताकर 58 वर्षीय महिला से 58 लाख की ठगी... आईजी अमरेश मिश्रा के निर्देश पर रेंज सायबर ने राजनांदगांव से आरोपी जसविंदर को किया गिरफ्तार... 9.50 लाख नगदी भी जब्त
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धर्मान्तरित लोगों की घरवापसी ही अखंड भारत का मार्ग है , बहुत जल्द धर्मान्तरण पर कड़े कानून बनेंगे- प्रबल प्रताप

धर्मान्तरित लोगों की घरवापसी ही अखंड भारत का मार्ग है , बहुत जल्द धर्मान्तरण पर कड़े कानून बनेंगे- प्रबल प्रताप धर्मान्तरण की गैंग पूरे देश में सक्रिय,अब तक 17000 धर्मान्तरित लोगों की हुई घर वापसी । घरवापसी अभियान के प्रमुख और छत्तीसगढ़ प्रदेश में भाजपा के प्रदेश महामंत्री प्रबल प्रताप जूदेव अब खुलकर अब कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव के विरोध में आ गए हैं साथ ही बंगलाभट्ठा में बने अवैध चर्च को लेकर चुनौती दे दी है । घर वापसी अभियान के प्रमुख प्रबल प्रताप को भगवा गुंडा और बाहरी कहकर कांग्रेसी विधायक ने सनातन का अपमान किया है जिसको लेकर सन्त समाज ने भी प्रबल प्रताप सिंह जूदेव के साथ खड़े हो गए हैं। कोटा रतनपुर के बंगला भाठा में एक चर्च को लेकर उठे विवाद के बाद  अब प्रबल प्रताप जूदेव का बड़ा बयान आया है। उन्होंने अपने बयान में कहा है कि" प्रशासन के जांच के बाद यह पुष्टि की गई कि बंगलाभाटा, रतनपुर में निर्मित चर्च/प्रार्थना भवन अवैध है और वन विभाग की जमीन के पट्टे पर निर्मित है। मैं सरकार से मांग करता हूं कि ऐसे धर्मांतरण के केंद्र को ध्वस्त करने का आदेश जारी कर सनातन समाज को आश्वस्त करे कि प्रलोभन आधारित धर्मांतरण अब छत्तीसगढ़ में नहीं चलेगा। मैं इस घृणित कार्य में संलग्न आरोपियों के खिलाफ प्रशासन से एफ. आई. आर. दर्ज करने की मांग करता हूं। आपको बता दें कि इसी चर्च को लेकर कोटा क्षेत्र के विधायक अटल श्रीवास्तव ने प्रबल प्रताप को भगवा गुंडा बताकर पुलिस से प्रबल के विरुद्ध एफ़ आई आर दर्ज करने  की मांग की थी ।अटल के भगवा गुंडे वाले बयान को लेकर प्रबल समर्थकों ने हर जिले में मोर्चा खोला हुआ है । प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने आगे बताया कि धर्मान्तरण हमारी हिंदुत्व को खोखला कर रही है छत्तीसगढ़ ओडिशा और झारखंड में पूरी गैंग सक्रिय है लेकिन हमारी टीम की मेहनत और लगन से प्रदेश में इनके द्वारा किये जा रहे करतूतों का पर्दाफाश हो जा रहा है। हम सनातन की रक्षा को लेकर पूरी तरह से समर्पित हैं मेरे पिताजी स्व दिलीप सिंह जूदेव हमेशा आदिवासीयों की रक्षा की है और उनकी रक्षा की है और इस कार्य को आगे बढ़ाते हुए पूरे सनातन समाज की रक्षा करूँगा । आगे प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि धर्मान्तरण पर मैं विशेष रूप से मुख्यमंत्री जी से बात किया हूँ इसपर अब कठोर कानून बनने वाला है प्रदेश में विधर्मियों द्वारा अराजकता का माहौल बनाया जा रहा है। कूटरचित तरीके से धर्मान्तरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे में हमारी सनातन संस्कृति और परंपरा पर प्रतिघात कर रहे हैं हमें एकजुटता का परिचय देते हुए सभी हिन्दू समाज को एक साथ खड़ा होना होगा ऐसे विधर्मियों को अब सबक सिखाने का समय आ गया है। हमारे जशपुर, सरगुजा, बस्तर, बलरामपुर क्षेत्र में तो धर्मान्तरण का खेल चलता था लेकिन अब ये बड़े पैमाने पे करने की साजिश रच रहे हैं जिसमें अब रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा जैसे शहरों में भी शुरू हो चुका है । रायगढ़ की घटना की मैं कड़ी निंदा करता हूँ इसपर प्रशासन कड़ी कार्यवाही करते हुए कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर की है। हमारा संघर्ष हिंदुओं और सनातन के लिये मरते दम तक जारी रहेगा । मेरे पिताजी स्व दिलीप सिंह जूदेव ने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया अब मेरे परीक्षा की घड़ी है आपलोगों के आशीर्वाद और समर्थन से सनातन समाज की रक्षा में कोई कसर नहीं छोडूंगा।
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अपने ही पत्र पर उलझे मुख्यमंत्री

छत्तीसगढ़ में सहकारी समिति के कर्मचारी 4 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिससे 14 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी प्रभावित हो सकती है। कर्मचारियों ने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं: 1. सूखे हुए धान का प्रावधान। 2. प्रदेश की सभी समितियों को प्रबंधकीय अनुदान देने का मध्य प्रदेश जैसा प्रावधान, ताकि समय पर वेतन मिल सके। 3. सेवा नियम 2018 में संशोधन कर नया वेतनमान लागू करना। इस हड़ताल का कारण यह है कि धान खरीदी में इन समितियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, और यदि उनकी मांगों पर सहमति नहीं बनी तो किसानों के लिए धान बेचने में समस्याएं आ सकती हैं। राज्यभर के लगभग 13,000 कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हैं और वे अपने मुद्दों को लेकर संघर्षरत हैं, ताकि सरकार जल्द से जल्द उनकी मांगों को पूरा करे​​​​​​​​। छत्तीसगढ़ में 2058 सहकारी समितियां के लगभग 13000 कर्मचारी 4 नवंबर से हड़ताल पर हैं और 15 नवंबर से प्रदेश में धान खरीदी शुरू होना है जिस पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विष्णु देव साय सरकार पर अनेक आरोप लगाते हुए पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का 9 नवंबर 2021 का एक पत्र मीडिया को जारी करते हुए कहा कि जब वे भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे उन्होंने मुख्यमंत्री के नाते मुझे पत्र लिखकर सहकारी समितियां के कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन किया था आज वही कर्मचारी हड़ताल पर हैं मुख्यमंत्री धान खरीदी शुरू कैसे करेंगे की मांगे मानेंगे या फिर हड़ताल के कारण धान खरीदी शुरू नहीं होगी उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष विष्णु देव साय ने तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को जारी पत्र में सहकारी समितियां के कर्मचारियों की मांग ऑन का समर्थन किया था अब देखने वाली बात यह है की पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा धान खरीदी न करने का षड्यंत्र रचने का जो आरोप लगाया है उसे पर प्रदेश सरकार का क्या जवाब आता है ?
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श्री गुरु नानक देव जी की जयंती पर विशाल नगर कीर्तन - शोभायात्रा

गुरु नानक देव जी की जयंती को ‘गुरु पर्व’ या ‘गुरुपुरब’ के रूप में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। गुरु नानक देव जी सिख धर्म के संस्थापक और पहले गुरु थे। उनका जन्म कार्तिक पूर्णिमा के दिन 1469 में हुआ था, और इसलिए उनकी जयंती को ‘प्रकाश पर्व’ के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर देशभर में भव्य शोभायात्राएँ निकाली जाती हैं। *श्री गुरुनानक देव जी के प्रकाश पर्व पर राजधानी रायपुर में 10 नवंबर को विशाल नगर कीर्तन* श्री गुरु नानक देव जी के पावन प्रकाश पर्व की खुशी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया में,पंज प्यारों की अगुवाई में खालसाई शान के साथ रविवार 10 नवंबर को दोपहर 2:00 बजे गुरुद्वारा स्टेशन रोड रायपुर से विशाल नगर कीर्तन आरंभ होकर संजय गांधी चौक, श्री गुरु नानक चौक,एम जी रोड, शारदा चौक, जय स्तंभ चौक, शास्त्री चौक, कचहरी चौक, खालसा स्कूल के सामने से होकर गुरुद्वारा गोविंद नगर पंडरी में सम्पन्न होगा | गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सुरेंद्र सिंह छाबड़ा ने बताया कि श्री गुरू नानक देव जी की जयंती के उपलक्ष में जयंती से पहले विशाल नगर कीर्तन (शोभायात्रा) निकालने की परंपरा रही है जिसका पालन आज तक सिक्ख समाज करता है | इस वर्ष भी श्री गुरू नानक देव जी की जयंती से पूर्व आयोजित नगर कीर्तन खलसाई शान के साथ निकाला जाएगा | प्रभातफेरी में भी बड़ी संख्या में संगत पहुंच रही है इस वर्ष शौर्य का प्रतीक पंजाब की गुरदीप सिंह गतका पार्टी,जबलपुर की श्याम बैंड,उड़ीसा का घन्टा बाजा, सिक्ख बैंड विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे नगर कीर्तन में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पालकी की अगुवाई कर रहे पंज प्यारों के आगे सफाई सेवा कर फूलों की सेज सजाई जाएगी | इस विशेष अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सुरेंद्र सिंह छाबड़ा,महेंद्र सिंह छाबड़ा,इंदरजीत सिंह छाबड़ा, कल्याण सिंह पसरीजा, तेजिंदर सिंह होरा,मंजीत सिंह सलूजा,गुरमीत सिंह गुरदत्ता, हरजीत सिंह अजमानी, गुरदीप सिंह छाबड़ा, कुलदीप सिंह चावला, भूपेंद्र सिंह मक्कड़,सतपाल सिंह खनूजा, निरंजन सिंह खनूजा,कुलजीत सिंह मक्कड़,तरजीत सिंह मल्होत्रा,रजिंदर सिंह सलूजा,रविंदर सिंह दत्ता,महेंदर पाल सिंह छाबड़ा,भगत सिंह छाबड़ा, इंदरपाल सिह अजमानी,रश्मित सिंह टुटेजा,इंदरजीत सिंह सलूजा,रविंदर सिंह चावला,आविन्दर सिंह सलूजा,बलजीत सिंह भल्ला,गुरुचरण सिंह टांक, प्रीतपाल सिंह मिस्सन,कुलवंत सिंह अरोरा,चरण सिंह अरोरा,मनीष चंदानी ने समस्त गुरुनानक नाम लेवा संगत से अपने कारोबार बंद कर महिलाएं सफेद सूट नीला दुपट्टा, पुरुष सफेद ड्रेस नीली दस्तार सजा कर नगर कीर्तन में शामिल होने की अपील की है | *शोभायात्रा का महत्व और आयोजन* गुरु नानक देव जी की जयंती पर आयोजित होने वाली शोभायात्रा, एक धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन होता है जिसमें लोग पूरे श्रद्धा भाव के साथ हिस्सा लेते हैं। इस यात्रा का उद्देश्य गुरु नानक देव जी के उपदेशों और जीवन से लोगों को अवगत कराना है। यात्रा का आरंभ प्रायः किसी प्रमुख गुरुद्वारे से किया जाता है और इसे नगर की विभिन्न गलियों और सड़कों पर घुमाया जाता है। *शोभायात्रा की विशेषताएं* 1. नगर कीर्तन: शोभायात्रा में सबसे पहले ‘नगर कीर्तन’ निकाला जाता है। नगर कीर्तन का अर्थ है कि संगत (समुदाय) मिलकर कीर्तन करते हुए नगर में यात्रा करती है। इसमें गुरु ग्रंथ साहिब को सजी हुई पालकी में रखा जाता है और इसे सबसे आगे चलाया जाता है। कीर्तन की धुन से पूरी शोभायात्रा एक धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल में रहती है। 2. पंज प्यारे: शोभायात्रा में पंज प्यारे पारंपरिक वेशभूषा में श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी की अगुवाई करते पैदल चलते हैं | 3. गुरबाणी और शबद कीर्तन: शोभायात्रा के दौरान गुरबाणी और शबद कीर्तन गाए जाते हैं। यह शबद (भजन) गुरु नानक देव जी के जीवन और उनकी शिक्षाओं से जुड़े होते हैं, जो श्रद्धालुओं को अध्यात्मिक रूप से प्रेरित करते हैं। 4. निशान साहिब (ध्वज): शोभायात्रा में निशान साहिब, सिख धर्म का पवित्र ध्वज, ऊँचा उठाया जाता है। यह ध्वज सिख धर्म के सम्मान और अखंडता का प्रतीक है। 5. गटका प्रदर्शन: कुछ शोभायात्राओं में सिख योद्धा ‘गटका’ नामक पारंपरिक युद्ध कला का प्रदर्शन करते हैं। गटका एक शौर्यपूर्ण मार्शल आर्ट है जिसमें तलवारों का कुशलता से प्रदर्शन किया जाता है। यह प्रदर्शन सिख वीरता और साहस का प्रतीक माना जाता है। 6. लंगर सेवा: शोभायात्रा में लंगर (भोजन सेवा) का आयोजन भी किया जाता है। भक्तों और यात्रियों को निःशुल्क भोजन और प्रसाद वितरण किया जाता है। इस सेवा का उद्देश्य गुरु नानक के द्वारा दी गई सेवा और समर्पण की भावना को प्रकट करना है। शोभायात्रा का मार्ग और श्रद्धालुओं का उत्साह इस शोभायात्रा का मार्ग गुरुद्वारे से शुरू होकर नगर के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजरता है। हर तरफ रंग-बिरंगे फूलों और रोशनी से सजी हुई गलियाँ होती हैं। शोभायात्रा के मार्ग पर लोग भक्ति-भाव से पंक्तिबद्ध होकर खड़े होते हैं और गुरु नानक देव जी के जयकारे लगाते हैं। श्रद्धालु सड़कों पर साफ-सफाई करते हैं और गुरुद्वारे के सेवादार पूरे रास्ते में पानी और अन्य जरूरत की वस्तुएँ उपलब्ध कराते हैं। गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं की झलक इस शोभायात्रा के दौरान गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं पर भी जोर दिया जाता है, जैसे - एकता, समानता, परोपकार, और भगवान के प्रति अडिग विश्वास। उनका संदेश ‘नाम जपो, किरत करो, वंड छको’ (भगवान का नाम जपना, मेहनत करना, और दूसरों के साथ बाँटना) हर किसी को एक बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा देता है। गुरु नानक देव जी की जयंती पर निकाली जाने वाली यह शोभायात्रा सिर्फ एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि समाज को भाईचारे, मानवता, और शांति का संदेश देने वाला एक महत्वपूर्ण आयोजन भी है। इस शोभायात्रा के माध्यम से लोग गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं को आत्मसात करते हैं और उनके पदचिन्हों पर चलने की प्रेरणा पाते हैं।
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने छत्तीसगढ़ की सड़कों के लिए दी 20 हजार करोड़ की सौगात

केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने आरसी अर्थात इंडियन रोड कांग्रेस के रायपुर में आयोजित 83 वे इंडिया सड़क कांग्रेस के कार्यक्रम में संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ को 20000 करोड़ के सड़कों फ्लाई ओवर एवं अन्य कार्यों की सौगात दी |
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भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) सड़क एवं सेतु निर्माण से संबंधित मानक एवं गाइडलाइन्स निर्धारित करने वाली देश की सर्वोच्च संस्था - अरुण साव

केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी 8 नवम्बर से रायपुर में आयोजित भारतीय सड़क कांग्रेस के 83वें वार्षिक अधिवेशन का शुभारंभ करेंगे। रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर में 8 नवम्बर से 11 नवम्बर तक इसका आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव भी 8 नवम्बर को शाम साढ़े चार बजे आयोजित अधिवेशन के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होंगे। चार दिनों तक चलने वाले भारतीय सड़क कांग्रेस के अधिवेशन में सड़क निर्माण और सड़क सुरक्षा से जुड़े देशभर के दो हजार से अधिक विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, अभियंता और अधिकारी शामिल होंगे। अधिवेशन के शुभारंभ कार्यक्रम में सड़क निर्माण तकनीक और सामग्री से संबंधित तीन गाइडलाइन्स और एक मैनुअल भी जारी किए जाएंगे।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज तकनीकी प्रदर्शनी का किया उद्घाटन उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज तकनीकी प्रदर्शनी का किया उद्घाटन उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज तकनीकी प्रदर्शनी का किया उद्घाटन 

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज तकनीकी प्रदर्शनी का किया उद्घाटन 

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज शाम साइंस कॉलेज परिसर में भारतीय सड़क कांग्रेस के 83वें वार्षिक अधिवेशन के तहत आयोजित तकनीकी प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदर्शनी का भ्रमण कर सड़क निर्माण, सड़क सुरक्षा, निर्माण सामग्री और सड़कों के रखरखाव से जुड़ी मशीनरी व उपकरणों की निर्माता तथा आपूर्तिकर्ता कंपनियों के प्रतिनिधियों से इनकी जानकारी ली। विभिन्न कंपनियों द्वारा यहां लगाए गए स्टॉल्स मंर सड़क निर्माण से संबंधित तकनीकी मटेरियल्स, डिजाइन, टेक्नोलॉजी इत्यादि का प्रदर्शन आगामी चार दिनों तक किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने आज आयोजन स्थल पर प्रेस-कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया कि भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) सड़क एवं सेतु निर्माण से संबंधित मानक एवं गाइडलाइन्स निर्धारित करने वाली देश की सर्वोच्च संस्था है। आईआरसी में भारत सरकार, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, एन.एच.ए.आई.डी.सी.एल., बी.आर.ओ., मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेस, एन.आर. आई.डी.ए., ग्रामीण विकास मंत्रालय, शहरी विकास मंत्रालय, सभी राज्यों के लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण सड़क निर्माण विभाग, पब्लिक सेक्टर, प्राइवेट सेक्टर, रिसर्च आर्गेनाइजेशन्स के इंजीनियर्स की सोसायटी आदि शामिल हैं। 

श्री साव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में बताया कि आईआरसी का मुख्य उद्देश्य सड़क निर्माण, सेतु निर्माण एवं यातायात से संबंधित मानकों का निर्धारण करना तथा निर्माण संबंधी गाइडलाइन्स एवं मैन्युअल तैयार करना, समय-समय पर उनका पुनरीक्षण करना, देश-विदेश में आ रही सड़क निर्माण की नई तकनीकों एवं सामग्रियों का अध्ययन कर देश में लागू करने के लिए मानक तैयार करना है। आईआरसी द्वारा जारी किए गए मानकों एवं गाइडलाइन्स के अनुसार ही भारत सरकार एवं अन्य सड़क निर्माण विभाग सड़क निर्माण करते हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद पहली बार यहां आईआरसी का वार्षिक अधिवेशन हो रहा है जो कि प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री के.के. पीपरी और भारतीय सड़क कांग्रेस के महासचिव श्री एस.के. निर्मल ने भी प्रेस-कॉन्फ्रेंस में अधिवेशन के बारे में जानकारी दी। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह भी इस दौरान मौजूद थे। 

आईआरसी के चार दिवसीय अधिवेशन के दौरान विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, अभियंताओं और अधिकारियों के बीच विभिन्न बैठकों, परिचर्चाओं, तकनीकी सत्रों और दस्तावेजों पर चर्चा होगी। इस दौरान आयोजित हाइवे रिसर्च बोर्ड की बैठक में भारत सरकार, राज्य सरकार, रिसर्च इंस्टीट्यूट एवं शैक्षणिक संस्थानों, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों एवं प्राइवेट सेक्टर के प्रतिनिधि सड़क निर्माण से संबंधित अनुसंधान एवं विकास के संबंध में रोड मैप तैयार करेंगे। अधिवेशन के चारों दिन अलग-अलग तकनीकी सत्रों में विभिन्न संस्थानों, शासकीय विभागों और निजी क्षेत्र से आए इंजीनियर्स अपना प्रस्तुतीकरण देंगे। अधिवेशन के दौरान आईआरसी की बिजनेस मीटिंग और काउंसिल मीटिंग भी आयोजित है। 8, 9 एवं 10 नवम्बर को शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। अधिवेशन में शामिल होने आए देशभर के प्रतिनधियों को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक वैभव, पुरातत्व, पर्यटन, पौराणिक और धार्मिक महत्व से जुड़े स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा |

