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25 वें टीसीएस रूरल आईटी क्विज़ विजेता बना छत्तीसगढ़
संयुक्त संचालक मत्स्य विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर देव कुमार सिंह एसीबी की गिरफ्त में
मन्नू मानिकपुरी की रिपोर्ट / बिलासपुर :- मत्स्य विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर देव कुमार सिंह एक लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों की रफ्तार एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्यवाही मत्स्य विभाग के ज्वॉइंट डायरेक्टर देव कुमार सिंह को रिश्वत लेते पकड़ा गया राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मत्स्य विभाग के ज्वॉइंट डायरेक्टर देव कुमार सिंह को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर की। क्या है मामला? नरेंद्र श्रीवास उपयंत्री मछली पालन विभाग जांजगीर चांपा के विभागीय जांच को दबाने देव कुमार सिंह ने रिश्वत की मांग की थी | एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत मिली थी कि ज्वॉइंट डायरेक्टर देव कुमार सिंह ने मछली पालन लाइसेंस प्रक्रिया में मदद के लिए रिश्वत की मांग की है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि काम में अड़चन डालकर 2 लाख रुपये की घूस मांगी गई थी। इसके बाद एसीबी ने योजना बनाकर इस भ्रष्टाचार के खेल का पर्दाफाश किया। रंगे हाथों पकड़े गए गुप्त सूचना के आधार पर एसीबी की टीम ने जाल बिछाया और शिकायतकर्ता को नकद राशि के साथ भेजा। जैसे ही देव कुमार सिंह ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। मौके से रिश्वत की राशि बरामद कर ली गई है। कार्रवाई जारी एसीबी ने देव कुमार सिंह को गिरफ्तार कर उनके कार्यालय और आवास पर छापेमारी की है। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये की संपत्ति और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। इन दस्तावेजों से अन्य अधिकारियों के भी इस भ्रष्टाचार में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। *आरोप और कानूनी प्रक्रिया* देव कुमार सिंह पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां से रिमांड की मांग की जाएगी। प्रतिक्रिया घटना के बाद मत्स्य विभाग के अन्य अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। विभागीय मंत्री ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है, और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। यह घटना भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासनिक सख्ती और जनता के सहयोग से ऐसे मामलों को उजागर करने की आवश्यकता को उजागर करती है।
एक ओंकार अर्थात् परमात्मा एक है - इंसानियत से बढ़कर कोई धर्म नहीं है - श्री गुरु नानक देव जी की जयंती के 555 वर्ष पूरे होने पर पर विषेश लेख
देश के वर्तमान हालातो पर श्री गुरु नानक देव जी के उपदेश और संदेश पर हर किसी को गौर करना चाहिए
सतगुरु नानक परगटिया, मिट्टी धुन्ध जग चानन होआ |ज्यों कर सूरज निकलया, तारे छपे अंधेर पलोआ ||एक ओंकार अर्थात् परमात्मा एक है - इंसानियत से बढ़कर कोई धर्म नहीं है
श्री गुरु नानक देव जी ने जात-पात उच्च नीच धर्म और वर्ग के भेदभाव को मिटाने की बात की थी
कीरत करो, वण्ड छको, नाम जपो अर्थात काम करो, मिल बाटकर खाओ और भगवान का नाम लो का मंत्र दिया
श्री गुरु नानक देव जी ने संपूर्ण मानवता को प्रेम, सेवा, समानता और एकता का संदेश दिया
उनके विचार का मूल तत्व "एक ओंकार" जिसका अर्थ है "परमात्मा एक है।" उन्होंने जात-पात, ऊँच-नीच, धर्म, और वर्ग के भेदभाव को मिटाने पर ज़ोर दिया।
श्री गुरु नानक देव जी (1469–1539) सिख धर्म के संस्थापक और पहले गुरु थे, जिन्होंने अपनी शिक्षा और विचारों के माध्यम से संपूर्ण मानवता को प्रेम, सेवा, समानता और एकता का संदेश दिया। उनकी शिक्षाएँ और जीवन दर्शन न केवल सिख धर्म के अनुयायियों बल्कि दुनिया के सभी लोगों के लिए एक प्रेरणा बने हुए हैं। गुरु नानक जी ने अपने समय की सामाजिक और धार्मिक विषमताओं को मिटाने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए, जिनका प्रभाव आज भी विश्व के कोने-कोने में महसूस किया जाता है।
प्रारंभिक जीवन
श्री गुरु नानक देव जी का जन्म 15 अप्रैल, 1469 को रावी नदी के तट पर स्थित तलवंडी नामक स्थान पर हुआ था, जो अब पाकिस्तान के ननकाना साहिब में है। उनके पिता का नाम मेहता कालू जी और माता का नाम तृप्ता जी था। गुरु नानक जी का बचपन से ही आध्यात्मिकता की ओर झुकाव था और वे साधारण जीवन में भी असाधारण ज्ञान और विवेक के धनी थे। बचपन में ही उन्होंने समाज में फैली असमानता, धार्मिक कट्टरता, अंधविश्वासों के प्रति अपनी असहमति व्यक्त करना शुरू कर दिया था।
श्री गुरु नानक जी का प्रमुख उद्देश्य
श्री गुरु नानक देव जी का प्रमुख उद्देश्य मनुष्य को मनुष्यता के मार्ग पर चलाना था। उनके अनुसार ईश्वर एक है और सभी प्राणी उसके ही अंश हैं। उनके विचार का मूल तत्व "एक ओंकार" में समाहित है, जिसका अर्थ है "परमात्मा एक है।" उन्होंने जात-पात, ऊँच-नीच, धर्म, और वर्ग के भेदभाव को मिटाने पर ज़ोर दिया। गुरु नानक जी का मानना था कि ईश्वर के सच्चे उपासक वही हैं जो परोपकार, प्रेम, करुणा और सेवा में विश्वास रखते हैं।
मानवता के प्रति योगदान
श्री गुरु नानक देव जी ने समाज में सुधार लाने के लिए कई यात्राएँ कीं, जिन्हें "उदासियाँ" कहा जाता है। इन उदासियों के माध्यम से उन्होंने भारत, अफगानिस्तान, अरब, तिब्बत और श्रीलंका जैसे विभिन्न देशों में जाकर अपने विचारों का प्रचार किया। उन्होंने लोगों को सत्य, धर्म, और करुणा के मार्ग पर चलने की शिक्षा दी। उनके कार्यों ने समाज में गहरे बदलाव लाए और लोगों में आत्म-सुधार और एकता की भावना जागृत की।
1. लंगर प्रथा : श्रीगुरु नानक जी ने "लंगर" की परंपरा शुरू की, जिसका उद्देश्य था सभी को समानता और एकता के भाव में जोड़ना। इसमें बिना किसी भेदभाव के सभी लोगों को भोजन कराया जाता था, जो आज भी सभी गुरुद्वारों में चल रहा है।
2. समानता और भेदभाव के विरोधी: गुरु नानक देव जी ने अपनी शिक्षाओं से महिलाओं के प्रति सम्मान का प्रचार किया और जात-पात के भेदभाव का कड़ा विरोध किया। वे कहते थे कि ईश्वर के सामने सभी एक समान हैं, चाहे वे किसी भी जाति या धर्म के हों।
3. सत्य का मार्ग: गुरु नानक जी ने ईश्वर के प्रति प्रेम और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। वे बाहरी आडंबरों के बजाय अंतःकरण की शुद्धता पर विश्वास करते थे। उनके उपदेशों में हमेशा सत्य को ही सर्वोपरि माना गया।
देश-दुनिया में योगदान और उनके अनुयायियों की भावनाएँ
श्री गुरु नानक देव जी की शिक्षाएँ और उनके सिद्धांत सिख धर्म के मूल स्तंभ बन गए। उन्होंने "नाम जपो, किरत करो, वंड छको" का मंत्र दिया, जो आज भी सिख धर्म के अनुयायी मानते हैं। उनके विचारों ने न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में धर्म और मानवता के प्रति एक नई दिशा प्रदान की। गुरु नानक जी के अनुयायियों के लिए उनका जीवन एक प्रेरणा है, और वे उनकी शिक्षाओं का पालन करके सेवा और सद्भाव के मार्ग पर चलने का प्रयास करते हैं।
प्रकाश पर्व
श्री गुरु नानक देव जी के जन्म दिवस को "गुरु नानक जयंती" के रूप में मनाया जाता है, जिसे "प्रकाश पर्व" भी कहा जाता है। यह सिख धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे पूरे विश्व में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इस दिन गुरुद्वारों में विशेष रूप से "अखंड पाठ" किया जाता है और गुरु का "लंगर" आयोजित होता है। इसके अलावा, प्रभात फेरियाँ निकाली जाती हैं और "शबद कीर्तन" किया जाता है, जिसमें श्री गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं का गायन होता है।
प्रकाश पर्व के दिन, सिख समुदाय के लोग विशेष सजावट करते हैं और दीयों से गुरुद्वारों और अपने घरों को सजाते हैं। यह त्योहार न केवल धार्मिक आयोजन है बल्कि एक सांस्कृतिक उत्सव भी है, जो सभी लोगों को एकता, प्रेम और मानवता के मूल्यों का स्मरण कराता है।
निष्कर्ष
श्री गुरु नानक देव जी का जीवन और उनके उपदेश हमें सिखाते हैं कि इंसानियत से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। उनकी शिक्षाएँ हमें अपने भीतर प्रेम, शांति, और सेवा के भाव को विकसित करने के लिए प्रेरित करती हैं। श्री गुरु नानक देव जी के योगदान और उनके विचारों की प्रासंगिकता आज भी उतनी ही है जितनी उनके समय में थी। उन्होंने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि एक सच्चा गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देता, बल्कि अपनी शिक्षाओं को अपने आचरण में जीता भी है। उनके द्वारा शुरू की गई लंगर परंपरा, जात-पात और ऊँच-नीच का भेदभाव मिटाने का प्रयास, और विश्व भर में उनके अनुयायियों की निस्वार्थ सेवा का भाव यह दर्शाते हैं कि श्री गुरु नानक देव जी का संदेश आज भी मानवता को एक नई दिशा प्रदान कर रहा है।
