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जलजीवन मिशन के भुगतान में देरी से परेशान ठेकेदार ने आत्मदाह की दी चेतावनी, PHE समेत विभागीय इंजीनियर पर गंभीर आरोप।

 

 

जिला सरगुजा के अंबिकापुर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग PHE से जुड़े ठेकेदारों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। भुगतान में देरी और कथित प्रताड़ना से परेशान एक ठेकेदार ने आत्मदाह की चेतावनी दी है, वहीं अन्य ठेकेदारों ने भी विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

जल जीवन मिशन के अंतर्गत कार्य कर चुके ठेकेदार रजनीकांत अग्रवाल ने कलेक्टर को लिखे पत्र में बताया कि उन्होंने लगभग एक वर्ष पहले अपना कार्य पूर्ण कर लिया था, लेकिन अब तक उन्हें पूरा भुगतान नहीं मिला है। करीब 65 लाख रुपये के कार्य के बदले मात्र 22 लाख रुपये का भुगतान किया गया है, जबकि शेष राशि के लिए उन्हें लगातार विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

पत्र में आरोप लगाया गया है कि PHE विभाग के कुछ अधिकारी जानबूझकर भुगतान प्रक्रिया में देरी कर रहे हैं। साथ ही उपअभियंता धर्मेन्द्र सिंह पर देयक तैयार करने के नाम पर कमीशन मांगने और मना करने पर ठेकेदारों को ब्लैकमेल व प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

इधर, भुगतान में देरी से नाराज ठेकेदारों ने PHE कार्यालय के सामने नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। ठेकेदार संघ का कहना है कि पिछले डेढ़ साल से भुगतान लंबित है और अनुबंध नियमों में लगातार फेरबदल कर उन्हें परेशान किया जा रहा है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 30 मार्च तक भुगतान को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई, तो वे कार्यालय में ताला जड़ देंगे।

रजनीकांत अग्रवाल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे 30 मार्च 2026 को दोपहर 1 बजे अंबिकापुर स्थित PHE कार्यालय के सामने आत्मदाह करेंगे। उन्होंने इस संभावित घटना की पूरी जिम्मेदारी विभाग और संबंधित अधिकारियों पर डाली है। इस मामले की सूचना पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय दण्डाधिकारी, अधीक्षण अभियंता और कार्यपालन अभियंता को भी भेजी गई है।

वहीं, PHE विभाग के जिला अधिकारी ओंकार सिंह ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद उपअभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर चेतावनी को किस तरह लेता है और समय रहते क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

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अंबिकापुर संजय पार्क में 15 हिरणों की मौत पर साय सरकार सख्त,5 निलंबित,जांच टीम गठित।

 

 

 

 

अंबिकापुर स्थित संजय पार्क में आवारा कुत्तों के हमले से 15 हिरणों की मौत के मामले को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच के लिए समिति का गठन कर दिया गया है।

जांच समिति की अध्यक्षता दो वरिष्ठ अधिकारियों CCF सरगुजा और CCF वाइल्ड लाइफ को सौंपी गई है। यह टीम पूरे मामले की विस्तृत जांच कर अपना प्रतिवेदन शासन को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

इसके अलावा समिति संजय पार्क की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी अपने सुझाव देगी।

इधर, पार्क का संचालन कर रही वन प्रबंधन समिति शंकरघाट को भंग कर दिया गया है। मामले में लापरवाही के आरोप में अब तक डिप्टी रेंजर सहित पांच कर्मचारियों को निलंबित किया गया है, जबकि संबंधित रेंजर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

बहरहाल सरकार इस घटना को लेकर सख्त नजर आ रही है और जिम्मेदारों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है।

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ब्रेकिंग पत्रवार्ता : रायगढ़ में 72 घंटे के भीतर अफीम की खेती पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, कई जगह भंडाफोड़।

 

 

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ प्रशासन का सख्त अभियान जारी है। बीते 72 घंटों के भीतर जिला प्रशासन ने तमनार से लेकर लैलूंगा क्षेत्र तक अफीम की अवैध खेती का भंडाफोड़ करते हुए कई आरोपियों को हिरासत में लिया है।