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श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को सिक्ख समाज जीवित गुरु मानता है

श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का गुरु गद्दी दिवस: सिख परंपरा में एक महत्वपूर्ण पर्व प्रकाश पर्व का महत्व श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का गुरु गद्दी दिवस सिख समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण और पवित्र पर्व है, जो गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा गुरु ग्रंथ साहिब को गुरु के रूप में प्रतिष्ठित करने की स्मृति में मनाया जाता है। यह दिवस हर साल कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मनाया जाता है। गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपनी अंतिम वाणी में घोषणा की थी कि उनके बाद कोई भी मानव गुरु नहीं होगा, बल्कि सिख धर्म का मार्गदर्शन गुरु ग्रंथ साहिब जी के माध्यम से किया जाएगा। इसे "प्रकाश पर्व" के नाम से भी जाना जाता है और इसे व्यापक उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। गुरु ग्रंथ साहिब जी का महत्व गुरु ग्रंथ साहिब जी केवल एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, बल्कि सिखों के लिए जीवित गुरु के समान हैं। इसमें 1430 अंगों (पन्नों) में सिख धर्म के दस गुरुओं के अलावा संत कबीर, भक्त रविदास, नामदेव, फरीद जैसे संतों की वाणी भी शामिल है। इसे "गुरु" का दर्जा देकर गुरु गोबिंद सिंह जी ने सिख धर्म को एक दिशा और स्थायित्व प्रदान किया, जिससे सिख समुदाय को आत्म-निर्भरता का अहसास हुआ। गुरुद्वारों में विशेष कार्यक्रम गुरु गद्दी दिवस के अवसर पर सभी गुरुद्वारों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। अखंड पाठ, कीर्तन दरबार, शब्द कीर्तन और अरदास के माध्यम से भक्तगण गुरु ग्रंथ साहिब जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। इस दिन कीर्तन दरबारों में गुरु ग्रंथ साहिब के शिक्षाओं का प्रचार और प्रसार किया जाता है। इसके अलावा, लंगर सेवा (सामुदायिक भोजन सेवा) का भी आयोजन होता है, जहाँ हर धर्म, जाति और वर्ग के लोग एक साथ बैठकर भोजन करते हैं, जो समानता का प्रतीक है। सिख परंपरा का संदेश और उद्देश्य गुरु ग्रंथ साहिब जी का गुरु गद्दी दिवस सिख समुदाय को एकता, सेवा और समर्पण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। इस दिन गुरु ग्रंथ साहिब की शिक्षाओं पर चिंतन किया जाता है, जिसमें मानवता, भाईचारे, करुणा, सहनशीलता और सत्य की शिक्षा मिलती है। यह दिवस हमें एक ऐसी दुनिया का निर्माण करने की प्रेरणा देता है जहाँ प्रेम, समानता और न्याय का साम्राज्य हो। प्रमुख स्थानों पर समारोह इस पर्व के अवसर पर पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर, आनंदपुर साहिब और पटना साहिब में विशेष समारोह आयोजित होते हैं। लाखों श्रद्धालु इन पवित्र स्थानों पर मत्था टेकने के लिए पहुंचते हैं और गुरु साहिब की शिक्षाओं का अनुसरण करने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं। देश-विदेश से भी श्रद्धालु इस पर्व में सम्मिलित होने के लिए आते हैं और अपनी आस्था को प्रकट करते हैं। गुरु गद्दी दिवस का समाज पर प्रभाव यह पर्व समाज में सौहार्द, एकता और सच्चे मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। इस दिन के आयोजन का उद्देश्य है कि लोग गुरु ग्रंथ साहिब की शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें। गुरु ग्रंथ साहिब के सिद्धांतों पर चलकर हम एक सशक्त और शांतिपूर्ण समाज की स्थापना कर सकते हैं। निष्कर्ष गुरु गद्दी दिवस सिख धर्म के अनुयायियों के लिए एक ऐसा पर्व है, जो उन्हें अपने धर्म और परंपराओं के प्रति और अधिक श्रद्धा से जोड़ता है। यह पर्व गुरु ग्रंथ साहिब जी की शिक्षाओं के महत्व को उजागर करता है और लोगों को एकता, प्रेम और समर्पण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। cg24news.in
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छत्तीसगढ़ में अपराध की स्थिति

छत्तीसगढ़ में अपराध की स्थिति पर एक संक्षिप्त रिपोर्ट 1. *संगठित अपराध और अपराध दर में वृद्धि* हाल के वर्षों में छत्तीसगढ़ में अपराध दर में वृद्धि देखी गई है, जिसमें संगठित अपराध, चोरी, डकैती और हत्याओं की घटनाओं में भी बढ़ोतरी हो रही है। पुलिस विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस वृद्धि का मुख्य कारण नगरीकरण, बेरोजगारी और बढ़ती आर्थिक असमानता को माना जा रहा है। 2. माओवाद और नक्सलवाद: छत्तीसगढ़ के बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और नारायणपुर जैसे इलाके लंबे समय से नक्सल प्रभावित रहे हैं। माओवादियों का प्रभाव इन क्षेत्रों में अब भी सक्रिय है, जिससे जन सुरक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ता है। सरकार ने विशेष बलों और सुरक्षा अभियान चलाकर माओवादी गतिविधियों को नियंत्रित करने के प्रयास किए हैं, लेकिन इस समस्या का पूरी तरह से समाधान नहीं हुआ है। 3. महिला अपराध और बाल अपराध: महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध भी एक गंभीर समस्या बन चुकी है। विशेषकर महिलाओं के प्रति दुष्कर्म, घरेलू हिंसा, और बच्चों के शोषण के मामले काफी संख्या में दर्ज हो रहे हैं। पुलिस द्वारा इन मामलों पर तेजी से कार्रवाई करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अपराध दर में स्थिरता नहीं आई है। 4. साइबर क्राइम: टेक्नोलॉजी के विकास के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में साइबर अपराध के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। साइबर धोखाधड़ी, फ़िशिंग, और ऑनलाइन वित्तीय घोटालों से लोग प्रभावित हो रहे हैं। पुलिस ने साइबर क्राइम सेल का गठन किया है ताकि इस प्रकार के अपराधों पर नियंत्रण किया जा सके, लेकिन साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों पर नियंत्रण पाने में चुनौतियां आ रही हैं। 5. *कानून व्यवस्था और पुलिस की भूमिका* छत्तीसगढ़ पुलिस राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनेकों प्रयास कर रही है। इनमें CCTV निगरानी, सामुदायिक पुलिसिंग, और नशामुक्ति अभियान जैसे कदम शामिल हैं। पुलिस की मौजूदगी से कई इलाकों में अपराध पर नियंत्रण पाया गया है, लेकिन सीमित संसाधनों और बल की कमी के कारण चुनौतियां बनी हुई हैं। 6. *राज्य सरकार के प्रयास* राज्य सरकार अपराध पर नियंत्रण के लिए सख्त कानून लागू कर रही है। इसके अलावा, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। युवा वर्ग के लिए रोजगार सृजन के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि बेरोजगारी के कारण अपराध की ओर जाने की संभावना कम हो सके। वहीं दूसरी तरफ राज्य में अपराधों को लेकर विपक्ष लगातार हमले कर रहा है - सत्ता पक्ष को घेर रहा है | विपक्षी कांग्रेस द्वारा बलौदा बाजार अग्निकांड, कवर्धा के अलावा राजधानी में हो रही हत्याओं को लेकर सत्ता पक्ष पर अपराध नियंत्रण न कर पाने के आरोप लगाए जा रहे है | निष्कर्ष : छत्तीसगढ़ में अपराध पर नियंत्रण के लिए पुलिस और सरकार कई स्तरों पर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन चुनौतियों की जड़ें गहरी हैं। संगठित अपराध, माओवाद, साइबर अपराध और महिलाओं एवं बच्चों के प्रति अपराधों को नियंत्रित करने के लिए अभी भी सतत प्रयासों और योजनाओं की जरूरत है। छत्तीसगढ़ को अपराध-मुक्त राज्य बनाने के लिए जागरूकता अभियान, प्रभावी कानूनों और समन्वित सुरक्षा प्रयासों की आवश्यकता है। (सूत्र : छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग की रिपोर्ट और राज्य सरकार के उपलब्ध दस्तावेज )
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (CRIYN) रायपुर का किया वर्चुअली शिलान्यास

 

 

10 एकड़ क्षेत्र में 24 माह में तैयार होगा 100 बिस्तरों का केंद्रीय योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान
CRIYN से प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार की तरफ अग्रसर होंगे छत्तीसगढ़ के युवा: स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल
रायपुर, 29 अक्टूबर 2024

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने  केंद्रीय योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (CRIYN) रायपुर  का किया वर्चुअली शिलान्यास

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने  केंद्रीय योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (CRIYN) रायपुर  का किया वर्चुअली शिलान्यास

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने  केंद्रीय योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (CRIYN) रायपुर  का किया वर्चुअली शिलान्यास

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने  केंद्रीय योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (CRIYN) रायपुर  का किया वर्चुअली शिलान्यास
देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर वर्चुअल माध्यम से रायपुर में बनने वाले 100 बिस्तरों वाले केंद्रीय योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (CRIYN) का शिलान्यास किया।प्रधानमंत्री श्री मोदी अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से रायपुर से जुड़े थे। श्री मोदी ने कहा कि देश के लोग जितना ज्यादा स्वस्थ रहेंगे, देश की प्रगति उतनी ही तेजी से होगी। पूरी दुनिया के लोग योग और पंचकर्म के लिए भारत आते हैं और आने वाले समय में इनकी संख्या और बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में संवेदनशीलता के साथ काम रही है।
केंद्रीय योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान रायपुर को केन्द्रीय योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद् (सीसीआरवायएन) के तहत स्थापित किया जा रहा है। 90 करोड़ रूपए की लागत से इस संस्थान का निर्माण 24 माह में पूरा होगा। राज्य सरकार ने इस संस्थान के लिए 10 एकड़ की भूमि विभाग को उपलब्ध करा दी है। यह छत्तीसगढ़ का पहला योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान केंद्र और अस्पताल होगा जो गैर संचारी रोगों जैसे मोटापा, प्रीडायबिटीज, मेटाबोलिक सिंड्रोम, व गठिया आदि के  उपचार की सुविधा प्रदान करेगा।
अनुसंधान केन्द्र में बाह्य रोगी और प्रशासनिक ब्लॉक, आंतरिक रोगी ब्लॉक, स्टाफ क्वार्टर, योग हॉल, आहार केन्द्र, मालिश और फिजियोथेरेपी अनुभाग के साथ ही अनुसंधान ब्लॉक भी स्थापित होंगे। यह केन्द्र स्पा और वेलनेस थेरेपी में प्रशिक्षण प्रमाणन पाठ्यक्रम और अनुसंधान में फेलोशिप पाठ्यक्रम संचालित करेगा।
केंद्र में वेलनेस थिरेपी में प्रशिक्षण प्रमाणन पाठ्यक्रम और अनुसंधान में फेलोशिप पाठ्यक्रम का भी संचालन होगा। इस संस्थान के शुरू होने से योग और प्राकृतिक चिकित्सा के प्रभावों के बारे में नए ज्ञान का विकास होगा।
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत देश अपनी पुरानी पद्धतियों को संजोकर लगातार आगे बढ़ रहा है। श्री जायसवाल ने कहा कि आज धनतेरस के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को केंद्रीय योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के रूप में जो उपहार दिया है उसे हम और हमारी आने वाली पीढ़ियां भी याद करती रहेंगी। उन्होंने कहा कि इस अनुसंधान केंद्र के स्थापित हो जाने के बाद राज्य के युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। युवा यहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर सक्षम बनेंगे और स्वरोजगार को बढ़ावा देंगे। उन्होंने कहा कि भारत देश योग और आयुर्वेद में सदैव अग्रणी रहा है और इस तरह के अनुसंधान केंद्रों के खुलने से इस परंपरा को और बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ के चतुर्मुखी विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं। राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार ,मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल है।
रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक श्री खुशवंत साहेब, विधायक श्री मोती लाल साहू, आयुष विभाग के अधिकारी एवं आयुर्वेद कॉलेज के विद्यार्थी उपस्थित थे।

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कांग्रेस के खिलाफ थाने पहुंची भाजपा : चुनाव आयोग से भी करेंगे शिकायत

भारतीय जनता पार्टी रायपुर द्वारा थाना सिविल लाइन में कांग्रेस के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत में भाजपा ने कांग्रेस पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन, अभद्र भाषा का प्रयोग, और फर्जी वीडियो प्रसारित करने के आरोप लगाए हैं। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस द्वारा सोशल मीडिया और विभिन्न प्लेटफार्मों पर भाजपा नेताओं के खिलाफ भ्रामक और अपमानजनक सामग्री का प्रचार किया जा रहा है, जो कि न केवल चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है, बल्कि समाज में गलत संदेश भी फैलाता है। इस शिकायत में भाजपा ने कांग्रेस के कुछ सदस्यों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। भारतीय जनता पार्टी रायपुर दक्षिण चुनाव संयोजक व विधायक शिवरतन शर्मा व विधायक अजय चंद्राकर के नेतृत्व में भाजपा पदाधिकारी सिविल लाइन थाना पहुंचे | भाजपा के नेताओं ने कहा है कि कांग्रेस के इस तरह के कृत्यों से चुनावी माहौल को दूषित करने का प्रयास किया जा रहा है और जनता को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि कांग्रेस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और ऐसे कृत्यों पर लगाम लगाई जाए ताकि चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से संपन्न हो सके। इस शिकायत के साथ भाजपा ने सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए वीडियो और पोस्ट के साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं, जिनमें कथित तौर पर फर्जी जानकारियां फैलाई गई हैं। थाना सिविल लाइन के थानेदार रोहित पुलिस ने इस मामले पर जांच शुरू कर दी है और कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो उचित कार्रवाई की जाएगी। राजनीतिक दलों के बीच इस प्रकार की शिकायतों से राज्य में चुनावी माहौल गर्माता दिख रहा है और आगामी चुनावों में इसकी गूंज भी सुनाई दे सकती है।cg24news.in
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दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने एनआईटी रायपुर ने 1044 बी.टेक और बी.आर्क छात्रों, 225 एमसीए और एम.टेक छात्रों, और 170 पीएचडी छात्रों को डिग्रियाँ प्रदान कीं

एनआईटी रायपुर में 14वां दीक्षांत समारोह किया गया आयोजित, भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु रही मुख्य अतिथि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर ने 25 अक्टूबर, 2024 को अपना 14वां दीक्षांत समारोह पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित किया, जिसमें भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस समारोह में छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, और माननीय राज्य मंत्री, नगरीय एवं नगर योजना तोखन साहू भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता एनआईटी रायपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे ने की और इस कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना ,सीनेट सदस्य, रजिस्ट्रार, डीन, विभागाध्यक्ष और संकाय सदस्य उपस्थित रहे। इस दीक्षांत समारोह में एनआईटी रायपुर ने 1044 बी.टेक और बी.आर्क छात्रों, 225 एमसीए और एम.टेक छात्रों, और 170 पीएचडी छात्रों को डिग्रियाँ प्रदान कीं। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को 13 गोल्ड और 12 सिल्वर मेडल बी.टेक और बी.आर्क के लिए और 11 गोल्ड तथा 11 सिल्वर मेडल एमसीए और एम.टेक के लिए दिए गए। कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के बी.टेक छात्र यश बंसल को संस्थान का ओवरऑल टॉपर घोषित किया गया। अपने संबोधन में माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने सभी स्नातक छात्रों को उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर बधाई दी और शिक्षकों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा, "आज, जब आप जीवन के एक नए अध्याय में कदम रख रहे हैं, तो दुनिया की चुनौतियों का समाधान करने में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका को हमेशा याद रखें। एनआईटी रायपुर में अर्जित ज्ञान का उपयोग जलवायु परिवर्तन, वैश्विक भूख, गरीबी और तकनीकी विकास जैसी चुनौतियों को सुलझाने में करें।" श्रीमती मुर्मू ने भारत की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख किया और हालिया नोबेल पुरस्कारों उधारण दिया, जो एआई में प्रगति की ओर इशारा करते हैं। उन्होंने भारत के स्टार्टअप और नवाचार को समर्थन देने के संकल्प को दोहराया और स्नातकों को प्रेरित किया कि वे इस क्षेत्र में योगदान दें और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जैसे वैज्ञानिकों की विरासत को आगे बढ़ाएं। छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्रीमती मुर्मु का आभार व्यक्त किया, और उनके दीक्षांत समारोह में शामिल होने को सभी उपस्थितजनों के लिए गर्व और प्रोत्साहन का स्रोत बताया। उन्होंने एनआईटी रायपुर की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा, "छत्तीसगढ़ के लिए यह गर्व का क्षण है कि हमारे छात्र इतने प्रतिष्ठित संस्थान से स्नातक हो रहे हैं। इंजीनियरिंग शिक्षा केवल तकनीकी ज्ञान तक सीमित नहीं है; यह ज्ञान को समाज की जरूरतों के साथ जोड़ने का माध्यम है।" उन्होंने स्नातकों से छत्तीसगढ़ के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। "छत्तीसगढ़, जहाँ अधिकतर जनसंख्या ग्रामीण और वन क्षेत्रों में निवास करती है, ग्रामीण और पर्यावरणीय विकास में युवाओं के तकनीकी कौशल से बहुत लाभान्वित हो सकता है"। मुख्यमंत्री साय ने छात्रों को प्रेरित किया कि वे अपने ज्ञान का उपयोग अपने आसपास के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में करें और राज्य को प्रगति की ओर अग्रसर करें। माननीय राज्यपाल श्री रमेन डेका ने स्नातकों को उनके कठिन परिश्रम और उपलब्धियों के लिए बधाई दी। अपने संबोधन में उन्होंने छात्रों को दृढ़ संकल्प और साहस बनाए रखने का महत्व बताया। उन्होंने कहा, "आज की चुनौतियाँ जटिल हैं, जिनमें जलवायु परिवर्तन, लैंगिक असमानता और बेरोजगारी शामिल हैं। लेकिन एक इंजीनियर के रूप में आपके पास इन क्षेत्रों में बदलाव लाने के लिए अद्वितीय कौशल और दृष्टिकोण हैं।" श्री डेका ने छात्रों से अनुरोध किया कि वे केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज की सेवा के लिए अपने ज्ञान का उपयोग करें। "कठिन परिस्थितियों से डरें नहीं। आपकी शिक्षा का उद्देश्य केवल पेशेवर उत्कृष्टता नहीं है, बल्कि वैश्विक मुद्दों को संबोधित करना और अपने तकनीकी कौशल से सतत विकास लाना है," उन्होंने जोर दिया। उनकी बातों ने छात्रों को इस बात की याद दिलाई कि उनकी जिम्मेदारियाँ कार्यस्थल से आगे जाकर एक बेहतर भविष्य की दिशा में योगदान देने में निहित हैं। संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ सुरेश हावरे ने अपने भाषण में भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें राष्ट्रपति मुर्मु के आगमन से अत्यंत हर्ष की अनुभूति हो रही है | उन्होंने माननीय राष्ट्रपति की जीवन यात्रा पर बात करते हुए कहा कि माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी की यात्रा गांव से ज्ञान तक की यात्रा है | उन्होंने उनकी उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और कहा कि हमें माननीय राष्ट्रपति के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए| उन्होंने सभी से खुद की क्षमता पहचानने और कभी एक सीमा में न बंधे रहने की बात कही | उन्होंने कहा कि बड़े चैलेंज लो और बड़े बनो , हार से निराश न हो बल्कि उससे सिख के और बड़ी जीत की और बढ़ो | अपने भाषण में एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव ने माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु व अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया और संस्थान की 1956 में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में स्थापना से लेकर 2005 में इसे राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के रूप में परिवर्तित होने तक की यात्रा को साझा किया। उन्होंने संस्थान की उपलब्धियों की सराहना की, जिसमें 2025 के टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में #1001-1200 की रैंकिंग और एनआईआरएफ इंजीनियरिंग श्रेणी में 71वीं रैंक (48.88 अंक) शामिल है। डॉ. राव ने संस्थान की हाल की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया: 95 प्रायोजित शोध परियोजनाएँ (32.9 करोड़ रुपये मूल्य), 43 एमओयू पर हस्ताक्षर, शहरी योजना में पीजी पाठ्यक्रम की शुरुआत, और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में 15 शिक्षक शामिल थे। इसके अतिरिक्त, संस्थान के संकाय और छात्रों को 14 पेटेंट और डिज़ाइन पुरस्कार प्राप्त हुए, जो नवाचार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ सुरेश हावरे ने अपने भाषण में भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें राष्ट्रपति मुर्मु के आगमन से अत्यंत हर्ष की अनुभूति हो रही है | उन्होंने माननीय राष्ट्रपति की जीवन यात्रा पर बात करते हुए कहा कि माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी की यात्रा गांव से ज्ञान तक की यात्रा है | उन्होंने उनकी उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और कहा कि हमें माननीय राष्ट्रपति के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए| उन्होंने सभी से खुद की क्षमता पहचानने और कभी एक सीमा में न बंधे रहने की बात कही | उन्होंने कहा कि बड़े चैलेंज लो और बड़े बनो , हार से निराश न हो बल्कि उससे सिख के और बड़ी जीत की और बढ़ो | कार्यक्रम के दूसरे भाग में पी एच डी विद्यार्थीयों को उपाधि प्रदान की गई साथ ही पी जी प्रोग्राम के विद्यार्थियों को मेडल्स प्रदान किए गए | इसके अतिरिक्त अन्य विद्यार्थियों को भी डिग्री प्रदान की गई | समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिससे एनआईटी रायपुर के स्नातक छात्रों, संकाय और विशिष्ट अतिथियों के लिए यह एक यादगार दिन बन गया।
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राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के 14 वें दीक्षांत समारोह में पहुंची