सिक्ख समाज मनाएगा श्री गुरु नानक देव जी की 555वीं जयंती का उत्सव
श्री गुरु नानक देव जी की जयंती पर विषेश लेख
एक ओंकार अर्थात् परमात्मा एक है - इंसानियत से बढ़कर कोई धर्म नहीं है
श्री गुरु नानक देव जी ने जात-पात उच्च नीच धर्म और वर्ग के भेदभाव को मिटाने की बात की थी
कीरत करो, वण्ड छको, नाम जपो अर्थात काम करो, मिल बाटकर खाओ और भगवान का नाम लो का मंत्र दिया
श्री गुरु नानक जयंती सिख समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इसे "गुरुपर्व" या "प्रकाश पर्व" भी कहा जाता है। यह पर्व सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी के जन्मदिवस का प्रतीक है। गुरु नानक देव जी सिख समुदाय के पहले गुरु है। यह पर्व अकसर अक्टूबर या नवंबर माह में आता है, और इस दिन को सिख समाज के लोग बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं। इस दिन गुरुद्वारों में विशेष समारोह आयोजित किए जाते हैं। यह पर्व कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है
गुरु नानक जयंती तिथि 2024
इस वर्ष गुरु नानक जयंती 15 नवंबर को मनाई जाएगी, क्योंकि इसी दिन कार्तिक पूर्णिमा पड़ रही है। इस साल गुरु नानक देव जी की 555वीं जयंती का उत्सव मनाया जाएगा।
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धर्मान्तरित लोगों की घरवापसी ही अखंड भारत का मार्ग है , बहुत जल्द धर्मान्तरण पर कड़े कानून बनेंगे- प्रबल प्रताप
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श्री गुरु नानक देव जी की जयंती पर विशाल नगर कीर्तन - शोभायात्रा
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने छत्तीसगढ़ की सड़कों के लिए दी 20 हजार करोड़ की सौगात
भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) सड़क एवं सेतु निर्माण से संबंधित मानक एवं गाइडलाइन्स निर्धारित करने वाली देश की सर्वोच्च संस्था - अरुण साव
केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी 8 नवम्बर से रायपुर में आयोजित भारतीय सड़क कांग्रेस के 83वें वार्षिक अधिवेशन का शुभारंभ करेंगे। रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर में 8 नवम्बर से 11 नवम्बर तक इसका आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव भी 8 नवम्बर को शाम साढ़े चार बजे आयोजित अधिवेशन के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होंगे। चार दिनों तक चलने वाले भारतीय सड़क कांग्रेस के अधिवेशन में सड़क निर्माण और सड़क सुरक्षा से जुड़े देशभर के दो हजार से अधिक विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, अभियंता और अधिकारी शामिल होंगे। अधिवेशन के शुभारंभ कार्यक्रम में सड़क निर्माण तकनीक और सामग्री से संबंधित तीन गाइडलाइन्स और एक मैनुअल भी जारी किए जाएंगे।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज शाम साइंस कॉलेज परिसर में भारतीय सड़क कांग्रेस के 83वें वार्षिक अधिवेशन के तहत आयोजित तकनीकी प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदर्शनी का भ्रमण कर सड़क निर्माण, सड़क सुरक्षा, निर्माण सामग्री और सड़कों के रखरखाव से जुड़ी मशीनरी व उपकरणों की निर्माता तथा आपूर्तिकर्ता कंपनियों के प्रतिनिधियों से इनकी जानकारी ली। विभिन्न कंपनियों द्वारा यहां लगाए गए स्टॉल्स मंर सड़क निर्माण से संबंधित तकनीकी मटेरियल्स, डिजाइन, टेक्नोलॉजी इत्यादि का प्रदर्शन आगामी चार दिनों तक किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने आज आयोजन स्थल पर प्रेस-कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया कि भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) सड़क एवं सेतु निर्माण से संबंधित मानक एवं गाइडलाइन्स निर्धारित करने वाली देश की सर्वोच्च संस्था है। आईआरसी में भारत सरकार, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, एन.एच.ए.आई.डी.सी.एल., बी.आर.ओ., मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेस, एन.आर. आई.डी.ए., ग्रामीण विकास मंत्रालय, शहरी विकास मंत्रालय, सभी राज्यों के लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण सड़क निर्माण विभाग, पब्लिक सेक्टर, प्राइवेट सेक्टर, रिसर्च आर्गेनाइजेशन्स के इंजीनियर्स की सोसायटी आदि शामिल हैं।
श्री साव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में बताया कि आईआरसी का मुख्य उद्देश्य सड़क निर्माण, सेतु निर्माण एवं यातायात से संबंधित मानकों का निर्धारण करना तथा निर्माण संबंधी गाइडलाइन्स एवं मैन्युअल तैयार करना, समय-समय पर उनका पुनरीक्षण करना, देश-विदेश में आ रही सड़क निर्माण की नई तकनीकों एवं सामग्रियों का अध्ययन कर देश में लागू करने के लिए मानक तैयार करना है। आईआरसी द्वारा जारी किए गए मानकों एवं गाइडलाइन्स के अनुसार ही भारत सरकार एवं अन्य सड़क निर्माण विभाग सड़क निर्माण करते हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद पहली बार यहां आईआरसी का वार्षिक अधिवेशन हो रहा है जो कि प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री के.के. पीपरी और भारतीय सड़क कांग्रेस के महासचिव श्री एस.के. निर्मल ने भी प्रेस-कॉन्फ्रेंस में अधिवेशन के बारे में जानकारी दी। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह भी इस दौरान मौजूद थे।
आईआरसी के चार दिवसीय अधिवेशन के दौरान विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, अभियंताओं और अधिकारियों के बीच विभिन्न बैठकों, परिचर्चाओं, तकनीकी सत्रों और दस्तावेजों पर चर्चा होगी। इस दौरान आयोजित हाइवे रिसर्च बोर्ड की बैठक में भारत सरकार, राज्य सरकार, रिसर्च इंस्टीट्यूट एवं शैक्षणिक संस्थानों, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों एवं प्राइवेट सेक्टर के प्रतिनिधि सड़क निर्माण से संबंधित अनुसंधान एवं विकास के संबंध में रोड मैप तैयार करेंगे। अधिवेशन के चारों दिन अलग-अलग तकनीकी सत्रों में विभिन्न संस्थानों, शासकीय विभागों और निजी क्षेत्र से आए इंजीनियर्स अपना प्रस्तुतीकरण देंगे। अधिवेशन के दौरान आईआरसी की बिजनेस मीटिंग और काउंसिल मीटिंग भी आयोजित है। 8, 9 एवं 10 नवम्बर को शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। अधिवेशन में शामिल होने आए देशभर के प्रतिनधियों को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक वैभव, पुरातत्व, पर्यटन, पौराणिक और धार्मिक महत्व से जुड़े स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा |
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को सिक्ख समाज जीवित गुरु मानता है
छत्तीसगढ़ में अपराध की स्थिति
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (CRIYN) रायपुर का किया वर्चुअली शिलान्यास
10 एकड़ क्षेत्र में 24 माह में तैयार होगा 100 बिस्तरों का केंद्रीय योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान
CRIYN से प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार की तरफ अग्रसर होंगे छत्तीसगढ़ के युवा: स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल
रायपुर, 29 अक्टूबर 2024




देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर वर्चुअल माध्यम से रायपुर में बनने वाले 100 बिस्तरों वाले केंद्रीय योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (CRIYN) का शिलान्यास किया।प्रधानमंत्री श्री मोदी अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से रायपुर से जुड़े थे। श्री मोदी ने कहा कि देश के लोग जितना ज्यादा स्वस्थ रहेंगे, देश की प्रगति उतनी ही तेजी से होगी। पूरी दुनिया के लोग योग और पंचकर्म के लिए भारत आते हैं और आने वाले समय में इनकी संख्या और बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में संवेदनशीलता के साथ काम रही है।
केंद्रीय योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान रायपुर को केन्द्रीय योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद् (सीसीआरवायएन) के तहत स्थापित किया जा रहा है। 90 करोड़ रूपए की लागत से इस संस्थान का निर्माण 24 माह में पूरा होगा। राज्य सरकार ने इस संस्थान के लिए 10 एकड़ की भूमि विभाग को उपलब्ध करा दी है। यह छत्तीसगढ़ का पहला योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान केंद्र और अस्पताल होगा जो गैर संचारी रोगों जैसे मोटापा, प्रीडायबिटीज, मेटाबोलिक सिंड्रोम, व गठिया आदि के उपचार की सुविधा प्रदान करेगा।
अनुसंधान केन्द्र में बाह्य रोगी और प्रशासनिक ब्लॉक, आंतरिक रोगी ब्लॉक, स्टाफ क्वार्टर, योग हॉल, आहार केन्द्र, मालिश और फिजियोथेरेपी अनुभाग के साथ ही अनुसंधान ब्लॉक भी स्थापित होंगे। यह केन्द्र स्पा और वेलनेस थेरेपी में प्रशिक्षण प्रमाणन पाठ्यक्रम और अनुसंधान में फेलोशिप पाठ्यक्रम संचालित करेगा।