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान से अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है।

ड्रोन सर्वे से मिली बड़ी सफलता

प्रशासन द्वारा जिले के सभी अनुविभागों में व्यापक ड्रोन सर्वे कराया गया। खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकडेगा, रायगढ़, पुसौर और धरमजयगढ़ क्षेत्रों के दर्जनों गांवों में सघन निगरानी की गई। ड्रोन तकनीक के जरिए दुर्गम इलाकों में भी अवैध खेती की पहचान कर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकी।

तमनार में 2 करोड़ की अफीम जब्त

19 मार्च को तमनार के आमाघाट में छापेमारी के दौरान सब्जी की खेती की आड़ में अफीम उगाई जा रही थी। पुलिस ने यहां से 60,326 पौधे बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये आंकी गई है। मुख्य आरोपी मार्शल सांगा (झारखंड निवासी) को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पूरी फसल नष्ट कर दी गई है।

लैलूंगा में भी कार्रवाई

23 मार्च को लैलूंगा तहसील के नवीन घटगांव में सादराम नाग द्वारा खेत में छिपाकर अफीम की खेती करने का मामला सामने आया। पुलिस ने फसल जब्त कर आरोपी को हिरासत में लिया। वहीं, अभिमन्यु नागवंशी के घर से सूखी अफीम भी बरामद की गई, जिसे नष्ट करने की कोशिश की जा रही थी।

इसके अलावा मुड़ागांव में तानसिंह नागवंशी से पूछताछ में भी संदिग्ध खेती की जानकारी मिली है। उसके घर से अवशेष बरामद कर जांच के लिए भेजे गए हैं।

सख्त कार्रवाई के संकेत

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों की अवैध खेती गंभीर अपराध है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अब तक दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि आगे नारकोटिक्स एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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शादी का झांसा देकर दैहिक शोषण का मामला, आरोपी ज्ञानचंद तिर्की गिरफ्तार,पुलिस ने भेजा जेल।

 

 

 

जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर महिला के साथ लंबे समय तक शारीरिक शोषण करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बगीचा थाना क्षेत्र की 32 वर्षीय महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2021 में उसका परिचय ग्राम डगडौआ निवासी ज्ञानचंद तिर्की से हुआ था। परिचय के बाद दोनों के बीच बातचीत होने लगी। आरोप है कि आरोपी ने उसे प्यार करने और शादी करने का झांसा देकर 24 दिसंबर 2022 की रात करीब 11 बजे उसके घर पहुंचकर पहली बार शारीरिक संबंध बनाया।

महिला का आरोप है कि इसके बाद आरोपी 15 फरवरी 2026 तक कई बार उससे शारीरिक संबंध बनाता रहा। जब महिला ने आरोपी पर शादी करने का दबाव बनाया तो वह टालमटोल करता रहा और मारपीट भी की। बाद में आरोपी ने शादी करने से साफ इंकार कर दिया।

महिला की लिखित शिकायत पर बगीचा पुलिस ने आरोपी ज्ञानचंद तिर्की पिता सुलेमान तिर्की, निवासी ग्राम डगडौआ थाना बगीचा जिला जशपुर के खिलाफ धारा 366 व 376(2)(n) भादवि के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

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पीलिया से 13 वर्षीय बालक की मौत, शहर में दूषित पेयजल को लेकर आक्रोश।

 

 

 

 

अंबिकापुर के नमनाकला खटिकपारा क्षेत्र में 13 वर्षीय बालक दिव्यांश राय की पीलिया से मौत हो गई है। इससे पहले 22 फरवरी को झँझटपारा नवापारा निवासी 40 वर्षीय सोना लाल की भी पीलिया के कारण मृत्यु हो चुकी है। लगातार हो रही मौतों के बाद शहर में हड़कंप की स्थिति है।

दूषित पानी पर उठ रहे सवाल

नवागढ़, घुटरापारा सहित कई वार्डों में पीलिया के मरीज सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम की पेयजल आपूर्ति दूषित है, जिसके चलते संक्रमण तेजी से फैल रहा है। प्रभावित इलाकों में गंदे पानी की सप्लाई को लेकर लंबे समय से शिकायतें की जा रही थीं।