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम पहुंची

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के 14वें दीक्षांत समारोह में की शिरकत

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री श्री तोखन साहू भी दीक्षांत समारोह में मौजूद

रायपुर, 25 अक्टूबर 2024

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के 14वें दीक्षांत समारोह में की शिरकत

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के 14वें दीक्षांत समारोह में की शिरकत

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के 14वें दीक्षांत समारोह में की शिरकत

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के 14वें दीक्षांत समारोह में की शिरकत

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के 14वें दीक्षांत समारोह में की शिरकत

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के 14वें दीक्षांत समारोह में की शिरकत

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम पहुंची

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के 14वें दीक्षांत समारोह में की शिरकत

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री श्री तोखन साहू भी दीक्षांत समारोह में मौजूद

राष्ट्रपति के मुख्य आतिथ्य में पहली बार राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान का दीक्षांत समारोह हो रहा आयोजित

राष्ट्रपति के हाथों 11 होनहार विद्यार्थियों को मिलेगा 12 स्वर्ण  पदक

यश बंसल को मिलेंगे दो स्वर्ण पदक , कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग शाखा तथा संस्थान में ओवर ऑल टॉपर बनने पर

दीक्षांत समारोह में 1439 विद्यार्थियों को  मिलेगी डिग्री

ऑडिटोरियम उत्साही विद्यार्थियों से भरा हुआ

राष्ट्रपति के साथ गोल्ड मेडलिस्ट का हो रहा फोटो सेशन

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गोल्डन टेंपल के पहले हेड ग्रंथि बाबा बुड्ढा जी साहिब का जन्मोत्सव कार्यक्रम

*गोल्डन टेंपल के पहले हेड ग्रंथि बाबा बुड्ढा जी साहिब का जन्मोत्सव कार्यक्रम धूमधाम से मनाया गया |*

रायपुर, 23 अक्टूबर 2024 : तेलीबांधा स्थित गुरुद्वारा धन-धन बाबा बुड्ढा जी साहब में बाबा बुड्ढा जी साहिब का जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह अमृत वेले से हुई, जिसमें गुरबाणी का पाठ और कीर्तन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में गुरुद्वारे में उपस्थिति दर्ज कराई और अरदास में हिस्सा लिया।

इस अवसर पर गुरुद्वारे में विशेष कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया जिसमें दरबार साहिब अमृतसर के हजूरी रागी जत्था भाई जुझार सिंह जी, कथा वाचक भाई जसवंत सिंह जी परवाना, टाडी जत्था भाई मनवीर सिंह जी ने अपनी टीम के साथ और गुरुद्वारा धन-धन बाबा बुड्ढा जी साहब तेलीबांधा के भाई बाज सिंह जी ने अपनी प्रस्तुतियों से संगत को निहाल (भाव-विभोर) किया।

मुख्य ग्रंथी द्वारा बाबा बुड्ढा जी साहिब के जीवन और उनके योगदान पर प्रवचन दिए गए, जिसमें उन्होंने बताया कि बाबा बुड्ढा जी सिख इतिहास के महान संतों में से एक थे, जिन्होंने गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु हरगोबिंद साहिब जी तक की सेवा की, उनका सिख धर्म में महत्वपूर्ण स्थान है।

धन धन बाबा बुड्ढा जी साहब के जन्मदिवस के अवसर पर तीन दिन तक महान कीर्तन दरबार का आयोजन हुआ जिसमें रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से संगत (श्रद्धालुओं ) ने बढ़-चढ़ का हिस्सा लिया |

 

*बाबा बुड्ढा जी साहब के जन्म दिवस समारोह के अवसर पर हिंदू, मुस्लिम एवं ईसाई समाज के आर्च बिशप हेनरी - छ.ग. हैड, शफीक अहमद खान - जमाते इस्लामी छग हैड, मोबिन खान - जमाते इस्लामी, सेबेस्टियन - सचिव सर्व आस्था मंच, हसैनी हसन - सर्व आस्था मंच, जान राजेश पाल - अध्यक्ष चर्च कोर्ट सेंटपाल कैथ्रेडल, एड‌वोकेट आदित्य झा, शैलेन्द्र सिंह कौशल, प्रेम शंकर गौंठिया, एडवोकेट फैजल रिजवी, मोहम्मद सिराज - आल इंडिया मुस्लिम फाउंडेशन ने उपस्थित होकर कौमी एकता का परिचय देते हुए, सर्वधर्म एकता की बात करते हुए गुरुद्वारा में माथा टेक कर अरदास में शामिल हुए, सभी ने एक साथ गुरु का लंगर भी ग्रहण किया |

* बाबा बुड्ढा जी साहब के जन्मदिवस अवसर पर आयोजित महान कीर्तन दरबार के अंतिम दिन हजारों श्रद्धालुओं ने लंगर रूपी प्रसाद ग्रहण किया। लंगर सेवा में सेवादारों ने पूरे समर्पण के साथ सेवा की जो गुरुद्वारों की पुरानी परंपरा है। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार हरकिशन सिंह राजपूत एवं सदस्य दिलेर सिंह रंधावा ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य बाबा बुड्ढा जी साहब के उपदेशों और शिक्षाओं को जनमानस तक पहुँचाना है, ताकि लोग उनकी आध्यात्मिकता और सेवाभाव से प्रेरणा ले सकें। *इस अवसर गुरुद्वारा साहिब के लिए समर्पित निष्काम भाव से सेवा करने वाले सभी समाज के लोगों को शॉल और मोमेंटो, स्मृति चिन्ह देकर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से सम्मानित किया गया |* श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और बाबा बुड्ढा जी साहिब के आशीर्वाद से अपनी आध्यात्मिक यात्रा को और भी मजबूत किया।

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राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान NIT का 14वां दीक्षांत समारोह - राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू होगी मुख्य अतिथि

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर में 25 अक्टूबर, 2024 को आयोजित किया जाएगा 14वां दीक्षांत समारोह, भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू होगी मुख्य अतिथि

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर शुक्रवार, 25 अक्टूबर 2024 को दोपहर 3:00 बजे पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में अपना 14वां दीक्षांत समारोह आयोजित करने जा रहा है। भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाएंगी। छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल श्री रामेन डेका और छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सम्माननीय अतिथि के रूप में कार्यक्रम में मौजूद होंगे।

समारोह की अध्यक्षता एनआईटी रायपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे करेंगे। एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन.वी. रमना राव, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स सदस्य सीनेट सदस्य, रजिस्ट्रार, डीन, विभागाध्यक्ष और संस्थान के संकाय सदस्य भी इस शुभ अवसर पर उपस्थित रहेंगे।

समारोह के दौरान, बी.टेक और बी.आर्क प्रोग्राम के 1044 छात्रों, एमसीए और एम.टेक प्रोग्राम के 225 छात्रों और 170 पीएचडी विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की जाएगी। बी.आर्क और बी.टेक के टॉपर्स को कुल 13 स्वर्ण पदक और 12 रजत पदक प्रदान किए जाएंगे, जबकि एमसीए और एम.टेक के टॉपर्स को 11 स्वर्ण और 11 रजत पदक प्रदान किए जाएंगे।

एनआईटी रायपुर ने 1956 में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में अपनी यात्रा शुरू की और एक अद्वितीय और प्रतिष्ठित इतिहास से भरे 68 वर्षों में संस्थान ने कई उल्लेखनीय कार्य किये। संस्थान को एनआईटी का दर्जा 2005 में प्राप्त हुआ था, और 2007 में इसे राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया गया।

दीक्षांत समारोह के दौरान स्नातक वर्ग के 11 लड़कियां और 13 लड़के पदक प्राप्त करेंगे। संस्थान के ओवरऑल टॉपर यश बंसल (कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बी.टेक) हैं। दिशा जैन (सूचना प्रौद्योगिकी) और प्रियांशु कुमार (खनन अभियांत्रिकी) क्रमशः सेकंड ओवरऑल टॉपर और थर्ड ओवरऑल टॉपर हैं।

इस साल एनआईटी रायपुर ने टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2025 में bm शानदार पर्दापण किया और, #1001-1200 रेंज में स्थान हासिल कर संस्थान का परचम विश्व स्तर पर लहराया है। संस्थान 48.88 के अब तक के सर्वोच्च स्कोर के साथ इंजीनियरिंग श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर की एनआईआरएफ रैंकिंग में 71वें स्थान पर है। 2024-25 के सत्र में, आई. सी. एस. एस. आर. से 32.9 करोड़ रुपये की 95 प्रायोजित शोध परियोजनाएं प्राप्त हुई हैं। इस वर्ष वास्तुकला और योजना विभाग ने अर्बन प्लानिंग में एक नया पीजी पाठ्यक्रम भी शुरू किया है। वर्ष 2022-2023 के दौरान हुए 29 एमओयू को जोड़कर एनआईटी रायपुर द्वारा विभिन्न संस्थाओं जैसे सिपेट, बी एस पी इत्यादि संस्थानों के साथ अभी तक कुल 43 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके अलावा, संस्थान के 15 संकाय सदस्यों को वर्ष 2024 के लिए स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय, यूएसए द्वारा जारी शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की प्रतिष्ठित विश्व रैंकिंग की सूची में नामित किया गया है। वर्ष 2023-24 के दौरान एनआईटी रायपुर के संकाय सदस्यों और छात्रों को 14 पेटेंट और डिजाइन प्रमाण पत्र प्राप्त हुए हैं, साथ ही, अंतःविषय अनुसंधान, उद्यमशीलता और नवाचार के जीवंत और लचीले वातावरण को बढ़ावा देने के लिए 'विज़न 2030' तैयार किया |

रायपुर को यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि संस्थान के विगत वर्ष के 2023 बैच के छात्रों ने 823 प्लेसमेंट ऑफर हासिल किए हैं, जिसमें 728 यूजी और 95 पीजी छात्रों का चयन शामिल है, जिनकी औसत सीटीसी क्रमशः 14.36 लाख और 6.61 लाख प्रति वर्ष है। प्लेसमेंट देने वाली कम्पनियों में देश विदेश की नामी कम्पनियों जेन लिंक्डइन, एडोबी माइक्रोसॉफ्ट के नाम शामिल है। लिंक्डइन इंडिया द्वारा एक छात्र को 62 लाख रुपये प्रति वर्ष का उच्चतम पैकेज मिला है, जबकि पांच यूजी छात्रों को माइक्रोसॉफ्ट से 55 लाख रुपये प्रति वर्ष का पैकेज मिला है। 

संस्थान ने लगातार अकादमिक उत्कृष्टता पर ध्यान केंद्रित किया है। शैक्षणिक वर्ष 2024- 25 तक, एनआईटी रायपुर में 4135 बी.टेक., 195 बी. आर्क, 323 एमसीए, 295 एम.टेक, 99 एम.एससी. और 618 पीएचडी छात्र नामांकित हैं, जिससे कुल छात्र संख्या 5665 हो जाती है। संस्थान अपने छात्रों की सफलता में योगदान देने के लिए प्रयत्नशील है। छात्रों को लगभग सभी क्षेत्रों से प्लेसमेंट ऑफर मिले हैं, फिर चाहे वह कोर इंजीनियरिंग (पीएसयू सहित), सॉफ्टवेयर (आईटी उद्योग) सेवाएं हो या एनालिटिक्स और परामर्श सेवा हों।

इस बीच 42 नए शामिल हुए संकाय सदस्यों को संस्था की ओर से 2.05 करोड़ रुपये की सीड ग्रांट अनुसंधान परियोजनाएं प्राप्त हुई हैं। इसके अलावा, संस्थान बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता देता है और नवीनतम तकनीकी प्रगति के साथ अद्यतन रहता है। हाल ही में, बोर्ड ने यूनिट ऑपरेशन प्रयोगशाला के स्थान पर जी +6 भवन के निर्माण को मंजूरी दी है। शारीरिक फिटनेस और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए एक नया स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स भी बनाया जा रहा है, इसके साथ ही भरेंगा भांटा में एक नए परिसर के निर्माण की प्रक्रिया भी चल रही है।

एनआईटी रायपुर को प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित एजेंसियों जैसे डी.बी. टी., डी. एस. टी. और आई. सी. एस. एस. आर. से 32.9 करोड़ रुपये की 95 प्रायोजित शोध परियोजनाएं प्राप्त हुई हैं। इस वर्ष वास्तुकला और योजना विभाग ने अर्बन प्लानिंग में एक नया पीजी पाठ्यक्रम भी शुरू किया है। वर्ष 2022-2023 के दौरान हुए 29 एमओयू को जोड़कर एनआईटी रायपुर द्वारा विभिन्न संस्थाओं जैसे सिपेट, बी एस पी इत्यादि संस्थानों के साथ अभी तक कुल 43 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके अलावा, संस्थान के 15 संकाय सदस्यों को वर्ष 2024 के लिए स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय, यूएसए द्वारा जारी शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की प्रतिष्ठित विश्व रैंकिंग की सूची में नामित किया गया है। वर्ष 2023-24 के दौरान एनआईटी रायपुर के संकाय सदस्यों और छात्रों को 14 पेटेंट और डिजाइन प्रमाण पत्र प्राप्त हुए हैं, साथ ही, अंतःविषय अनुसंधान, उद्यमशीलता और नवाचार के जीवंत और लचीले वातावरण को बढ़ावा देने के लिए 'विज़न 2030' तैयार किया


एनआईटी रायपुर के छात्र हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ रहे हैं। मेधा कुमारी और अर्शी खान, इस सत्र में टाटा स्टील वीमेन ऑफ मेटल सीजन 7 में राष्ट्रीय फाइनलिस्ट के रूप में उभरीं। साथ ही, संस्थान के पूर्व छात्र भी लगातार अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। अनुषा पिल्ले (धातुकर्म-2021) ने AIR 202, मयंक दुबे (सिविल-2016) ने AIR 313, प्राची राठी (मैकेनिकल-2020) ने AIR 443 और अभिषेक डांगे (मैकेनिकल-2016) ने UPSC 2023 परीक्षाओं में AIR 452 हासिल की है।

एनआईटी रायपुर विद्यार्थियों के समग्र विकास में विश्वास करता है, जो किसी व्यक्ति के शारीरिक, बौद्धिक, नैतिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों पर जोर देता है। संस्थान, संस्थान के सदस्यों के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य जागरूकता सत्र आयोजित करता है। संस्थान द्वारा विभिन्न सामजिक जागरूकता कार्यक्रम जैसे स्वछता ही सेवा एवं उन्नत भारत अभियान के तहत गोद ग्रामों के विकास के लिए कार्य किये जाते हैं। इसके अतिरिक्त यहाँ मौजूद विभिन्न छात्र क्लब भी शिक्षा के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में संतुलन बनाए रखने में भाग ले रहे हैं। यह क्लब हर वर्ष आयोजित कुछ महत्वपूर्ण कार्यक्रमः सांस्कृतिक उत्सव इक्लेक्टिका, श्रुति, समर इत्यादि कार्यक्रमों के द्वारा छात्रों में एक नयी उर्जा का संचार करते है।

एनआईटी रायपुर देश की बेहतरी के लिए युवाओं को शिक्षित करने और उनके कौशल को बढ़ाने पर पूरी तरह से केंद्रित है, जिससे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में इसकी स्थिति मजबूत हुई है। संस्थान का यह 14वां दीक्षांत समारोह पूरे देश के विकास में योगदान देने की दिशा में एनआईटी रायपुर की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

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जानें भारतीय जनता पार्टी की अदला बदली वाले प्रत्याशियों के बारे में

