प्रदेश
ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज में हुई दुर्घटना पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा केयर आईसीयू में आग लगने की दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक बताया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुखद घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता उनके साथ खड़ी है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय को सहने की शक्ति प्रदान करें।
“मरीजों की सेहत से समझौता नहीं” - स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का मनेन्द्रगढ़ सिविल अस्पताल में औचक निरीक्षण
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने रविवार को शासकीय सिविल अस्पताल मनेन्द्रगढ़ का औचक निरीक्षण कर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में उपचार व्यवस्था, दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई तथा अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने डॉक्टरों एवं अस्पताल प्रबंधन से आवश्यक जानकारी लेते हुए मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि मरीजों को समय पर इलाज और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल का औपचारिक निरीक्षण किया। रविवार होने के कारण ओपीडी बंद थी, इसके बावजूद उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और साफ-सफाई को लेकर संतोष व्यक्त किया।
सीएचएमओ डॉ. खरे ने बताया कि अस्पताल परिसर में अनावश्यक रूप से आने वाले अवांछनीय तत्वों की रोकथाम के लिए सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। ऐसे लोगों पर निगरानी रखने के लिए अस्पताल में सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था की गई है, जो दो शिफ्टों में तैनात रहते हैं। उन्होंने बताया कि भविष्य में जब मेडिकल कॉलेज प्रारंभ होगा, तब सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा। इस दौरान सीएचएमओ डॉ. अविनाश खरे, स्वप्निल तिवारी, मंडल अध्यक्ष रवि वर्मा सहित अस्पताल के चिकित्सक, अधिकारी एवं स्टाफ उपस्थित रहे।
गढ़फुलझर नानकसागर में होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुएमुख्यमंत्री विष्णु देव साय बनेगा आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक एवं पवित्र स्थल गढ़फुलझर के नानकसागर में आयोजित होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने यहां पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेका तथा विशेष कीर्तन समागम और अरदास में भाग लेकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर सिख समाज की ओर से मुख्यमंत्री को सरोफा भेंट कर आत्मीय सम्मान किया गया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि गढ़फुलझर की पावन धरती स्थित नानकसागर अत्यंत श्रद्धा और आस्था का केंद्र है, जहां पूज्य गुरु नानक देव जी के चरण पड़े हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ संतों की तपोभूमि रही है, जहां अनेक महान संतों ने मानवता, सेवा और सद्भाव का संदेश दिया है। इस पवित्र स्थल पर आकर उन्हें अत्यंत गर्व और आत्मिक आनंद की अनुभूति हो रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी प्रमुख तीर्थस्थलों के संरक्षण और समुचित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में गढ़फुलझर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। इसके विकास कार्यों के लिए लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है और निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा नानकसागर क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाए, जिससे यह स्थल प्रदेश और देश के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके।
बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि सिख समाज सदैव संगठन, सेवा और सामाजिक समरसता की भावना के साथ आगे बढ़ने वाला समाज रहा है।
उन्होंने कहा कि गढ़फुलझर न केवल सिख समाज की आस्था का केंद्र है, बल्कि यह सर्वधर्म समभाव और सद्भावना की जीवंत मिसाल भी है।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सिंह सवन्नी, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा सहित सिख समाज के अनेक गणमान्यजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
