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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री आबे नोरिआकि ने की सौजन्य मुलाकात।

 

BY जशपुर जंक्शन 09 मार्च

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री श्री आबे नोरिआकि ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों के बीच छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश, आर्थिक सहयोग तथा विकास की संभावनाओं को लेकर सार्थक चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री आबे नोरिआकि का शॉल ओढ़ाकर तथा भगवान श्री राम की प्रतिमा भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर अपनी जापान यात्रा का जिक्र करते हुए श्री आबे को प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीति, निवेश को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में उद्योगों के विकास के लिए बेहतर आधारभूत संरचना, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है, जिससे निवेशकों को आकर्षक अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक किरण देव एवं विधायक सुशांत शुक्ला उपस्थित थे।

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री श्री आबे नोरिआकि ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों के बीच छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश, आर्थिक सहयोग तथा विकास की संभावनाओं को लेकर सार्थक चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री आबे नोरिआकि का शॉल ओढ़ाकर तथा भगवान श्री राम की प्रतिमा भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर अपनी जापान यात्रा का जिक्र करते हुए श्री आबे को प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीति, निवेश को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में उद्योगों के विकास के लिए बेहतर आधारभूत संरचना, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है, जिससे निवेशकों को आकर्षक अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक किरण देव एवं विधायक सुशांत शुक्ला उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गिरौदपुरी में संत समागम एवं गुरुदर्शन मेले में हुए शामिल।

 

 

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय रविवार को बाबा गुरु घासीदास जी की जन्मभूमि एवं तपोभूमि गिरौदपुरी धाम में आयोजित संत समागम एवं गुरुदर्शन मेला में शामिल हुए। उन्होंने पूज्य गुरुगद्दी का दर्शन एवं पूजा - अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि के लिये कामना की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बाबा गुरू घासीदास के मनखे- मनखे एक समान का सन्देश, मानव को मानव से जोड़ने वाला और सद्भाव व समरसता बढ़ाने वाला है। बाबा गुरु घासीदास जी के बताए मार्ग पर हमारी सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के द्वारा गिरौदपुरी का सतत् विकास किया जा रहा है। विशाल जैतखाम निर्माण से लेकर अनेक सुविधाओं का विस्तार यहां किया गया है। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा किये गए जनसुविधा विस्तार कार्य की सराहना की और कहा कि वेबसाईट और मोबाइल एप्प से भी मेले में उपलब्ध सुविधा की जानकारी श्रद्धालु ले सकते हैं। उन्होंने इस दौरान वहां चस्पा किये गए क्यूआर कोड को अपने मोबाइल से स्कैन कर जानकारी ली।

  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर मुख्य मंदिर का प्रसाद श्रद्धालुओं को वितरित किया। मुख्यमंत्री के हाथों स्थानीय श्रद्धालु एवं स्व सहायता समूह की महिलाएं प्रसाद ग्रहण कर उत्साहित हुए। गौरतलब है कि गिरौदपुरी में तीन दिवसीय संत समागम एवं गुरू दर्शन मेला 22 फ़रवरी से प्रारंभ होकर 24 फरवरी 2026 तक चलेगा। प्रदेश सहित देश एवं विदेश से भी सतनाम पंथ के अनुयायी यहां मेले में आए हुए हैं। 

इस अवसर पर धर्मगुरू गुरु बालदास साहेब, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, राजिम विधायक श्री रोहित साहु, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर श्री नवीन अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक श्री अमरेश मिश्रा, कलेक्टर श्री दीपक सोनी, पुलिस अधीक्षक सुश्री भावना गुप्ता,डीएफओ श्री गणवीर धम्मशील, पूर्व सांसद श्री गुहा राम अजगले, पूर्व विधायक डॉ सनम जांगड़े सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि वरिष्ठ अधिकारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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जन्मदिन विशेष CM विष्णु देव साय ,बगिया की धरती से मुख्यमंत्री पद तक का प्रेरक सफर,आज बगिया पहुंचेंगे मुख्यमंत्री।

 

 

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज अपना 62वाँ जन्मदिवस सादगी और श्रद्धा के साथ अपने गृह ग्राम बगिया में मना रहे हैं। जनसेवा को सर्वोपरि मानने वाले साय का जीवन संघर्ष, समर्पण और जनविश्वास की मिसाल है।

21 फरवरी 1964 को जशपुर जिले के ग्राम बगिया में जन्मे साय ने आदिवासी अंचल से निकलकर प्रदेश की सर्वोच्च जिम्मेदारी तक का सफर तय किया। यह यात्रा केवल राजनीतिक सफलता की कहानी नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण की गाथा है।

पंच से मुख्यमंत्री तक संघर्ष और समर्पण

स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के मार्गदर्शन में उन्होंने वर्ष 1989 में ग्राम पंचायत बगिया से पंच के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। 1990 में निर्विरोध सरपंच बने और इसके बाद तपकरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए।

रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से चार बार सांसद रहे साय ने राष्ट्रीय राजनीति में भी अपनी अलग पहचान बनाई। वर्ष 2014 से 2019 तक केंद्र सरकार में इस्पात, खान, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में दायित्व निभाया।

3 दिसंबर 2023 को कुनकुरी विधानसभा से विधायक निर्वाचित होने के बाद 13 दिसंबर 2023 को उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

किसान, गरीब और महिला सशक्तिकरण पर फोकस

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसान हित में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सुनिश्चित की।

26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत कर गरीब परिवारों को पक्के घर का सपना साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए। वहीं महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे महिला सशक्तिकरण को नई मजबूती मिली है।

सरलता सौम्यता ही पहचान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहचान एक सहज, सरल और संवादप्रिय जननेता के रूप में है। वे सत्ता को सेवा का माध्यम मानते हैं। आदिवासी पृष्ठभूमि से आने के कारण वे ग्रामीण जीवन की समस्याओं को गहराई से समझते हैं और उसी अनुरूप योजनाएं तैयार करते हैं।

उनकी कार्यशैली में पारदर्शिता, त्वरित निर्णय और जनसंवाद प्रमुख तत्व रहे हैं।

जन्मदिवस पर शुभकामनाओं का तांता

आज उनके जन्मदिवस पर बगिया सहित पूरे प्रदेश में समर्थकों और शुभचिंतकों में उत्साह का माहौल है। हजारों लोग उन्हें बधाई देने बगिया पहुंच रहे हैं। धार्मिक अनुष्ठानों और पारिवारिक सादगी के बीच मनाया जा रहा यह जन्मदिन जननेता की विनम्रता और सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाता है।बगिया की मिट्टी से निकला यह सपूत आज छत्तीसगढ़ के विकास की नई इबारत लिख रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी को पत्रवार्ता परिवार की ओर से जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

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आधुनिक तकनीक से मत्स्य पालन की ओर बढ़े कदम फरसाबहार की बिहान समूह सदस्याओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने एक्सपोजर विजिट।

 

 

 विकासखंड फरसाबहार में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत स्व-सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त कर ‘लखपति दीदी’ बनाने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है। आधुनिक तकनीक आधारित मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 25 स्व-सहायता समूह सदस्यों को मत्स्य विभाग के सहयोग से संचालित बीज प्रसंस्करण एवं मॉडल इकाइयों का एक्सपोजर विजिट कराया गया।