बृजमोहन अग्रवाल और सुनील सोनी: रायपुर के दो प्रभावशाली नेताओं का तुलनात्मक अध्ययन छत्तीसगढ़ की राजनीति में बृजमोहन अग्रवाल और सुनील सोनी दोनों ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रमुख नेता हैं, जिनका रायपुर की राजनीति में गहरा प्रभाव है। दोनों नेताओं ने अपनी-अपनी भूमिकाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, लेकिन उनके व्यक्तित्व, राजनीतिक अनुभव, और काम करने के तरीके में कई भिन्नताएं भी हैं। इस रिपोर्ट में इन दोनों नेताओं का तुलनात्मक अध्ययन किया जा रहा है। 1. व्यक्तिगत परिचय और राजनीतिक करियर बृजमोहन अग्रवाल: बृजमोहन अग्रवाल का जन्म 1 मई 1959 को हुआ। वे छत्तीसगढ़ में भाजपा के वरिष्ठतम नेताओं में से एक हैं। उनका राजनीतिक सफर 1980 के दशक में प्रारंभ हुआ, जब वे छात्र राजनीति से जुड़े और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्य बने। बृजमोहन अग्रवाल 1990 से लगातार विधानसभा चुनाव जीतते आ रहे हैं और उन्होंने कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार संभाला है, जिनमें कृषि, जल संसाधन, धर्मस्व एवं पर्यटन विभाग शामिल हैं। रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से वे छह बार विधायक चुने गए हैं। सुनील सोनी: सुनील सोनी का जन्म 6 नवंबर 1960 को हुआ। वे रायपुर के प्रमुख राजनीतिज्ञ हैं और वर्तमान में रायपुर के सांसद हैं। उनका राजनीतिक करियर 1999 में रायपुर नगर निगम के महापौर बनने से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जनता के बीच अपनी पहचान बनाई। सुनील सोनी ने 2019 में रायपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और विजय प्राप्त की। वे भी भाजपा के मजबूत नेताओं में गिने जाते हैं, लेकिन उनकी सक्रियता विधानसभा से अधिक संसदीय राजनीति में रही है। 2. राजनीतिक अनुभव और जनाधार बृजमोहन अग्रवाल: बृजमोहन अग्रवाल का राजनीतिक अनुभव लगभग चार दशकों का है। वे छत्तीसगढ़ के गठन के बाद से ही राज्य की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा रहे हैं। उनके पास मजबूत जनाधार है, विशेषकर रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में। वे ग्रामीण और शहरी दोनों मतदाताओं के बीच समान रूप से लोकप्रिय हैं। मंत्री रहते हुए उन्होंने कृषि, जल संसाधन और पर्यटन क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू किया। उनके कुशल नेतृत्व और प्रशासनिक क्षमताओं के कारण उन्हें छत्तीसगढ़ में विकास पुरुष के रूप में भी जाना जाता है। सुनील सोनी: सुनील सोनी का जनाधार मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों, विशेषकर रायपुर में है। महापौर रहते हुए उन्होंने नगर निगम के कार्यों में जनता के प्रति उत्तरदायित्व और विकास कार्यों में पारदर्शिता के साथ प्रशासन चलाया। सांसद बनने के बाद वे राष्ट्रीय स्तर पर रायपुर की आवाज बने और लोकसभा में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। हालांकि विधानसभा चुनावों का अनुभव उनके पास सीमित है, लेकिन संसदीय राजनीति में उनकी सक्रियता और जनता से सीधे संवाद की क्षमता उनकी एक बड़ी ताकत है। 3. विकास कार्य और योगदान बृजमोहन अग्रवाल: बृजमोहन अग्रवाल ने अपने लंबे राजनीतिक करियर में रायपुर और पूरे छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके कार्यकाल में रायपुर दक्षिण में बुनियादी ढांचे का विकास, सड़क निर्माण, जल आपूर्ति, और शहरी सौंदर्यीकरण जैसे कई कार्य किए गए। उन्होंने कृषि और जल संसाधन मंत्रालय में रहते हुए किसानों के हित में कई योजनाओं की शुरुआत की, जैसे कि सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार और नई कृषि नीतियों का कार्यान्वयन। बृजमोहन को जमीनी स्तर पर विकास कार्यों का प्रणेता माना जाता है। सुनील सोनी: महापौर और सांसद के रूप में सुनील सोनी ने रायपुर शहर के विकास में कई महत्वपूर्ण योगदान दिए। उनके कार्यकाल में शहर में स्वच्छता अभियान, सड़क निर्माण, और शहरी योजनाओं को गति मिली। सांसद रहते हुए उन्होंने रायपुर में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका ध्यान शहरी विकास और बुनियादी सेवाओं को सुधारने पर रहा है, जिसमें नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना प्राथमिकता रही है। 4. राजनीतिक दृष्टिकोण और शैली बृजमोहन अग्रवाल: बृजमोहन अग्रवाल की राजनीतिक शैली बहुत ही सुलझी हुई और दूरदर्शी मानी जाती है। वे अपने अनुभव का उपयोग कर दूरगामी निर्णय लेने में सक्षम हैं। उनकी छवि एक जननेता की है, जो जनता के मुद्दों को लेकर हमेशा सजग रहते हैं। उनके नेतृत्व में पार्टी ने रायपुर दक्षिण में एक मजबूत आधार बनाया है। वे सामुदायिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर भी ध्यान देते हैं, जिससे उन्हें विभिन्न समाजों का समर्थन प्राप्त है। सुनील सोनी: सुनील सोनी की राजनीति जनता के साथ सीधे संवाद और सक्रियता पर केंद्रित है। वे जनहित के मुद्दों को उठाने और जनता की समस्याओं को हल करने के लिए त्वरित निर्णय लेने में विश्वास करते हैं। उनकी छवि एक सहज, विनम्र, और जनता के बीच लोकप्रिय नेता की है। संसदीय राजनीति में रहते हुए उन्होंने कई बार राष्ट्रीय मंच पर रायपुर की समस्याओं को उजागर किया है, जो उनकी रणनीतिक सोच को दर्शाता है। 5. लोकप्रियता और चुनौतियां बृजमोहन अग्रवाल: बृजमोहन अग्रवाल की लोकप्रियता रायपुर दक्षिण क्षेत्र में व्यापक है, और वे लगातार कई बार इस सीट से जीतते आ रहे हैं। हालांकि, लंबे समय से इस सीट पर होने के कारण उनके सामने विरोधियों द्वारा सत्ता विरोधी लहर (एंटी-इन्कम्बेंसी) का सामना करना पड़ सकता है। इसके बावजूद, उनका मजबूत संगठनात्मक ढांचा और जनता के बीच गहरी पैठ उन्हें एक मजबूत उम्मीदवार बनाते हैं। सुनील सोनी: सुनील सोनी की लोकप्रियता शहरी क्षेत्रों में अधिक है, और रायपुर शहर के मतदाताओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ है। हालांकि, विधानसभा चुनावों में उनका अनुभव सीमित है, जो उनके सामने एक चुनौती हो सकती है। लेकिन उनकी सरल और सीधे संवाद की शैली और सांसद के रूप में किया गया कार्य उनकी ताकत है, जो उन्हें मतदाताओं के बीच पसंदीदा बना सकता है। निष्कर्ष: बृजमोहन अग्रवाल और सुनील सोनी दोनों ही भाजपा के प्रमुख नेता हैं, लेकिन उनके राजनीतिक करियर, कार्यशैली, और जनाधार में भिन्नताएं हैं। जहां बृजमोहन अग्रवाल का अनुभव और प्रशासनिक कौशल उन्हें राज्यस्तरीय राजनीति में एक सशक्त नेता बनाता है, वहीं सुनील सोनी की शहरी क्षेत्रों में लोकप्रियता और राष्ट्रीय राजनीति में उनकी सक्रियता उन्हें एक युवा, ऊर्जावान नेता के रूप में स्थापित करती है। आने वाले चुनावों में यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों नेता किस प्रकार अपने अनुभव और कार्यशैली से भाजपा को आगे बढ़ाते हैं।
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रायपुर दक्षिण विधानसभा से सुनील सोनी भाजपा के प्रत्याशी घोषित: चुनावी मुकाबला हुआ दिलचस्प

रायपुर दक्षिण विधानसभा से सुनील सोनी भाजपा के प्रत्याशी घोषित: चुनावी मुकाबला हुआ दिलचस्प भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट से सुनील सोनी को प्रत्याशी घोषित कर आगामी विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दे दिया है। सुनील सोनी, जो वर्तमान में रायपुर के सांसद हैं, लंबे समय से पार्टी के एक सशक्त और जनप्रिय नेता के रूप में पहचाने जाते हैं। उनके नाम की घोषणा के बाद, रायपुर दक्षिण का चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। सुनील सोनी की राजनीतिक पकड़ और उनके अनुभव को देखते हुए भाजपा ने उन पर विश्वास जताते हुए इस महत्वपूर्ण सीट से उन्हें उतारा है। रायपुर दक्षिण भाजपा का पारंपरिक गढ़ रहा है, और पार्टी को उम्मीद है कि सुनील सोनी के नाम से यहां की जनता का व्यापक समर्थन मिलेगा। उनका नामांकन भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें पार्टी अनुभवी नेताओं को चुनावी मैदान में उतारकर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है। भाजपा द्वारा सोनी को प्रत्याशी घोषित किए जाने पर पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है। सुनील सोनी ने अपनी उम्मीदवारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे पार्टी के भरोसे पर खरा उतरने के लिए पूरी मेहनत करेंगे और जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। रायपुर दक्षिण सीट पर हमेशा से ही कड़ा मुकाबला देखा गया है, और इस बार भी कांग्रेस और भाजपा के बीच संघर्ष रोचक होने की संभावना है। कांग्रेस भी इस क्षेत्र में मजबूत उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है, जिससे यह सीट चुनावी अखाड़े में चर्चा का केंद्र बन गई है। सुनील सोनी की उम्मीदवारी के बाद अब भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक उन्हें विजयी बनाने के लिए कमर कस चुके हैं। आगामी चुनावों में यह देखना दिलचस्प होगा कि रायपुर दक्षिण की जनता किसे अपना जनप्रतिनिधि चुनती है।
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रेलवे के टिकट बुकिंग नियमों में बड़ा बदलाव

रेल मंत्रालय ने भारतीय रेलवे के टिकट बुकिंग नियमों में बड़ा बदलाव किया है। रेलवे ने एक आधिकारिक आदेश में कहा है कि 1 नवंबर, 2024 से टिकटों के एडवांस आरक्षण की समय सीमा 120 दिन से घटाकर 60 दिन कर दी गई है। इसमें यात्रा की तिथि को शामिल नहीं किया गया है। रेलवे ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि विदेशी पर्यटकों के लिए 365 दिनों की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। टिकटों के एडवांस आरक्षण की अवधि में कमी का असर 31 अक्टूबर 2024 से पहले की गई बुकिंग पर भी नहीं पड़ेगा।

 

 

 जानिए कब लागू हो रहे नए नियम भारतीय रेलवे के आदेश के मुताबिक, 120 दिनों के एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (एआरपी) के तहत 31 अक्टूबर तक की सभी बुकिंग बरकरार रहेगी। नया नियम 1 नवंबर से होने वाली बुकिंग पर ही लागू होगा।

रेलवे ने कहा कि एडवांस आरक्षण के लिए समय सीमा में कमी के बावजूद 60 दिनों के एआरपी से अधिक बुकिंग रद्द करने की अनुमति दी जाएगी।

इन ट्रेनों की एडवांस बुकिंग में नहीं होगा बदलाव मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि ताज एक्सप्रेस और गोमती एक्सप्रेस जैसी कुछ दिन की एक्सप्रेस ट्रेनों के मामले में एडवांस आरक्षण की समय सीमा में कोई बदलाव नहीं होगा।

 टिकटिंग सिस्टम में ‘माई ट्रांजेक्शन’ एक नई सुविधा टिकटिंग सिस्टम में ‘माई ट्रांजेक्शन’ नामक एक नई सुविधा भी आई है, जिसमें यूजर यात्रा की तारीख, बुकिंग की तारीख, आगामी यात्रा और पूरी यात्रा के आधार पर टिकट बुक को देख सकता है। नए यूजर इंटरफेस ने मोबाइल, डेस्कटॉप, लैपटॉप और टैबलेट में आसानी से टिकट बुकिंग करने की सुविधा प्रदान की है। 

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दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के दौरान सांप्रदायिक हिंसा

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में 13 अक्टूबर 2024 को दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के दौरान सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई। महसी इलाके में यह विवाद तब शुरू हुआ जब मूर्ति विसर्जन के जुलूस में बज रहे संगीत को लेकर दो समुदायों के बीच झगड़ा हो गया। विवाद के दौरान पत्थरबाजी और गोलीबारी की घटनाएं हुईं, जिसमें 22 वर्षीय रामगोपाल मिश्रा की गोली लगने से मृत्यु हो गई और कई लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद बहराइच में हिंसा और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं, जिसमें अस्पताल, मोटरसाइकिल शोरूम और मेडिकल स्टोर को आग के हवाले कर दिया गया। इसके चलते प्रशासन ने जिले में इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिसमें पीएसी और रैपिड एक्शन फोर्स भी शामिल थीं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने मृतक का अंतिम संस्कार रोक दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। अब तक लगभग 30 लोगों को हिरासत में लिया गया है, और हिंसा फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना के दोषियों को कड़ी सजा देने का आश्वासन दिया है। हिंसा से प्रभावित इलाकों में प्रशासन स्थिति पर नियंत्रण पाने की कोशिश कर रहा है और इलाके की शांति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बहराइच में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान शुरू हुए सांप्रदायिक विवाद ने आसपास के कई इलाकों में तनाव बढ़ा दिया। इस हिंसा का केंद्र बहराइच का महसी तहसील था, लेकिन हिंसा की घटनाएं बहराइच के अन्य ग्रामीण इलाकों जैसे चंदपैया और कबाड़ीपुरवा गांवों में भी फैल गईं। इन इलाकों में आगजनी और झड़पें हुईं, जिसके कारण पुलिस को भारी संख्या में बल तैनात करना पड़ा। वर्तमान में हिंसा सिर्फ बहराइच जिले के कुछ क्षेत्रों तक सीमित रही है, और आसपास के जिलों में दंगे या फसाद की जानकारी नहीं मिली है।
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निगम आयुक्त का कितना प्रभाव ?

निगम आयुक्त का कितना प्रभाव ? - निगम आयुक्त की अधिकारियों पर कितनी ?

राजधानी में जो कुछ हो रहा है वह निगम कमिश्नर के कंट्रोल में नहीं!

नगर निगम रायपुर के आयुक्त अबिनाश मिश्रा के आदेशों पर जोन कमिश्नर कितना ध्यान देते हैं इसके बारे में शहर की नाली - नाला निर्माण, शहर की सड़को की दुर्दशा, स्ट्रीट लाइट की दुर्दशा, शहर के सार्वजनिक शौचलयों की हालत, थोड़ी सी बारिश में जय स्तंभ - भाजपा कार्यालय सहित अनेक बस्तियों का जल मग्न होना, सब्जी बाजारों की अस्त व्यस्त व्यवस्था, सड़कों पर कब्जा, दुकानों के बाहर सड़कों पर समान से यातायात अवरुद्ध होना, शहर की सड़कों - गलियों में अवैध वाहनों पर अवैध स्थाई दुकानों के कारण सड़कों की चौड़ाई का कम होना, नागरिकों को सड़कों पर चलने में परेशानी, यातायात अवरुद्ध होना, अवैध दुकानों - मकान का निर्माण,  बिना पार्किंग के व्यावसायिक भवनों - कंपलेक्सों का अवैध निर्माण, शहर में धड़ल्ले से जारी है और इन सबके लिए राजधानी रायपुर के निगम आयुक्त अविनाश मिश्रा अनेकों बार अपने अधीनस्थ अधिकारियों सहित सभी जोन कमिश्नरों को सख्त हिदायतें दे चुके हैं | निगम आयुक्त ने बिलासपुर हाईकोर्ट के आदेश पर राजधानी की सड़कों पर लावारिस गोवंश एवं पशुओं की धमा चौकड़ी रोकने के भी निर्देश सभी जोन आयुक्त को दिए हैं परंतु अधिकारियों के कान में जूं तक नहीं रेंगी और व्यवस्था जस की तस है | पूरी राजधानी में अवैध कार्य और समस्याओं में कोई कमी नहीं आ रही है, जोन कमिश्नर और निगम के अन्य अधिकारी - कर्मचारी कमिश्नर अबिनाश मिश्रा के आदेशों निर्देशों को एक कान से सुनते हैं और दूसरे कान से निकाल देते हैं और अपनी सफाई में झूठे आंकड़े पेश कर अपने आप को बहुत ही जिम्मेदार अफसर साबित कर देते हैं | और यह सब कुछ पूरी राजधानी में खुली आंखों से दिन की रोशनी में तो क्या रात के अंधेरे में भी साफ नजर आता है कि नगर निगम की कार्य प्रणाली किस तरह की है |

30 जुलाई 2021 को लिखित शिकायत - धारा 307(2) अ के तहत अंतिम नोटिस 16 जुलाई 2022 को

फिर 22.5.23 को नियमितिकरण कैसे ?

ऐसा ही एक मामला है 2021 का जिसमें शिकायतकर्ता ने 30 जुलाई 2021 को नगर निगम जोन क्रमांक 10 के कमिश्नर को लिखित शिकायत कर  पंडित राजेन्द्र प्रसाद वार्ड के पवन विहार कॉलोनी के कविराज सुंदरानी द्वारा अवैध निर्माण और भूमि कब्जा पर कार्यवाही करने की मांग की थी, शिकायत सही पाई जाने पर जोन क्रमांक 10 के कमिश्नर द्वारा अवैध निर्माण कर्ता  कविराज सुंदरानी को नोटिस देकर भूमि स्वामी दस्तावेज भवन अनुज्ञा पत्र एवं स्वीकृत मानचित्र प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे |

परंतु आदेश की अवहेलना के बाद नगर निगम जोन क्रमांक 10 द्वारा लगातार तीन नोटिस भेज कर नगर निगम के नियमों का पालन करते हुए अंतिम नोटिस धारा 307(2) अ के तहत 16 जुलाई 2022 को भेजा गया और निर्माण को तोड़ने की चेतावनी दी गई परंतु अवैध भवन निर्माण कर्ता ने इस अंतिम आदेश को भी कचरे के डब्बे में डाल दिया | अब सवाल यह उठता है कि जब शिकायत कर्ता लगातार प्रमाण सहित शिकायत पर कार्यवाही की मांग कर रहा है तो जोन क्रमांक 10 के तत्कालीन जोन कमिश्नर दिनेश कुमार कोसरिया ने किस आधार पर बिना भूमि नापे, बैनामा की जांच किए, शिकायतों को नजर अंदाज कर, बिना भवन अनुज्ञा और दूसरे की निजी भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले कविराज सुंदरानी से राजी नामा शुल्क लेकर भवन के अवैध निर्माण का नियमितीकरण कैसे कर दिया ? इस तरह अवैध भवन निर्माण का शिकायतों के बावजूद नियमितीकरण करना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भ्रष्टाचार हुआ है और ऊपरी लेनदेन के आधार पर कार्यवाही की गई है जिसकी जांच होना जरूरी है ताकि अवैध सहयोग करने वाले अधिकारी पर जुर्म दर्ज हो|

 शिकायतकर्ता ने जोन क्रमांक 10 के तत्कालीन कमिश्नर दिनेश कुमार कोरिया के खिलाफ लिखित शिकायत निगम आयुक्त अविनाश मिश्रा को सौंप कर कार्यवाही की मांग की तो निगम आयुक्त ने जोन 10 के वर्तमान कमिश्नर को उचित जांच कर कार्यवाही के लिए निर्देशित किया |

नगर निगम की धारा 307(2) अ के तहत अंतिम नोटिस 16 जुलाई 2022 को

25 अप्रैल 2024 के आवेदन पर कोई कार्यवाही न होने पर शिकायत कर्ता प्रमाण सहित पुनः निगम आयुक्त से मिला, दोबारा उनके कहने पर  जोन क्रमांक  10 के वर्तमान कमिश्नर द्वारा अवैध निर्माण करता कविराज सुंदरानी को 12 सितंबर 2024 को लिखित नोटिस भेज कर भवन अनुज्ञा पत्र, स्वीकृत मानचित्र सहित बैनामा की प्रति परीक्षण हेतु लाने नोटिस जारी किया परंतु नोटिस के बाद भी कविराज सुंदरानी ने स्वीकृत मानचित्र, भवन अनुज्ञा पत्र नगर निगम को नहीं दिया | अवैध निर्माण कर्ता कविराज सुंदरानी द्वारा नोटिस के जवाब में सिर्फ यही बताया गया कि मेरे भवन का नियमितीकरण हो चुका है परंतु उसने भवन अनुज्ञा पत्र और स्वीकृत मानचित्र नगर निगम को नहीं दिया |

अब सवाल यह उठता है कि नगर निगम द्वारा भेजे गए नोटिस का सही जवाब यदि नहीं मिला है तो नगर निगम कार्यवाही करने से पीछे क्यों हट रहा है, जाहिर सी बात है कि लेनदेन तो हुआ ही है और शायद वर्तमान जोन कमिश्नर को भी कुछ देकर संतुष्ट कर दिया गया होगा | अर्थात निगम आयुक्त के आदेश के बावजूद जोन कमिश्नर द्वारा कोई कार्यवाही ना करना और आदेश का जवाब ना देना इस बात की ओर इशारा करता है कि निगम आयुक्त की अधिकारियों पर कोई पकड़ नहीं है, जोन कमिश्नर उनके आदेशों को कोई महत्व नहीं देते हैं, उन्हें जो करना है वह अपनी मर्जी से करते हैं, और निगम आयुक्त अविनाश मिश्रा भी उनके इस व्यवहार के बावजूद कोई सख्ती नहीं बरत रहे | ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि राजधानी में जो कुछ हो रहा है वह निगम कमिश्नर के कंट्रोल में नहीं है | राजधानी में जितने भी कार्य हो रहे हैं वह चाहे वैध हों या अवैध अधिकारी अपने हिसाब से अपनी सुविधा अनुसार कर रहे हैं उन पर भारतीय जनता पार्टी हो या कांग्रेस नेता किसी का कोई कंट्रोल नहीं है | अगर यही हाल रहा तो नागरिकों को हर कार्य के लिए न्यायालय की शरण लेनी पड़ सकती है अब देखते हैं कि राजधानी का भविष्य कैसा होगा |

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महादेव सट्टा ऐप: मामला अभी भी अधूरा है

देर आए, दुरुस्त आए! हालांकि मामला अभी भी अधूरा है. मीडिया से पता चला है कि महादेव सट्टा एप्प के संचालकों में से एक सौरभ चंद्राकर को दुबई में गिरफ़्तार कर लिया गया है और उसे भारत लाया जाएगा. तो रवि उप्पल कब पकड़ा जाएगा? और शुभम सोनी का क्या जो अपने आपको महादेव सट्टा ऐप का असली मालिक बताता है? हमारी सरकार ने ही महादेव सट्टा ऐप पर कार्रवाई शुरु की थी. हमने ही महादेव ऐप को गूगल के प्ले स्टोर से हटावाया था। हमारी सरकार में ही रायपुर पुलिस के आवेदन पर ही सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था. पर बड़ा सवाल यह है कि सौरभ चंद्राकर की गिरफ़्तारी में इतना समय क्यों लग गया? कौन बचाना चाहता है उनको? और उससे भी बड़ा सवाल यह है कि महादेव सट्टा ऐप अब तक क्यों और कैसे चल रहा है? डबल इंजन का कौन सा इंजन उसे प्रश्रय दे रहा है?
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राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू का दो दिवसीय रायपुर दौरा