साइबर ठगों से बचने के लिए विद्युत उपभोक्ता रहे सतर्क, सतर्कता ही समझदारी मोर बिजली मोबाइल एप केवल Play Store या App Store से ही डाउनलोड करें।
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के पंजीयन अथवा किसी भी प्रकार के भुगतान के लिए किसी अनजान वॉट्सएप, मेल अथवा एसएमएस पर क्लिक करने से बचें । मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के नाम पर किसी भी लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड न करें। छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी अपनी किसी भी योजना अथवा सेवा के लिए कभी भी कोई एपीके पाइल अथवा कोई वेब लिंक नहीं भेजती है।
छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी से के एमडी श्री भीम सिंह से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना को आम उपभोक्ता तक पहुँचाने पॉवर कंपनी मैदानी स्तर पर शिविर का करेगी। उपभोक्ता अपना कोई भी भुगतान सिर्फ मोर बिजली एप, कंपनी की वेबसाइट, एटीपी सेंटर अथवा नजदीकी कार्यालय में ही करें, किसी मैदानी कर्मचारी को भी नकद भुगतान न करने की सलाह दी गई है। पंजीयन राशि के भुगतान की सुविधा केवल मोर बिजली एप, एटीपी केंद्र और संबंधित विद्युत कार्यालय के माध्यम से ही उपलब्ध कराई गई है। बिजली बिल भुगतान हो या कोई अन्य सूचना पॉवर कंपनी अपने उपभोक्ताओं को संदेश सिर्फ CSPDCL-S सेंडर ID से ही भेजती है।
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना अथवा विद्युत सेवा से संबंधित किसी अन्य जानकारी के लिए पॉवर कंपनी की केंद्रीकृत कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 1912 पर उपभोक्ता कॉल कर सकते हैं, अथवा नजदीकी सीएसपीडीसीएल के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 शुरू, 28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को 757 करोड़ की राहत।
विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर में “बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026” का शुभारंभ किया। इस योजना के माध्यम से राज्य के लगभग 28 लाख 42 हजार बिजली उपभोक्ताओं को 757 करोड़ रुपये से अधिक की राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सालय के सभागार से योजना का शुभारंभ करते हुए हितग्राहियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आज जीवन की मूलभूत आवश्यकता बन चुकी है, लेकिन आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई परिवार समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाते, जिससे सरचार्ज बढ़ जाता है। इस समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने यह समाधान योजना शुरू की है, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 2,931 हितग्राहियों को 8 करोड़ 79 लाख रुपये की सब्सिडी भी अंतरित की। उन्होंने बताया कि इस योजना के प्रति प्रदेश में लोगों की रुचि बढ़ रही है और अब तक करीब 36 हजार लोग इससे जुड़ चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश के लगभग 18 हजार गांवों तक बिजली पहुंचाई गई, जिससे लंबे समय से अंधेरे में रहे गांव भी रोशन हुए। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अपने संसाधनों से लगभग 30 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन किया जा रहा है और सरकार प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में कई उपभोक्ता बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाए थे, जिससे बकाया बढ़ गया था। राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं की इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए समाधान योजना लागू की है।
योजना के तहत 31 मार्च 2023 की स्थिति में निष्क्रिय उपभोक्ता, सक्रिय एकल बत्ती कनेक्शनधारी उपभोक्ता तथा सक्रिय अशासकीय घरेलू व कृषि उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। इनमें अधिभार (सरचार्ज) में 100 प्रतिशत छूट तथा मूल बकाया राशि में 75 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान रखा गया है।
योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को पंजीयन के समय बकाया राशि का कम से कम 10 प्रतिशत भुगतान करना होगा, जबकि शेष राशि किस्तों में जमा की जा सकेगी। यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी।