स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने प्रभावित वार्डों में पानी के सैंपल लेना और जांच शुरू कर दी है। मरीजों की स्क्रीनिंग, क्लोरीनेशन और जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। हालांकि, लगातार बढ़ते मामलों ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

निगम की कार्यप्रणाली पर विपक्ष हमलावर

जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने 25 फरवरी को नए नगर निगम भवन के घेराव का ऐलान किया है। दोपहर 12:30 बजे कोठीघर में एकत्र होकर रैली के रूप में गौरव पथ स्थित नए निगम कार्यालय की ओर कूच किया जाएगा। विपक्ष का आरोप है कि नगर निगम की लापरवाही के कारण शहर में पीलिया का प्रकोप बढ़ा है।

टीएस सिंहदेव का बयान 

टी. एस. सिंहदेव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इसे स्थानीय प्रशासन की गंभीर लापरवाही का परिणाम बताया है। उन्होंने पेयजल व्यवस्था की तत्काल समीक्षा और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

शहर में पीलिया प्रकोप को लेकर लोगों में आक्रोश है। अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी है।

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सड़क पर डम्प मिट्टी बनी जानलेवा,नहर में गिरी ट्रैक्टर,चालक की दबकर मौत।

  

 

 

जशपुर जिले के बगीचा क्षेत्र में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। नगर पंचायत बगीचा के भट्ठीकोना रोड स्थित नहर में एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर जा गिरी, जिससे ट्रैक्टर चालक की मौके पर ही मौत हो गई।

मृतक की पहचान नीलेश्वर यादव (22 वर्ष) पिता दुबराज यादव, निवासी खरीडांड के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर क्रमांक CG 14 MQ 5606 सड़क से गुजर रही थी, तभी अचानक वाहन अनियंत्रित होकर सीधे नहर में जा गिरी और चालक ट्रैक्टर के नीचे दब गया।

हादसे के बाद मचा हड़कंप

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के वार्डवासी बड़ी संख्या में मौके पर इकट्ठा हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही बगीचा पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया। हाइड्रा मशीन की सहायता से ट्रैक्टर और चालक के शव को नहर से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।

सड़क पर डम्प मिट्टी बनी हादसे की वजह?

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क पर मकान निर्माण के लिए मिट्टी डम्प की गई थी, जिससे सड़क संकरी हो गई थी। सड़क के एक ओर मिट्टी का ऊंचा ढेर था और दूसरी ओर गहरी नहर। ऐसे में तेज रफ्तार ट्रैक्टर के लिए रास्ता बेहद जोखिम भरा हो गया और वाहन सीधे नहर में जा गिरी।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क पर मिट्टी डम्प कर रास्ता बाधित नहीं किया गया होता, तो यह दुखद हादसा टाला जा सकता था। लोगों ने मांग की है कि जिन लोगों द्वारा सड़क को अवरुद्ध कर दुर्घटना की स्थिति पैदा की गई, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

पुलिस जांच में जुटी

पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

इस घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है और प्रशासन की लापरवाही को लेकर लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है।

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उरांव समाज में दो फाड़,वायरल ऑडियो को लेकर कृपाशंकर भगत से हाथापाई, संतन भगत पर मामला दर्ज,वीर बुधु भगत जयंती कार्यक्रम में हुई थी घटना।

 

 

 

उरांव समाज के दो प्रमुख पदाधिकारियों के बीच चल रहा विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है। कृपाशंकर भगत के कथित ऑडियो वायरल होने के बाद शुरू हुई जुबानी जंग 17 फरवरी को आयोजित वीर बुधु भगत जयंती कार्यक्रम में मारपीट तक पहुंच गई।जहां संतन भगत ने समाज के सामने ही कृपाशंकर भगत को अश्लील गाली गलौज हाथापाई कर सुधरने की नसीहत दे डाली।हांलाकि बीच बचाव कर तत्काल मामले को शांत कर लिया गया था।पुनः दोनों पक्षों ने जशपुर पुलिस में लिखित आवेदन देकर कार्यवाही की मांग की है।जिसपर जशपुर पुलिस ने कृपाशंकर भगत की शिकायत पर संतन भगत के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर मामले की जांच शुरु कर दी है।