केंद्र में वेलनेस थिरेपी में प्रशिक्षण प्रमाणन पाठ्यक्रम और अनुसंधान में फेलोशिप पाठ्यक्रम का भी संचालन होगा। इस संस्थान के शुरू होने से योग और प्राकृतिक चिकित्सा के प्रभावों के बारे में नए ज्ञान का विकास होगा।
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत देश अपनी पुरानी पद्धतियों को संजोकर लगातार आगे बढ़ रहा है। श्री जायसवाल ने कहा कि आज धनतेरस के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को केंद्रीय योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के रूप में जो उपहार दिया है उसे हम और हमारी आने वाली पीढ़ियां भी याद करती रहेंगी। उन्होंने कहा कि इस अनुसंधान केंद्र के स्थापित हो जाने के बाद राज्य के युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। युवा यहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर सक्षम बनेंगे और स्वरोजगार को बढ़ावा देंगे। उन्होंने कहा कि भारत देश योग और आयुर्वेद में सदैव अग्रणी रहा है और इस तरह के अनुसंधान केंद्रों के खुलने से इस परंपरा को और बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ के चतुर्मुखी विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं। राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार ,मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल है।
रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक श्री खुशवंत साहेब, विधायक श्री मोती लाल साहू, आयुष विभाग के अधिकारी एवं आयुर्वेद कॉलेज के विद्यार्थी उपस्थित थे।
कांग्रेस के खिलाफ थाने पहुंची भाजपा : चुनाव आयोग से भी करेंगे शिकायत
दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने एनआईटी रायपुर ने 1044 बी.टेक और बी.आर्क छात्रों, 225 एमसीए और एम.टेक छात्रों, और 170 पीएचडी छात्रों को डिग्रियाँ प्रदान कीं
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के 14 वें दीक्षांत समारोह में पहुंची
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम पहुंची
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के 14वें दीक्षांत समारोह में की शिरकत
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री श्री तोखन साहू भी दीक्षांत समारोह में मौजूद
रायपुर, 25 अक्टूबर 2024






राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम पहुंची
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के 14वें दीक्षांत समारोह में की शिरकत
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री श्री तोखन साहू भी दीक्षांत समारोह में मौजूद
राष्ट्रपति के मुख्य आतिथ्य में पहली बार राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान का दीक्षांत समारोह हो रहा आयोजित
राष्ट्रपति के हाथों 11 होनहार विद्यार्थियों को मिलेगा 12 स्वर्ण पदक
यश बंसल को मिलेंगे दो स्वर्ण पदक , कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग शाखा तथा संस्थान में ओवर ऑल टॉपर बनने पर
दीक्षांत समारोह में 1439 विद्यार्थियों को मिलेगी डिग्री
ऑडिटोरियम उत्साही विद्यार्थियों से भरा हुआ
राष्ट्रपति के साथ गोल्ड मेडलिस्ट का हो रहा फोटो सेशन
गोल्डन टेंपल के पहले हेड ग्रंथि बाबा बुड्ढा जी साहिब का जन्मोत्सव कार्यक्रम
*गोल्डन टेंपल के पहले हेड ग्रंथि बाबा बुड्ढा जी साहिब का जन्मोत्सव कार्यक्रम धूमधाम से मनाया गया |*

रायपुर, 23 अक्टूबर 2024 : तेलीबांधा स्थित गुरुद्वारा धन-धन बाबा बुड्ढा जी साहब में बाबा बुड्ढा जी साहिब का जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह अमृत वेले से हुई, जिसमें गुरबाणी का पाठ और कीर्तन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में गुरुद्वारे में उपस्थिति दर्ज कराई और अरदास में हिस्सा लिया।

इस अवसर पर गुरुद्वारे में विशेष कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया जिसमें दरबार साहिब अमृतसर के हजूरी रागी जत्था भाई जुझार सिंह जी, कथा वाचक भाई जसवंत सिंह जी परवाना, टाडी जत्था भाई मनवीर सिंह जी ने अपनी टीम के साथ और गुरुद्वारा धन-धन बाबा बुड्ढा जी साहब तेलीबांधा के भाई बाज सिंह जी ने अपनी प्रस्तुतियों से संगत को निहाल (भाव-विभोर) किया।

मुख्य ग्रंथी द्वारा बाबा बुड्ढा जी साहिब के जीवन और उनके योगदान पर प्रवचन दिए गए, जिसमें उन्होंने बताया कि बाबा बुड्ढा जी सिख इतिहास के महान संतों में से एक थे, जिन्होंने गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु हरगोबिंद साहिब जी तक की सेवा की, उनका सिख धर्म में महत्वपूर्ण स्थान है।

धन धन बाबा बुड्ढा जी साहब के जन्मदिवस के अवसर पर तीन दिन तक महान कीर्तन दरबार का आयोजन हुआ जिसमें रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से संगत (श्रद्धालुओं ) ने बढ़-चढ़ का हिस्सा लिया |
*बाबा बुड्ढा जी साहब के जन्म दिवस समारोह के अवसर पर हिंदू, मुस्लिम एवं ईसाई समाज के आर्च बिशप हेनरी - छ.ग. हैड, शफीक अहमद खान - जमाते इस्लामी छग हैड, मोबिन खान - जमाते इस्लामी, सेबेस्टियन - सचिव सर्व आस्था मंच, हसैनी हसन - सर्व आस्था मंच, जान राजेश पाल - अध्यक्ष चर्च कोर्ट सेंटपाल कैथ्रेडल, एडवोकेट आदित्य झा, शैलेन्द्र सिंह कौशल, प्रेम शंकर गौंठिया, एडवोकेट फैजल रिजवी, मोहम्मद सिराज - आल इंडिया मुस्लिम फाउंडेशन ने उपस्थित होकर कौमी एकता का परिचय देते हुए, सर्वधर्म एकता की बात करते हुए गुरुद्वारा में माथा टेक कर अरदास में शामिल हुए, सभी ने एक साथ गुरु का लंगर भी ग्रहण किया |

* बाबा बुड्ढा जी साहब के जन्मदिवस अवसर पर आयोजित महान कीर्तन दरबार के अंतिम दिन हजारों श्रद्धालुओं ने लंगर रूपी प्रसाद ग्रहण किया। लंगर सेवा में सेवादारों ने पूरे समर्पण के साथ सेवा की जो गुरुद्वारों की पुरानी परंपरा है। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार हरकिशन सिंह राजपूत एवं सदस्य दिलेर सिंह रंधावा ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य बाबा बुड्ढा जी साहब के उपदेशों और शिक्षाओं को जनमानस तक पहुँचाना है, ताकि लोग उनकी आध्यात्मिकता और सेवाभाव से प्रेरणा ले सकें। *इस अवसर गुरुद्वारा साहिब के लिए समर्पित निष्काम भाव से सेवा करने वाले सभी समाज के लोगों को शॉल और मोमेंटो, स्मृति चिन्ह देकर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से सम्मानित किया गया |* श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और बाबा बुड्ढा जी साहिब के आशीर्वाद से अपनी आध्यात्मिक यात्रा को और भी मजबूत किया।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान NIT का 14वां दीक्षांत समारोह - राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू होगी मुख्य अतिथि
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर में 25 अक्टूबर, 2024 को आयोजित किया जाएगा 14वां दीक्षांत समारोह, भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू होगी मुख्य अतिथि
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर शुक्रवार, 25 अक्टूबर 2024 को दोपहर 3:00 बजे पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में अपना 14वां दीक्षांत समारोह आयोजित करने जा रहा है। भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाएंगी। छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल श्री रामेन डेका और छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सम्माननीय अतिथि के रूप में कार्यक्रम में मौजूद होंगे।
समारोह की अध्यक्षता एनआईटी रायपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे करेंगे। एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन.वी. रमना राव, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स सदस्य सीनेट सदस्य, रजिस्ट्रार, डीन, विभागाध्यक्ष और संस्थान के संकाय सदस्य भी इस शुभ अवसर पर उपस्थित रहेंगे।
समारोह के दौरान, बी.टेक और बी.आर्क प्रोग्राम के 1044 छात्रों, एमसीए और एम.टेक प्रोग्राम के 225 छात्रों और 170 पीएचडी विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की जाएगी। बी.आर्क और बी.टेक के टॉपर्स को कुल 13 स्वर्ण पदक और 12 रजत पदक प्रदान किए जाएंगे, जबकि एमसीए और एम.टेक के टॉपर्स को 11 स्वर्ण और 11 रजत पदक प्रदान किए जाएंगे।
एनआईटी रायपुर ने 1956 में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में अपनी यात्रा शुरू की और एक अद्वितीय और प्रतिष्ठित इतिहास से भरे 68 वर्षों में संस्थान ने कई उल्लेखनीय कार्य किये। संस्थान को एनआईटी का दर्जा 2005 में प्राप्त हुआ था, और 2007 में इसे राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया गया।