यह पहल जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक (आजीविका) श्री गया प्रसाद चौरसिया के समन्वय में, मत्स्य विभाग एवं विकासखंड स्तरीय अमले के सहयोग से संपन्न हुई।

       एक्सपोजर विजिट के दौरान समूह की संभावित ‘लखपति दीदियों’ ने आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों जैसे केज कल्चर, तालाब आधारित उन्नत पालन, अर्ध-प्राकृतिक तालाब प्रबंधन तथा पोंड लाइनिंग प्रणाली के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की। साथ ही सदस्यों को बारहमासी मछली प्रजातियों—तेलापिया, पंगास आदि के वैज्ञानिक पालन, आहार प्रबंधन, बीज चयन एवं बाजार उपलब्धता के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। समूह की सदस्यों ने आधुनिक तकनीकों को समझते हुए गहरी रुचि दिखाई और आगामी सीजन में विभागीय सहयोग से उन्नत मत्स्य पालन प्रारंभ करने की कार्ययोजना तैयार करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से मत्स्य पालन अपनाकर वे अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकती हैं।

इस एक्सपोजर विजिट में जनपद सीईओ श्री मिथलेश पैंकरा, मत्स्य निरीक्षक श्री रवि पैंकरा तथा विकासखंड परियोजना प्रबंधक श्री अनूप कुमार मेहर का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।

जिला प्रशासन की इस पहल से फरसाबहार क्षेत्र की महिला समूह सदस्याएं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और आजीविका के नए अवसरों के माध्यम से सशक्त भविष्य की ओर अग्रसर हो रही हैं।

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जन्मदिवस पर गृहग्राम बगिया पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने जन्मदिवस की दी बधाई एवं शुभकामनाएं

 

  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने 62वें जन्मदिवस के अवसर पर अपने गृहग्राम बगिया पहुंचे, जहां उनके आगमन पर उत्साह और हर्ष का वातावरण देखने को मिला। बगिया स्थित हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उन्हें आत्मीयता के साथ जन्मदिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार तथा प्रशिक्षु आईएफएस सुश्री यशस्वी मौर्य, श्री भरत सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

   मुख्यमंत्री के बगिया हेलीपैड पहुंचने पर टाटीडांड से आए करमा नर्तक दलों ने पारंपरिक वेशभूषा में आकर्षक एवं मनमोहक करमा नृत्य प्रस्तुत कर उनका अभिनंदन किया। वहीं ग्रामीण महिलाओं ने मुख्यमंत्री को तिलक लगाकर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका सम्मानपूर्वक स्वागत किया।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बालक आश्रम बगिया में बच्चों के बीच मनाया अपना 62वाँ जन्मदिवस।

 

 

 विष्णुदेव साय ने अपना 62वाँ जन्मदिवस बगिया स्थित बालक आश्रम के बच्चों के बीच मनाकर इस दिन को उनके लिए हमेशा के लिए यादगार बना दिया। मुख्यमंत्री ने बगिया हेलीपैड के समीप स्थित बालक आश्रम बगिया पहुँचकर बच्चों के साथ केक काटा और उनके साथ आत्मीय समय बिताया। आश्रम के बच्चे मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर अत्यंत उत्साहित और प्रसन्न नजर आए। वे उत्साहपूर्वक उनके चारों ओर एकत्र हो गए और उनसे बातचीत करने लगे।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से स्नेहपूर्वक संवाद किया और उनका हालचाल जाना। उनके सहज, सरल और संवेदनशील व्यवहार से बच्चे भावविभोर हो उठे और खुशी से चहकते हुए उनसे बातें करते रहे। इस दौरान आश्रम परिसर में खुशियों और उत्साह का विशेष वातावरण देखने को मिला। 

    मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने हाथों से केक और चॉकलेट वितरित कर उन्हें जन्मदिवस की खुशी में सहभागी बनाया। बालक आश्रम बगिया में कक्षा पहली से पाँचवीं तक के छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें अधिकांश बच्चे आदिवासी समुदाय से हैं। मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें, अपने जीवन में आगे बढ़ें और अपने परिवार, समाज तथा प्रदेश का नाम रोशन करें। उन्होंने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ भी दी। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार तथा प्रशिक्षु आईएफएस सुश्री यशस्वी मौर्य, श्री भरत सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण और आश्रम के शिक्षक और अन्य स्टाफ मौजूद रहे।

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सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा: वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु 50 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को स्वीकृति, 543 विकास कार्यों को मंजूरी

 

 

 

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज कोरिया जिले के बैकुंठपुर में आयोजित सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में सरगुजा संभाग के जिलों में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर नई योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने सरगुजा और बस्तर क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता में रखा है।प्राधिकरण के माध्यम से पिछड़े एवं वनांचल क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरगुजा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, जनजातीय समाज के सशक्तिकरण और क्षेत्र की समृद्धि के लिए सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और सभी के सहयोग से इस क्षेत्र को प्रगति के नए शिखर पर पहुंचाया जाएगा।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्राधिकरण हेतु 50 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को स्वीकृति प्रदान की गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर 543 विकास कार्यों के लिए 4905.58 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई, जबकि वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 606 कार्यों को भी औपचारिक अनुमोदन प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने तथा लंबित कार्यों को मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने गर्मी के मौसम में पर्याप्त पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सोनहत विकासखंड में विद्युतीकरण का कार्य तेजी से जारी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए, ताकि विकास योजनाओं का लाभ सीधे जनजातीय एवं वनांचल क्षेत्रों के लोगों तक पहुंच सके।

बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में हाईमास्ट सोलर लाइट लगाने, किसानों की समस्याओं के समाधान, बिजली बिल त्रुटियों को दूर करने तथा गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्राधिकरण की पिछली बैठक जशपुर जिले के मयाली में आयोजित हुई थी, जिसके बाद मयाली की पहचान पर्यटन केंद्र के रूप में बढ़ी है। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में विश्व के बड़े शिवलिंग को स्थान मिला तथा स्वदेश दर्शन योजना के तहत राशि स्वीकृत हुई। उन्होंने कहा कि बैकुंठपुर में आयोजित इस बैठक से भी जिले की पहचान और पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि झुमका जलाशय सहित यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और इस प्रकार विभिन्न जिलों में बैठक आयोजित करने से स्थानीय विकास को गति मिलती है।

बैठक में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, सांसद श्री चिंतामणि महाराज, विधायकगण, वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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भारत माता वाहिनी योजना से मजबूत हुआ नशामुक्ति जनआंदोलन 4 हजार से अधिक व्यक्तियों को मिला पुनर्वास लाभ

 

 

 प्रदेश में नशामुक्ति के प्रति व्यापक जनजागरण एवं सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित भारत माता वाहिनी योजना के तहत प्रभावी पहल की जा रही है। राज्य के प्रत्येक विकासखण्ड में 8-सदस्यीय संरचना के साथ कुल 3154 भारत माता वाहिनी समूहों का गठन किया गया है, जो गांव-गांव में नशामुक्ति के संदेश का प्रसार कर रहे हैं।