पत्रवार्ता को प्राप्त जानकारी के अनुसार, बरटोली निवासी संतन राम भगत ने आरोप लगाया है कि 16 फरवरी 2026 को कृपाशंकर भगत द्वारा उन्हें एवं समाज के प्रतिष्ठित लोगों को लेकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। उन्होंने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक जशपुर को लिखित शिकायत सौंपते हुए मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने और छवि धूमिल करने का आरोप लगाया है।

वहीं दूसरी ओर, टिकैतगंज निवासी कृपाशंकर भगत ने 17 फरवरी को ग्राम डांडटोली में आयोजित सरना पूजा एवं वीर बुधु भगत जयंती कार्यक्रम के दौरान संतन भगत पर सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज,मारपीट, धक्का-मुक्की एवं जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। उन्होंने सिटी कोतवाली जशपुर में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

थाना सिटी कोतवाली जशपुर द्वारा कृपाशंकर भगत की शिकायत पर संतन भगत के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(2), 296(b), 115(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गई है।

दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद उरांव समाज में भी चर्चा का माहौल है। सोशल मीडिया पर वायरल कथित ऑडियो को लेकर भी विवाद गहराता जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच उपरांत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।बहरहाल उरांव समाज के पदाधिकारियों के आपसी टकराहट से सामाजिक संगठन पर काफी गहरा असर पड़ सकता है।

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फर्जी कलेक्ट्रेट अफसर बनकर 4.35 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार।

जशपुर जंक्शन,18 फ़रवरी 

थाना सिटी कोतवाली जशपुर क्षेत्र में खुद को कलेक्ट्रेट का बड़ा अधिकारी बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर दो युवकों से 4 लाख 35 हजार रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी प्रदीप पंडा (28 वर्ष) निवासी सोडापाठ चौक पुसौर, थाना पुसौर, जिला रायगढ़ (छ.ग.) है। आरोपी के खिलाफ थाना सिटी कोतवाली जशपुर में बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

प्रार्थी रोहित खाखा (23) निवासी ग्राम इचकेला ने 16 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी ने उसकी मां को झांसे में लेकर कलेक्ट्रेट में सुरक्षा गार्ड की नौकरी लगाने का दावा किया। पहले 50 हजार रुपए, फिर ज्वाइनिंग लेटर के नाम पर 1.50 लाख रुपए लिए बाद में एक अन्य युवक उमेश भगत से भी 2.35 लाख रुपए ऐंठ लिए।

शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को जशपुर के एक होटल से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने ठगी की रकम से उधारी चुकाने, फर्नीचर व कंप्यूटर खरीदने तथा अन्य खर्च करने की बात स्वीकार की।

पुलिस ने उसके तथाकथित कार्यालय से टेबल, कुर्सी और कंप्यूटर जब्त कर लिए हैं। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

कार्रवाई में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली निरीक्षक मोरध्वज देशमुख सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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1400 गौवंश गायब..? आदर्श गोठान पोरतेंगा में बड़ा घोटाला? जांच की मांग हुई तेज,गौठान की आड़ में गौ तस्करी का बड़ा सिंडीकेट....।

 

 

जिले के पोरतेंगा स्थित आदर्श गोठान में बड़े पैमाने पर अनियमितता और गौवंश गायब होने का गंभीर आरोप सामने आया है। मामले में गौ रक्षक व शिकायतकर्ता कृपा शंकर भगत ने जिला प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

शिकायत के अनुसार वर्ष 2020-21 से अब तक जशपुर जिले के विभिन्न थाना एवं चौकियों से लगभग 1400 गौवंश ग्राम पंचायत पोरतेंगा के आदर्श गोठान को सुपुर्द किए गए थे। आरोप है कि वर्तमान में गोठान परिसर में एक भी गौवंश मौजूद नहीं है,जिससे पूरे मामले में भारी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।

उन्होंने सीधे साफ शब्दों में कहा है कि आदर्श गौठान की आड़ में बड़े गौ वंश तस्करी का सिंडिकेट चल रहा है जिसमें जांच व कार्यवाही की आवश्यकता है।