कार्यक्रम में रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, रायपुर नगर निगम महापौर मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी और विद्युत उपभोक्ता उपस्थित थे।
नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम / उप निर्वाचन 2026 हेतु निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी।
छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आगामी आम एवं उप निर्वाचन 2026 के लिए निर्वाचक नामावली तैयार एवं पुनरीक्षित किए जाने हेतु कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार स्थानीय निकायों की निर्वाचक नामावली दिनांक 01 अप्रैल 2026 की स्थिति के आधार पर तैयार की जाएगी। जिन मतदाताओं के नाम संबंधित स्थानीय निकाय के क्षेत्र, वार्ड अथवा पंचायत से संबंधित भारत निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची में दर्ज होंगे, वही मतदाता स्थानीय निकायों की निर्वाचक नामावली में नाम दर्ज कराने के पात्र होंगे।
जारी कार्यक्रम के अनुसार दावे-आपत्तियों के निपटारे की अंतिम तिथि 23 अप्रैल 2026 तक जिन मतदाताओं के नाम भारत निर्वाचन आयोग की विधानसभा निर्वाचक नामावली में दर्ज होंगे, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रारूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अथवा सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर स्थानीय निकाय की निर्वाचक नामावली में अपना नाम दर्ज करा सकेंगे।
नगरीय निकाय उप निर्वाचन के अंतर्गत अध्यक्ष के कुल 02 पद, क्रमशः नगरपालिका परिषद सारंगढ़ (जिला-सारंगढ़-बिलाईगढ़) तथा नगरपालिका परिषद शिवपुर-चरचा (जिला-कोरिया) में रिक्त हैं, साथ ही पार्षदों के 15 पद भी रिक्त हैं। इसके अतिरिक्त नवगठित चार निकायों—नगर पंचायत घुमका (जिला-राजनांदगांव), नगर पंचायत बम्हनीडीह (जिला-जांजगीर-चांपा), नगर पंचायत शिवनंदनपुर (जिला-सूरजपुर) तथा नगर पंचायत पलारी (जिला-बलौद)—में अध्यक्ष के 04 पद तथा पार्षदों के कुल 60 पद रिक्त हैं।
इसी प्रकार त्रिस्तरीय पंचायतों में जनपद पंचायत सदस्य के 08 पद, सरपंच के 78 पद तथा पंच के 1056 पद रिक्त हैं। इस प्रकार प्रदेश के 33 जिलों में कुल 1142 पद रिक्त हैं, जिनका निर्वाचन कराया जाना है।
निर्वाचक नामावली तैयार करने हेतु जारी कार्यक्रम के अनुसार रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा प्राधिकृत अधिकारियों का प्रशिक्षण 24 मार्च 2026 तक कराया जाएगा तथा निर्वाचक नामावली का मुद्रण 09 अप्रैल 2026 तक किया जाएगा। निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन 13 अप्रैल 2026 को किया जाएगा, जिसके बाद दावे-आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। दावे-आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तिथि 20 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है, जबकि प्रारूप क-1 में दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 24 अप्रैल 2026 होगी। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा दावे-आपत्तियों के निराकरण के आदेश के विरुद्ध अपील ऐसा आदेश पारित होने के 05 दिवस के भीतर सक्षम अधिकारी के समक्ष की जा सकेगी। निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 05 मई 2026 को किया जाएगा।
आम में मैंगो हॉपर का प्रकोप और नियंत्रण के उपाय
मैंगो हॉपर आम के पेड़ों में लगने वाला एक प्रमुख कीट है। यह खासकर फूल आने के समय-मंजर आने पर ज्यादा नुकसान करता है। यह कीट पत्तियों और मंजरियों का रस चूसता है जिससे फल बनने की क्षमता कम हो जाती है।
उद्यान विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंजरियों और नई पत्तियों पर छोटे-छोटे हरे व भूरे कीट दिखाई देते हैं यही इसकी पहचान होती है। पत्तियां और मंजरियां चिपचिपी हो जाती हैं। उस पर काली फफूंदी जम जाती है। फूल झड़ जाते हैं और फल कम बनते हैं।
इसके प्रभावी समाधान के लिये कृषकों सुबह या शाम के समय एजाडिरेक्टिन 10000 पीपीएम में 01 एमएल प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करना चाहिए। नीम तेल का 0.5 से 1 प्रतिशत 05 से 10 एमएल लीटर पानी के साथ छिड़काव करना चाहिए।
यदि प्रकोप ज्यादा हो तो इनमें से किसी एक दवा का छिड़काव करें कीटनाशक का नाम मात्रा छिड़काव किया जा सकता है। इनमें प्रति लीटर पानी के साथ इमिडाक्लोप्रिड 0.3 मिली प्रति लीटर पानी थियामेथोक्सम 0.4 ग्राम प्रति लीटर पानी लैम्ब्डा-साइहेलोथिन 1.0 मिली प्रति लीटर पानी 10-15 दिन के अन्तराल में 2-3 बार छिड़काव करने से अच्छा नियंत्रण मिलता है।