दीक्षांत समारोह के दौरान स्नातक वर्ग के 11 लड़कियां और 13 लड़के पदक प्राप्त करेंगे। संस्थान के ओवरऑल टॉपर यश बंसल (कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बी.टेक) हैं। दिशा जैन (सूचना प्रौद्योगिकी) और प्रियांशु कुमार (खनन अभियांत्रिकी) क्रमशः सेकंड ओवरऑल टॉपर और थर्ड ओवरऑल टॉपर हैं।
इस साल एनआईटी रायपुर ने टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2025 में bm शानदार पर्दापण किया और, #1001-1200 रेंज में स्थान हासिल कर संस्थान का परचम विश्व स्तर पर लहराया है। संस्थान 48.88 के अब तक के सर्वोच्च स्कोर के साथ इंजीनियरिंग श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर की एनआईआरएफ रैंकिंग में 71वें स्थान पर है। 2024-25 के सत्र में, आई. सी. एस. एस. आर. से 32.9 करोड़ रुपये की 95 प्रायोजित शोध परियोजनाएं प्राप्त हुई हैं। इस वर्ष वास्तुकला और योजना विभाग ने अर्बन प्लानिंग में एक नया पीजी पाठ्यक्रम भी शुरू किया है। वर्ष 2022-2023 के दौरान हुए 29 एमओयू को जोड़कर एनआईटी रायपुर द्वारा विभिन्न संस्थाओं जैसे सिपेट, बी एस पी इत्यादि संस्थानों के साथ अभी तक कुल 43 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके अलावा, संस्थान के 15 संकाय सदस्यों को वर्ष 2024 के लिए स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय, यूएसए द्वारा जारी शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की प्रतिष्ठित विश्व रैंकिंग की सूची में नामित किया गया है। वर्ष 2023-24 के दौरान एनआईटी रायपुर के संकाय सदस्यों और छात्रों को 14 पेटेंट और डिजाइन प्रमाण पत्र प्राप्त हुए हैं, साथ ही, अंतःविषय अनुसंधान, उद्यमशीलता और नवाचार के जीवंत और लचीले वातावरण को बढ़ावा देने के लिए 'विज़न 2030' तैयार किया |
रायपुर को यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि संस्थान के विगत वर्ष के 2023 बैच के छात्रों ने 823 प्लेसमेंट ऑफर हासिल किए हैं, जिसमें 728 यूजी और 95 पीजी छात्रों का चयन शामिल है, जिनकी औसत सीटीसी क्रमशः 14.36 लाख और 6.61 लाख प्रति वर्ष है। प्लेसमेंट देने वाली कम्पनियों में देश विदेश की नामी कम्पनियों जेन लिंक्डइन, एडोबी माइक्रोसॉफ्ट के नाम शामिल है। लिंक्डइन इंडिया द्वारा एक छात्र को 62 लाख रुपये प्रति वर्ष का उच्चतम पैकेज मिला है, जबकि पांच यूजी छात्रों को माइक्रोसॉफ्ट से 55 लाख रुपये प्रति वर्ष का पैकेज मिला है।
संस्थान ने लगातार अकादमिक उत्कृष्टता पर ध्यान केंद्रित किया है। शैक्षणिक वर्ष 2024- 25 तक, एनआईटी रायपुर में 4135 बी.टेक., 195 बी. आर्क, 323 एमसीए, 295 एम.टेक, 99 एम.एससी. और 618 पीएचडी छात्र नामांकित हैं, जिससे कुल छात्र संख्या 5665 हो जाती है। संस्थान अपने छात्रों की सफलता में योगदान देने के लिए प्रयत्नशील है। छात्रों को लगभग सभी क्षेत्रों से प्लेसमेंट ऑफर मिले हैं, फिर चाहे वह कोर इंजीनियरिंग (पीएसयू सहित), सॉफ्टवेयर (आईटी उद्योग) सेवाएं हो या एनालिटिक्स और परामर्श सेवा हों।
इस बीच 42 नए शामिल हुए संकाय सदस्यों को संस्था की ओर से 2.05 करोड़ रुपये की सीड ग्रांट अनुसंधान परियोजनाएं प्राप्त हुई हैं। इसके अलावा, संस्थान बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता देता है और नवीनतम तकनीकी प्रगति के साथ अद्यतन रहता है। हाल ही में, बोर्ड ने यूनिट ऑपरेशन प्रयोगशाला के स्थान पर जी +6 भवन के निर्माण को मंजूरी दी है। शारीरिक फिटनेस और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए एक नया स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स भी बनाया जा रहा है, इसके साथ ही भरेंगा भांटा में एक नए परिसर के निर्माण की प्रक्रिया भी चल रही है।
एनआईटी रायपुर को प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित एजेंसियों जैसे डी.बी. टी., डी. एस. टी. और आई. सी. एस. एस. आर. से 32.9 करोड़ रुपये की 95 प्रायोजित शोध परियोजनाएं प्राप्त हुई हैं। इस वर्ष वास्तुकला और योजना विभाग ने अर्बन प्लानिंग में एक नया पीजी पाठ्यक्रम भी शुरू किया है। वर्ष 2022-2023 के दौरान हुए 29 एमओयू को जोड़कर एनआईटी रायपुर द्वारा विभिन्न संस्थाओं जैसे सिपेट, बी एस पी इत्यादि संस्थानों के साथ अभी तक कुल 43 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके अलावा, संस्थान के 15 संकाय सदस्यों को वर्ष 2024 के लिए स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय, यूएसए द्वारा जारी शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की प्रतिष्ठित विश्व रैंकिंग की सूची में नामित किया गया है। वर्ष 2023-24 के दौरान एनआईटी रायपुर के संकाय सदस्यों और छात्रों को 14 पेटेंट और डिजाइन प्रमाण पत्र प्राप्त हुए हैं, साथ ही, अंतःविषय अनुसंधान, उद्यमशीलता और नवाचार के जीवंत और लचीले वातावरण को बढ़ावा देने के लिए 'विज़न 2030' तैयार किया
एनआईटी रायपुर के छात्र हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ रहे हैं। मेधा कुमारी और अर्शी खान, इस सत्र में टाटा स्टील वीमेन ऑफ मेटल सीजन 7 में राष्ट्रीय फाइनलिस्ट के रूप में उभरीं। साथ ही, संस्थान के पूर्व छात्र भी लगातार अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। अनुषा पिल्ले (धातुकर्म-2021) ने AIR 202, मयंक दुबे (सिविल-2016) ने AIR 313, प्राची राठी (मैकेनिकल-2020) ने AIR 443 और अभिषेक डांगे (मैकेनिकल-2016) ने UPSC 2023 परीक्षाओं में AIR 452 हासिल की है।
एनआईटी रायपुर विद्यार्थियों के समग्र विकास में विश्वास करता है, जो किसी व्यक्ति के शारीरिक, बौद्धिक, नैतिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों पर जोर देता है। संस्थान, संस्थान के सदस्यों के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य जागरूकता सत्र आयोजित करता है। संस्थान द्वारा विभिन्न सामजिक जागरूकता कार्यक्रम जैसे स्वछता ही सेवा एवं उन्नत भारत अभियान के तहत गोद ग्रामों के विकास के लिए कार्य किये जाते हैं। इसके अतिरिक्त यहाँ मौजूद विभिन्न छात्र क्लब भी शिक्षा के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में संतुलन बनाए रखने में भाग ले रहे हैं। यह क्लब हर वर्ष आयोजित कुछ महत्वपूर्ण कार्यक्रमः सांस्कृतिक उत्सव इक्लेक्टिका, श्रुति, समर इत्यादि कार्यक्रमों के द्वारा छात्रों में एक नयी उर्जा का संचार करते है।
एनआईटी रायपुर देश की बेहतरी के लिए युवाओं को शिक्षित करने और उनके कौशल को बढ़ाने पर पूरी तरह से केंद्रित है, जिससे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में इसकी स्थिति मजबूत हुई है। संस्थान का यह 14वां दीक्षांत समारोह पूरे देश के विकास में योगदान देने की दिशा में एनआईटी रायपुर की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
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रेलवे के टिकट बुकिंग नियमों में बड़ा बदलाव
रेल मंत्रालय ने भारतीय रेलवे के टिकट बुकिंग नियमों में बड़ा बदलाव किया है। रेलवे ने एक आधिकारिक आदेश में कहा है कि 1 नवंबर, 2024 से टिकटों के एडवांस आरक्षण की समय सीमा 120 दिन से घटाकर 60 दिन कर दी गई है। इसमें यात्रा की तिथि को शामिल नहीं किया गया है। रेलवे ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि विदेशी पर्यटकों के लिए 365 दिनों की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। टिकटों के एडवांस आरक्षण की अवधि में कमी का असर 31 अक्टूबर 2024 से पहले की गई बुकिंग पर भी नहीं पड़ेगा।
जानिए कब लागू हो रहे नए नियम भारतीय रेलवे के आदेश के मुताबिक, 120 दिनों के एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (एआरपी) के तहत 31 अक्टूबर तक की सभी बुकिंग बरकरार रहेगी। नया नियम 1 नवंबर से होने वाली बुकिंग पर ही लागू होगा।
रेलवे ने कहा कि एडवांस आरक्षण के लिए समय सीमा में कमी के बावजूद 60 दिनों के एआरपी से अधिक बुकिंग रद्द करने की अनुमति दी जाएगी।
इन ट्रेनों की एडवांस बुकिंग में नहीं होगा बदलाव मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि ताज एक्सप्रेस और गोमती एक्सप्रेस जैसी कुछ दिन की एक्सप्रेस ट्रेनों के मामले में एडवांस आरक्षण की समय सीमा में कोई बदलाव नहीं होगा।
टिकटिंग सिस्टम में ‘माई ट्रांजेक्शन’ एक नई सुविधा टिकटिंग सिस्टम में ‘माई ट्रांजेक्शन’ नामक एक नई सुविधा भी आई है, जिसमें यूजर यात्रा की तारीख, बुकिंग की तारीख, आगामी यात्रा और पूरी यात्रा के आधार पर टिकट बुक को देख सकता है। नए यूजर इंटरफेस ने मोबाइल, डेस्कटॉप, लैपटॉप और टैबलेट में आसानी से टिकट बुकिंग करने की सुविधा प्रदान की है।
दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के दौरान सांप्रदायिक हिंसा
निगम आयुक्त का कितना प्रभाव ?
निगम आयुक्त का कितना प्रभाव ? - निगम आयुक्त की अधिकारियों पर कितनी ?
राजधानी में जो कुछ हो रहा है वह निगम कमिश्नर के कंट्रोल में नहीं!