भारत की राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू 26 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का दो दिवसीय दौरा करेंगी। इस दौरे के तहत, राष्ट्रपति विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेंगी और राज्य की सरकार के साथ बैठकें करेंगी। राष्ट्रपति का यह दौरा राज्य की विकास योजनाओं और सामाजिक कार्यक्रमों की समीक्षा करने के लिए महत्वपूर्ण होगा। इस दौरान, वे राज्य के नागरिकों के साथ संवाद भी करेंगी। राष्ट्रपति मुर्मू का यह दौरा छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण विकास संबंधी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेगा।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात* राज्य की विकास योजनाओं और नक्सल उन्मूलन पर की चर्चा आठ लाख आवास स्वीकृत किये जाने पर प्रधानमंत्री का आभार जताया नई दिल्ली, 7 अक्टूबर 2024- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से उनके निवास पर मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में पिछले नौ महीनों के दौरान हुए विकास कार्यों की जानकारी दी, जिसमें कृषि, कौशल विकास और शिक्षा के क्षेत्र में की गई प्रमुख पहलों को रेखांकित किया गया। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में हाल ही हुए सफल नक्सल ऑपरेशन की जानकारी प्रधानमंत्री से साझा की। प्रधानमत्री ने इस ऑपरेशन की सफलता पर सुरक्षा बलों के साहस की सराहना की। मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आठ लाख आवास स्वीकृत किये जाने पर श्री नरेंद्र मोदी का आभार भी जताया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री को माओवाद के खिलाफ राज्य में चल रहे ऑपरेशन और विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने नारायणपुर-दंतेवाड़ा जिले के हालिया ऑपरेशन का जिक्र करते हुए बताया कि सुरक्षा बलों ने 31 नक्सलियों को मार गिराया है, जो राज्य में अब तक का सबसे बड़ा नक्सल ऑपरेशन है। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ में चल रहे विकास कार्यों का ब्योरा भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया राज्य सरकार सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग मुख्यधारा से जुड़ सकें। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सफलता की प्रशंसा की और कहा कि इससे न केवल राज्य में शांति बहाल हो रही है, बल्कि विकास की राह भी आसान हो रही है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बस्तर और आदिवासी अंचलों में युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए सरकार विशेष योजनाएँ चला रही है। इन योजनाओं के तहत युवाओं को विभिन्न तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, जिससे वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। यह पहल राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कृषि के क्षेत्र में, मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में डिजिटल तकनीक और उन्नत कृषि विधियों का व्यापक प्रयोग हो रहा है। इससे किसानों की उत्पादकता और उनकी आय में वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये प्रयास प्रधानमंत्री के “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य के साथ मेल खाते हैं, और छत्तीसगढ़ इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य ने बड़े बदलाव किए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि आदिवासी अंचलों में बच्चों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे बच्चों की शैक्षणिक प्रगति में सुधार हो रहा है। साथ ही, तकनीकी शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि राज्य के बच्चे आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित हो सकें और भविष्य के लिए तैयार हो सकें। प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ सरकार के इन प्रयासों की सराहना की और कहा कि राज्य की विकास यात्रा अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने मुख्यमंत्री साय को राज्य की प्रगति के लिए और भी अधिक समर्थन और सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बड़ी संख्या में आवास की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत लाखों परिवारों को अपने घर का सपना साकार हुआ है, जिससे उनके जीवन में स्थिरता और सुरक्षा का भाव उत्पन्न होगा।
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आया त्यौहार चलो बाजार - स्थानीय बाजारों से खरीदारी करने निवेदन

आया त्यौहार चलो बाजार : छोटे दुकानदारों से सामान खरीदें - छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज

स्थानीय बाजारों से खरीदारी करने निवेदन - अमर पारवानी

चेम्बर ने ”आया त्यौहार चलो बाजार” अभियान के तहत आमजनों से स्थानीय बाजारों से खरीदारी करने निवेदन किया
ऑनलाइन प्लेटफार्म से खरीदारी करने से बचें तथा स्थानीय व्यापारियों एवं
छोटे दुकानदारों से सामान खरीदें:- अमर पारवानी

छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष उत्तमचंद गोलछा, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी,विक्रम सिंहदेव,राम मंधान, मनमोहन अग्रवाल ने बताया कि त्योहारी सीजन को देखते हुए चेम्बर ने पारंपरिक बाजारों की रौनक लौटाने तथा ऑनलाइन प्लेटफार्म से खरीदारी नहीं करने हेतु लोगों में जागरूकता लाने ”आया त्यौहार चलो बाजार” अभियान के तहत चेंबर ने आमजनों से लोकल बाजार के स्थानीय व्यापारियों एवं छोटे दुकानदारों से खरीदारी करने निवेदन किया है ।
चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष श्री अमर पारवानी ने बताया कि त्योहारी सीजन में व्यवसाय में ऑनलाइन दखल रोकने, स्थानीय व्यापार को प्रोत्साहित करने एवं बाजार की रौनक लौटाने हेतु छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के तत्वावधान में ”आया त्यौहार चलो बाजार” अभियान की शुरुआत की गई जो देश के प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी के विजन ”वोकल फॉर लोकल” अभियान को समर्थन देना है।
श्री पारवानी जी ने आगे कहा कि चेम्बर व्यवसाय और उद्योग के उत्थान के लिए सदैव प्रयासरत है। ऑनलाइन व्यापार से परंपरागत व्यवसाय बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। लोग आकर्षक छूट के लालच में घर बैठे सामान खरीद रहे हैं एवं बाजार से भी विमुख हो रहे हैं, परंपरागत व्यवसाय विभिन्न चुनौतियों से जूझ रहा है जिसे रोकने ”आया त्यौहार चलो बाजार” अभियान के तहत चेंबर द्वारा आमजनों से स्थानीय बाजार के व्यापारियों एवं छोटे दुकानदारों से खरीदारी करने निवेदन किया जा रहा है ।
स्थानीय व्यापारी अर्थव्यवस्था की जान हैं और बाजार की शान हैं। स्थानीय बाजार में खरीदारी से न सिर्फ व्यापार में वृद्धि होगी, अपितु त्योहारों की सार्थकता भी सिद्ध होगी। यह अभियान लोगों को आपस में भावनात्मक रूप से जोड़ने का माध्यम भी बनेगा।
श्री पारवानी जी ने आम नागरिकों के साथ ही चेम्बर के सदस्यों से भी अपील करते हुए सपरिवार बाजार जाकर स्थानीय व्यापारियों एवं छोटे दुकानदारों से खरीदारी करने हेतु निवेदन किया।

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छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा कितनी सफल ? एक रिपोर्ट

*राजधानी में छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा में संख्या कम*

 

कांग्रेस द्वारा अन्याय के विरुद्ध न्याय की मांग को लेकर गिरोधपुरी धाम से 27 सितंबर को निकली छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा का समापन 2 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में हुआ 6 दिनों तक चली 125 किलोमीटर लंबी छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज लगातार पदयात्रा कर रायपुर पहुंचे उनके साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सभी वरिष्ठ नेताओं ने अलग-अलग दिन पद यात्रा में शामिल होकर सरकार के विरुद्ध अपना विरोध दर्ज कराया,

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल  इस छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा के तीसरे दिन शामिल हुए परंतु वे अपने हरियाणा दौरे के कारण ज्यादा देर तक अपना समय नहीं दे पाए | पूर्व उपमुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत के अलावा प्रदेश के सभी पूर्व मंत्री एवं विधायकों सहित संगठन के सभी बड़े नेता इस छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा में शामिल हुए|

*राजधानी में छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा में संख्या कम*

अब हम आपको कुछ खास बात बताने जा रहे हैं की गिरोधपुरी से चली  छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा अपने पूरे सफर के दौरान जिस संख्या के साथ चली उसमें तो उंगली नहीं उठाई जा सकती क्योंकि लंबा सफर, गर्मी के अलावा गांवों के बीच की दूरी, खेतों की लंबी श्रृंखला के कारण भीड़ न होना कोई बड़ी बात नहीं, बड़ी बात यह है कि दीपक बैज का हौसला, उनका जोश, पार्टी के प्रति उनकी जिम्मेदारी और अन्याय के विरुद्ध न्याय का झंडा उठाकर उन्होंने तो अपना सफर पूरा कर लिया परंतु जब राजधानी रायपुर की सीमा में न्याय यात्रा शामिल हुई तो अपेक्षा से बहुत कम संख्या में कांग्रेसी इस छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा में नजर आए,

यह हम नहीं कह रहे हैं, ना ही हम अनुमान लगा रहे हैं, हम सच्चाई बता रहे हैं और यह सच्चाई प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से स्वयं लाइव वीडियो के माध्यम से जारी की गई है | छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी द्वारा ड्रोन के माध्यम से जो वीडियो जारी किया गया है उसमें साफ नजर आ रहा है कि सड्डू से शुरू होने के बाद इस न्याय यात्रा में गिनती के नेता और कार्यकर्ता ही शामिल थे जिनको उंगलियों में गिना जा सकता है और यह कांग्रेस की इस न्याय यात्रा के असफल होने का बड़ा प्रमाण है, राजधानी में ही अगर समापन के दिन कांग्रेस के कार्यकर्ता नहीं जुट पाए तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इस न्याय यात्रा को कितना सफल माना जा सकता है | इस वीडियो को देखने के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के सभी वरिष्ठ नेताओं पदाधिकारी और संगठन को छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा के दौरान उपस्थित को लेकर गंभीर चिंतन करना चाहिए | छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा की इस असफलता के लिए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, संगठन प्रभारी मलकीत सिंह गैदू के साथ-साथ संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों, सभी पूर्व मंत्रियों एवं वर्तमान विधायकों को भी आत्म चिंतन करना पड़ेगा कि उन्होंने पार्टी के इस बड़े अभियान के साथ कितना न्याय किया है |

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सशस्त्र सैन्य समारोह - युद्ध के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले ड्रोन की प्रदर्शनी

रायपुर, 01 अक्टूबर 2024। साइंस काॅलेज मैदान में आयोजित सशस्त्र सैन्य समारोह के पूर्व आज पंडित दीनदयाल आॅडिटोरियम में बिग्रेडियर श्री अमन आनंद (विशिष्ट सेवा मेडल) एवं कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने प्रेसवार्ता लेकर आयोजन की तैयारियों के बारे में जानकारी साझा की। बिग्रेडियर श्री अमन आनंद ने कहा कि रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में 5 और 6 अक्टूबर को भारतीय सेना की ताकत और कौशल को करीब से देखने को मिलेगा। युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने और देश की सेवा करने के लिए प्रेरित करने सशस्त्र सैन्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है। श्री आनंद ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से भारतीय सेना के कौशल एवं ताकत का प्रदर्शन देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को देश की सेवा करने के लिए प्रेरित करने एवं भारतीय सेना की शक्ति और क्षमताओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इससे लोगों के बीच राष्ट्रवाद और देशभक्ति को बढ़ावा मिलेगा और नागरिक-सैन्य संबंध मजबूत के बारे में भी जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना से जुड़ने के लिए स्टाॅल लगाए जाएंगे। इस आयोजन में बड़े-बड़े आधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी लगेगी। प्रमुख रूप से युद्ध के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले ड्रोन की प्रदर्शनी के माध्यम से देखने को मिलेगी। श्री आनंद ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है और आयोजन को सफल बनाया जाएगा।
 
            कलेक्टर डाॅ. सिंह ने कहा कि भारतीय सेना की देश भक्ति जज्बा, शक्ति और क्षमताओं की ताकत सशस्त्र सैन्य समारोह में देखने को मिलेगा। भीष्म टैंक समेत अनेक उपकरणों का रोमांच देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में दंतेवाड़ा के प्रतिभावान युवा घुड़सवारी के माध्यम से के कौशल दिखाई देंगे। कलेक्टर ने कहा कि आम नागरिकों के लिए साइंस काॅलेज मैदान तक पहुंचने के लिए अलग-अलग स्थानों से बस चलाए जाएंगे। अधिक से अधिक संख्या में लोगों के पहुंचने का आग्रह किया। कलेक्टर ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं में ऐसे आयोजन होने के बाद सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और भारतीय सेना में जाने के लिए प्रोत्साहित होंगे। इस अवसर पर कर्नल श्री सुदीप बोस, श्री सुमीत शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप भी उपस्थित थे।
 
          दो दिवसीय सशस्त्र सैन्य समारोह में शानदार प्रदर्शन और रोमांचकारी प्रदर्शनों की श्रृंखला देखी जाएगी। जिसमें विशेष बल कमांडो द्वारा स्लिदरिंग प्रदर्शन, बाइक शो और घुडसवारी प्रदर्शन शामिल है। टी-90 भीष्म टैंक, बीएमपी टू, पैदल सेना लड़ाकू वाहन, स्ट्रेला 10 एम सेना वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली, जेडयू 23 गन और आर्टिलरी की 105 एमएम लाइट फील्ड गन समेत आधुनिक हथियार और उपकरण भी सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक जनता के देखने के लिए प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके अलावा गे्रनेडियर्स, सिग्नल और गोरखा प्रशिक्षण केंद्रों के सैन्य पाइप और ब्रास बैंड और विशिष्ट गोरखा रेजिमेंट के सांस्कृतिक दल द्वारा खुखरी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां भी होगी। आयोजन के दौरान सेना भर्ती कार्यालय रायपुर और एनसीसी ग्रुप मुख्यालय छत्तीसगढ़ द्वारा सशस्त्र बलों में शामिल होने युवाओं के लिए सूचना केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
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गुरमीत राम रहीम सिंह: जेल में बंद होने की कहानी और पैरोल-फरलो का खेल

गुरमीत राम रहीम सिंह: जेल में बंद होने की कहानी और पैरोल-फरलो का खेल गुरमीत राम रहीम सिंह, जो डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख हैं, 25 अगस्त 2017 से जेल में बंद हैं। उन्हें विशेष सीबीआई अदालत द्वारा दो साध्वियों के साथ बलात्कार के आरोप में दोषी ठहराया गया था। इसके बाद, उन्हें 20 साल की सजा सुनाई गई। इसके अलावा, 2019 में उन्हें एक और मामले में दोषी ठहराया गया, जिसमें उन्होंने 16 साल पहले डेरा सच्चा सौदा के एक पूर्व प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या करवाई थी। साथ ही, 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में भी उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। ये सभी मामले डेरा सच्चा सौदा से जुड़े विवादों और अपराधों का हिस्सा थे। जेल में बंद होने के कारण 1. दो साध्वियों से बलात्कार: 2002 में दो साध्वियों ने सीबीआई के पास शिकायत दर्ज कराई थी कि डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख, गुरमीत राम रहीम सिंह, ने उनके साथ बलात्कार किया है। इस मामले की जांच के बाद, उन्हें 25 अगस्त 2017 को दोषी करार दिया गया और 28 अगस्त 2017 को 20 साल की सजा सुनाई गई। हर मामले में 10 साल की सजा सुनाई गई, जो एक साथ चलने वाली थीं। 2. रंजीत सिंह हत्याकांड: 2019 में गुरमीत राम रहीम को एक और मामले में दोषी पाया गया, जिसमें रंजीत सिंह, जो डेरा सच्चा सौदा के एक पूर्व प्रबंधक थे, की 2002 में हत्या करवा दी गई थी। रंजीत सिंह की हत्या का मुख्य कारण यह था कि उन्होंने डेरा की कुरीतियों का खुलासा किया था। 3. पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या: 2002 में, पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में भी गुरमीत राम रहीम दोषी ठहराए गए। छत्रपति ने अपने अखबार में डेरा सच्चा सौदा के भीतर हो रहे अन्याय और अपराधों का पर्दाफाश किया था, जिसके बाद उनकी हत्या कर दी गई। पैरोल और फरलो: कितनी बार जेल से रिहाई गुरमीत राम रहीम को जेल में रहते हुए कई बार पैरोल और फरलो दी गई है, जिसके कारण वह अक्सर चर्चा में रहे हैं। हर बार जब उन्हें पैरोल या फरलो मिलती है, तो राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इसका विरोध भी होता है, खासकर पीड़ितों और उनके परिवारों द्वारा। 1. पहली बार फरलो: अक्टूबर 2020 में गुरमीत राम रहीम को अपनी बीमार मां से मिलने के लिए 40 दिनों की फरलो दी गई थी। इसे उनके समर्थकों द्वारा स्वागत किया गया, लेकिन इस फैसले की काफी आलोचना भी हुई। 2. दूसरी बार पैरोल: जून 2022 में उन्हें एक और पैरोल दी गई, जिसमें वह 30 दिनों तक जेल से बाहर रहे। इस दौरान उन्होंने कुछ धार्मिक कार्यक्रमों में ऑनलाइन भाग लिया, जिससे उनके समर्थकों में उत्साह बढ़ा। हालांकि, उनके विरोधियों ने इसे न्याय प्रणाली का दुरुपयोग माना। 3. तीसरी बार पैरोल: 2023 में, राम रहीम को फिर से 30 दिनों की पैरोल मिली। इस बार भी वह अपने अनुयायियों के साथ ऑनलाइन सत्संग आयोजित करते रहे, और सोशल मीडिया पर उनकी वीडियो भी खूब वायरल हुईं। उनके इन सत्संगों में कई बड़े राजनीतिक नेता भी शामिल हुए, जो राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना। 4. चौथी बार फरलो: 2024 में गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर फरलो दी गई। इस फरलो के दौरान उन्होंने फिर से कई ऑनलाइन कार्यक्रम किए और यह समय उनके अनुयायियों के लिए महत्वपूर्ण बना। पैरोल और फरलो पर विवाद गुरमीत राम रहीम को बार-बार दी गई पैरोल और फरलो पर काफी विवाद हुआ। पीड़ितों के परिवार और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे न्याय का मजाक बताया। हर बार जब उन्हें जेल से बाहर आने का मौका मिलता है, तब उनके समर्थक बड़ी संख्या में उनका समर्थन करते हैं, जबकि पीड़ित और उनके परिजन न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठाते हैं। कई लोगों का मानना है कि गुरमीत राम रहीम को बार-बार पैरोल और फरलो मिलना उनके राजनीतिक संबंधों के कारण है। कई राजनीतिक दलों के नेता उनके समर्थन में खड़े होते हैं, खासकर चुनावों के दौरान, क्योंकि उनके पास लाखों अनुयायियों का समर्थन है। यह समर्थन चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकता है, और यही कारण है कि कई बार उनके प्रति उदारता दिखाई जाती है। निष्कर्ष गुरमीत राम रहीम सिंह, जो गंभीर अपराधों के लिए जेल में सजा काट रहे हैं, को कई बार पैरोल और फरलो मिली है, जिससे विवाद उत्पन्न हुए हैं। उनका राजनीतिक प्रभाव और अनुयायियों की बड़ी संख्या उन्हें बार-बार रिहाई दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, लेकिन यह न्याय प्रणाली और पीड़ितों के अधिकारों के लिए एक गंभीर चुनौती भी प्रस्तुत करता है।
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*सैनिकों के बीच पहुंचे सुप्रसिद्ध कवि पद्मश्री श्री सुनील जोगी, कलेक्टर के आग्रह पर किया कविता पाठ*

*सैनिकों के बीच पहुंचे सुप्रसिद्ध कवि पद्मश्री श्री सुनील जोगी, कलेक्टर के आग्रह पर किया कविता पाठ* *भारतीय सैनिकों का बढ़ाया उत्साह, गूंजा देश भक्ति कविता* *देश की सीमाओं को सुरक्षित करने में भारतीय सेना का महत्वपूर्ण योगदानः कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह* *भारतीय सेना सभी वर्गों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत: कुलपति श्री शुक्ला* रायपुर 30 सिंतबर 24। सुप्रसिद्ध कवि पद्मश्री श्री सुनील जोगी आज रायपुर पहुंचे भारतीय सेनिकों के बीच पहुंचे और सैनिकों का उत्साह बढ़ाने के लिए हास्य कवि पद्मश्री श्री सुनील जोगी ने कविता सुनाई। रविशंकर विश्वविद्यालय के सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह भी शामिल हुए और देशभक्ति रंग में रंगने के लिए अंबर पर रहकर भी धरती पर नजर रहे... हम रहे न रहें हमारा तिरंगा अमर रहे... मुश्किल है अपना मेल प्रिय...जैसे कई कविता से शुरूआत की। इसके अलावा उन्होंने कई देशभक्ति कविता सुनाकर जवानों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर पंडित रविशंकर शुक्ल विद्यालय के कुलपति श्री सचिदानंद शुक्ला ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पहला सम्मान सेना का देश में हो, और हमारे समाज में सैनिकों को वह स्थान मिलना चाहिए, जिसके वे हकदार हैं। श्री शुक्ला ने कहा कि भारतीय सेना न केवल देश की सुरक्षा करती है, बल्कि यह समाज के सभी वर्गों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत भी है। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने विशेष रूप से सैनिकों की महत्ता पर जोर दिया। कलेक्टर ने कहा कि देश में सैनिकों से बड़ा कोई हीरो नहीं होता। कलेक्टर डॉ. सिंह ने सेना के जवानों की बलिदानी भूमिका को स्वीकार करते हुए कहा कि सैनिक देश की सीमाओं की सुरक्षा करते हैं और हमारे जीवन को सुरक्षित बनाते हैं। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे सेना के प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करें और समाज में सैनिकों के प्रति जागरूकता बढ़ाएं। इस दौरान जिला पंचायत के सीईओ श्री विश्वदीप, अपर कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित सैकडो की संख्या में सेना के जवान उपस्थित थे।

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Chhattisgarh : कांग्रेस की न्याय यात्रा का आज 5वां दिन...अंतिम दिन प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट होंगे शामिल, यहां होगा समापन...!!