इसके साथ ही पेडों की घनी टहनियों को काटें ताकि धूप और हवा अंदर तक जा सके, जिससे हॉपर का पनपना कम हो, बाग की नियमित सफाई करें। जब फल मटर के दाने के बराबर हो जाएं, तब हल्की सिंचाई शुरू करें और नमी बनाए रखें।
विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी के विभागों के लिए 11,470 करोड़ से अधिक की अनुदान मांगें पारित जीएसटी 2.0 से जनता को राहत।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में बुधवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 11 हजार 470 करोड़ 62 लाख 50 हजार रुपए की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। इसमें वित्त विभाग के लिए 9,630 करोड़ 30 लाख 20 हजार रुपए, आवास एवं पर्यावरण विभाग के लिए 1,247 करोड़ रुपए, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के लिए 82 करोड़ 49 लाख 60 हजार रुपए तथा वाणिज्यिक कर विभाग के लिए 510 करोड़ 82 लाख 70 हजार रुपए शामिल हैं।
चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि सरकार वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और तकनीकी सुधारों के माध्यम से राज्य को मजबूत आर्थिक आधार देने के लिए प्रतिबद्ध है।
आवास और नवा रायपुर विकास पर जोर
मंत्री चौधरी ने बताया कि सरकार बनने के समय गृह निर्माण मंडल की 3,219 संपत्तियां अविक्रित थीं और मंडल पर 735 करोड़ रुपए का ऋण था। राज्य सरकार ने एकमुश्त भुगतान की व्यवस्था कर मंडल की वित्तीय स्थिति में सुधार किया है।
वन टाइम सेटलमेंट योजना के तहत अब तक 1,410 संपत्तियों का लगभग 210 करोड़ रुपए में विक्रय किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश के 27 जिलों में 3,069 करोड़ रुपए के 78 नए प्रोजेक्ट लॉन्च किए गए हैं, जिनके तहत 16,782 संपत्तियों का निर्माण लक्ष्य रखा गया है।
पर्यावरण निगरानी के लिए नई तकनीक
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सरकार ने फ्लाई ऐश परिवहन के लिए एसओपी लागू की है। साथ ही औद्योगिक अपशिष्ट की निगरानी के लिए आईडब्ल्यूएमएमएस सिस्टम विकसित किया गया है।
राज्य में CG Nigrani पोर्टल के माध्यम से 124 उद्योगों के उत्सर्जन और प्रदूषण स्तर की रियल-टाइम निगरानी की जा रही है।
नवा रायपुर बनेगा शिक्षा का बड़ा केंद्र
मंत्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर में पहले से Indian Institute of Management Raipur, International Institute of Information Technology Naya Raipur और Hidayatullah National Law University जैसे संस्थान संचालित हैं।
इसके अलावा National Institute of Fashion Technology, National Institute of Electronics and Information Technology और National Forensic Sciences University जैसे राष्ट्रीय संस्थान भी यहां स्थापित किए जाएंगे।
जीएसटी 2.0 से जनता को राहत
मंत्री चौधरी ने बताया कि जीएसटी 2.0 के तहत कई वस्तुओं पर कर दरें कम की गई हैं। कपड़ों पर टैक्स 12% से घटाकर 5% और सीमेंट पर 28% से घटाकर 18% किया गया है।
इसके अलावा मोटरसाइकिल, कार, फ्रिज, टीवी और एसी पर भी टैक्स कम होने से उपभोक्ताओं को हजारों रुपये की बचत होगी।
पंजीयन विभाग में बड़े सुधार
पंजीयन विभाग में नागरिक सुविधा के लिए स्मार्ट रजिस्ट्री कार्यालय शुरू किए जा रहे हैं। पारिवारिक दानपत्र, हकत्याग पत्र और बंटवारा नामे की रजिस्ट्री फीस घटाकर मात्र 500 रुपये कर दी गई है।
वित्तीय स्थिरता के लिए नई पहल
राज्य सरकार ने दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता के लिए छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड का गठन किया है। वर्तमान में इसमें 50 करोड़ रुपये निवेशित हैं और अगले वर्ष के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है।
कुनकुरी में सूने मकान में चोरी का खुलासा, चोर और जेवर खरीदने वाला गिरफ्तार