ग्राम पंचायत स्तर पर महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा नशामुक्ति के समर्थन में रैली, प्रभात फेरी, जनजागरूकता अभियान, नशा छोड़ने का संकल्प एवं शपथ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों से ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक सामाजिक वातावरण निर्मित हुआ है तथा युवाओं में नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ी है।

राज्य के 25 जिलों में स्वैच्छिक संस्थाओं के माध्यम से 26 नशामुक्ति केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों में अब तक 4379 नशा पीड़ित व्यक्तियों को उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं से लाभान्वित किया गया है। केंद्रों में चिकित्सकीय परामर्श, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, योग एवं अनुशासित दिनचर्या के माध्यम से प्रभावित व्यक्तियों को स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित किया जा रहा है।

जिला बलरामपुर इस अभियान का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है। यहां सक्रिय भारत माता वाहिनी समूहों द्वारा सतत जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। साथ ही जिले में संचालित नशामुक्ति केंद्र के माध्यम से अब तक लगभग 478 नशा पीड़ित व्यक्तियों को उपचार एवं पुनर्वास का लाभ प्रदान किया गया है, जिससे वे पुनः समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जुड़ सके हैं।

उल्लेखनीय है कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि परिवार एवं समाज को भी प्रभावित करता है। इस तथ्य को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा जनभागीदारी आधारित मॉडल को अपनाकर नशामुक्ति अभियान को सशक्त रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है। भारत माता वाहिनी योजना के माध्यम से प्रदेश को नशामुक्त, स्वस्थ एवं जागरूक समाज की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयास निरंतर जारी हैं।

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रायगढ़ में महापौर श्री जीवर्धन चौहान से भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने किया जनादेश का स्मरण।

 

 

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पिछले वर्ष आज ही के दिन राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के सभी 10 नगर निगमों में प्राप्त ऐतिहासिक जनादेश जनता के अटूट विश्वास का प्रमाण है। यह परिणाम सुशासन, पारदर्शिता और विकास के प्रति जनता की स्पष्ट आस्था की अभिव्यक्ति है।

मुख्यमंत्री श्री साय आज रायगढ़ प्रवास के दौरान महापौर श्री जीवर्धन चौहान से भेंट कर एक वर्ष पूर्व इसी तिथि को मिले जनादेश को स्मरण कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक साधारण चाय विक्रेता से महापौर तक की श्री चौहान की यात्रा लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति और जनता के आशीर्वाद का जीवंत उदाहरण है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार नगरीय निकाय चुनावों में किए गए प्रत्येक वादे को पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ धरातल पर उतार रही है। स्वच्छता, पेयजल, सड़कों, स्ट्रीट लाइट तथा अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार में निरंतर और ठोस प्रगति हो रही है।उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में सुशासन की स्थापना, आधुनिक सुविधाओं का विस्तार तथा आम नागरिकों को सरल, सुलभ और पारदर्शी सेवाएँ उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। राज्य सरकार ने शहरी विकास को जन-विश्वास और जन-भागीदारी से जोड़ते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार में नगरीय विकास के क्षेत्र में आवास, स्वच्छता, जल आपूर्ति, सीवरेज, हरित सार्वजनिक परिवहन, डिजिटल सेवाओं तथा आधारभूत अधोसंरचना के विस्तार में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत बड़ी संख्या में आवास पूर्ण किए गए हैं और नए लक्ष्यों पर तेजी से कार्य जारी है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, गार्बेज फ्री सिटी रेटिंग तथा राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कारों के माध्यम से प्रदेश के नगरीय निकायों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। मिशन अमृत 2.0 के जरिए जल प्रदाय एवं सीवेज परियोजनाओं को नई गति मिली है। वहीं, पीएम ई-बस सेवा के माध्यम से शहरों में आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया गया है। 15वें वित्त आयोग तथा मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के माध्यम से नगरीय अधोसंरचना को सुदृढ़ किया गया है।

उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए नालंदा परिसर जैसे आधुनिक अध्ययन केंद्रों का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही “मोर संगवारी सेवा” और विभिन्न ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिकों को घर बैठे सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन समन्वित प्रयासों से नगरीय क्षेत्रों में सुशासन, पारदर्शिता और जनसुविधाओं का दायरा निरंतर सशक्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी महापौरों एवं नगरीय निकाय प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि विकास, विश्वास और जवाबदेही के इस संकल्प को हम और अधिक मजबूत करते हुए प्रदेश के शहरों को समृद्ध, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सतत कार्य करते रहेंगे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पावन महाशिवरात्रि के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महाशिवरात्रि की प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएँ

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महाशिवरात्रि आस्था, साधना और आत्मचिंतन का पावन पर्व है। यह पर्व हमें संयम, सेवा, त्याग और समर्पण की भावना से जीवन जीने की प्रेरणा देता है। भगवान शिव का जीवन करुणा, धैर्य और लोकमंगल का प्रतीक है, जो हमें समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कामना की कि भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की असीम कृपा से प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आनंद का वास हो तथा छत्तीसगढ़ निरंतर विकास और प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे।

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24 घंटे में उठाईगिरी का खुलासा: 8 हजार नगद सहित दो आरोपी गिरफ्तार

 

 

 रायगढ़ पुलिस ने खरसिया थाना क्षेत्र के हमालपारा में हुई उठाईगिरी की घटना का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई पूरी रकम एवं महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद कर लिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जवाहर कॉलोनी खरसिया निवासी व्यवसायी विनोद अग्रवाल ने 10 फरवरी 2026 की रात लगभग 9:30 बजे हमालपारा स्थित एक दुकान के सामने अपनी मोटरसाइकिल खड़ी की थी। मोटरसाइकिल के हैंडल में नगदी व दस्तावेजों से भरा बैग टांगकर वह दुकान के अंदर गए। लौटने पर बैग व थैला गायब मिला। बैग में 8-9 हजार रुपये नगद, आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज रखे थे।

पीड़ित की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 54/2026 के तहत धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हमालपारा तालाब पार खरसिया निवासी राजू महंत (35 वर्ष) एवं अंकित वैष्णव (27 वर्ष) को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने मिलकर चोरी करना स्वीकार किया।

पुलिस ने आरोपी राजू महंत से 4,000 रुपये नगद व काला बैग (जिसमें आधार व पैन कार्ड थे) तथा आरोपी अंकित वैष्णव से 4,000 रुपये नगद एवं थैला बरामद किया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि “संपत्ति संबंधी अपराधों पर पुलिस की सतत निगरानी है। उठाईगिरी एवं चोरी जैसी घटनाओं में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध त्वरित और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। नागरिक भी सार्वजनिक स्थानों पर अपने सामान की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें।”

इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी निरीक्षक अमित तिवारी सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम :फाइलेरिया की बीमारी खत्म करने दवा का सेवन करने की अपील।

 

 

 

 

 

 भारत सरकार द्वारा फाइलेरिया (हाथीपांव) को खत्म करने के उद्देश्य से 2027 तक के लक्ष्य के साथ देश के स्थानिक जिलों में व्यापक सामूहिक दवा सेवन अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और जिला कार्यक्रम प्रबंधक के नेतृत्व में विगत दिवस 10 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम का जिला स्तर पर सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जशपुर एवं समस्त विकासखंडों में शुभारंभ किया गया।