शिकायत में पूर्व सरपंच रोहित खलखो पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि किसानों के आधार कार्ड लेकर गौवंश को उनके नाम पर दर्शाया गया और बाद में कथित रूप से गौ तस्करों एवं गौ हत्यारों को बेच दिया गया। यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं तो यह न केवल शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग का मामला होगा, बल्कि पशु क्रूरता और अवैध व्यापार से जुड़ा गंभीर अपराध भी माना जाएगा।

मामले को लेकर अब स्थानीय गौसेवकों में लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। शिकायत पत्र जिला कलेक्टर कार्यालय जशपुर में प्रस्तुत किया गया है, जिसमें निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में कितनी तत्परता से जांच करता है और सच्चाई सामने लाता है। यदि 1400 गौवंश के गायब होने की पुष्टि होती है तो यह जिले का अब तक का बड़ा गोठान घोटाला साबित हो सकता है।

मामले में एडिशनल एसपी राकेश कुमार पाटनवार ने जांच की बात कही है।

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स्कूल में बाइबिल बांटने और कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में व्याख्याता निलंबित।

 

 

 

जिले के फरसाबहार विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केरसई में पदस्थ व्याख्याता (एल.बी.) दीपक तिग्गा को गंभीर आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन आदेश लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़, नवा रायपुर द्वारा जारी किया गया है।

पत्रवार्ता को प्राप्त जानकारी के अनुसार, कलेक्टर जशपुर के पत्र के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। आरोप है कि संबंधित शिक्षक बिना पूर्व सूचना या अवकाश स्वीकृति के विद्यालय से अनुपस्थित रहते थे, विद्यालयीन समय में अध्यापन कार्य छोड़कर अन्यत्र चले जाते थे, शिक्षक दैनंदिनी तैयार नहीं करते थे तथा विषय से संबंधित पाठ्यक्रम पूर्ण नहीं किया गया। साथ ही उपस्थिति पंजी में अनुपस्थित रहने के बाद हस्ताक्षर करने और प्राचार्य द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस की प्राप्ति से इंकार करने की भी बात सामने आई है।

सोशल मीडिया पर प्रसारित वेब न्यूज के अनुसार 10 फरवरी 2026 को विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को बाइबिल की छोटी पुस्तिकाएं बांटने का मामला भी जांच के दायरे में है।

आदेश में उल्लेख किया गया है कि उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 एवं 7 के विपरीत गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है। छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत उन्हें निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जशपुर कार्यालय नियत किया गया है। निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

जिला शिक्षा अधिकारी को सात दिवस के भीतर आरोप पत्र का प्रारूप उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मामले को लेकर शिक्षा विभाग में हलचल देखी जा रही है।

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कैलाश गुफा महाशिवरात्रि मेला जाते वक्त बड़ा हादसा,अभिषेक यादव की मौके पर मौत।

 

 

 

बलरामपुर जिले से बड़ी खबर सामने आई है। बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत डिपाडीह कलां में तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। महाशिवरात्रि के अवसर पर जशपुर जिले के प्रसिद्ध कैलाश गुफा मेले में जा रही एक बाइक अनियंत्रित होकर कनहर नदी की पुलिया से नीचे गिर गई।

पुलिस सूत्रों से पत्रवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार युवक सबाग से मेला देखने कैलाश गुफा जा रहा था। इसी दौरान डिपाडीह कलां के पास पुलिया पर बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वाहन सीधे नदी में जा गिरी। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

मृतक की पहचान अभिषेक यादव पिता नंदकुमार यादव, निवासी सबाग, थाना सामरी के रूप में हुई है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।

मामले की जांच में शंकरगढ़ पुलिस जुटी हुई है। पुलिस द्वारा पंचनामा कार्रवाई कर आगे की वैधानिक प्रक्रिया की जा रही है।

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मेला जाते समय हुआ यह दर्दनाक हादसा क्षेत्रवासियों के लिए स्तब्ध कर देने वाला है।

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ब्रेकिंग जशपुर : कुएं में गिरकर युवक की मौत, दो दिनों से पड़ा था शव।