जशपुर जिले के कुनकुरी क्षेत्र में सूने मकान में हुई चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए आरोपी चोर और चोरी का सामान खरीदने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामला कुनकुरी के रेमते रोड मोहल्ले का है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 9 मार्च 2026 को प्रार्थी राकेश कुमार साव (38 वर्ष) निवासी रेमते रोड कुनकुरी ने थाना कुनकुरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके बड़े पिता रामबिलास प्रसाद का मकान उनके घर के पास ही है, जहां वे अपनी पत्नी के साथ रहते थे। करीब छह महीने पहले पत्नी के इलाज के लिए वे रांची चले गए थे और मकान की देखरेख की जिम्मेदारी प्रार्थी को दी थी। इस बीच 19 जनवरी को उनकी बड़ी मां का निधन हो गया था, जिसके कारण प्रार्थी भी क्रियाकर्म में शामिल होने रांची चला गया था।
9 मार्च को रांची से लौटने पर प्रार्थी ने देखा कि घर का ताला टूटा हुआ है और अंदर अलमारी खुली पड़ी है तथा सामान बिखरा हुआ है। जब इस बारे में रामबिलास प्रसाद को जानकारी दी गई तो उन्होंने बताया कि अलमारी में रखे सोने के कान के टॉप्स, एक जोड़ी चांदी की पायल, पांच नग चांदी की साठी और करीब डेढ़ हजार रुपए चोरी हो गए हैं।
रिपोर्ट के आधार पर थाना कुनकुरी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4), 305(क) और 317(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ की और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि तुरी बस्ती निवासी साहिल चौहान उर्फ मंटू अचानक अधिक पैसे खर्च कर रहा है।
संदेह के आधार पर पुलिस ने साहिल चौहान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने चोरी की घटना स्वीकार कर ली। आरोपी ने बताया कि उसने ही रामबिलास प्रसाद के घर में चोरी की थी और सोने-चांदी के आभूषणों को कुनकुरी के बजरंग नगर निवासी दिवाकर ताम्रकार को 20 हजार रुपए में बेच दिया था।
इसके बाद पुलिस ने खरीदार दिवाकर ताम्रकार को भी हिरासत में लेकर उसके कब्जे से चोरी के सोने के कान के टॉप्स, एक जोड़ी चांदी की पायल और पांच नग चांदी की साठी बरामद कर ली। वहीं आरोपी की निशानदेही पर घर और अलमारी का ताला तोड़ने में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड भी जब्त की गई।
पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी साहिल चौहान (22 वर्ष) निवासी तुरी बस्ती कुनकुरी और दिवाकर ताम्रकार (28 वर्ष) निवासी बजरंग नगर कुनकुरी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कुनकुरी निरीक्षक राकेश कुमार यादव, सहायक उप निरीक्षक ईश्वर वारले, प्रधान आरक्षक ढलेश्वर यादव, नंदलाल यादव और लियोन कुजूर की महत्वपूर्ण भूमिका
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल बड़े राज्यों को पछाड़कर बना नंबर-वन, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने दी बधाई।
महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) के क्रियान्वयन की फरवरी 2026 की स्टेट-वाइज राष्ट्रीय रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने बड़े राज्यों की श्रेणी में देश में पहला स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। राज्य ने अन्य बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है।
जारी रैंकिंग के अनुसार छत्तीसगढ़ ने 93.37 प्रतिशत नामांकन, 83.87 प्रतिशत स्वीकृति दर और 93.95 प्रतिशत शिकायतों के त्वरित समाधान के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वहीं 30 दिनों से अधिक लंबित प्रकरणों की दर मात्र 7.07 प्रतिशत और लंबित शिकायत दर 4.96 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो योजना के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने पिछले माह की तुलना में 6 स्थानों की छलांग लगाकर पहला स्थान प्राप्त किया है।
इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मैदानी अमले को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दिया जा रहा है और छत्तीसगढ़ का प्रथम स्थान इस दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का प्रमाण है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि को राज्य के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए विभागीय टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल मार्गदर्शन और दूरदर्शी नेतृत्व के कारण ही छत्तीसगढ़ आज देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों-कर्मचारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आपसी समन्वय, प्रतिबद्धता और समयबद्ध कार्यशैली के परिणामस्वरूप ही राज्य यह मुकाम हासिल कर पाया है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विश्वास व्यक्त किया कि विभाग भविष्य में भी इसी ऊर्जा और समर्पण के साथ कार्य करते हुए इस प्रथम स्थान को बनाए रखेगा तथा प्रदेश की प्रत्येक पात्र गर्भवती महिला तक योजना का लाभ समय पर पहुंचाएगा। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन की जानकारी देते हुए बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक प्रदेश में 1,86,586 गर्भवती महिलाओं का प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत पंजीकरण किया जा चुका है। राज्य सरकार द्वारा अब तक 72 करोड़ 24 लाख 89 हजार रुपये की राशि सीधे पात्र हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है।