जशपुर जिले के कुल 990800 जनसंख्या को सामूहिक दवा सेवन हेतु लक्षित जनसंख्या मानकर अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें प्रथम चरण में 10 फरवरी से 12 फरवरी 2026 तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा जशपुर जिले समस्त विकासखंडों में कुल 3143 बूथों के माध्यम से दवा का सेवन कराया जाना है। तथा 13 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक स्वास्थ्य विभाग के टीम व आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर 2 साल से अधिक आयु वर्ग के सभी लोगों को उम्र व ऊँचाई के आधार पर (गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोगियों को छोड़कर) फाइलेरिया-रोधी दवाएं जैसे टैबलेट- डी.ई.सी. एल्बेंडाजोल और आइवरमेक्टिन निःशुल्क सेवन कराया जाना है।

 विभाग द्वारा फाइलेरिया के संबंध में बताया गया कि फाइलेरिया गंदगी में मच्छर से पनपने वाला संक्रामक रोग है,जिसे सामान्यतः हाथीपांव के नाम से जाना जाता है। इसके लक्षण सामान्यतः दिखाई नहीं देते व लंबी अवधि में संक्रमण होने पर बुखार,हाथ-पांव में दर्द व सूजन तथा पुरुषों के जननांग अथवा आसपास में दर्द व सूजन जैसे लक्षण प्रदर्शित होते है। फाइलेरिया के दवा सेवन करने पर सामान्यतः परजीवियों के प्रतिक्रिया स्वरूप सरदर्द,बुखार,उल्टी तथा शरीर पर चकत्ते जैसे मामूली प्रतिक्रियायें हो सकती है। जिससे घबराने की जरूरत नहीं है। किंतु लक्षणों के गंभीर होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखायें व उचित सलाह व उपचार प्राप्त करना चाहिए।

 फाइलेरिया (हाथीपांव) एक बार होने से जिन्दगी भर के लिए परेशानी हो सकता है, हाथीपांव जिसका उपचार का एक ही उपाय है,जो एम.डी.ए. की दवाईयां खाना जरुरी है, जिसका कोई भी दुष्परिणाम नहीं होता है। हमारे जिले के समस्त विकासखण्ड में भी फाइलेरिया की बीमारी है जो मच्छरों से फैलता है, जिसे रोका जा सकता है। सभी से अनुरोध है की सभी लोग अपने-अपने गाँव में मितानिन से फाइलेरिया की दावा अवश्य खाएं।

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खेल प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त माध्यम बनी सरगुजा ओलंपिक: मंत्री रामविचार नेताम

 

 

 

आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने गुरुवार को तीन दिवसीय जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक के समापन समारोह में भाग लिया। समारोह स्थानीय स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित हुआ।

10 से 12 फरवरी 2026 तक चले इस खेल महोत्सव में ग्रामीण एवं शहरी अंचलों के खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समापन अवसर पर मंत्री नेताम ने कहा कि सरगुजा ओलंपिक खेल प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त माध्यम बन चुका है। विशेष रूप से आदिवासी अंचल के युवाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने और आगे बढ़ने का मंच मिला है। उन्होंने चयनित खिलाड़ियों को निरंतर अभ्यास कर संभाग एवं राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं।

इस वर्ष सरगुजा ओलंपिक में कुल 67,380 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

मैदान में उतरकर बढ़ाया हौसला

मंत्री नेताम ने खेल मैदान में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। शंकरगढ़ और बलरामपुर के बीच आयोजित बालिका रस्साकशी प्रतियोगिता में खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका मनोबल बढ़ाया। तीरंदाजी प्रतियोगिता का अवलोकन करते हुए स्वयं भी तीरंदाजी में हाथ आजमाया।

जिला स्तरीय प्रतियोगिता के विजेताओं को उन्होंने शील्ड और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया।

जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

समापन समारोह में पिछड़ा वर्ग आयोग सदस्य कृष्णा गुप्ता, रेडक्रॉस सोसायटी अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल, नगरपालिका अध्यक्ष लोधीराम एक्का, उपाध्यक्ष दिलीप सोनी, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष भानूप्रकाश दीक्षित सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर, वनमंडलाधिकारी आलोक वाजपेयी, जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर, अपर कलेक्टर एवं बलरामपुर एसडीएम अभिषेक गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी एम.आर. यादव, जिला खेल अधिकारी मारकूस कुजूर सहित संबंधित अधिकारीगण और बड़ी संख्या में खिलाड़ी व नागरिक मौजूद थे।

12 खेल विधाओं में हुई प्रतियोगिताएं

जिला स्तरीय ओलंपिक में कुल 12 खेल विधाओं का आयोजन किया गया।

व्यक्तिगत खेल: एथलेटिक्स (100, 200, 400 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो, 400 मीटर रिले), तीरंदाजी (इंडियन राउंड), बैडमिंटन, कुश्ती, कराटे।

दलीय खेल: फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, रस्साकशी, बास्केटबॉल।

प्रतियोगिताएं जूनियर वर्ग (14–17 वर्ष) और सीनियर वर्ग (18 वर्ष से अधिक) में आयोजित की गईं।

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कबीरपंथ का छत्तीसगढ़ जनजीवन में व्यापक प्रभाव - मुख्यमंत्री श्री साय संत समागम समारोह की राशि 50 लाख से बढाकर 75 लाख करने की घोषणा

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को बहुत आगे ले जाना है और विकसित प्रदेश के रूप में खड़ा करना है। उन्होंने संत समागम समारोह दामाखेड़ा की राशि 50 लाख रूपये से बढाकर 75 लाख रूपये करने की घोषणा की।

         मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कल रविवार को कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा में माघ पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित सतगुरु कबीर संत समागम समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने पंथ श्री उदित मुनि नाम साहेब,पंथ श्री प्रकाश मुनि नाम साहब को चादर श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय माघ पूर्णिमा की शुभकामनायें देते हुए कहा कि कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा का संत समागम समारोह हर साल भव्य होते जा रहा है जो लोगों में बढ़ते आस्था का प्रतीक है।

         मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कबीरपंथ का छत्तीसगढ़ के जनजीवन में व्यापक प्रभाव है इसलिए यहां के लोग शांति प्रिय है। उन्होंने कहा कि वे बचपन से ही कबीर पंथ से परिचित है और उनके गांव बगिया में भी 8-10 कबीर पंथी परिवार है। उन्होंने दामाखेड़ा का नाम कबीर धर्मनगर करने के संबंध में बताया कि राजपत्र में प्रकाशन हेतु अंतिम प्रक्रिया जारी है। श्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार से लोगों को सीधा फायदा मिल रहा है। अब मुख्यमंत्री ने कहा कि छतीसगढ़ के विकास की बाधा की नक्सलवाद अब जल्द ही जड़ से समाप्त होने वाला है। नक्सलवाद का प्रदेश से 31 मार्च 2026 तक समूल नष्ट हो जाएगा। हमने जनता से किया वादा को तेजी से पूरा किया है। 

        उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि पंथ श्री उदित मुनि नाम साहब का चादर तिलक अद्भुत और अलौकिक रहा। पंथ श्री ने वृक्षारोपण, समाज सेवा, नशामुक्ति एवं युवा उत्थान के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने पंथ श्री का दर्शन कर प्रदेश की सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कबीर आश्रम के विभिन्न विकास कार्यों को लेकर हमेशा चिंतित रहते है और शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते हैं। कार्यक्रम को खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, भाटापारा विधायक श्री इंद्र साव ने भी सम्बोधित किया। 

         समारोह में पंथश्री प्रकाश मुनि नाम साहब ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कबीरपंथी समाज की ओर से आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष माघ मेला के प्रथम दिन बसंत पंचमी के अवसर पर कबीर पंथ के नये संवाहक 16 वें वंशाचार्य पंथी श्री उदित मुनि नाम साहेब का चादर तिलक संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि इस वर्ष देश के विभिन्न प्रांतों के साथ ही विदेशों से भी कबीरपंथी संत समागम मेला में आये हैं। समारोह को शासन प्रशासन का भरपूर सहयोग मिला है। 

        इस अवसर पर पंथश्री उदित मुनि नाम साहब, गुरूगोसांई भानुप्रताप साहब, विधायक श्रीमती भावना बोहरा, श्री ईश्वर साहु, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा सहित सदगुरू कबीर धर्मदास साहेब वंशावली प्रतिनिधि सभा के प्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में कबीरपंथ के अनुयायी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के 255 करोड़ रुपए की लागत के विकास कार्यों का किया वर्चुअली लोकार्पण

 

 

 

 

 

 

 

 

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पुलिस मुख्यालय नया रायपुर से वर्चुअली जुड़कर विभिन्न जिलों में 8 नए साइबर थानों और 255 करोड़ रुपए की लागत से तैयार पुलिस आवासीय भवनों तथा थाना भवनों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और पुलिस के जवानों को इस विशेष पहल के लिए शुभकामनाएं दी। 

             मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर कहा कि आज का दिन पुलिस विभाग के लिए अत्यंत सौभाग्य का है, क्योंकि 255 करोड़ रुपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रेजेंटेशन के माध्यम से हमने देखा कि साइबर थाना, एसडीओपी कार्यालय, चौकी भवन, ट्रांजिट हॉस्टल एवं आवासीय भवन अत्यंत सुंदर और सुविधाजनक बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए संबंधित एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि इन सुविधाओं से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सकारात्मक वातावरण में कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी और वे अपने कर्तव्यों का और अधिक प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकेंगे। श्री साय ने कहा कि सरकार का सतत प्रयास है कि कर्मचारियों और अधिकारियों को बेहतर आवास एवं कार्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे प्रदेश में कानून व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कहा कि यह एक अच्छी शुरुआत है और इससे सुदूर अंचलों तक भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।

          उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि प्रदेश में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अनेक स्थानों पर साइबर पुलिस थानों की शुरुआत की जा रही है। आज जशपुर, रायगढ़ और राजनांदगांव जिलों सहित कुल 8 नए साइबर थानों का शुभारंभ किया गया है। इससे पूर्व प्रदेश के पांच जिलों में साइबर थाना संचालित हैं। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार अन्य जिलों में भी साइबर थाने स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही चार जिलों में भारत वाहिनी के कैंपस, नौ जिलों में नए थाना भवन, माना में सेंट्रल आर्म्ड फोर्स की चौकी तथा आवासीय भवनों का भी लोकार्पण किया गया। गृहमंत्री श्री शर्मा ने 255 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हुए इन निर्माण कार्यों एवं 8 नए साइबर थानों की स्वीकृति और लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। 

           इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री विकास शील, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, गृह विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, पुलिस महानिदेशक पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन श्री पवन देव, एडीजी श्री एसआरपी कल्लूरी, एडीजी श्री प्रदीप गुप्ता, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, एडीजी श्री दीपांशु काबरा, एडीजी श्री अमित कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही वनमंत्री श्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक श्री भईया लाल रजवाड़े, श्री ललित चंद्राकर, विधायक श्रीमती रायमुनि भगत एवं जनप्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में सहभागी रहे।

       उल्लेखनीय है कि आज मुख्यमंत्री ने बालोद जिले के 21वीं भारत रक्षित वाहिनी करकाभाट, पुलिस थाना भवन सनौद, महासमुंद जिले के 20वीं भारत रक्षित वाहिनी परसदा, धमतरी जिले के पुलिस चौकी भवन करेलीबड़ी, रायपुर जिले के सेन्ट्रल आर्म्स स्टोर, 4थीं वाहिनी माना, ट्रांजिट हॉस्टल, बस्तर जिले के 19वीं भारत रक्षित वाहिनी करनपुर, बीजापुर जिले के पुलिस थाना भवन तर्रेम, पुलिस थाना भवन नैमेड़, सुकमा जिले के पुलिस थाना भवन चिंतागुफा, पुलिस थाना भवन चिंतलनार, कांकेर जिले के 22वीं भारत रक्षित वाहिनी भीरावाही, नारायणपुर जिले के पुलिस थाना भवन भरण्डा, पुलिस थाना भवन बैनुर, ट्रांजिस्ट हॉस्टल नारायणपुर, दुर्ग जिले के पुलिस थाना भवन पद्द्मनाभपुर, पुलिस थाना भवन पुलगांव, 36 अराजपत्रित एवं 48 प्रधान आरक्षक आवासगृह, एस.डी.ओ.पी. कार्यालय भवन धमधा, बेमेतरा जिले के एस.डी.ओ.पी. कार्यालय भवन बेरला, राजनांदगांव जिले के एस.आई.बी. फिल्ड यूनिट, ट्रांजिट हॉस्टल, दुर्ग, सूरजपुर जिले के पुलिस चौकी कुदरगढ़, कोरिया जिले के 24 अराजपत्रित एवं 144 प्र.आर./आरक्षक आवासगृह बैकुण्ठपुर एवं ट्रांजिट हॉस्टल बलरामपुर का लोकार्पण किया।

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राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 पर जशपुर को राज्य स्तरीय सम्मान कलेक्टर रोहित व्यास होंगे सम्मानित जशपुर बना श्रेष्ठ निर्वाचन जिला।

 

 लोकतांत्रिक व्यवस्था को सशक्त बनाने और मतदाता सहभागिता को नई ऊँचाई देने की दिशा में जशपुर जिले ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आयोजित 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर जशपुर जिले का चयन “निर्वाचन में तकनीक का प्रभावी उपयोग" श्रेणी के अंतर्गत राज्य स्तरीय सर्वश्रेष्ठ निर्वाचन जिला पुरस्कार के लिए किया गया है। यह सम्मान कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री रोहित व्यास के कुशल नेतृत्व, नवाचारपूर्ण सोच और सतत् प्रशासनिक प्रयासों का प्रतिफल है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ द्वारा यह पुरस्कार कलेक्टर श्री रोहित व्यास को 25 जनवरी 2026 को रायपुर स्थित विवेकानंद सभागार, इंदिरा गांधी कृषि महाविद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में प्रदान किया जाएगा।