रायपुर। कांग्रेस की न्याय पदयात्रा की 27 सितंबर से बलौदाबाजार से शुरू हुई। बलौदबाजार के गिरौदपुरी से शुरू हुई यह यात्रा 6 दिन बाद 2अक्‍टूबर को राजधानी रायपुर में खत्‍म होगी। कांग्रेस की न्‍याय यात्रा आज शाम को राजधानी की सीमा में पहुंच जाएगी। इस यात्रा का कल (2 अक्‍टूबर) को अंतिम दिन है। आज पांचवें दिन की यात्रा रायपुर से करीब 20 किलो मीटर दूर स्थित सारागांव से शुरू हुई। पीसीसी चीफ दीपक बैज की यह पद यात्रा आज शाम को राजधानी की सीमा पर स्थित सड्डू पहुंच जाएगी। बैज सहित यात्रा में शामिल पूरी टीम रात्रि विश्राम सड्डू में करेगी। इसके बाद कल शहर में प्रवेश होगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुये कहा कि हमारे कार्यकताओं में भी यात्रा को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। इस यात्रा का उद्देश्य प्रदेश की बिगड चुकी कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को जगाना है। जनता के बीच में बढ़ते अपराधों के कारण भय का माहौल है। महिलाएं बहने असुरक्षित है। किसी समाज का आदमी सुरक्षित नहीं है। प्रदेश की सरकार दिशाहीन हो चुकी है। सरकार का ड्राइवर कौन है किसी को पता नहीं है, सरकार के मंत्रियों में आपस में विरोधाभास है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुये कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस की 5 साल सरकार थी जो किसानों, युवाओं, माता, बहनों और प्रदेश के हर वर्ग के लिये काम किया। ईडी, आईटी, सीबीआई कांग्रेस सरकार को बदनाम करने का काम किया। महादेव ऐप के नाम से प्रधानमंत्री से लेकर मंत्री तक बहुत से प्रचार किये। मैं पूछना चाहता हूं कि महादेव एप आज बंद हुआ है क्या? महादेव ऐप का मोटी कमाई आज कौन खा रहा है? आज देश में भाजपा की डबल इंजन की सरकार है प्रदेश में भी भाजपा की सरकार है और केन्द्र में भी भाजपा की सरकार है तो महादेव ऐप बंद होना चाहिये।

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शहीदे आजम सरदार भगत सिंह के जन्म दिवस विशेष कार्यक्रम

शहीद-ए-आज़म भगत सिंह: एक आदर्श क्रांतिकारी भगत सिंह, भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महानायक, एक ऐसा नाम है जो साहस, त्याग और देशभक्ति का प्रतीक बन गया है। 28 सितंबर 1907 को पंजाब के बंगा गाँव में जन्मे भगत सिंह ने बहुत छोटी उम्र में अंग्रेजों की गुलामी के खिलाफ लड़ने का संकल्प लिया। वे न केवल एक योद्धा थे बल्कि एक विचारक भी थे, जिन्होंने अपने समय के राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर गहराई से चिंतन किया। उनका जीवन संघर्ष और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। 23 साल की अल्पायु में देश के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमने वाले भगत सिंह ने यह सिद्ध कर दिया कि आजादी की लड़ाई केवल हथियारों से नहीं, बल्कि विचारों और आत्मबलिदान से भी लड़ी जा सकती है। भगत सिंह का विश्वास था कि स्वतंत्रता केवल बाहरी शत्रु से मुक्त होना नहीं है, बल्कि समाज में फैली असमानता, जातिवाद, और गरीबी से भी मुक्ति होनी चाहिए। उनका मानना था कि एक न्यायपूर्ण और समतावादी समाज ही सच्ची स्वतंत्रता का आधार हो सकता है। उनका प्रसिद्ध नारा, "इंकलाब जिंदाबाद" आज भी हर भारतीय के दिल में गूंजता है। भगत सिंह का साहस और उनका विचारधारा प्रेरणा देती है कि हम अपने समाज को बेहतर बनाने के लिए हमेशा तत्पर रहें। इस महान क्रांतिकारी के जन्मदिवस पर हम सभी को उनके आदर्शों को आत्मसात करके एक सशक्त और समतावादी भारत की दिशा में कदम बढ़ाने चाहिए। भगत सिंह को कोटि-कोटि नमन!
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सावधान : सड़कों के किनारे गाड़ी पार्क करने पर देना होगा शुल्क, जानिए क्या है नई पार्किंग पॉलिसी

अब सड़कों के किनारे गाड़ी पार्क करने पर शुल्क देना अनिवार्य होगा। उत्तर प्रदेश नगर विकास विभाग ने इस नई पार्किंग नीति की तैयारी पूरी कर ली है, जिसका उद्देश्य सड़क पर गाड़ी पार्किंग की व्यवस्था को नियंत्रित करना और अवैध पार्किंग को रोकना है। यह नीति खासतौर पर रात के समय पार्किंग पर ध्यान केंद्रित करेगी। नई पार्किंग शुल्क संरचना नई नीति के तहत, यदि कोई व्यक्ति नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सार्वजनिक स्थानों पर रात में अपनी गाड़ी पार्क करता है, तो उसे निम्नलिखित शुल्क चुकाने होंगे: - प्रति रात: 100 रुपये - एक हफ्ते के लिए: 300 रुपये - एक महीने के लिए: 1000 रुपये - एक साल के लिए: 10,000 रुपये यदि कोई बिना परमिट के गाड़ी पार्क करता है, तो उससे तीन गुना शुल्क वसूल किया जाएगा। उदाहरण के लिए, अगर कोई बिना अनुमति गाड़ी पार्क करता है, तो उसे प्रति रात 300 रुपये चुकाने होंगे। यह कदम अवैध पार्किंग पर रोक लगाने के लिए उठाया जा रहा है। इस प्रस्ताव के संबंध में नगर विकास विभाग ने संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियों को आमंत्रित किया है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि नीति को व्यापक समर्थन मिले और सभी संबंधित हितधारकों की चिंताओं का समाधान किया जा सके। जैसे ही कैबिनेट से मंजूरी मिलेगी, नगर निगम में नई पार्किंग नीति लागू कर दी जाएगी। अवैध पार्किंग की समस्या राज्य में पार्किंग की कोई स्पष्ट नीति ना होने के कारण अवैध पार्किंग की समस्या बढ़ रही थी। अव्यवस्थित पार्किंग के चलते शहरों में यातायात की समस्याएं उत्पन्न हो रही थीं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों नगर विकास विभाग को निर्देश दिया था कि एक सुनियोजित पार्किंग नीति लाए, जिससे कि इस समस्या का समाधान किया जा सके। नगर निगम द्वारा विकसित पार्किंग को निजी हाथों में देने का भी विचार किया जा रहा है। बड़े शहरों में पार्किंग ठेकों में बड़ी कंपनियों को भी टेंडर डालने की अनुमति दी जाएगी। इससे पार्किंग की बेहतर व्यवस्था हो सकेगी और नागरिकों को सुविधाएं प्राप्त होंगी। विभिन्न स्थानों पर शुल्क वसूली नई नीति के तहत, नगर निगम से अनुमति लेने के बाद ठेकेदार रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, कॉलेज, ऑफिस, हॉस्टल, और अन्य व्यावसायिक भवनों के पास निर्मित पार्किंग स्थानों से शुल्क वसूल कर सकेंगे। यह नीति विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पार्किंग की सुविधा को बढ़ाने के लिए बनाई गई है। मल्टी लेवल कार पार्किंग नई नीति के अंतर्गत मल्टी लेवल कार पार्किंग की सुविधा भी विकसित की जाएगी। इससे पार्किंग की समस्या को हल करने में मदद मिलेगी, क्योंकि अधिक वाहन एक ही स्थान पर पार्क किए जा सकेंगे। यह सुविधा शहरी क्षेत्र में वाहनों की संख्या को देखते हुए आवश्यक है। आबादी के आधार पर शुल्क नई पार्किंग नीति में आबादी के आधार पर शुल्क की संरचना भी तय की गई है: 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में - दो पहिया वाहन: 855 रुपये (मासिक पास) - चार पहिया वाहन: 1800 रुपये (मासिक पास) - 2 घंटे के लिए: दो पहिया 15 रुपये, चार पहिया 30 रुपये - 1 घंटे के लिए: दो पहिया 7 रुपये, चार पहिया 15 रुपये 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों में - दो पहिया वाहन: 600 रुपये (मासिक पास) - चार पहिया वाहन: 1200 रुपये (मासिक पास) - 2 घंटे के लिए: दो पहिया 10 रुपये, चार पहिया 20 रुपये - 1 घंटे के लिए: दो पहिया 5 रुपये, चार पहिया 10 रुपये Night parking रात की पार्किंग के लिए समयावधि 11 बजे से सुबह 6 बजे तक होगी। इस समय के दौरान पार्किंग के लिए अलग रेट निर्धारित किया जाएगा, जो सामान्य दिन के रेट से भिन्न होगा।
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स्कूल किताबों का एक और जखीरा बरामद

*पाठ्य पुस्तक घोटाला ब्रेकिंग न्यूज़* सरकारी स्कूल की पाठ्य पुस्तकों को बच्चों में ना बांटकर कबाड़ में मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है | कुछ दिन पहले हमने एक किताब गलाने वाली फैक्ट्री में किताबों का पहाड़ देखा था ,, किताबों को रद्दी बना दिया गया, उन्ही किताबों को रद्दी के भाव में स्कूल शिक्षा विभाग ने बेच दिया था ,, आज सुचना मिलने पर हमने अभनपुर विकास खंड के स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में पहुंचे तो हमने देखा की यहां बच्चों को किताबें बांटने के बजाय उसे गोदाम में रखकर खराब किया जा रहा है और बाद में इन्ही किताबों को रद्दी में कौड़ियों के दाम पर बेच दिया जाएगा , बच्चो के भविष्य को सावरने वाली इन किताबों को कैसे रद्दी बनाया जाता है
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एक साल 9 महीने से जेल में बंद सौम्या चौरसिया को मिली जमानत

छत्तीसगढ़ की अधिकारी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की करीबी अधिकारी सौम्या चौरसिया को सुप्रीम कोर्ट ने शर्तों के साथ जमानत दी। दिसंबर 2022 में ED ने गिरफ़्तार किया था। जमानत पर आने के बाद भी सौम्या चौरसिया निलंबित रहेंगी। बता दें कि छत्तीसगढ़ में कोयला घोटाले और मनी लांड्रिंग मामले को लेकर कांग्रेस सरकार के दौरान मुख्यमंत्री की उपसचिव रही सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया गया था। कोयल मामले को लेकर ईडी ने सौम्या चौरसिया को 2 दिसंबर 2022 में गिरफ्तार करने के बाद पूछताछ की थी। इस पूछताछ के बाद से सौम्या चौरसिया सेंट्रल जेल रायपुर में बंद है। Supreme Court ईडी के मुताबिक छत्तीसगढ़ में हुए कोयले घोटाले में सौम्या चौरसिया की महत्वपूर्ण भूमिका बताई गई है। मामले में किगपिन सूर्यकांत तिवारी के ऊपर सौम्या चौरसिया का प्रशासनिक सपोर्ट बताया गया है। लाइव लॉ की एक रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुइयां की खंडपीठ में मंगलवार को सौम्या की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई।छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के 28 अगस्त, 2024 के आदेश को चौरसिया की चुनौती से निपट रही थी, जिसके तहत उनकी तीसरी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। इस पर 13 सितंबर को नोटिस जारी किया गया था। एक साल 9 महीने से जेल में बंद थी सौम्या चौरसिया की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ दवे ने आग्रह किया कि उनकी मुवक्किल ने लगभग 1 साल और 9 महीने हिरासत में बिताए हैं, एक बार भी रिहा नहीं किया गया है, और मुकदमा शुरू भी नहीं हुआ है। इसके अलावा, 3 सह-आरोपियों को अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया गया है (जिसके आदेशों की पुष्टि की गई है)। मनीष सिसोदिया के मामले में अदालत के हालिया फैसले पर भरोसा किया गया था । अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने विरोध किया इसके विपरीत, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने ईडी के लिए उपस्थिति दर्ज करते हुए प्रस्तुत किया कि चौरसिया, जो एक सिविल सेवक (और इस प्रकार जनता के ट्रस्टी) थे, अंतरिम जमानत दिए गए 3 व्यक्तियों के मुकाबले एक अलग पायदान पर खड़े हैं। उसकी भूमिका पर जोर देते हुए, एएसजी ने चौरसिया की तुलना मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी से की और आरोप लगाया कि उसे बहुत पैसा मिला। यह दावा करते हुए कि मामले में विस्तृत सुनवाई की आवश्यकता है, एएसजी ने जवाब दाखिल करने के लिए समय देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा, ”कोयला खदानों से कोयला वितरण आदेश के आधार पर भेजा जा रहा था। और उसके बाद, परिवहन परमिट जारी किया जाना था। यह ऑनलाइन किया जा रहा था। आरोपी की निशानदेही पर साजिश रची गई, इस ऑनलाइन को ऑफलाइन में बदल दिया गया। जैसे ही वास्तविक सुपुर्दगी आदेश दिया गया, ट्रांसपोर्टरों को तब तक परिवहन परमिट नहीं दिया गया जब तक कि वे 25 रुपए प्रति टन कोयले और 100 रुपए प्रति टन लोहे के पैलेट्स का भुगतान नहीं करते। इस अवैध कर से लगभग 400 करोड़ रुपये की भारी राशि एकत्र की गई। वह (चौरसिया) मुख्यमंत्री कार्यालय में एक अधिकारी थीं.’ उन्होंने दलील दी कि जब नौकरशाह इस तरह की गतिविधियों में शामिल हों तो गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए. शुरू में वकीलों को सुनने के बाद जस्टिस कांत ने कहा कि एएसजी को जवाब दाखिल करने में समय लग सकता है लेकिन पीठ इस बीच चौरसिया को अंतरिम जमानत देने को इच्छुक थी। हालांकि, एएसजी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा, ‘यह मामला खत्म हो जाएगा… मेरे सामने अभी तक ऐसा कोई मामला नहीं आया है जहां अंतरिम जमानत की पुष्टि नहीं हुई हो। एएसजी की आपत्तियों और समय के लिए अनुरोध को ध्यान में रखते हुए, पीठ ने मामले को कल तक के लिए स्थगित कर दिया। मामले को फिर से सूचीबद्ध करते हुए, न्यायमूर्ति कांत ने एएसजी पर जोर दिया कि अगर चौरसिया अंततः जमानत की राहत (विस्तृत सुनवाई के बाद) के हकदार पाए जाते हैं, तो वह अनावश्यक रूप से प्रक्रियात्मक देरी का शिकार होंगे। बुधवार को सुनवाई के बाद कोर्ट ने चौरसिया को सशर्त जमानत दे दी। cg24news.in
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अरविंद केजरीवाल ने मोहन भागवत से किए पांच सवाल : मांगा जवाब

*आम आदमी पार्टी के मुखिया दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से पांच सवालों का जवाब मांगा, क्या है वह सवाल ?* जेल से छूटने के बाद, मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अरविंद केजरीवाल ने आज जंतर मंतर से जनता की अदालत में मंच से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से पांच सवाल किए आम आदमी पार्टी के संयोजक पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से पूछा कि 1. जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी तेज भर में लालच देकर ईडीसीबीआई के माध्यम से विपक्ष पर दबाव बना रहे हैं क्या आप नहीं मानते यह भारतीय जनतंत्र के लिए घातक है | 2. देशभर में सबसे भ्रष्टाचारी नेताओं को मोदी जी ने अपनी पार्टी में शामिल कर लिया जिन्हें उन्होंने स्वयं भ्रष्टाचारी कहा था ऐसे सैकड़ो लोगों को वह अपनी पार्टी में शामिल कर महत्वपूर्ण पदों पर सुशोभित कर रहे हैं मोहन भागवत जी क्या आप इस बाबत कुछ कहेंगे 3. बीजेपी आरएसएस की कोख से पैदा हुई है कहा जाता है कि यह देखना रस की जिम्मेदारी है कि बीजेपी भ्रष्ट न हो मोहन भागवत जी क्या आपने मोदी जी को गलत हरकतें करने से रोका ? 4. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा जी ने कहा कि बीजेपी को रस की जरूरत नहीं है तो मेरा यह सवाल है कि बेटा इतना बड़ा हो गया है की मां को आंखें दिखाने लग गया जिसे रस नेपाली पुष्कर पीएम बनाया वही आंखें दिखा रहा है मोहन भागवत जी इस पर आप क्या कहेंगे ? 5. भारतीय जनता पार्टी ने नियम बनाया था कि 75 साल की उम्र के बाद रिक्वायरमेंट होगा आडवाणी मुरली मनोहर जोशी शांता कुमार जैसे अनेक नेताओं को इस नियम के तहत साइट कर दिया गया अब कहा जाता है कि यह नियम मोदी जी पर लागू नहीं होगा क्यों मोहन भागवत जी बताएंगे ? आम आदमी पार्टी के संयोजक दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जंतर मंतर से किए गए इन सवालों का जवाब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की तरफ से कब आता है और क्या आता है इसका इंतजार देश की सभी नेताओं एवं नागरिकों को रहेगा
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नेशनल लोक अदालत में लाखों लोगों को मिला त्वरित न्याय