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिली है और छत्तीसगढ़ देश के सामने एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है।
महासमुंद जिले में आबकारी विभाग की टीम द्वारा 18.28518 किलोग्राम गांजा एवं एक ट्रक जब्त।
महासमुंद जिले में आबकारी विभाग की टीम द्वारा 18.285 किलोग्राम अवैध गांजा तथा एक 14 चक्का ट्रक जब्त किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार एनएच-53 स्थित बैतारी के पास वाहनों की जांच की जा रही थी। इस दौरान आबकारी उपनिरीक्षक श्री मिर्जा जफर बैग, श्री हृदय कुमार त्रिपुड़े, श्री नीरज कुमार साह तथा श्री अनिल कुमार झरिया की संयुक्त टीम ने एक 14 चक्का ट्रक को रोककर तलाशी ली।
तलाशी के दौरान ट्रक में सवार आरोपी ईरफान गौरी के पास से 18.285 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया। बरामद मादक पदार्थ को जब्त कर आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (बी) (पप) (सी) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। आबकारी विभाग द्वारा आरोपी को रिमांड पर लेकर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि जिले में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
आईजी दीपक झा ने किया जशपुर जिले का वार्षिक निरीक्षण, रक्षित केंद्र में ली परेड की सलामी।
पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक झा ने मंगलवार को जशपुर जिले का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रक्षित केंद्र जशपुर पहुंचकर परेड की सलामी ली तथा पुलिस बल के अनुशासन, वेश-भूषा और कार्यप्रणाली का बारीकी से निरीक्षण किया। उत्कृष्ट वेश-भूषा और अनुशासन का प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को उन्होंने पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।
निरीक्षण के दौरान आईजी ने रक्षित केंद्र में उपलब्ध शासकीय वाहनों का निरीक्षण करते हुए उनके उचित रख-रखाव और नियमित देखरेख के निर्देश दिए। उन्होंने वाहन शाखा, कैश शाखा, स्टोर शाखा और पुलिस कैंटीन सहित विभिन्न शाखाओं का जायजा लेकर व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
इसके बाद आयोजित पुलिस दरबार में आईजी श्री झा ने जिले के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से रूबरू होकर उनकी समस्याएं सुनीं तथा कई समस्याओं के समाधान के लिए मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस बल को हमेशा अनुशासन, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।
पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए उन्होंने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को उत्तम गणवेश में रहने और सख्त अनुशासन का पालन करने की बात कही। साथ ही आधुनिक पुलिसिंग की जरूरतों को देखते हुए कंप्यूटर का ज्ञान रखना भी आवश्यक बताया, ताकि कार्यालयीन और तकनीकी कार्य बेहतर ढंग से किए जा सकें।
आईजी ने पुलिस बल को नशे से दूर रहने और भ्रष्टाचार से बचने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि पुलिस की छवि जनता के बीच एक ईमानदार और जिम्मेदार संस्था के रूप में बनी रहनी चाहिए। किसी भी आपराधिक गतिविधि में पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने सिटी कोतवाली जशपुर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय का भी निरीक्षण कर लंबित प्रकरणों की जानकारी ली तथा उन्हें शीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