*तकनीक आधारित नवाचारों से जशपुर ने रचा नया मानक* - 

निर्वाचन के दौरान जशपुर जिले में निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी, सुगम और प्रभावी बनाने हेतु सूचना प्रौद्योगिकी का उल्लेखनीय उपयोग किया गया। ई-प्रणालियों के माध्यम से मतदाता सूची का शुद्धिकरण, डिजिटल निगरानी, ऑनलाइन प्रशिक्षण, सोशल मीडिया के जरिए मतदाता जागरूकता, स्वीप गतिविधियों में तकनीकी नवाचार तथा चुनाव प्रबंधन में आईटी टूल्स के प्रभावी प्रयोग ने जशपुर को राज्य स्तर पर अग्रणी बनाया।

*कलेक्टर श्री व्यास की भूमिका रही निर्णायक* - 

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री रोहित व्यास ने निर्वाचन कार्य को केवल प्रशासनिक दायित्व न मानते हुए इसे एक जनभागीदारी अभियान के रूप में संचालित किया। उनके मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, निर्वाचन अमला, तकनीकी टीम और फील्ड स्तर के कर्मियों ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए तकनीक को आम मतदाता से जोड़ा। यही कारण है कि जशपुर जिले के प्रयासों को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष रूप से सराहा गया।

*जिले के लिए गौरव का क्षण* - 

यह सम्मान न केवल जशपुर जिला प्रशासन के लिए, बल्कि जिले के प्रत्येक मतदाता, अधिकारी-कर्मचारी और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले नागरिकों के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि सुदूर आदिवासी एवं पहाड़ी अंचलों वाला जशपुर जिला भी तकनीक आधारित सुशासन और लोकतांत्रिक नवाचार में राज्य के लिए मिसाल बन सकता है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 पर मिलने वाला यह राज्य स्तरीय पुरस्कार जशपुर जिले के निर्वाचन इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगा और भविष्य में और बेहतर, पारदर्शी तथा सहभागी चुनाव प्रक्रिया के लिए प्रेरणा बनेगा।

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नक्सल छाया के बीच उम्मीद की फसल किसान कोयना ने धान बेचकर खरीदा ट्रैक्टर मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में सुशासन की नई रफ़्तार।

 

 

 

   

बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हो रहे सकारात्मक बदलाव को दर्शाता है, जहाँ अब गोलियों की गूँज की जगह ट्रैक्टरों की आवाज़ और फूलों-फलों की महक फैल रही है, क्योंकि किसान आधुनिक खेती और सरकारी योजनाओं से जुड़कर विकास की नई कहानी लिख रहे हैं, जिससे क्षेत्र में खुशहाली आ रही है। 

  बस्तर संभाग के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में अब गोलियों की गूँज नहीं, बल्कि खेतों में दौड़ते ट्रैक्टरों की आवाज़ विकास की नई इबारत लिख रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के 'नक्सल मुक्त बस्तर' (लक्ष्य: 31 मार्च 2026) के संकल्प और सुदृढ़ कृषि नीतियों का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। सुकमा के ग्राम चिपुरपाल के किसान कोयना बघेल की कहानी इस बदलाव का जीवंत प्रमाण बन गई है।

*48 घंटे में भुगतान: सुशासन का सीधा लाभ*

         छिंदगढ़ जनपद के किसान कोयना बघेल ने जैसे ही बिरसठपाल केंद्र में 50 क्विंटल धान बेचा, 3100 रुपया प्रति क्विंटल की दर से उनकी मेहनत की पूरी कमाई मात्र 48 घंटे के भीतर सीधे बैंक खाते में पहुँच गई। बिचौलियों की समाप्ति और समयबद्ध भुगतान ने किसान को इतना सशक्त बनाया कि उन्होंने अपनी जमा पूंजी से नया 'मैसी फर्गुसन' ट्रैक्टर ट्राली के साथ खरीद लिया।

*हितग्राही श्री कोयना ने कहा कि धान खरीदी व्यवस्था बहुत अच्छी*

          हितग्राही श्री कोयना बघेल ने बताया कि शासन की 31 सौ रुपये में धान खरीदी व्यवस्था बहुत अच्छी है। इससे हम जैसे छोटे मध्यमवर्गीय किसानों को बहुत लाभ मिल रहा है। समर्थन मूल्य में धान खरीदी के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को दिल से धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ। 

*बहुआयामी विकास: खेती भी और स्वरोजगार भी*

         यह बदलाव केवल खेती तक सीमित नहीं है। ट्रैक्टर से कृषि कार्य तेज़ हुए हैं, वहीं किसान पीएम आवास निर्माण में ईंट-बालू की आपूर्ति कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। इससे राजूराम नाग जैसे किसान आर्थिक रूप से सशक्त होकर आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

*किसान की सफलता पर कलेक्टर का भरोसा*

        सुकमा कलेक्टर श्री अमित कुमार ने कहा कि सुकमा जैसे नक्सल प्रभावित जिले में किसान की यह सफलता मेहनत, धैर्य और सरकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन का प्रमाण है।

छत्तीसगढ सरकार किसानों को आधुनिक कृषि संसाधनों और योजनाओं से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत है। जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि धान खरीदी केंद्रों पर किसानों को पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध भुगतान और पूरी सुविधा मिले।

*प्रशासनिक मुस्तैदी: कलेक्टर की सीधी निगरानी*

     कलेक्टर के नेतृत्व में सुकमा प्रशासन ने धान खरीदी केंद्रों को 'सुविधा केंद्रों' में बदल दिया है। जीरो टॉलरेंस और पारदर्शिता के कारण किसानों को टोकन से लेकर भुगतान तक कहीं भटकना नहीं पड़ रहा है। कलेक्टर के अनुसार, शासन-प्रशासन और किसानों का समन्वय ही ज़मीनी बदलाव की असली चाबी है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर जैसे इलाके, जो कभी नक्सलवाद और हिंसा के लिए जाने जाते थे, अब कृषि क्रांति देख रहे हैं, जहाँ कृषि विभाग की योजनाओं, जल संरक्षण और तकनीकी सहायता ने खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

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भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त होने पर नितिन नबीन का बगीचा में जश्न।

 

 

 

 

हम सबके प्रेरणास्रोत तथा भाजपा छत्तीसगढ़ के प्रभारी नितिन नबीन को भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री मुकेश शर्मा के नेतृत्व में भाजपा मंडल बगीचा द्वारा बस स्टैंड परिसर में आतिशबाजी कर एवं मिठाई वितरण कर खुशी का इजहार किया गया।

कार्यकर्ताओं ने नितिन नबीन के नेतृत्व को संगठन के लिए प्रेरणादायी बताते हुए इसे पार्टी के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाइयाँ दीं और पार्टी की नीतियों एवं संगठन की मजबूती के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

इस अवसर पर भाजपा मंडल के पदाधिकारी, युवा कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में समर्थक उपस्थित रहे।

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विश्वशांति की अलख लेकर जशपुर पहुँची विश्व पदयात्री टीमकलेक्टर रोहित व्यास से की सौजन्य भेंट

 