 

 

 

जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र अंतर्गत लघुटरी गांव में एक युवक की कुएं में गिरने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक का शव दो दिनों से कुएं में पड़ा हुआ था।

पुलिस सूत्रों से पत्रवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार एक कृषक सिंचाई के लिए खेतों में उसी कुएं से पानी लेकर सिंचाई कर रहा था।कुएं का जल स्तर कम होने पर उसकी नजर कुएं के अंदर पड़े शव पर पड़ी।

घटना की सूचना तत्काल बगीचा पुलिस को दी गई।

मृतक की पहचान नरहरी (20 वर्ष), पिता मधुसूदन नगेशिया, निवासी लघुटरी गांव के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाया गया।

बगीचा अस्पताल से बीएमओ डॉ. सुनील लकड़ा भी मौके पर पहुंचे और शव पंचनामा व पोस्टमार्टम की कार्यवाही में सहयोग किया।फिलहाल पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच में जुटी है। मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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सड़क हादसों में “गोल्डन ऑवर” इलाज अब कैशलेस,कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशन में सारी तैयारियां पूर्ण।

 

 

सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की जान बचाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई PM राहत योजना अब छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में लागू होने जा रही है। इस योजना के लागू होने से जशपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के सड़क हादसा पीड़ितों को दुर्घटना के बाद शुरुआती “गोल्डन ऑवर” में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।

योजना को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा लागू किया जा रहा है, जिसके तहत दुर्घटना के बाद अस्पताल पहुंचने वाले घायल को 7 दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज मिलेगा।

भारत में हर साल लाखों सड़क दुर्घटनाओं में मौतें केवल समय पर इलाज न मिलने के कारण होती हैं, जिन्हें कम करने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है।

क्या है योजना की खास बातें

दुर्घटना के बाद पहले 1 घंटे (गोल्डन ऑवर) में भर्ती होने पर कैशलेस इलाज

7 दिन तक अधिकतम ₹1.5 लाख तक उपचार

112 इमरजेंसी सेवा से सीधा लिंक

पुलिस पुष्टि के बाद अस्पताल को सीधे भुगतान

बीमित व बिना बीमा दोनों मामलों में लागू

योजना का संचालन तकनीकी प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और जनरल इंश्योरेंस काउंसिल की भी भागीदारी रहेगी।

जशपुर में कैसे मिलेगा लाभ

जशपुर जिले में सड़क दुर्घटनाएं अक्सर ग्रामीण सड़कों और हाईवे पर होती हैं, जहां समय पर अस्पताल पहुंचना बड़ी चुनौती रहता है। 

अब कोई भी राहगीर 112 पर कॉल कर मदद बुला सकेगा

नजदीकी चिन्हित अस्पताल में सीधे भर्ती किया जाएगा

परिजनों को तत्काल पैसे की व्यवस्था नहीं करनी पड़ेगी

प्रशासन की तैयारी

छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में खातों और तकनीकी लॉगिन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जिला प्रशासन, पुलिस और अस्पतालों को प्रशिक्षण देकर योजना जल्द पूर्ण रूप से लागू की जा रही है।जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशन में उक्त योजना की सारी तैयारियां लगभग पूर्णता की ओर है।

इस योजना के लागू होने से जशपुर जैसे दूरस्थ जिलों में सड़क हादसों के बाद होने वाली मौतों में बड़ी कमी आने की उम्मीद है। अब “पहले इलाज, बाद में कागजी कार्रवाई” की व्यवस्था लागू होगी, जिससे समय पर उपचार मिल सकेगा।

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नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, पुलिस जांच में जुटी — फॉरेंसिक टीम मौके पर।

 

 

 

 

जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता एक विशेष संरक्षित जनजातीय समुदाय से बताई जा रही है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, घटना बीती रात एक स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हुई बताई जा रही है। आरोप है कि कुछ युवक नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए, जिसके बाद दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया।

घटना की सूचना मिलते ही बगीचा पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर लिया गया है। फॉरेंसिक टीम भी साक्ष्य जुटाने के लिए घटनास्थल पर पहुंच चुकी है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उनकी पहचान और पृष्ठभूमि की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।

एडिशनल एसपी राकेश कुमार पाटनवर ने बताया कि मामले की जांच के लिए बगीचा एसडीओपी दिलीप कोसले को निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि, “मामले में सभी आवश्यक कानूनी धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।”

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और किसी भी प्रकार की संवेदनशील जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें, ताकि पीड़िता की पहचान गोपनीय बनी रहे। मामले की जांच जारी है।

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शिव धाम कैलाश गुफा की अव्यवस्थाओं पर सनातन संत समाज आक्रोशित,SDM से मिलकर तत्काल कार्रवाई की मांग...?