इस अवसर पर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पटनवार, एसडीओपी जशपुर चंद्रशेखर परमा, एसडीओपी कुनकुरी विनोद मंडावी, एसडीओपी पत्थलगांव डॉ. ध्रुवेश जायसवाल, उप पुलिस अधीक्षक कुंजराम चौहान, उप पुलिस अधीक्षक (अ.जा.क.) भावेश समरथ, उप पुलिस अधीक्षक आशा तिर्की, रक्षित निरीक्षक अमरजीत खूंटे, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख सहित जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री आबे नोरिआकि ने की सौजन्य मुलाकात।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री श्री आबे नोरिआकि ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों के बीच छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश, आर्थिक सहयोग तथा विकास की संभावनाओं को लेकर सार्थक चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री आबे नोरिआकि का शॉल ओढ़ाकर तथा भगवान श्री राम की प्रतिमा भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर अपनी जापान यात्रा का जिक्र करते हुए श्री आबे को प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीति, निवेश को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में उद्योगों के विकास के लिए बेहतर आधारभूत संरचना, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है, जिससे निवेशकों को आकर्षक अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक किरण देव एवं विधायक सुशांत शुक्ला उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री आबे नोरिआकि ने की सौजन्य मुलाकात।
BY जशपुर जंक्शन 09 मार्च
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री श्री आबे नोरिआकि ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों के बीच छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश, आर्थिक सहयोग तथा विकास की संभावनाओं को लेकर सार्थक चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री आबे नोरिआकि का शॉल ओढ़ाकर तथा भगवान श्री राम की प्रतिमा भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर अपनी जापान यात्रा का जिक्र करते हुए श्री आबे को प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीति, निवेश को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में उद्योगों के विकास के लिए बेहतर आधारभूत संरचना, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है, जिससे निवेशकों को आकर्षक अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक किरण देव एवं विधायक सुशांत शुक्ला उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री श्री आबे नोरिआकि ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों के बीच छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश, आर्थिक सहयोग तथा विकास की संभावनाओं को लेकर सार्थक चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री आबे नोरिआकि का शॉल ओढ़ाकर तथा भगवान श्री राम की प्रतिमा भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर अपनी जापान यात्रा का जिक्र करते हुए श्री आबे को प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीति, निवेश को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में उद्योगों के विकास के लिए बेहतर आधारभूत संरचना, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है, जिससे निवेशकों को आकर्षक अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक किरण देव एवं विधायक सुशांत शुक्ला उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गिरौदपुरी में संत समागम एवं गुरुदर्शन मेले में हुए शामिल।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय रविवार को बाबा गुरु घासीदास जी की जन्मभूमि एवं तपोभूमि गिरौदपुरी धाम में आयोजित संत समागम एवं गुरुदर्शन मेला में शामिल हुए। उन्होंने पूज्य गुरुगद्दी का दर्शन एवं पूजा - अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि के लिये कामना की।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बाबा गुरू घासीदास के मनखे- मनखे एक समान का सन्देश, मानव को मानव से जोड़ने वाला और सद्भाव व समरसता बढ़ाने वाला है। बाबा गुरु घासीदास जी के बताए मार्ग पर हमारी सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के द्वारा गिरौदपुरी का सतत् विकास किया जा रहा है। विशाल जैतखाम निर्माण से लेकर अनेक सुविधाओं का विस्तार यहां किया गया है। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा किये गए जनसुविधा विस्तार कार्य की सराहना की और कहा कि वेबसाईट और मोबाइल एप्प से भी मेले में उपलब्ध सुविधा की जानकारी श्रद्धालु ले सकते हैं। उन्होंने इस दौरान वहां चस्पा किये गए क्यूआर कोड को अपने मोबाइल से स्कैन कर जानकारी ली।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर मुख्य मंदिर का प्रसाद श्रद्धालुओं को वितरित किया। मुख्यमंत्री के हाथों स्थानीय श्रद्धालु एवं स्व सहायता समूह की महिलाएं प्रसाद ग्रहण कर उत्साहित हुए। गौरतलब है कि गिरौदपुरी में तीन दिवसीय संत समागम एवं गुरू दर्शन मेला 22 फ़रवरी से प्रारंभ होकर 24 फरवरी 2026 तक चलेगा। प्रदेश सहित देश एवं विदेश से भी सतनाम पंथ के अनुयायी यहां मेले में आए हुए हैं।
इस अवसर पर धर्मगुरू गुरु बालदास साहेब, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, राजिम विधायक श्री रोहित साहु, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर श्री नवीन अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक श्री अमरेश मिश्रा, कलेक्टर श्री दीपक सोनी, पुलिस अधीक्षक सुश्री भावना गुप्ता,डीएफओ श्री गणवीर धम्मशील, पूर्व सांसद श्री गुहा राम अजगले, पूर्व विधायक डॉ सनम जांगड़े सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि वरिष्ठ अधिकारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
जन्मदिन विशेष CM विष्णु देव साय ,बगिया की धरती से मुख्यमंत्री पद तक का प्रेरक सफर,आज बगिया पहुंचेंगे मुख्यमंत्री।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज अपना 62वाँ जन्मदिवस सादगी और श्रद्धा के साथ अपने गृह ग्राम बगिया में मना रहे हैं। जनसेवा को सर्वोपरि मानने वाले साय का जीवन संघर्ष, समर्पण और जनविश्वास की मिसाल है।
21 फरवरी 1964 को जशपुर जिले के ग्राम बगिया में जन्मे साय ने आदिवासी अंचल से निकलकर प्रदेश की सर्वोच्च जिम्मेदारी तक का सफर तय किया। यह यात्रा केवल राजनीतिक सफलता की कहानी नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण की गाथा है।
पंच से मुख्यमंत्री तक संघर्ष और समर्पण
स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के मार्गदर्शन में उन्होंने वर्ष 1989 में ग्राम पंचायत बगिया से पंच के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। 1990 में निर्विरोध सरपंच बने और इसके बाद तपकरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए।
रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से चार बार सांसद रहे साय ने राष्ट्रीय राजनीति में भी अपनी अलग पहचान बनाई। वर्ष 2014 से 2019 तक केंद्र सरकार में इस्पात, खान, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में दायित्व निभाया।
3 दिसंबर 2023 को कुनकुरी विधानसभा से विधायक निर्वाचित होने के बाद 13 दिसंबर 2023 को उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
किसान, गरीब और महिला सशक्तिकरण पर फोकस
मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसान हित में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सुनिश्चित की।
26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत कर गरीब परिवारों को पक्के घर का सपना साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए। वहीं महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे महिला सशक्तिकरण को नई मजबूती मिली है।
सरलता सौम्यता ही पहचान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहचान एक सहज, सरल और संवादप्रिय जननेता के रूप में है। वे सत्ता को सेवा का माध्यम मानते हैं। आदिवासी पृष्ठभूमि से आने के कारण वे ग्रामीण जीवन की समस्याओं को गहराई से समझते हैं और उसी अनुरूप योजनाएं तैयार करते हैं।
उनकी कार्यशैली में पारदर्शिता, त्वरित निर्णय और जनसंवाद प्रमुख तत्व रहे हैं।
जन्मदिवस पर शुभकामनाओं का तांता
आज उनके जन्मदिवस पर बगिया सहित पूरे प्रदेश में समर्थकों और शुभचिंतकों में उत्साह का माहौल है। हजारों लोग उन्हें बधाई देने बगिया पहुंच रहे हैं। धार्मिक अनुष्ठानों और पारिवारिक सादगी के बीच मनाया जा रहा यह जन्मदिन जननेता की विनम्रता और सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाता है।बगिया की मिट्टी से निकला यह सपूत आज छत्तीसगढ़ के विकास की नई इबारत लिख रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी को पत्रवार्ता परिवार की ओर से जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