लाखो लोगों को मिला त्वरित न्याय

वर्ष के तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन

वर्ष के तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय रायपुर में लाखो लोगों को मिला त्वरित न्याय। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के निर्देशानुसार वर्ष 2024 में आयोजित होने वाले नेशनल लोक अदालत के अनुकम में माननीय न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के मार्गदर्शन एवं माननीय श्री न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार दिनांक 21/09/2024 को छत्तीसगढ़ राज्य में तालुका स्तर से लेकर उच्च न्यायालय स्तर तक सभी न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाकर राजीनामा योग्य प्रकरणों में पक्षकारों की आपसी सुलह समझौता से निराकृत किये गये हैं। उक्त लोक अदालत में प्रकरणों के पक्षकारों की भौतिक तथा वर्चुअल दोनों ही माध्यमों से उनकी उपस्थिति में निराकृत किये गये।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के अध्यक्ष / प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अब्दुल जाहिद कुरैशी, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्रीमान हेमंत सराफ, जिला एवं सत्र न्यायाधीशगण व अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री हितेन्द्र तिवारी, द्वारा जिला रायपुर में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित कर किया गया। जिसमें समस्त न्यायाधीशगण, पक्षकारगण, अधिवक्तागण, बैंक के अधिकारीगण, राजस्व अधिकारी, नगर निगम के अधिकारी, न्यायालयीन कर्मचारीगण, पैरालिगल वालिंटियर, विधि एवं स्कूल के छात्र छात्रायें भी उपस्थित रहे। इस बार की नेशनल लोक अदालत भी हाईब्रिड तरीके से आयोजित की गयी, जिसमें पक्षकार भौतिक उपस्थिति के साथ-साथ वर्चुअल या ऑनलाईन के माध्यम से भी राजीनामा किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अब्दुल जाहिद कुरैशी ने कहा कि, नालसा एवं सालसा के माध्यम से पुरे देश भर में इस वर्ष का तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें हम सभी के बहुत महत्वपूर्ण सहभागिता है और हम सभी के संयुक्त प्रयासो से ही नेशनल लोक अदालत के माध्यम से जनता तक सरल वः सहज तरीके से न्याय पहुंचेगा। इस लोक अदालत में सभी प्रकार के प्रकरण, पारिवारिक प्रकरण दाण्डिक प्रकरण, सिविल वाद एवं राजस्व प्रकरणों के निराकरण के साथ ही पेंशन लोक अदालत के माध्यम से पेंशन प्रकरण तथा मोहल्ला लोक अदालत के माध्यम से जनोपयोगी सेवाओं के प्रकरणों के निराकरण किया जायेगा साथ ही साथ प्री-लिटिगेशन प्रकरणो (जो अदालत तक पहुँचने के पूर्व) का भी निराकरण किया जायेगा। उन्होने बताया कि, नेशनल लोक अदालत का प्रचार-प्रसार ट्रैफिक लाउडिस्पीकर के माध्यम से तथा रेल्वे स्टेशन में रेल्वे अलाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से एवं पैरालीगल वालिटिंयर के माध्यम से तथा ग्रामिण क्षेत्रों में कोटवारो के द्वारा मुनादी कराकर नेशनल लोक अदालत का प्रचार-प्रसार कराया गया । लोक अदालत में जिनका भी राजीनामा योग्य प्रकरण लम्बित है उनकों प्रोत्साहित किया गया। जिन पक्षकारों को किसी भी प्रकार की शंका हो उनको परामर्श हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर द्वारा तालुका विधिक सेवा समिति, गरियाबंद, देवभोग, राजीम, तिल्दा से सम्पर्क कर अपने प्रकरणों के संबंध में जानकारी लेने हेतु प्रोत्साहित किया गया । श्री रमेश कुमार चौहान, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर द्वारा व्यक्त किया गया कि, प्रदेश में पुनः एक बार दिव्यांग जनों के लिये नालसा, सालसा तथा केन्द्र सरकार की योजनाओं की सफलता हेतु माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय रायपुर द्वारा एक अभूतपूर्व पहल करते हुए समाज कल्याण विभाग रायपुर के सहयोग से दिव्यांग एवं वरिष्ठ जन हितग्राहियों को व्हील चेयर एवं श्रवण यंत्र का वितरण, शिक्षा विभाग के सहयोग से छात्राओं को सायकिल, पाठ्यपुस्तकों तथा गणवेश, का वितरण इसी प्रकार श्रम विभाग के सहयोग से नालसा की (असंगठित क्षेत्र के कामगारों को निःशुल्क विधिक सहायता योजना 2015) के अंतर्गत हितग्राहियों को चेक वितरण एवं वन विभाग के सहयोग से पर्यावरण जागरूकता संदेश देते हुए पक्षकारों एवं आमजनों को निःशुल्क पौधा वितरण किया गया। जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से रेडी टू ईट प्रदर्शनी किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर एवं गुरुद्वारा धन धन बाबा साहिब जी तेलीबांधा रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में सैकड़ो किलोमीटर से आये पक्षकारो को न्याय के साथ साथ निःशुल्क भोजन प्राप्त हुआ जिससे उनके चेहरों पर संतोष दिखा दी, न्याय पालिका के माध्यम से उन्हे हर प्रकार का सहयोग प्राप्त हो रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा दिये गये नये संकल्प मोहल्ला लोक अदालत में पहुँचे न्यायाधीश / सभापति जनोपयोगी लोक अदालत माननीय श्री ऋषी कुमार बर्मन पर पक्षकारो ने की फूलों के हार से उनका स्वागत किया । उक्त छ०ग० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा दिये गये नये संकल्प मोहल्ला लोक अदालत में पहुँचे न्यायाधीश / सभापति जनोपयोगी लोक अदालत माननीय श्री ऋषी कुमार बर्मन के द्वारा त्वरित निर्णय करते हुए राहत पहुँचायी गयी। उक्त लोक अदालत का आयोजन न्याय तुहर द्वार योजना के तहत किया गया। मोहल्ला लोक अदालत के पीठासीन अधिकारी माननीय श्री ऋषी कुमार बर्मन सभापति/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्थायी लोक अदालत द्वारा घटना स्थल पर जाकर ही जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित मामलों का निराकरण किया मोहल्ले वासियों द्वारा उनका स्वांगत किया गया। उनके द्वारा 192 प्रकरण घटना स्थल पर जाकर न्यायाधीश द्वारा निराकृत किया गया स्थलो का नाम - जोन क्रमांक 01 (वीर शिवाजी वार्ड), जोन क्रमांक 04 (सुभाष स्टेडियम), जोन क्रमांक 10 (श्याम नगर) के स्थलो पर जाकर प्रकरणों का निराकरण किया गया। आज तृतीय नेशन लोक अदालत में निम्नानुसार प्रकरण का निराकरण किया गया। राजस्व न्यायालय-103178 प्रकरण कुटुम्ब न्यायालय- 131 छ०ग० राज्य परिवहन अधिकरण - 04 प्रकरण न्यायालय में लम्बित लगभग-9569 प्रकरण । प्री-लिटिगेशन एवं नगर निगम से मामले 68587 प्रकरण का निराकरण जनोउपयोगी सेवाओं से संबंधित प्रकरण 651 प्रकरण नेशनल लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को मिली कुल राशि 29,57,92819 मोहल्ला लोक अदालत 628 प्रकरण का निराकरण हुआ। (सफल कहानी) :- 10 वर्षों से अधिक लम्बित प्रकरण धारा 125 दं.प.सं. के मामले का किया गया निराकरण (माननीय हेमंत सराफ, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय रायपुर )। आवेदिका के द्वारा अपने पति के विरूद्ध धारा 125 दं.प्र.सं. भरण-पोषण राशि दिलाये जाने बाबत् प्रकरण दिनांक 22.09.2008 को प्रस्तुत किया गया था, जिसमें न्यायालय द्वारा दिनांक 10.12.2008 को प्रतिमाह 5,000/- भरण पोषण राशि आवेदिका को दिलाये जाने का आदेश पारित किया गया था। उक्त आदेश के परिपालन में आवेदिका ने वसूली हेतु धारा 125 (3) दं.प्र.सं. का प्रकरण दिनांक 05.01.2015 को पेश किया गया किन्तु आदेश पारित करने के पश्चात भी अनावेदक के द्वारा भरण पोषण प्रदान नही की जा रही थी, जिस कारण आवेदिका को गंभीर आर्थिक कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन अनावेदक द्वारा राशि अदा नही कर रहा था। न्यायालय के द्वारा दोनों पक्ष को समझाईश दी गई तथा उनके बीच सुलह का अथाह प्रयास किया गया, उसके पश्चात उभयपक्ष के द्वारा आपस में राजीनामा कर लिया गया । माननीय न्यायालय के समझाईश पर पति पत्नि हुए एक :- (माननीय हेमंत सराफ प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय रायपुर ) आवेदिका के द्वारा अनावेदिका अपने पति के विरूद्ध भरण-पोषण का प्रकरण इस आधार पर प्रस्तुत किया गया था कि, उसका पति नशा का आदि है और उसके साथ मारपीट व लड़ाई-झगड़ा कर घर से निकाल दिया है। उक्त प्रकरण में माननीय न्यायालय द्वारा लगातार समझाईश दी जाती रही कि साथ में रहकर अपने दाम्पत्य जीवन को संवारे तथा उनके बीच-सुलह का अथाह प्रयास किया गया। अंततः पति-पत्नी अपने वाद-विवाद को भूलकर आपस में राजीनामा कर प्रकरण को वापस लेकर सुखद जीवन जीने के लिये एक साथ चले गये। सिविल वाद के प्रकरण में लोक अदालत के लाभ की जानकारी देकर पक्षकारों के आपसी सहमति से किया गया प्रकरण का निराकरण:- (माननीय कु० भारती कुलदीप, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रायपुर ) सिविल वाद प्रकरण में त्वरित निराकरण हेतु माननीय न्यायालय द्वारा पक्षकरों को लोक अदालत के लाभ से अगवत कराया गया एवं आपसी मनमुटाव को दूर कर आपस में राजीनामा करने की सलाह दी गई। पक्षकार राजीनामा हेतु तैयार हुए एवं आपसी राजीनामा करते हुए प्रकरण का निराकरण किया गया । cg24news.in

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राहुल गांधी के खिलाफ छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जुर्म दर्ज

*लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर रायपुर छत्तीसगढ़ में जुर्म दर्ज* विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा पिछले दिनों अमेरिका प्रवास के दौरान सिख समाज के बारे में दिए गए बयान के खिलाफ छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के थाना सिविल लाइन में जुर्म दर्ज किया गया है भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता अमरजीत छाबड़ा ने किसकी शिकायत थाना सिविल लाइन में की उनकी शिकायत पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर मामले पर जांच में लिया है | अब देखने वाली बात यह है की राजधानी रायपुर के सिविल लाइन थाना पुलिस द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ किस तरह की कार्रवाई की जाती है थाना में उपस्थित होने नोटिस दिया जाएगा या फिर छत्तीसगढ़ पुलिस दिल्ली जाकर गिरफ्तार करेगी !
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कांग्रेस ने 21 सितंबर को छत्तीसगढ़ बंद का किया आह्वान

21 सितंबर को कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया
  • कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का प्रतिनिधिमंडल लोहारीडीह गया

रायपुर/19 सितंबर 2024। प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था और कवर्धा की घटना को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने शनिवार 21 सितंबर को छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया है।
कांग्रेस के नेताओं का प्रतिनिधिमंडल पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ कवर्धा के लोहारीडीह गया था। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व अध्यक्ष धनेन्द्र साहू, पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय सहित वरिष्ठ नेता शामिल थे।
कांग्रेस के नेतागण पुलिस अभिरक्षा में मृत प्रशांत साहू की अंत्येष्टि में शामिल हुये तथा परिजनों से भी मिले। परिजनों ने पुलिस के मारपीट के कारण प्रशांत की मौत होने का आरोप लगाया।
लोहारीडीह घटना स्थल से लौटने के बाद प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रेस कांफ्रेंस में सरकार पर लगाए कई गंभीर आरोप
गृह मंत्री के जिले में घटना होने के चलते गृह मंत्री को बर्खास्त करने मुख्यमंत्री से की मांग
पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमराई है,
आम आदमी और सरकार में बैठे हुये लोगों के लिये अलग कानून है।
लगातार हो रही अपराधिक घटनाओं को पुलिस रोक नहीं पा रही है।
घटना की जांच हाईकोर्ट की सीटिंग जज ने करने की मांग
कचरू साहू का दोबारा पोस्टमार्टम करने की मांग प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने की
रेंगाखार थाने की सीसीटीवी फुटेज निकलवाने की मांग
सरकार और पुलिस चाहती तो घर जलाने की घटना को रोक सकती थी, पूरे प्रदेश में भय का माहौल है।
कवर्धा के पूरे घटनाक्रम की हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराया जाय।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में महिलाएं, बच्चे, युवा सुरक्षित नहीं है, कानून व्यवस्था बदहाल है। मुख्यमंत्री, गृह मंत्री को तत्काल बर्खास्त किया जाए, कांग्रेस आगामी शनिवार 21 सितंबर को प्रदेश बंद का आह्वान किया, लोहारीडीह की घटना को दबाने का प्रयास किया था, कांग्रेस की सजगता से मामले को नहीं दबा पाए।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लगाए गंभीर आरोप। उन्होंने मांग किया कि डॉक्टर की टीम बनाकर फिर से शिवकुमार की पीएम किया जाए। थाने का सीसीटीवी जब्त किया जाए, बंद कैदियों की पिटाई की गई है इसलिए मिलने नहीं दिया जा रहा है। एसपी को बर्खास्त किया जाए।
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भाजपा नेता के हत्या के आरोपी की कवर्धा जेल में मौत

ब्रेकिंग न्यूज़ भाजपा नेता के हत्या के आरोपी की कवर्धा जेल में मौत कवर्धा जेल में बंदी की मौत, लोहारीडिह आगजनी मामले में था मृतक आरोपी - लोहारीडिह आगजनी मामले में जिला जेल में बंद विचाराधीन बंदी प्रशांत साहू की आज सुबह लगभग 10 बजकर 15 मिनट संदिग्ध मौत हो गई है पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी में रखा है परिजनों को घटना की सूचना दे दि गई है और परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम किया जाएगा.हत्या के आरोप में जेल दाखिल था आरोपी बताया जा रहा कि मृतक प्रशांत साहू और उसके बड़े भाई को कबीरधाम पुलिस ने रविवार को हुए लोहारीडिह उप सरपंच के मकान को आग लगाने और पूर्व सरपंच को जलाकर हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. कवर्धा आगजनी केस में पुलिस ने कुल 160 लोगों पर एफआईआर दर्ज किया है पुलिस ने 60 लोगों को अबतक इस केस में गिरफ्तार किया था इन्ही लोगो के साथ मृतक आरोपी को भी जेल दाखिल किया गया था और बुधवार सुबह प्रशांत साहू की मौत हो गई. आपको बता दें कि सी जी 24 से बात करते हुए जेलर RK बंजारे ने बताया कि प्रशांत की तबीयत बिगड़ी तो उसे जिला अस्पताल भेजा गया था. इलाज के बाद वापस जेल दाखिल किया गया. वहीं बुधवार सुबह भी मृतक की तबीयत बिगड़ी तो अस्पताल लाया जा रहा था.लेकिन उसने अस्पताल लाने के दौरान दम तोड़ दिया

.मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल में रखा गया है. परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम किया जाएगा. संदिग्ध परिस्थितियों में हुई आरोपी प्रशांत की मौत क्योंकि यदि आरोपी की तबियत खराब थी तो कैसे डॉक्टरों ने उसे अस्पताल से छुट्टी दे कर वापस जेल दाखिल करवा दिया और अचानक कैसे जेल के अंदर आरोपी की मौत हुई मामले की उच्च स्तरीय जांच होना आवश्यक है।

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केजरीवाल को चाहिए कि ईडी, सीबीआई और एल.जी. से पूछ लें कि किसे मुख्यमंत्री बनाए ? अन्यथा ---

केजरीवाल को चाहिए कि ईडी, सीबीआई और एल.जी. से पूछ लें कि किसे मुख्यमंत्री बनाए ? दिल्ली के नए बनने वाले मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार या घोटाले का कोई आरोप नहीं लगाएंगे ? दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली का नया सीएम घोषित करने से पहले केंद्र की एजेंसी ईडी, सीबीआई और दिल्ली के पावरफुल एलजी को पत्र लिखकर उनसे पूछ लेना चाहिए कि दिल्ली के किस विधायक को दिल्ली का नया मुख्यमंत्री बनाएं, कहीं ऐसा ना हो की जिसे भी अरविंद केजरीवाल दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री घोषित करें उपरोक्त तीनों एजेंसियां उसे भी भ्रष्टाचारी और घोटालेबाज कह कर कार्यवाही ना कर दें ?
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जनता के सेवक के रूप में अपने कर्तव्यों का करें निर्वहन : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

*अधिकारी स्वयं को जनता का सेवक मानते हुए पूरे समर्पण, मेहनत और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का करें निर्वहन: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय* *कलेक्टर एसपी कान्फ्रेंस में दिए गए निर्देशों का हो प्रभावी ढंग से पालन* *कलेक्टर एसपी कॉन्फ्रेंस से बदली हुई कार्यप्रणाली का तत्काल दिखना चाहिए जिलों में असर* *आत्म समर्पित माओवादियों के पुनर्वास के लिए व्यापक नीति जल्द* *स्थानीय समस्याओं का निराकरण जिला स्तर पर ही सुनिश्चित हो* *रायपुर में मुख्यमंत्री जनदर्शन माह में केवल एक बार होगा आयोजित* *महिलाओं के विरूद्ध अपराधों में अपराधी को सजा दिलाने त्वरित हो कार्यवाही* *जनता के सेवक के रूप में कर्तव्यों का करें निर्वहन* रायपुर, 13 सितम्बर 2024/मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा है कि कलेक्टर एसपी कॉन्फ्रेंस में दिए गए निर्देशों का रिजल्ट कल से ही मैदानी स्तर पर दिखना शुरू हो जाए। उन्होंने कहा कि जिले स्तर की समस्याओं का निराकरण जिला स्तर पर ही किया जाए, इसके लिए सुविधा अनुसार जिले में नियमित जनदर्शन आयोजित किए जाएं। उन्होंने कलेक्टर और एसपी को सम्बोधित करते हुए कहा कि कलेक्टर एसपी कॉन्फ्रेंस में दिए गए निर्देशों का आज से ही त्वरित एवं प्रभावी परिपालन सुनिश्चित करते हुए अपनी कार्यप्रणाली को बेहतर करें, जिसका असर तत्काल जिलों में दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय एवं जिले स्तर पर निराकृत हो सकने वाले मामले स्थानीय एवं जिले स्तर पर ही निराकृत हो, यह सभी कलेक्टर प्रति सप्ताह जनदर्शन लेकर सुनिश्चित करें। यदि स्थानीय स्तर पर निराकृत होने वाले प्रकरण राज्य स्तर पर आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री जनदर्शन में आएंगे, तो वह संबंधित जिले में प्रशासनिक अमले की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिन्ह लगने की दृष्टि से देखा जाएगा । उन्होंने कहा कि राज्य स्तर की समस्याओं का समाधान प्रदेश स्तर पर किया जाएगा। रायपुर में अब मुख्यमंत्री जनदर्शन माह में केवल एक बार आयोजित किया जाएगा, जिसमें महत्वपूर्ण और राज्य स्तरीय मामले ही आने चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आत्म समर्पित माओवादियों के पुनर्वास के लिए व्यापक नीति जल्द लायी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मोदी जी की गारंटी और सुशासन की गारंटी की सरकार है। अधिकारी स्वयं को जनता का सेवक मानते हुए पूरे समर्पण, मेहनत और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। शासन की नीतियों और योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को भी पारदर्शिता के साथ मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सरकार को 9 माह पूरे हो रहे हैं। इस खास मौके पर आप सभी से चर्चा का यह अनुभव शानदार रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला और पुलिस प्रशासन सरकार की आंख और कान के समान है। जिला प्रशासन के कार्याें से शासन की इमेज बनती है। उन्होंने कहा कि पुलिस के हाथ लोहे के और दिल मोम का होना चाहिये। अपराधियों और असामाजिक तत्वों में पुलिस का भय हो तथा समाज के कमजोर वर्गाें, महिलाओं, और बच्चों में सुरक्षा का भाव जगे। जिला और पुलिस प्रशासन के प्रमुखों में इन वर्गाें के प्रति गार्जियनशिप की भावना होनी चाहिए। जिले में कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक दोनों आपस में समन्वय स्थापित करते हुए संयुक्त रूप से दौरा करें। श्री साय ने कहा कि पुलिस विभाग की रीढ़ अनुशासन है। ऐसे में आवश्यक है कि आपराधिक गतिविधियों में लिप्त पुलिस के कर्मचारियों पर कठोर कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि महिलाओं से संबंधित गंभीर अपराधों में आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी हो और विशेष अभियोजक नियुक्त कर समयबध्द ट्रायल पूर्ण करवाकर दोष सिद्ध होने पर सजा दिलाना सुनिश्चित किया जाए। सैद्धांतिक रूप से इन प्रकरणों के आरोपियों को तीन माह की समय-सीमा में समस्त वैधानिक कार्यवाही पूर्ण कर न्यायालय द्वारा प्रकरण में सजा दिलाने के लिए कार्य योजना तैयार की जाए। अवैध शराब, सट्टा, मादक पदार्थ, जुआ के विरूद्ध जीरो टालरेंस के साथ काम किया जाए। ऐसी शिकायतें मिलने पर इसके लिये पुलिस अधीक्षक जिम्मेदार माने जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सायबर क्राईम को रोकने के लिए प्रभावी कार्यवाही की जाए। लोगों को जागरूक किया जाए। साथ ही यह भी आवश्यक है कि इन अपराधों पर नियंत्रण के लिये पुलिस सक्षम हो। राज्य सरकार द्वारा इसके लिए आवश्यक संसाधन और प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में मौतों को रोकने के लिए दुर्घटना जन्य स्थानों की पहचान की जाए। लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें। प्रतिबंधात्मक कार्यवाही विशेषकर जिला बदर के प्रकरणों में कलेक्टर समय-सीमा में आदेश प्रसारित करें। आदेश केवल कागज पर ही न रहें, उसका पालन सुनिश्चित हो। वाहनों को राजसात करने व चिटफण्ड के प्रकरणों में भी आवश्यक ध्यान देने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने नक्सल मोर्चे पर मिली सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि आप सभी की बहादुरी, कौशल और पैरा मिलेट्री फोर्सेस के साथ समन्वय से प्रदेश में नक्सलियों के पांव उखड़ रहे है। यह जरूरी है कि इन सुदूर इलाकों में विकास का उजाला भी पहुंचेे। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ‘‘नियाद नेल्लानार योजना‘‘ का प्रभावी कियान्वयन जरूरी है। नई सरकार के गठन के बाद माओवादी समस्या के समूल उन्मूलन के लिए ज्वाईन्ट एक्शन प्लान पर अमल किया जा रहा है, जिसका यह परिणाम है कि विगत् 09 माह में सुरक्षा बलों द्वारा 108 मुठभेड़ों में 159 माओवादियों के शव और बड़ी मात्रा हथियार विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। विगत 9 माह में 34 फारवर्ड सुरक्षा कैम्पों की स्थापना की गई है। जिससे माओवादी गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़ को 04 नवीन सीआरपीएफ बटालियनें आबंटित की गई है। सुदूर क्षेत्रों में विकास कार्याें के तहत 44 मार्ग और 10 पुलों का निर्माण किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पीड़ित एवं आत्म समर्पित माओवादियों के पुनर्वास के लिए व्यापक नीति जल्द लाई जाएगी। माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में आमजनों का विश्वास अर्जित करने और माओवादियों के उन्मूलन के लिए आक्रामक कार्यवाही की रणनीति जारी रहेगी। जनता और शासन प्रशासन के बीच निरंतर संवाद जनता के बीच विश्वास पैदा करता है। नियमित पुलिसिंग, लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण, पुलिस की पारदर्शी कार्य प्रणाली सुशासन की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जन सेवा हम सबका उद्देश्य है। छत्तीसगढ़ में खुशहाली हो, शांति और सुरक्षा हो, इसकी जिम्मेदारी हम सब पर है। कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज कुमार पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा, मुख्यमंत्री के सचिव सर्वश्री राहुल भगत, श्री पी. दयानंद, श्री बसव राजु एस., सभी संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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सरायपाली की पंजीयक पुष्पलता बेग को रिश्वत लेते हुए ACB के अधिकारियों ने किया गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के सरायपाली की पंजीयक पुष्पलता बेग को रिश्वत लेते हुए ACB के अधिकारियों ने किया गिरफ्तार