 

 

 

जिले के प्रसिद्ध शिवधाम कैलाश नाथेश्वर गुफा में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर श्रद्धालुओं और सनातन संत समाज के वरिष्ठ जनों ने प्रशासन के समक्ष मोर्चा खोल दिया है। प्रतिनिधिमंडल ने बगीचा अनुविभागीय दण्डाधिकारी प्रदीप राठिया से मुलाकात कर विस्तृत मांगपत्र सौंपा है और शीघ्र समाधान की मांग की है।

पूज्य गहिरा गुरु के साथ पूरी।जिंदगी बिताने वाले संत समाज के वरिष्ठजन और ग्रामीणों का कहना है कि कैलाश गुफा क्षेत्र धार्मिक, सांस्कृतिक और आस्था का प्रमुख केंद्र है, लेकिन वर्तमान में यहां तानाशाही रवैये के कारण कई व्यवस्थागत समस्याएं बनी हुई हैं, जिनसे श्रद्धालुओं को असुविधा हो रही है।

SDM प्रदीप राठिया ने बताया कि ग्रामीणों एवं संत समाज ने अपना पक्ष रखा है। मांगों में कैलाश गुफा मंदिर का ताला खुलवाने तथा महाशिवरात्रि मेले का आयोजन पूर्व निर्धारित पुराने स्थल पर ग्राम पंचायत के माध्यम से कराए जाने सहित अन्य विषय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सभी बिंदुओं पर विधि अनुसार कार्यवाही की जा रही है।

प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं

कैलाश नाथेश्वर गुफा मंदिर का ताला खोला जाए ताकि श्रद्धालु नियमित रूप से दर्शन–पूजन कर सकें।

गायबुड़ा चौक से मुढ़ी मार्ग तक बंद किए गए पैदल रास्ते को पुनः खोला जाए, जिससे पारंपरिक आवागमन बहाल हो सके।

महाशिवरात्रि मेले का आयोजन बुढ़ामहादेव के पास उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित पुराने मेला डांड़ में किया जाए।

गुफा प्रांगण में गांजा, शराब जैसे मादक पदार्थों की बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।

कैलाश नाथेश्वर गुफा के लिए सार्वजनिक धर्मस्व ट्रस्ट का गठन किया जाए, जिसमें सभी वर्गों के लोगों को शामिल किया जाए। परम पूज्य गहिरा गुरु जी के समय से कार्यरत पदाधिकारियों को प्राथमिकता देने की मांग की गई है।

आय-व्यय का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक धर्मस्व ट्रस्ट के माध्यम से पारदर्शी ढंग से सार्वजनिक किया जाए।

मेले के दौरान ग्राम पंचायत को मेला संचालन और राजस्व वसूली का अधिकार दिया जाए, ताकि पंचायत आर्थिक रूप से सशक्त हो सके।

कैलाश गुफा से लगे रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र (सारूढाब, गायबूड़ा, सोनगेरसा) की भूमि का सीमांकन कर उसे सुरक्षित किया जाए।

अलकनंदा के उद्गम स्थल को संत समाज श्रमदान व समयदान से घेराबंदी कर सुरक्षित करना चाहता है, इसके लिए ग्राम पंचायत को आवश्यक निर्देश और स्वीकृति देने की मांग की गई है।

आंदोलन की चेतावनी

संत समाज और ग्रामीणों ने प्रशासन को 2 फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि इस तिथि तक कैलाश नाथेश्वर गुफा मंदिर का ताला नहीं खोला गया, तो 5 फरवरी से वृहद जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन शांतिपूर्ण होगा, लेकिन आस्था से जुड़े इस विषय पर अब और विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।