नगर निगम रायपुर के आयुक्त अबिनाश मिश्रा के आदेशों पर जोन कमिश्नर कितना ध्यान देते हैं इसके बारे में शहर की नाली - नाला निर्माण, शहर की सड़को की दुर्दशा, स्ट्रीट लाइट की दुर्दशा, शहर के सार्वजनिक शौचलयों की हालत, थोड़ी सी बारिश में जय स्तंभ - भाजपा कार्यालय सहित अनेक बस्तियों का जल मग्न होना, सब्जी बाजारों की अस्त व्यस्त व्यवस्था, सड़कों पर कब्जा, दुकानों के बाहर सड़कों पर समान से यातायात अवरुद्ध होना, शहर की सड़कों - गलियों में अवैध वाहनों पर अवैध स्थाई दुकानों के कारण सड़कों की चौड़ाई का कम होना, नागरिकों को सड़कों पर चलने में परेशानी, यातायात अवरुद्ध होना, अवैध दुकानों - मकान का निर्माण, बिना पार्किंग के व्यावसायिक भवनों - कंपलेक्सों का अवैध निर्माण, शहर में धड़ल्ले से जारी है और इन सबके लिए राजधानी रायपुर के निगम आयुक्त अविनाश मिश्रा अनेकों बार अपने अधीनस्थ अधिकारियों सहित सभी जोन कमिश्नरों को सख्त हिदायतें दे चुके हैं | निगम आयुक्त ने बिलासपुर हाईकोर्ट के आदेश पर राजधानी की सड़कों पर लावारिस गोवंश एवं पशुओं की धमा चौकड़ी रोकने के भी निर्देश सभी जोन आयुक्त को दिए हैं परंतु अधिकारियों के कान में जूं तक नहीं रेंगी और व्यवस्था जस की तस है | पूरी राजधानी में अवैध कार्य और समस्याओं में कोई कमी नहीं आ रही है, जोन कमिश्नर और निगम के अन्य अधिकारी - कर्मचारी कमिश्नर अबिनाश मिश्रा के आदेशों निर्देशों को एक कान से सुनते हैं और दूसरे कान से निकाल देते हैं और अपनी सफाई में झूठे आंकड़े पेश कर अपने आप को बहुत ही जिम्मेदार अफसर साबित कर देते हैं | और यह सब कुछ पूरी राजधानी में खुली आंखों से दिन की रोशनी में तो क्या रात के अंधेरे में भी साफ नजर आता है कि नगर निगम की कार्य प्रणाली किस तरह की है |
30 जुलाई 2021 को लिखित शिकायत - धारा 307(2) अ के तहत अंतिम नोटिस 16 जुलाई 2022 को
फिर 22.5.23 को नियमितिकरण कैसे ?
ऐसा ही एक मामला है 2021 का जिसमें शिकायतकर्ता ने 30 जुलाई 2021 को नगर निगम जोन क्रमांक 10 के कमिश्नर को लिखित शिकायत कर पंडित राजेन्द्र प्रसाद वार्ड के पवन विहार कॉलोनी के कविराज सुंदरानी द्वारा अवैध निर्माण और भूमि कब्जा पर कार्यवाही करने की मांग की थी, शिकायत सही पाई जाने पर जोन क्रमांक 10 के कमिश्नर द्वारा अवैध निर्माण कर्ता कविराज सुंदरानी को नोटिस देकर भूमि स्वामी दस्तावेज भवन अनुज्ञा पत्र एवं स्वीकृत मानचित्र प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे |

परंतु आदेश की अवहेलना के बाद नगर निगम जोन क्रमांक 10 द्वारा लगातार तीन नोटिस भेज कर नगर निगम के नियमों का पालन करते हुए अंतिम नोटिस धारा 307(2) अ के तहत 16 जुलाई 2022 को भेजा गया और निर्माण को तोड़ने की चेतावनी दी गई परंतु अवैध भवन निर्माण कर्ता ने इस अंतिम आदेश को भी कचरे के डब्बे में डाल दिया | अब सवाल यह उठता है कि जब शिकायत कर्ता लगातार प्रमाण सहित शिकायत पर कार्यवाही की मांग कर रहा है तो जोन क्रमांक 10 के तत्कालीन जोन कमिश्नर दिनेश कुमार कोसरिया ने किस आधार पर बिना भूमि नापे, बैनामा की जांच किए, शिकायतों को नजर अंदाज कर, बिना भवन अनुज्ञा और दूसरे की निजी भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले कविराज सुंदरानी से राजी नामा शुल्क लेकर भवन के अवैध निर्माण का नियमितीकरण कैसे कर दिया ? इस तरह अवैध भवन निर्माण का शिकायतों के बावजूद नियमितीकरण करना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भ्रष्टाचार हुआ है और ऊपरी लेनदेन के आधार पर कार्यवाही की गई है जिसकी जांच होना जरूरी है ताकि अवैध सहयोग करने वाले अधिकारी पर जुर्म दर्ज हो|
शिकायतकर्ता ने जोन क्रमांक 10 के तत्कालीन कमिश्नर दिनेश कुमार कोरिया के खिलाफ लिखित शिकायत निगम आयुक्त अविनाश मिश्रा को सौंप कर कार्यवाही की मांग की तो निगम आयुक्त ने जोन 10 के वर्तमान कमिश्नर को उचित जांच कर कार्यवाही के लिए निर्देशित किया |
नगर निगम की धारा 307(2) अ के तहत अंतिम नोटिस 16 जुलाई 2022 को

25 अप्रैल 2024 के आवेदन पर कोई कार्यवाही न होने पर शिकायत कर्ता प्रमाण सहित पुनः निगम आयुक्त से मिला, दोबारा उनके कहने पर जोन क्रमांक 10 के वर्तमान कमिश्नर द्वारा अवैध निर्माण करता कविराज सुंदरानी को 12 सितंबर 2024 को लिखित नोटिस भेज कर भवन अनुज्ञा पत्र, स्वीकृत मानचित्र सहित बैनामा की प्रति परीक्षण हेतु लाने नोटिस जारी किया परंतु नोटिस के बाद भी कविराज सुंदरानी ने स्वीकृत मानचित्र, भवन अनुज्ञा पत्र नगर निगम को नहीं दिया | अवैध निर्माण कर्ता कविराज सुंदरानी द्वारा नोटिस के जवाब में सिर्फ यही बताया गया कि मेरे भवन का नियमितीकरण हो चुका है परंतु उसने भवन अनुज्ञा पत्र और स्वीकृत मानचित्र नगर निगम को नहीं दिया |
अब सवाल यह उठता है कि नगर निगम द्वारा भेजे गए नोटिस का सही जवाब यदि नहीं मिला है तो नगर निगम कार्यवाही करने से पीछे क्यों हट रहा है, जाहिर सी बात है कि लेनदेन तो हुआ ही है और शायद वर्तमान जोन कमिश्नर को भी कुछ देकर संतुष्ट कर दिया गया होगा | अर्थात निगम आयुक्त के आदेश के बावजूद जोन कमिश्नर द्वारा कोई कार्यवाही ना करना और आदेश का जवाब ना देना इस बात की ओर इशारा करता है कि निगम आयुक्त की अधिकारियों पर कोई पकड़ नहीं है, जोन कमिश्नर उनके आदेशों को कोई महत्व नहीं देते हैं, उन्हें जो करना है वह अपनी मर्जी से करते हैं, और निगम आयुक्त अविनाश मिश्रा भी उनके इस व्यवहार के बावजूद कोई सख्ती नहीं बरत रहे | ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि राजधानी में जो कुछ हो रहा है वह निगम कमिश्नर के कंट्रोल में नहीं है | राजधानी में जितने भी कार्य हो रहे हैं वह चाहे वैध हों या अवैध अधिकारी अपने हिसाब से अपनी सुविधा अनुसार कर रहे हैं उन पर भारतीय जनता पार्टी हो या कांग्रेस नेता किसी का कोई कंट्रोल नहीं है | अगर यही हाल रहा तो नागरिकों को हर कार्य के लिए न्यायालय की शरण लेनी पड़ सकती है अब देखते हैं कि राजधानी का भविष्य कैसा होगा |
महादेव सट्टा ऐप: मामला अभी भी अधूरा है
राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू का दो दिवसीय रायपुर दौरा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात
आया त्यौहार चलो बाजार - स्थानीय बाजारों से खरीदारी करने निवेदन
आया त्यौहार चलो बाजार : छोटे दुकानदारों से सामान खरीदें - छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज
स्थानीय बाजारों से खरीदारी करने निवेदन - अमर पारवानी
चेम्बर ने ”आया त्यौहार चलो बाजार” अभियान के तहत आमजनों से स्थानीय बाजारों से खरीदारी करने निवेदन किया
ऑनलाइन प्लेटफार्म से खरीदारी करने से बचें तथा स्थानीय व्यापारियों एवं
छोटे दुकानदारों से सामान खरीदें:- अमर पारवानी
छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष उत्तमचंद गोलछा, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी,विक्रम सिंहदेव,राम मंधान, मनमोहन अग्रवाल ने बताया कि त्योहारी सीजन को देखते हुए चेम्बर ने पारंपरिक बाजारों की रौनक लौटाने तथा ऑनलाइन प्लेटफार्म से खरीदारी नहीं करने हेतु लोगों में जागरूकता लाने ”आया त्यौहार चलो बाजार” अभियान के तहत चेंबर ने आमजनों से लोकल बाजार के स्थानीय व्यापारियों एवं छोटे दुकानदारों से खरीदारी करने निवेदन किया है ।
चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष श्री अमर पारवानी ने बताया कि त्योहारी सीजन में व्यवसाय में ऑनलाइन दखल रोकने, स्थानीय व्यापार को प्रोत्साहित करने एवं बाजार की रौनक लौटाने हेतु छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के तत्वावधान में ”आया त्यौहार चलो बाजार” अभियान की शुरुआत की गई जो देश के प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी के विजन ”वोकल फॉर लोकल” अभियान को समर्थन देना है।
श्री पारवानी जी ने आगे कहा कि चेम्बर व्यवसाय और उद्योग के उत्थान के लिए सदैव प्रयासरत है। ऑनलाइन व्यापार से परंपरागत व्यवसाय बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। लोग आकर्षक छूट के लालच में घर बैठे सामान खरीद रहे हैं एवं बाजार से भी विमुख हो रहे हैं, परंपरागत व्यवसाय विभिन्न चुनौतियों से जूझ रहा है जिसे रोकने ”आया त्यौहार चलो बाजार” अभियान के तहत चेंबर द्वारा आमजनों से स्थानीय बाजार के व्यापारियों एवं छोटे दुकानदारों से खरीदारी करने निवेदन किया जा रहा है ।
स्थानीय व्यापारी अर्थव्यवस्था की जान हैं और बाजार की शान हैं। स्थानीय बाजार में खरीदारी से न सिर्फ व्यापार में वृद्धि होगी, अपितु त्योहारों की सार्थकता भी सिद्ध होगी। यह अभियान लोगों को आपस में भावनात्मक रूप से जोड़ने का माध्यम भी बनेगा।
श्री पारवानी जी ने आम नागरिकों के साथ ही चेम्बर के सदस्यों से भी अपील करते हुए सपरिवार बाजार जाकर स्थानीय व्यापारियों एवं छोटे दुकानदारों से खरीदारी करने हेतु निवेदन किया।
छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा कितनी सफल ? एक रिपोर्ट
*राजधानी में छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा में संख्या कम*