भ्रष्टाचार पर ACB की सख्त नजर

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सरायपाली में एक बड़ी घटना सामने आई है, जहां पंजीयक पुष्पलता बेग को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के अधिकारियों ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ ACB द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।

घटना का विवरण:

रिपोर्ट्स के अनुसार, पुष्पलता बेग पर आरोप था कि वह सरायपाली में भूमि पंजीकरण संबंधी कार्यों के लिए रिश्वत की मांग कर रही थीं। शिकायतकर्ता ने ACB को इसकी सूचना दी, जिसके बाद ACB अधिकारियों ने जाल बिछाकर पंजीयक को रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए पकड़ा। पुष्पलता बेग एक निश्चित राशि की रिश्वत मांग रही थीं, जिसे ACB अधिकारियों ने पहले से तय योजना के तहत प्रमाणित किया और पुष्पलता को गिरफ्तार कर लिया।

ACB की कार्रवाई:

ACB की टीम ने योजना के अनुसार शिकायतकर्ता को रिश्वत की राशि देने के लिए भेजा। जैसे ही पुष्पलता बेग ने रिश्वत ली, वैसे ही ACB की टीम ने उन्हें मौके पर गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

NOTE 

आवेदक ने अग्रिम जमानत के लिए यह आवेदन प्रस्तुत किया है, क्योंकि उसे पुलिस स्टेशन एंटी करप्शन ब्यूरो, रायपुर सी.जी. में धारा 13(1) बी और 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत दंडनीय अपराधों के लिए पंजीकृत अपराध संख्या 04/2018 के संबंध में अपनी गिरफ्तारी की आशंका है।

पुष्पलता बेग का पद और कद:

पुष्पलता बेग सरायपाली में पंजीयक के पद पर तैनात थीं, और उनका काम भूमि संबंधित पंजीकरण कार्यों को निपटाना था। यह भी बताया जा रहा है कि उनके खिलाफ पहले भी भ्रष्टाचार की शिकायतें मिली थीं, लेकिन यह पहली बार है जब उन्हें रंगे हाथों पकड़ा गया है।

आगे की कार्रवाई:

ACB अब इस मामले में विस्तृत जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पुष्पलता बेग के खिलाफ और भी कई आरोप हो सकते हैं, जिन्हें जांच के दौरान सामने लाया जाएगा। ACB यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उनके साथ कोई अन्य सरकारी कर्मचारी इस भ्रष्टाचार में शामिल तो नहीं था।

भ्रष्टाचार पर ACB की सख्त नजर:

छत्तीसगढ़ में ACB लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। पिछले कुछ महीनों में कई सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। ACB का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, और किसी भी सरकारी अधिकारी को कानून का उल्लंघन करने पर बख्शा नहीं जाएगा।

यह घटना भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश है और यह दर्शाती है कि सरकार और ACB भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है।

 

 MCRCA No. 1052 of 2019 &
                                                    MCRCA No. 1155 of 2019


                                                                  NAFR

      HIGH COURT OF CHHATTISGARH, BILASPUR

                   MCRCA No. 1052 of 2019

 Smt. Lily Pushplata Beck W/o Late Shri I. Beck Aged About 46
  Years Posted As Sub-Registrar, Office Of District Registrar, Durg,
  Presently Posted As Sub-Registrar Office Of District Registrar
  Rajnandgaon, District Rajnandgaon, R/o Vijeta Complex, New
  Rajendra Nagar, Raipur, District Raipur Chhattisgarh.

                                                          ---- Applicant

                             Versus

 State Of Chhattisgarh Through Anti Curruption Bureau Raipur
  Chhattisgarh.

                                              ---- Respondent

Applicant in MCrCA No.1052/2019 - Smt. Lily Pushplata Beck was working as the Sub-Registrar whereas applicants in MCrCA No.1155/2019 - Devendra Sonwane and Himanshu Yadav are the purchasers of the subject property which was allegedly purchased by them by paying deficit stamp duty. It is alleged that the applicants have caused financial loss to the State Government to the tune of ₹ 6,78,500/- and thus committed offence under the provisions of the Prevention of Corruption Act, 1988.

उल्लेखनीय है कि 2012-13 में राजिम में नियुक्ति के समय भी उप पंजीयक रहते हुए श्रीमती पुष्प लता बैक पर रिश्वत लेने का स्टिंग प्रमाण होने पर सस्पेंड किया जा चुका है |
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रिश्वत लेते सरायपाली उप पंजीयक लिली बेग गिरफ्तार

सरायपाली में आज ACB की टीम ने उपपंजीयक कार्यालय में छापा मारा जहां उपपंजीयक लीली पुष्पलता बेग को 26 हजार रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया जिसके बाद ACB की टीम ने महिला उपपंजीयक को गिरफ्तार कर अपने साथ पूछताछ के लिए लेकर रवाना हुई ज्ञात हो कि लंबे समय से उक्त अधिकारी के खिलाफ घुसखोरी की लगातारशिकायतें मिल रही थी जिसके खिलाफ कुछ राजनीति पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा ऑफिस के बाहर आंदोलन भी किए गए थे | आपको बता दें कि सरयपाली क्षेत्र के बड़े पंधी निवासी आवेदक भूपेंद्र पटेल को उपपंजीयक द्वारा कुछ दिन पूर्व जमीन रजिस्ट्री के एवज में 26 हजार रूपए की घूस मांगी गई थी जिसके बाद आवेदक ने ACB मुख्यालय में जाकर उक्त मामले की शिकायत की थी जिसके बाद आज घुशखोरी की सूचना के बाद ACB की टीम घेराबंदी कर उपपंजीयक कार्यालय में दबिश दी जिसके बाद उपपंजीयक लीली पुष्पलता बेग को पैसा लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया और पूछताछ के लिए अपने साथ लेकर रवाना हुई |
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कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी 6 सितंबर को नहीं हुई प्रदर्शित

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट एवं मुंबई हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक फिल्म सेंसर बोर्ड ने कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी को प्रदर्शन का सर्टिफिकेट जारी नहीं किया | उल्लेखनीय है कि फिल्म में सिखों की भावनाओं को भड़काने, हिंदू और सिखों के बीच आपसी वैमनस्य बढ़ाने और सिख समाज को आतंकवादी, अलगाववादी बताने के विरोध में देश में सिख समाज ने इस फिल्म के खिलाफ विरोध प्रकट करते हुए प्रदर्शन किया था साथ ही न्यायालयों में याचिका दायर कर इमरजेंसी फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए जबलपुर हाईकोर्ट एवं मुंबई हाई कोर्ट ने फिल्म सेंसर बोर्ड से इस बारे में जानकारी मांगी थी, फिल्म सेंसर बोर्ड द्वारा माननीय न्यायालय को सूचित किया गया था कि उनके द्वारा अभी तक कंगना रनौत निर्मित फिल्म इमरजेंसी को प्रदर्शन का सर्टिफिकेट जारी नहीं किया है जिस पर जबलपुर एवं मुंबई हाई कोर्ट के माननीय न्यायाधीशों ने सेंसर बोर्ड को आदेशित किया था की फिल्म का सर्टिफिकेट जारी करने से पहले सिख समाज के प्रतिनिधिमंडल से राय लिए बिना इस फिल्म के प्रदर्शन का सर्टिफिकेट जारी न करें | उल्लेखनीय है कि फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा निर्मित फिल्म इमरजेंसी में सिख समाज के बारे में दी गई गलत जानकारी, घटनाओं, सिख समाज को आतंकवादी बताना और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के सीन के साथ-साथ फिल्म अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत के बयानों पर आपत्ति करते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सहित देश के अनेक राज्यों की सिख संस्थाओं ने अपना विरोध प्रकट करते हुए सेंसर बोर्ड को पत्र लिखकर फिल्म इमरजेंसी की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी | cg24news.in
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कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी 6 सितंबर को नहीं होगी रिलीज : जबलपुर हाई कोर्ट का फैसला

 कंगना की फिल्म इमरजेंसी पर जबलपुर हाईकोर्ट की रोक

 
6 सितंबर को रिलीज नहीं होगी, जज बोले हम ट्रेलर रोकने के लिए भी तैयार
 
 
जबलपुर : न्यायालय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक्ट्रेस और भाजपा सांसद कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी 6 सितंबर को थिएटर में रिलीज नहीं होगी। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सेंसर बोर्ड को आदेश दिया है कि फिल्म के सर्टिफिकेट जारी करने से पहले अगर सिख समुदाय के प्रतिनिधि फिल्म पर अपनी राय देना चाहते हैं, तो उनकी बात सुनी जाए। इसके साथ ही याचिकाकर्ता ने फिल्म के ट्रेलर पर रोक लगाने की मांग की है। जिस पर हाईकोर्ट ने कहा कि आप एक नया आवेदन दें। हम
 
फिल्म इमरजेंसी का ट्रेलर रोकने के लिए तैयार हैं। ऐसे में अगर ट्रेलर पर रोक लगती है, तो सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से इमरजेंसी का ट्रेलर हटाया जाएगा। 
फिल्म को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जबलपुर सिख संगत और श्री गुरु सिंह सभा इंदौर की तरफ से याचिका दायर कर
फिल्म पर बैन लगाने की मांग की गई थी, जिस पर सोमवार और फिर मंगलवार को सुनवाई हुई।
 
सेंसर बोर्ड ने कहा-अभी सर्टिफिकेट जारी नहीं हुआ मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की
डिवीजन बेंच ने लंच के बाद सुनवाई की।
 
हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर सेंसर बोर्ड की तरफ से डिप्टी सॉलिसिटर जनरल ने जवाब पेश किया। उन्होंने बताया कि फिल्म को अभी सिर्फ ऑनलाइन सर्टिफिकेट सीरियल नंबर जारी हुआ है। सेंसर बोर्ड ने हाईकोर्ट को यह भी बताया कि इमरजेंसी फिल्म को अभी सर्टिफिकेट जारी नहीं हुआ है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सेंसर बोर्ड को यह भी निर्देश दिए हैं कि याचिकाकर्ता के आवेदन पर कार्रवाई करें। 
 
लिहाजा मंगलवार को जबलपुर सिख संगत और श्री गुरु सिंह सभा इंदौर की जनहित याचिका का हाईकोर्ट ने निराकरण कर दिया है। हालांकि हाईकोर्ट का पूरा फैसला आना अभी बाकी है।
 
याचिकाकर्ता ने कहा ट्रेलर भी रोका जाना चाहिए- याचिकाकर्ता ने
 
सुनवाई के दौरान कहा कि फिल्म के सर्टिफिकेशन में शिरोमणि गुरुद्वारा कमेटी के एक सदस्य को भी शामिल किया जाए। उनके देखने के बाद ही फिल्म को सर्टिफिकेट दिया जाए। फिल्म का ट्रेलर भी आपत्तिजनक है, उसे भी रोका जाना चाहिए। इस मामले में चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ता नए सिरे से ट्रेलर रोकने के लिए आवेदन लगा सकते हैं, जिस पर सेंसर बोर्ड कार्रवाई करेगा। याचिकाकर्ता के वकील एनएस रूपराह ने बताया कि जी टेलीफिल्म की और से स्टेटमेंट दिया गया था कि फिल्म का सर्टिफिकेट मिल चुका है। जबकि केंद्र सरकार और फिल्म सेंसर बोर्ड का कहना था कि हमने कोई प्रमाण पत्र नहीं दिया है। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया है कि अभी तक फिल्म इमरजेंसी को सर्टिफिकेट नहीं मिला है। अब 6 सितंबर को यह फिल्म रिलीज नहीं होगी। उन्होंने बताया कि जब सरकार ने यह कह दिया है कि फिल्म को सर्टिफिकेट नहीं दिया गया, तो फिर रिलीज का सवाल ही नहीं उठता। 
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कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी : सिख समाज की छत्तीसगढ़ के सिनेमा हॉल, थिएटर संचालकों को चेतावनी

कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी

 सिख समाज की छत्तीसगढ़ के सिनेमा हॉल थिएटर संचालकों को चेतावनी 

 
 *कंगना रनौत एवं उनकी फिल्म एमरजेंसी के विरोध में छत्तीसगढ़ में सिख समाज ने कड़ा रुख अख्तियार किया है रविवार को हुई सिक्ख समाज की बैठक जिसमे सभी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के प्रधान सहित सिक्ख संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे उनकी सहमति के बाद आज सिख मिशन छत्तीसगढ़ के प्रमुख गुरमीत सिंह सैनी ने प्रदेश के सभी सिनेमा हॉल थिएटर मॉल में चल रहे आईनॉक्स के संचालकों को पत्र लिखकर अपील की है कि सिख धर्म विरोधी और सिख समाज विरोधी फिल्म इमरजेंसी को अपने  सिनेमा हॉल, थिएटर, मॉल के आइनॉक्स मैं प्रदर्शित ना करें |
सिख मिशन छत्तीसगढ़ द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि प्रदेश के किसी भी सिनेमा हॉल थिएटर आईनॉक्स मॉल के सिनेमा हॉल में यदि कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी को प्रदर्शित किया तो समाज के उग्र आंदोलन का सामना होने करना पड़ेगा साथ ही उन पर विभिन्न धाराओं के तहत जुर्म दर्ज करवाने की कार्यवाही भी समाज करेगा |
 
 
फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा निर्मित फिल्म इमरजेंसी में सिख समाज के बारे में दी गई गलत जानकारियों, घटनाओं, सिख समाज को आतंकवादी बताया जाना और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के सीन के साथ-साथ फिल्म अभिनेत्री एवम सांसद कंगना रनौत के बयानों पर आपत्ति करते हुए छत्तीसगढ़ सिख समाज आंदोलन करने पूरी तरह तैयार है | इस संबंध में सिख समाज द्वारा राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर समाज की भावनाओं और अपनी बातों से अवगत कराने, ज्ञापन सौंपने अतिशीघ्र मिलने का समय मांगा है |
 
उल्लेखनीय है कि कंगना रनौत के बयानों और उसकी फिल्म में सिख समाज के बारे में दिखाए जाने वाली घटनाओं से नाराज पूरे देश में सिख समाज द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है |
सिखों की सबसे बड़ी संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा भी इस बाबत फिल्म सेंसर बोर्ड को पत्र लिखा गया है साथ ही कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है |
 
 
 

 

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*कंगना रनौत के खिलाफ छत्तीसगढ़ में सिख समाज हो रहा लामबंद*

 *कंगना रनौत के खिलाफ छत्तीसगढ़ में सिख समाज हो रहा लामबंद*

 
फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा निर्मित फिल्म इमरजेंसी में सिख समाज के बारे में दी गई गलत जानकारियों, घटनाओं, सिख समाज को आतंकवादी बताया जाना और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के सीन के साथ-साथ फिल्म अभिनेत्री एवम सांसद कंगना रनौत के बयानों पर आपत्ति करते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सहित देश के अनेक राज्यों की सिक्ख संस्थाओं ने अपना विरोध प्रकट करते हुए सेंसर बोर्ड को पत्र लिखकर इमरजेंसी फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है |
 
छत्तीसगढ़ में भी फिल्म अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत के बयानों एवं उनके द्वारा निर्मित फिल्म इमरजेंसी को लेकर सिख समाज में रोज व्याप्त है फिल्म इमरजेंसी  का विरोध करते हुए फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने सिक्ख समाज द्वारा एक बैठक का आयोजन किया गया है जिसमें सभी गुरुद्वारों के प्रमुख सहित समाज के प्रमुख व्यक्तियों से विचार विमर्श कर विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा तय की जाएगी |
 
छत्तीसगढ़ सिख मिशन के प्रमुख सरदार गुरमीत सिंह सैनी ने बताया कि सिक्ख समाज हिंदू धर्म की रक्षा के लिए हमेशा से आगे रहा है सिख समाज जरूरतमंद के लिए सेवा करने, सहायता करने हमेशा तत्पर रहता है | कंगना रनौत द्वारा फिल्म इमरजेंसी में सिक्ख समाज को आतंकवादी  दिखाकर समाज को पूरी दुनिया में नीचा दिखाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा | छत्तीसगढ़ के सिख समाज की गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के प्रमुख एवं समाज के वरिष्ठ नागरिकों को एक बैठक रखी गई है जिसमें सभी के विचार और सुझाव के अनुसार कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी पर बैन लगाने और उसके प्रदर्शन पर रोक लगाने के साथ-साथ कंगना रनौत का विरोध करने की रूपरेखा तैयार की जाएगी |
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फिल्‍म इमरजेंसी सेंसर बोर्ड में अटकी

अटकने पर बोलीं कंगना रनौत - सेंसर बोर्ड वालों को भी मिल रही धमकियां

कंगना रनौत  की फिल्‍म इमरजेंसी सेंसर बोर्ड में अटकी .  कंगना रनौत ने कहा है कि हमारी को पहले मंजूरी दे दी गई थी, लेकिन कई धमकियों के कारण सर्टिफिकेशन रोक दिया गया है. 

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