फिलहाल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी मांगों की जांच कर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।एसडीएम ने संस्था को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।उन्होंने आश्वासन दिया है कि उनका प्रयास है कि कोई अप्रिय स्थिति निर्मित न हो शांति से मामले का निराकरण विधिपूर्ण तरीके से किया जाएगा।

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कैलाश गुफा शिव मंदिर बंद रहने से बढ़ा जन आक्रोश, 5 फरवरी से अनिश्चितकालीन जनआंदोलन की चेतावनी।

 

 

 

 

छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैलाश गुफा शिव मंदिर को लंबे समय से बंद रखे जाने को लेकर क्षेत्र में असंतोष गहराता जा रहा है। स्थानीय श्रद्धालुओं और सनातन समाज के लोगों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मंदिर खुलवाने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर 5 फरवरी 2026 से विशाल जनआंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।

कलेक्टर व एसपी को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि कैलाश गुफा स्थित शिव मंदिर, जिसे पूज्य गहिरा गुरु के द्वारा कठोर साधना कर स्थापित किया गया था।सनातन परंपरा से जुड़े संतों और भक्तों का जहां अथक परिश्रम,अंश एवं सहयोग लगा है जो कोरोना काल से बंद है। आरोप है कि मंदिर संस्था के अध्यक्ष बभ्रुवाहन सिंह के द्वारा अब तक मंदिर के कपाट नहीं खोले गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं में रोष व्याप्त है।

आश्वासन देकर टालते रहे

समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि 6 अक्टूबर 2025 को इस संबंध में अध्यक्ष को ज्ञापन दिया गया था। उस समय संत समाज के एक पदाधिकारी द्वारा 45 दिन के भीतर मंदिर खोलने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय गुजरने के बाद भी मंदिर नहीं खोला गया।

इसके बाद 31 दिसंबर 2025 को ग्राम चुन्दापाठ में आयोजित आमसभा में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई। सभा में मौजूद प्रतिनिधियों के अनुसार, वहां 14 जनवरी मकर संक्रांति तक मंदिर खुलवाने की लिखित घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं हुआ। लोगों का आरोप है कि इस आश्वासन के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

 

मारपीट का आरोप

ज्ञापन में एक गंभीर आरोप यह भी लगाया गया है कि मंदिर खुलवाने की मांग को लेकर कैलाश गुफा गए श्रद्धालुओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। 21 सितंबर 2025 को 81 वर्षीय एक बुजुर्ग श्रद्धालु सियाराम यादव के साथ कथित रूप से मारपीट की घटना हुई, जिससे समाज में भय और आक्रोश का माहौल है। इस मामले में अध्यक्ष पक्ष से जुड़े एक व्यक्ति पर आरोप लगाया गया है। हालांकि इस संबंध में प्रशासनिक स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

 

समिति गठन की मांग

श्रद्धालुओं का कहना है कि वर्तमान में मंदिर प्रबंधन के लिए सार्वजनिक ट्रस्ट संगठित समिति का गठन नहीं है, जिससे व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने प्रशासन से नए ट्रस्ट के गठन की मांग भी की है ताकि मंदिर का संचालन पारदर्शी तरीके से हो सके।

 

प्रशासन को अल्टीमेटम

ज्ञापन में जिला प्रशासन से मांग की गई है कि 2 फरवरी 2026 तक मंदिर के कपाट खुलवाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अन्यथा 5 फरवरी से कैलाश गुफा परिसर में अनिश्चित कालीन जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की बताई गई है।

इस ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री, क्षेत्रीय सांसदों, स्थानीय विधायक, पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को भी भेजी गई है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील धार्मिक मामले में क्या कदम उठाता है, क्योंकि श्रद्धालुओं की भावनाएं इससे गहराई से जुड़ी हुई हैं।पहले भी श्रद्धालुओं के द्वारा सीधे मुख्यमंत्री से मामले की शिकायत की जा चुकी है जिसमें अब तक प्रशासन के द्वारा कोई पहल नहीं की गई है।

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