कांग्रेस द्वारा अन्याय के विरुद्ध न्याय की मांग को लेकर गिरोधपुरी धाम से 27 सितंबर को निकली छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा का समापन 2 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में हुआ 6 दिनों तक चली 125 किलोमीटर लंबी छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज लगातार पदयात्रा कर रायपुर पहुंचे उनके साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सभी वरिष्ठ नेताओं ने अलग-अलग दिन पद यात्रा में शामिल होकर सरकार के विरुद्ध अपना विरोध दर्ज कराया,

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा के तीसरे दिन शामिल हुए परंतु वे अपने हरियाणा दौरे के कारण ज्यादा देर तक अपना समय नहीं दे पाए | पूर्व उपमुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत के अलावा प्रदेश के सभी पूर्व मंत्री एवं विधायकों सहित संगठन के सभी बड़े नेता इस छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा में शामिल हुए|
*राजधानी में छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा में संख्या कम*
अब हम आपको कुछ खास बात बताने जा रहे हैं की गिरोधपुरी से चली छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा अपने पूरे सफर के दौरान जिस संख्या के साथ चली उसमें तो उंगली नहीं उठाई जा सकती क्योंकि लंबा सफर, गर्मी के अलावा गांवों के बीच की दूरी, खेतों की लंबी श्रृंखला के कारण भीड़ न होना कोई बड़ी बात नहीं, बड़ी बात यह है कि दीपक बैज का हौसला, उनका जोश, पार्टी के प्रति उनकी जिम्मेदारी और अन्याय के विरुद्ध न्याय का झंडा उठाकर उन्होंने तो अपना सफर पूरा कर लिया परंतु जब राजधानी रायपुर की सीमा में न्याय यात्रा शामिल हुई तो अपेक्षा से बहुत कम संख्या में कांग्रेसी इस छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा में नजर आए,

यह हम नहीं कह रहे हैं, ना ही हम अनुमान लगा रहे हैं, हम सच्चाई बता रहे हैं और यह सच्चाई प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से स्वयं लाइव वीडियो के माध्यम से जारी की गई है | छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी द्वारा ड्रोन के माध्यम से जो वीडियो जारी किया गया है उसमें साफ नजर आ रहा है कि सड्डू से शुरू होने के बाद इस न्याय यात्रा में गिनती के नेता और कार्यकर्ता ही शामिल थे जिनको उंगलियों में गिना जा सकता है और यह कांग्रेस की इस न्याय यात्रा के असफल होने का बड़ा प्रमाण है, राजधानी में ही अगर समापन के दिन कांग्रेस के कार्यकर्ता नहीं जुट पाए तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इस न्याय यात्रा को कितना सफल माना जा सकता है | इस वीडियो को देखने के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के सभी वरिष्ठ नेताओं पदाधिकारी और संगठन को छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा के दौरान उपस्थित को लेकर गंभीर चिंतन करना चाहिए | छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा की इस असफलता के लिए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, संगठन प्रभारी मलकीत सिंह गैदू के साथ-साथ संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों, सभी पूर्व मंत्रियों एवं वर्तमान विधायकों को भी आत्म चिंतन करना पड़ेगा कि उन्होंने पार्टी के इस बड़े अभियान के साथ कितना न्याय किया है |
सशस्त्र सैन्य समारोह - युद्ध के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले ड्रोन की प्रदर्शनी
गुरमीत राम रहीम सिंह: जेल में बंद होने की कहानी और पैरोल-फरलो का खेल
*सैनिकों के बीच पहुंचे सुप्रसिद्ध कवि पद्मश्री श्री सुनील जोगी, कलेक्टर के आग्रह पर किया कविता पाठ*
*सैनिकों के बीच पहुंचे सुप्रसिद्ध कवि पद्मश्री श्री सुनील जोगी, कलेक्टर के आग्रह पर किया कविता पाठ* *भारतीय सैनिकों का बढ़ाया उत्साह, गूंजा देश भक्ति कविता* *देश की सीमाओं को सुरक्षित करने में भारतीय सेना का महत्वपूर्ण योगदानः कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह* *भारतीय सेना सभी वर्गों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत: कुलपति श्री शुक्ला* रायपुर 30 सिंतबर 24। सुप्रसिद्ध कवि पद्मश्री श्री सुनील जोगी आज रायपुर पहुंचे भारतीय सेनिकों के बीच पहुंचे और सैनिकों का उत्साह बढ़ाने के लिए हास्य कवि पद्मश्री श्री सुनील जोगी ने कविता सुनाई। रविशंकर विश्वविद्यालय के सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह भी शामिल हुए और देशभक्ति रंग में रंगने के लिए अंबर पर रहकर भी धरती पर नजर रहे... हम रहे न रहें हमारा तिरंगा अमर रहे... मुश्किल है अपना मेल प्रिय...जैसे कई कविता से शुरूआत की। इसके अलावा उन्होंने कई देशभक्ति कविता सुनाकर जवानों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर पंडित रविशंकर शुक्ल विद्यालय के कुलपति श्री सचिदानंद शुक्ला ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पहला सम्मान सेना का देश में हो, और हमारे समाज में सैनिकों को वह स्थान मिलना चाहिए, जिसके वे हकदार हैं। श्री शुक्ला ने कहा कि भारतीय सेना न केवल देश की सुरक्षा करती है, बल्कि यह समाज के सभी वर्गों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत भी है। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने विशेष रूप से सैनिकों की महत्ता पर जोर दिया। कलेक्टर ने कहा कि देश में सैनिकों से बड़ा कोई हीरो नहीं होता। कलेक्टर डॉ. सिंह ने सेना के जवानों की बलिदानी भूमिका को स्वीकार करते हुए कहा कि सैनिक देश की सीमाओं की सुरक्षा करते हैं और हमारे जीवन को सुरक्षित बनाते हैं। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे सेना के प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करें और समाज में सैनिकों के प्रति जागरूकता बढ़ाएं। इस दौरान जिला पंचायत के सीईओ श्री विश्वदीप, अपर कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित सैकडो की संख्या में सेना के जवान उपस्थित थे।
Chhattisgarh : कांग्रेस की न्याय यात्रा का आज 5वां दिन...अंतिम दिन प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट होंगे शामिल, यहां होगा समापन...!!
रायपुर। कांग्रेस की न्याय पदयात्रा की 27 सितंबर से बलौदाबाजार से शुरू हुई। बलौदबाजार के गिरौदपुरी से शुरू हुई यह यात्रा 6 दिन बाद 2अक्टूबर को राजधानी रायपुर में खत्म होगी। कांग्रेस की न्याय यात्रा आज शाम को राजधानी की सीमा में पहुंच जाएगी। इस यात्रा का कल (2 अक्टूबर) को अंतिम दिन है। आज पांचवें दिन की यात्रा रायपुर से करीब 20 किलो मीटर दूर स्थित सारागांव से शुरू हुई। पीसीसी चीफ दीपक बैज की यह पद यात्रा आज शाम को राजधानी की सीमा पर स्थित सड्डू पहुंच जाएगी। बैज सहित यात्रा में शामिल पूरी टीम रात्रि विश्राम सड्डू में करेगी। इसके बाद कल शहर में प्रवेश होगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुये कहा कि हमारे कार्यकताओं में भी यात्रा को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। इस यात्रा का उद्देश्य प्रदेश की बिगड चुकी कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को जगाना है। जनता के बीच में बढ़ते अपराधों के कारण भय का माहौल है। महिलाएं बहने असुरक्षित है। किसी समाज का आदमी सुरक्षित नहीं है। प्रदेश की सरकार दिशाहीन हो चुकी है। सरकार का ड्राइवर कौन है किसी को पता नहीं है, सरकार के मंत्रियों में आपस में विरोधाभास है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुये कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस की 5 साल सरकार थी जो किसानों, युवाओं, माता, बहनों और प्रदेश के हर वर्ग के लिये काम किया। ईडी, आईटी, सीबीआई कांग्रेस सरकार को बदनाम करने का काम किया। महादेव ऐप के नाम से प्रधानमंत्री से लेकर मंत्री तक बहुत से प्रचार किये। मैं पूछना चाहता हूं कि महादेव एप आज बंद हुआ है क्या? महादेव ऐप का मोटी कमाई आज कौन खा रहा है? आज देश में भाजपा की डबल इंजन की सरकार है प्रदेश में भी भाजपा की सरकार है और केन्द्र में भी भाजपा की सरकार है तो महादेव ऐप बंद होना चाहिये।
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नेशनल लोक अदालत में लाखों लोगों को मिला त्वरित न्याय
लाखो लोगों को मिला त्वरित न्याय
वर्ष के तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन
वर्ष के तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय रायपुर में लाखो लोगों को मिला त्वरित न्याय। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के निर्देशानुसार वर्ष 2024 में आयोजित होने वाले नेशनल लोक अदालत के अनुकम में माननीय न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के मार्गदर्शन एवं माननीय श्री न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार दिनांक 21/09/2024 को छत्तीसगढ़ राज्य में तालुका स्तर से लेकर उच्च न्यायालय स्तर तक सभी न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाकर राजीनामा योग्य प्रकरणों में पक्षकारों की आपसी सुलह समझौता से निराकृत किये गये हैं। उक्त लोक अदालत में प्रकरणों के पक्षकारों की भौतिक तथा वर्चुअल दोनों ही माध्यमों से उनकी उपस्थिति में निराकृत किये गये।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के अध्यक्ष / प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अब्दुल जाहिद कुरैशी, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्रीमान हेमंत सराफ, जिला एवं सत्र न्यायाधीशगण व अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री हितेन्द्र तिवारी, द्वारा जिला रायपुर में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित कर किया गया। जिसमें समस्त न्यायाधीशगण, पक्षकारगण, अधिवक्तागण, बैंक के अधिकारीगण, राजस्व अधिकारी, नगर निगम के अधिकारी, न्यायालयीन कर्मचारीगण, पैरालिगल वालिंटियर, विधि एवं स्कूल के छात्र छात्रायें भी उपस्थित रहे। इस बार की नेशनल लोक अदालत भी हाईब्रिड तरीके से आयोजित की गयी, जिसमें पक्षकार भौतिक उपस्थिति के साथ-साथ वर्चुअल या ऑनलाईन के माध्यम से भी राजीनामा किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अब्दुल जाहिद कुरैशी ने कहा कि, नालसा एवं सालसा के माध्यम से पुरे देश भर में इस वर्ष का तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें हम सभी के बहुत महत्वपूर्ण सहभागिता है और हम सभी के संयुक्त प्रयासो से ही नेशनल लोक अदालत के माध्यम से जनता तक सरल वः सहज तरीके से न्याय पहुंचेगा। इस लोक अदालत में सभी प्रकार के प्रकरण, पारिवारिक प्रकरण दाण्डिक प्रकरण, सिविल वाद एवं राजस्व प्रकरणों के निराकरण के साथ ही पेंशन लोक अदालत के माध्यम से पेंशन प्रकरण तथा मोहल्ला लोक अदालत के माध्यम से जनोपयोगी सेवाओं के प्रकरणों के निराकरण किया जायेगा साथ ही साथ प्री-लिटिगेशन प्रकरणो (जो अदालत तक पहुँचने के पूर्व) का भी निराकरण किया जायेगा। उन्होने बताया कि, नेशनल लोक अदालत का प्रचार-प्रसार ट्रैफिक लाउडिस्पीकर के माध्यम से तथा रेल्वे स्टेशन में रेल्वे अलाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से एवं पैरालीगल वालिटिंयर के माध्यम से तथा ग्रामिण क्षेत्रों में कोटवारो के द्वारा मुनादी कराकर नेशनल लोक अदालत का प्रचार-प्रसार कराया गया । लोक अदालत में जिनका भी राजीनामा योग्य प्रकरण लम्बित है उनकों प्रोत्साहित किया गया। जिन पक्षकारों को किसी भी प्रकार की शंका हो उनको परामर्श हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर द्वारा तालुका विधिक सेवा समिति, गरियाबंद, देवभोग, राजीम, तिल्दा से सम्पर्क कर अपने प्रकरणों के संबंध में जानकारी लेने हेतु प्रोत्साहित किया गया । श्री रमेश कुमार चौहान, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर द्वारा व्यक्त किया गया कि, प्रदेश में पुनः एक बार दिव्यांग जनों के लिये नालसा, सालसा तथा केन्द्र सरकार की योजनाओं की सफलता हेतु माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय रायपुर द्वारा एक अभूतपूर्व पहल करते हुए समाज कल्याण विभाग रायपुर के सहयोग से दिव्यांग एवं वरिष्ठ जन हितग्राहियों को व्हील चेयर एवं श्रवण यंत्र का वितरण, शिक्षा विभाग के सहयोग से छात्राओं को सायकिल, पाठ्यपुस्तकों तथा गणवेश, का वितरण इसी प्रकार श्रम विभाग के सहयोग से नालसा की (असंगठित क्षेत्र के कामगारों को निःशुल्क विधिक सहायता योजना 2015) के अंतर्गत हितग्राहियों को चेक वितरण एवं वन विभाग के सहयोग से पर्यावरण जागरूकता संदेश देते हुए पक्षकारों एवं आमजनों को निःशुल्क पौधा वितरण किया गया। जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से रेडी टू ईट प्रदर्शनी किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर एवं गुरुद्वारा धन धन बाबा साहिब जी तेलीबांधा रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में सैकड़ो किलोमीटर से आये पक्षकारो को न्याय के साथ साथ निःशुल्क भोजन प्राप्त हुआ जिससे उनके चेहरों पर संतोष दिखा दी, न्याय पालिका के माध्यम से उन्हे हर प्रकार का सहयोग प्राप्त हो रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा दिये गये नये संकल्प मोहल्ला लोक अदालत में पहुँचे न्यायाधीश / सभापति जनोपयोगी लोक अदालत माननीय श्री ऋषी कुमार बर्मन पर पक्षकारो ने की फूलों के हार से उनका स्वागत किया । उक्त छ०ग० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा दिये गये नये संकल्प मोहल्ला लोक अदालत में पहुँचे न्यायाधीश / सभापति जनोपयोगी लोक अदालत माननीय श्री ऋषी कुमार बर्मन के द्वारा त्वरित निर्णय करते हुए राहत पहुँचायी गयी। उक्त लोक अदालत का आयोजन न्याय तुहर द्वार योजना के तहत किया गया। मोहल्ला लोक अदालत के पीठासीन अधिकारी माननीय श्री ऋषी कुमार बर्मन सभापति/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्थायी लोक अदालत द्वारा घटना स्थल पर जाकर ही जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित मामलों का निराकरण किया मोहल्ले वासियों द्वारा उनका स्वांगत किया गया। उनके द्वारा 192 प्रकरण घटना स्थल पर जाकर न्यायाधीश द्वारा निराकृत किया गया स्थलो का नाम - जोन क्रमांक 01 (वीर शिवाजी वार्ड), जोन क्रमांक 04 (सुभाष स्टेडियम), जोन क्रमांक 10 (श्याम नगर) के स्थलो पर जाकर प्रकरणों का निराकरण किया गया। आज तृतीय नेशन लोक अदालत में निम्नानुसार प्रकरण का निराकरण किया गया। राजस्व न्यायालय-103178 प्रकरण कुटुम्ब न्यायालय- 131 छ०ग० राज्य परिवहन अधिकरण - 04 प्रकरण न्यायालय में लम्बित लगभग-9569 प्रकरण । प्री-लिटिगेशन एवं नगर निगम से मामले 68587 प्रकरण का निराकरण जनोउपयोगी सेवाओं से संबंधित प्रकरण 651 प्रकरण नेशनल लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को मिली कुल राशि 29,57,92819 मोहल्ला लोक अदालत 628 प्रकरण का निराकरण हुआ। (सफल कहानी) :- 10 वर्षों से अधिक लम्बित प्रकरण धारा 125 दं.प.सं. के मामले का किया गया निराकरण (माननीय हेमंत सराफ, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय रायपुर )। आवेदिका के द्वारा अपने पति के विरूद्ध धारा 125 दं.प्र.सं. भरण-पोषण राशि दिलाये जाने बाबत् प्रकरण दिनांक 22.09.2008 को प्रस्तुत किया गया था, जिसमें न्यायालय द्वारा दिनांक 10.12.2008 को प्रतिमाह 5,000/- भरण पोषण राशि आवेदिका को दिलाये जाने का आदेश पारित किया गया था। उक्त आदेश के परिपालन में आवेदिका ने वसूली हेतु धारा 125 (3) दं.प्र.सं. का प्रकरण दिनांक 05.01.2015 को पेश किया गया किन्तु आदेश पारित करने के पश्चात भी अनावेदक के द्वारा भरण पोषण प्रदान नही की जा रही थी, जिस कारण आवेदिका को गंभीर आर्थिक कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन अनावेदक द्वारा राशि अदा नही कर रहा था। न्यायालय के द्वारा दोनों पक्ष को समझाईश दी गई तथा उनके बीच सुलह का अथाह प्रयास किया गया, उसके पश्चात उभयपक्ष के द्वारा आपस में राजीनामा कर लिया गया । माननीय न्यायालय के समझाईश पर पति पत्नि हुए एक :- (माननीय हेमंत सराफ प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय रायपुर ) आवेदिका के द्वारा अनावेदिका अपने पति के विरूद्ध भरण-पोषण का प्रकरण इस आधार पर प्रस्तुत किया गया था कि, उसका पति नशा का आदि है और उसके साथ मारपीट व लड़ाई-झगड़ा कर घर से निकाल दिया है। उक्त प्रकरण में माननीय न्यायालय द्वारा लगातार समझाईश दी जाती रही कि साथ में रहकर अपने दाम्पत्य जीवन को संवारे तथा उनके बीच-सुलह का अथाह प्रयास किया गया। अंततः पति-पत्नी अपने वाद-विवाद को भूलकर आपस में राजीनामा कर प्रकरण को वापस लेकर सुखद जीवन जीने के लिये एक साथ चले गये। सिविल वाद के प्रकरण में लोक अदालत के लाभ की जानकारी देकर पक्षकारों के आपसी सहमति से किया गया प्रकरण का निराकरण:- (माननीय कु० भारती कुलदीप, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रायपुर ) सिविल वाद प्रकरण में त्वरित निराकरण हेतु माननीय न्यायालय द्वारा पक्षकरों को लोक अदालत के लाभ से अगवत कराया गया एवं आपसी मनमुटाव को दूर कर आपस में राजीनामा करने की सलाह दी गई। पक्षकार राजीनामा हेतु तैयार हुए एवं आपसी राजीनामा करते हुए प्रकरण का निराकरण किया गया । cg24news.in
राहुल गांधी के खिलाफ छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जुर्म दर्ज
कांग्रेस ने 21 सितंबर को छत्तीसगढ़ बंद का किया आह्वान
- कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का प्रतिनिधिमंडल लोहारीडीह गया
रायपुर/19 सितंबर 2024। प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था और कवर्धा की घटना को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने शनिवार 21 सितंबर को छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया है।
कांग्रेस के नेताओं का प्रतिनिधिमंडल पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ कवर्धा के लोहारीडीह गया था। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व अध्यक्ष धनेन्द्र साहू, पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय सहित वरिष्ठ नेता शामिल थे।
कांग्रेस के नेतागण पुलिस अभिरक्षा में मृत प्रशांत साहू की अंत्येष्टि में शामिल हुये तथा परिजनों से भी मिले। परिजनों ने पुलिस के मारपीट के कारण प्रशांत की मौत होने का आरोप लगाया।
लोहारीडीह घटना स्थल से लौटने के बाद प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रेस कांफ्रेंस में सरकार पर लगाए कई गंभीर आरोप
गृह मंत्री के जिले में घटना होने के चलते गृह मंत्री को बर्खास्त करने मुख्यमंत्री से की मांग
पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमराई है,
आम आदमी और सरकार में बैठे हुये लोगों के लिये अलग कानून है।
लगातार हो रही अपराधिक घटनाओं को पुलिस रोक नहीं पा रही है।
घटना की जांच हाईकोर्ट की सीटिंग जज ने करने की मांग
कचरू साहू का दोबारा पोस्टमार्टम करने की मांग प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने की
रेंगाखार थाने की सीसीटीवी फुटेज निकलवाने की मांग
सरकार और पुलिस चाहती तो घर जलाने की घटना को रोक सकती थी, पूरे प्रदेश में भय का माहौल है।
कवर्धा के पूरे घटनाक्रम की हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराया जाय।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में महिलाएं, बच्चे, युवा सुरक्षित नहीं है, कानून व्यवस्था बदहाल है। मुख्यमंत्री, गृह मंत्री को तत्काल बर्खास्त किया जाए, कांग्रेस आगामी शनिवार 21 सितंबर को प्रदेश बंद का आह्वान किया, लोहारीडीह की घटना को दबाने का प्रयास किया था, कांग्रेस की सजगता से मामले को नहीं दबा पाए।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लगाए गंभीर आरोप। उन्होंने मांग किया कि डॉक्टर की टीम बनाकर फिर से शिवकुमार की पीएम किया जाए। थाने का सीसीटीवी जब्त किया जाए, बंद कैदियों की पिटाई की गई है इसलिए मिलने नहीं दिया जा रहा है। एसपी को बर्खास्त किया जाए।
भाजपा नेता के हत्या के आरोपी की कवर्धा जेल में मौत
ब्रेकिंग न्यूज़ भाजपा नेता के हत्या के आरोपी की कवर्धा जेल में मौत कवर्धा जेल में बंदी की मौत, लोहारीडिह आगजनी मामले में था मृतक आरोपी - लोहारीडिह आगजनी मामले में जिला जेल में बंद विचाराधीन बंदी प्रशांत साहू की आज सुबह लगभग 10 बजकर 15 मिनट संदिग्ध मौत हो गई है पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी में रखा है परिजनों को घटना की सूचना दे दि गई है और परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम किया जाएगा.हत्या के आरोप में जेल दाखिल था आरोपी बताया जा रहा कि मृतक प्रशांत साहू और उसके बड़े भाई को कबीरधाम पुलिस ने रविवार को हुए लोहारीडिह उप सरपंच के मकान को आग लगाने और पूर्व सरपंच को जलाकर हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. कवर्धा आगजनी केस में पुलिस ने कुल 160 लोगों पर एफआईआर दर्ज किया है पुलिस ने 60 लोगों को अबतक इस केस में गिरफ्तार किया था इन्ही लोगो के साथ मृतक आरोपी को भी जेल दाखिल किया गया था और बुधवार सुबह प्रशांत साहू की मौत हो गई. आपको बता दें कि सी जी 24 से बात करते हुए जेलर RK बंजारे ने बताया कि प्रशांत की तबीयत बिगड़ी तो उसे जिला अस्पताल भेजा गया था. इलाज के बाद वापस जेल दाखिल किया गया. वहीं बुधवार सुबह भी मृतक की तबीयत बिगड़ी तो अस्पताल लाया जा रहा था.लेकिन उसने अस्पताल लाने के दौरान दम तोड़ दिया
गृहमंत्री के गृह ज़िले कवर्धा में पुलिस के कारनामे ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रहे हैं।
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) September 18, 2024
अब ख़बर आई है कि हिरासत में लिए गए युवक प्रशांत साहू की पुलिस पिटाई से मौत हो गई है।
विडंबना है कि उनकी गृहमंत्री विजय शर्मा जी से निकटता भी थी।
इस युवक के दो भाई और माता जी भी पुलिस… pic.twitter.com/AQ5Mff1KJ0
.मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल में रखा गया है. परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम किया जाएगा. संदिग्ध परिस्थितियों में हुई आरोपी प्रशांत की मौत क्योंकि यदि आरोपी की तबियत खराब थी तो कैसे डॉक्टरों ने उसे अस्पताल से छुट्टी दे कर वापस जेल दाखिल करवा दिया और अचानक कैसे जेल के अंदर आरोपी की मौत हुई मामले की उच्च स्तरीय जांच होना आवश्यक है।
केजरीवाल को चाहिए कि ईडी, सीबीआई और एल.जी. से पूछ लें कि किसे मुख्यमंत्री बनाए ? अन्यथा ---
जनता के सेवक के रूप में अपने कर्तव्यों का करें निर्वहन : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
सरायपाली की पंजीयक पुष्पलता बेग को रिश्वत लेते हुए ACB के अधिकारियों ने किया गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के सरायपाली की पंजीयक पुष्पलता बेग को रिश्वत लेते हुए ACB के अधिकारियों ने किया गिरफ्तार
भ्रष्टाचार पर ACB की सख्त नजर
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सरायपाली में एक बड़ी घटना सामने आई है, जहां पंजीयक पुष्पलता बेग को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के अधिकारियों ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ ACB द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।
घटना का विवरण:
रिपोर्ट्स के अनुसार, पुष्पलता बेग पर आरोप था कि वह सरायपाली में भूमि पंजीकरण संबंधी कार्यों के लिए रिश्वत की मांग कर रही थीं। शिकायतकर्ता ने ACB को इसकी सूचना दी, जिसके बाद ACB अधिकारियों ने जाल बिछाकर पंजीयक को रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए पकड़ा। पुष्पलता बेग एक निश्चित राशि की रिश्वत मांग रही थीं, जिसे ACB अधिकारियों ने पहले से तय योजना के तहत प्रमाणित किया और पुष्पलता को गिरफ्तार कर लिया।
ACB की कार्रवाई:
ACB की टीम ने योजना के अनुसार शिकायतकर्ता को रिश्वत की राशि देने के लिए भेजा। जैसे ही पुष्पलता बेग ने रिश्वत ली, वैसे ही ACB की टीम ने उन्हें मौके पर गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
NOTE
आवेदक ने अग्रिम जमानत के लिए यह आवेदन प्रस्तुत किया है, क्योंकि उसे पुलिस स्टेशन एंटी करप्शन ब्यूरो, रायपुर सी.जी. में धारा 13(1) बी और 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत दंडनीय अपराधों के लिए पंजीकृत अपराध संख्या 04/2018 के संबंध में अपनी गिरफ्तारी की आशंका है।
पुष्पलता बेग का पद और कद:
पुष्पलता बेग सरायपाली में पंजीयक के पद पर तैनात थीं, और उनका काम भूमि संबंधित पंजीकरण कार्यों को निपटाना था। यह भी बताया जा रहा है कि उनके खिलाफ पहले भी भ्रष्टाचार की शिकायतें मिली थीं, लेकिन यह पहली बार है जब उन्हें रंगे हाथों पकड़ा गया है।
आगे की कार्रवाई:
ACB अब इस मामले में विस्तृत जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पुष्पलता बेग के खिलाफ और भी कई आरोप हो सकते हैं, जिन्हें जांच के दौरान सामने लाया जाएगा। ACB यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उनके साथ कोई अन्य सरकारी कर्मचारी इस भ्रष्टाचार में शामिल तो नहीं था।
भ्रष्टाचार पर ACB की सख्त नजर:
छत्तीसगढ़ में ACB लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। पिछले कुछ महीनों में कई सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। ACB का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, और किसी भी सरकारी अधिकारी को कानून का उल्लंघन करने पर बख्शा नहीं जाएगा।
यह घटना भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश है और यह दर्शाती है कि सरकार और ACB भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है।
MCRCA No. 1052 of 2019 &
MCRCA No. 1155 of 2019
NAFR
HIGH COURT OF CHHATTISGARH, BILASPUR
MCRCA No. 1052 of 2019
Smt. Lily Pushplata Beck W/o Late Shri I. Beck Aged About 46
Years Posted As Sub-Registrar, Office Of District Registrar, Durg,
Presently Posted As Sub-Registrar Office Of District Registrar
Rajnandgaon, District Rajnandgaon, R/o Vijeta Complex, New
Rajendra Nagar, Raipur, District Raipur Chhattisgarh.
---- Applicant
Versus
State Of Chhattisgarh Through Anti Curruption Bureau Raipur
Chhattisgarh.
---- Respondent
Applicant in MCrCA No.1052/2019 - Smt. Lily Pushplata Beck was working as the Sub-Registrar whereas applicants in MCrCA No.1155/2019 - Devendra Sonwane and Himanshu Yadav are the purchasers of the subject property which was allegedly purchased by them by paying deficit stamp duty. It is alleged that the applicants have caused financial loss to the State Government to the tune of ₹ 6,78,500/- and thus committed offence under the provisions of the Prevention of Corruption Act, 1988.
उल्लेखनीय है कि 2012-13 में राजिम में नियुक्ति के समय भी उप पंजीयक रहते हुए श्रीमती पुष्प लता बैक पर रिश्वत लेने का स्टिंग प्रमाण होने पर सस्पेंड किया जा चुका है |रिश्वत लेते सरायपाली उप पंजीयक लिली बेग गिरफ्तार
कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी 6 सितंबर को नहीं हुई प्रदर्शित
कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी 6 सितंबर को नहीं होगी रिलीज : जबलपुर हाई कोर्ट का फैसला
कंगना की फिल्म इमरजेंसी पर जबलपुर हाईकोर्ट की रोक
कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी : सिख समाज की छत्तीसगढ़ के सिनेमा हॉल, थिएटर संचालकों को चेतावनी
कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी
सिख समाज की छत्तीसगढ़ के सिनेमा हॉल थिएटर संचालकों को चेतावनी

*कंगना रनौत के खिलाफ छत्तीसगढ़ में सिख समाज हो रहा लामबंद*
*कंगना रनौत के खिलाफ छत्तीसगढ़ में सिख समाज हो रहा लामबंद*