 विश्वशांति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का संदेश लेकर देश-विदेश में पदयात्रा कर चुकी विश्वशांति विश्वपदयात्री टीम के चार सदस्य इन दिनों जशपुर प्रवास पर हैं। इस दौरान टीम के सदस्य श्री अवध बिहारी लाल, श्री जितेन्द्र प्रताप, श्री महेन्द्र प्रताप एवं श्री गोविन्दानन्द ने कलेक्टर श्री रोहित व्यास से कलेक्ट्रेट कार्यालय में सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर पदयात्री दल ने राष्ट्रध्वज के साथ फोटो भी खिंचवाया और अपनी अब तक की उपलब्धियों एवं उद्देश्यों से कलेक्टर को अवगत कराया। विश्वशांति विश्वपदयात्री टीम जशपुर जिले में 8 जनवरी 2026 से 13 जनवरी 2026 तक प्रवास पर है। इस दौरान जिले के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने टीम के सदस्यों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं और जशपुर जिले में उनके कार्यक्रमों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

 दल के सदस्यों ने बताया कि वे भारत सरकार एवं विभिन्न राज्य सरकारों की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु “डेन्जर्स रेलवेंचर्स स्पोर्ट्स लॉन्गेस्ट वर्ल्ड टूर ऑन फुट जर्नी” अभियान के अंतर्गत देश-विदेश में पदयात्रा कर रहे हैं। लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर यह टीम अब तक 11 देशों में लगभग 4 लाख 52 हजार किलोमीटर की विश्वशांति पदयात्रा कर चुकी है। साथ देश के विभिन्न जनपदों में पदयात्रा एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी कर चुकी है। वर्ष 2018 में टीम ने दुनिया की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट बेस कैंप की यात्रा भी सफलतापूर्वक पूरी की थी। पदयात्री दल ने बताया कि अब तक उनकी पहल से देशभर में लगभग 14 करोड़ 50 लाख पौधों का रोपण कराया जा चुका है।

टीम स्कूलों, कॉलेजों, ग्रामों एवं सार्वजनिक स्थलों पर पहुँचकर पर्यावरण संरक्षण, जल-वन संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा, स्वच्छ भारत, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ तथा मतदाता जागरूकता जैसे विषयों पर संगोष्ठी एवं व्याख्यान के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रही है। उन्होंने बताया कि देश के लगभग 600 जनपदों की यात्रा के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में पदयात्रा पूर्ण की जा चुकी है। दल के प्रमुख श्री जितेन्द्र प्रताप ने अपने प्रेरक अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस विश्वशांति पदयात्रा की शुरुआत 30 जुलाई 1980 को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद से हुई थी। एक भयावह बाढ़ के दौरान उनके साथी श्री अवध बिहारी लाल कई घंटों तक बरगद के वृक्ष से लटके रहकर जीवन और मृत्यु से जूझते रहे, जिन्हें बाद में सेना एवं रेस्क्यू टीम ने बचाया। उसी घटना के बाद उन्होंने पर्यावरण, जल, वन संरक्षण एवं जनजागरूकता को जीवन का लक्ष्य बनाकर यह ऐतिहासिक यात्रा प्रारंभ की। इस अभियान के दौरान उनके एक साथी की शहादत भी हो चुकी है।

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आदि लोकोत्सव जनजातीय गौरव और राष्ट्रबोध का संगम बना मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गोवा में आयोजित आदि लोकोत्सव पर्व में हुए शामिल।

 

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज गोवा के आदर्श ग्राम अमोन, पोंगुइनिम, गोवा में आयोजित 'आदि लोकोत्सव' पर्व–2025 में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने लोकोत्सव को संबोधित करते हुए सभी प्रतिभागियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में गोवा के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. रमेश तावड़कर उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 'आदि लोकोत्सव' के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह लोकोत्सव देश की आदिम संस्कृति से जुड़ने का एक जीवंत उत्सव है, जो भारत की लोक-सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। 

उन्होंने कहा कि भारत गांवों का देश है और गांव हमारी आत्मा हैं। गांवों की संस्कृति ही देश की संस्कृति है, जिसे लोकगीतों, लोकनृत्यों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और परंपराओं के माध्यम से जीवंत रखना अत्यंत आवश्यक है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोवा सरकार पिछले 25 वर्षों से इस सांस्कृतिक चेतना को जीवित रखने का कार्य कर रही है, जो प्रशंसनीय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में आदि लोकोत्सव और भी भव्य तथा व्यापक स्वरूप में आयोजित होगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए कहा कि जनजातीय इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। भगवान बिरसा मुंडा ने महज 25 वर्ष की अल्पायु में अंग्रेजों को चुनौती दी और अपने अदम्य साहस से इतिहास रच दिया। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के अनेक महापुरुष ऐसे हैं, जिन्हें देश के इतिहास में उचित स्थान नहीं मिला। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय सेनानियों को देशभर में सम्मान और पहचान दिलाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रानी दुर्गावती के बलिदान का स्मरण करते हुए कहा कि वे जनजातीय समाज की महान वीरांगना थीं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने उनके गौरव को स्थायी स्वरूप देते हुए मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक भव्य संग्रहालय का निर्माण कराया है, जो उनके शौर्य और बलिदान की अमिट स्मृति है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के जनजातीय सेनानियों के योगदान को विशेष रूप से स्मरण किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लगभग 32 प्रतिशत जनजातीय आबादी निवास करती है और यहां के 14 जनजातीय महापुरुषों ने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुण्डाधुर, गेंद सिंह जैसे महापुरुषों ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष कर देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान दिया। शहीद वीर नारायण सिंह को अंग्रेजों ने राजधानी रायपुर के जय स्तंभ चौक में फांसी दी थी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन जनजातीय नायकों की स्मृति को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक उनके बलिदान की गाथा पहुंचाने के उद्देश्य से नया रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह डिजिटल संग्रहालय का निर्माण किया गया है। यह देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जिसका उद्घाटन छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों से हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय ने आदि लोकोत्सव में उपस्थित सभी लोगों को छत्तीसगढ़ आकर इस डिजिटल संग्रहालय को देखने का आमंत्रण भी दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज के लिए इससे बड़ा गौरव क्या हो सकता है कि आज देश के सर्वोच्च पद महामहिम राष्ट्रपति के रूप में भी जनजातीय समाज की बेटी सुशोभित हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में आदिवासी समाज का मुख्यमंत्री बनना प्रधानमंत्री श्री मोदी की समावेशी सोच का प्रमाण है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना जैसी पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्रद्धेय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदानों का स्मरण किया और कहा कि उनके कार्यकाल में ही पहली बार देश में आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन हुआ, जिसके माध्यम से आज 12 करोड़ से अधिक जनजातीय नागरिकों के विकास के लिए बड़े पैमाने पर बजट और योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के पहले कार्यकाल में उन्हें उनके साथ कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला, जिसे वे अपना सौभाग्य मानते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान पहले नक्सल प्रभावित राज्य के रूप में होती थी, लेकिन आज वह तेजी से बदल रही है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और राज्य अब शांति, विकास और निवेश के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। जिन क्षेत्रों में पहले निवेश नहीं आते थे, वहां अब उद्योग आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव छत्तीसगढ़ को प्राप्त हो चुके हैं, जो राज्य के आर्थिक भविष्य की नई दिशा तय कर रहे हैं।

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राज्यपाल रमेन डेका ने प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का किया शुभारंभ युवाओं से राष्ट्र निर्माण में योगदान का आह्वान।

 

 

 राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम दुधली में प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का आज भव्य शुभारंभ हुआ। राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि जंबूरी केवल एक शिविर ही नहीं बल्कि एकता, विविधता, भाईचारा और साझा उद्देश्यों का उत्सव है। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन, मुख्य राज्य आयुक्त श्री इंदरजीत सिंह खालसा, राष्ट्रीय व राज्य स्तर के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में देश के विभिन्न राज्यों से आए रोवर-रेंजर उपस्थित थे।

राज्यपाल श्री डेका एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर एवं आसमान में गुब्बारा छोड़कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। समारोह में राज्यपाल एवं अतिथियों द्वारा जंबूरी पत्रिका एवं नए बैज का विमोचन भी किया गया। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने इस अवसर पर कहा कि स्काउट-गाइड युवाओं को नेतृत्व कौशल, अनुशासन और सफलता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे समाज के लिए कम से कम एक सकारात्मक कार्य अवश्य करें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। देश में पहली बार आयोजित हो रही यह राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी पूरे राष्ट्र के लिए गौरव का विषय है। 

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्काउट-गाइड युवाओं को जीवन मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक दायित्वों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि रोवर-रेंजर देश के वे युवा हैं, जो समाज, राष्ट्र और विश्व के लिए कुछ अच्छा करने का जज्बा रखते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए इस आयोजन को छत्तीसगढ़ और देश के युवाओं के लिए सौभाग्यपूर्ण अवसर बताया।

इस अवसर पर स्वागत उद्बोधन करते हुए भारत स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. केके खण्डेलवाल ने ग्राम दुधली में इस प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी आयोजन को एतिहासिक एवं अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। मुख्य राज्य आयुक्त श्री इंदरजीत सिंह खालसा ने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के स्वर्णिम अध्याय में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

विभिन्न राज्यों से उपस्थित रोवर एवं रेंजरों द्वारा आकर्षक मार्चपास्ट कर राज्यपाल श्री डेका एवं अतिथियों को सलामी दी गई। इस प्रथम नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न राज्यों से उपस्थित रोवर रेंजरों ने नैनाभिराम सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति से भारतीय संस्कृति की बहुरंगी छटा बिखेरी। उल्लेखनीय है कि इस 5 दिवसीय आयोजन में देश के सभी राज्यों के अलावा रेल्वे, नवोदय विद्यालय सहित कुल 33 राज्यों के प्रतिभागी रोवर रेंजर शामिल हो रहे हैं। भारत स्काउट्स गाइड्स के अधिकारी, रोवर रेंजर के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आम नागरिकगण उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद के फैसले: तेंदूपत्ता से लेकर ऑटो एक्सपो तक कई बड़े निर्णय, राज्य को मिलेगा आर्थिक लाभ।

 

 

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन फैसलों का सीधा लाभ वनवासी, किसान, मिलर्स, उद्योग, वाहन खरीदार और शासन की वित्तीय स्थिति पर पड़ेगा।

बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं।

तेंदूपत्ता संग्राहकों को राहत

मंत्रिपरिषद ने वर्ष 2026 के लिए तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों से 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता खरीदी हेतु ऋण लेने के लिए राज्य शासन की गारंटी देने की अनुमति प्रदान की।

मोटे अनाज को बढ़ावा

कोदो, कुटकी और रागी की खरीद, प्रसंस्करण एवं बिक्री के लिए छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई।

वनोपज के लिए 30 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण

अराष्ट्रीयकृत लघु वनोपज के क्रय, भंडारण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं विपणन के लिए लघु वनोपज संघ को एकमुश्त 30 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण देने का निर्णय लिया गया।

राज्य शासन पर वित्तीय बोझ होगा कम

अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम द्वारा राष्ट्रीय स्तर के पांच निगमों से लिए गए ऋणों की पूर्ण अदायगी के लिए 55.69 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान स्वीकृत किया गया।

इससे प्रतिवर्ष लगभग 2.40 करोड़ रुपये के ब्याज व्यय की बचत होगी और 229.91 करोड़ रुपये की लंबित गारंटी देनदारी भी समाप्त हो जाएगी।

उसना मिलिंग पर प्रोत्साहन बढ़ा

उसना मिलिंग पर प्रोत्साहन राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई। साथ ही, प्रोत्साहन की पात्रता के लिए न्यूनतम मिलिंग अवधि 3 माह से घटाकर 2 माह कर दी गई।

औद्योगिक विकास नीति में संशोधन

औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन को मंजूरी दी गई, जिससे प्रचार-प्रसार, विशेषज्ञ नियुक्ति और सेवा गतिविधि प्रमाणपत्र से जुड़ी विसंगतियां दूर होंगी। इससे निवेश की गुणवत्ता बढ़ेगी और स्थायी रोजगार सृजन होगा।

ऑटो एक्सपो में वाहन खरीद पर बड़ी छूट

राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में 20 जनवरी से 5 फरवरी तक आयोजित 9वें ऑटो एक्सपो में बिकने वाले वाहनों पर लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया गया। यह छूट पूरे प्रदेश के वाहन विक्रेताओं पर लागू होगी।

राइस मिलर्स को राहत

कस्टम मिलिंग के लिए राइस मिलर्स द्वारा दी जाने वाली बैंक गारंटी पर स्टाम्प शुल्क 0.25 प्रतिशत से घटाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया गया।

पुलिस व्यवस्था से जुड़े अहम फैसले पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर अटल नगर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का एक नया पद (लेवल-14) एक वर्ष के लिए स्थायी रूप से सृजित करने की स्वीकृति दी गई।

साथ ही रायपुर महानगरीय पुलिस जिला में 23 जनवरी से पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया।

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पीएम जनमन के तहत आदिवासी अंचलों तक पहुँचेगी स्वास्थ्य सेवा, मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट को दिखाई हरी झंडी

 

 

 

दूरस्थ और घने वनांचल वाले आदिवासी क्षेत्रों में अब स्वास्थ्य सुविधाएँ लोगों के घर-आँगन तक पहुँचेंगी। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान “पीएम जनमन” के अंतर्गत बुधवार को नवा रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि तथा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में रहने वाले आदिवासी परिवारों को इलाज और जाँच के लिए अब लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएँ सीधे गाँवों और बसाहटों तक पहुँचेंगी। उन्होंने इसे आदिवासी समुदायों की स्वास्थ्य सुरक्षा और सर्वांगीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।

इन मोबाइल मेडिकल यूनिटों की तैनाती से प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गाँवों और बसाहटों में नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। इससे दो लाख से अधिक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) की आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लगभग 3 करोड़ की आबादी में विशेष पिछड़ी जनजाति के करीब 2 लाख 30 हजार लोग 18 जिलों की 2100 बसाहटों में निवासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट उनके लिए वरदान साबित होंगी।

इन सर्वसुविधायुक्त 57 मोबाइल मेडिकल यूनिटों में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट और स्थानीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। यूनिटों में 25 प्रकार की जाँच सुविधाएँ तथा 106 प्रकार की आवश्यक दवाइयाँ निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएँगी।

मुख्यमंत्री ने इस पहल के लिए स्वास्थ्य विभाग, सीजीएमएससी तथा सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए केंद्र और राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट उन सुदूर वनांचलों के लिए शुरू की गई हैं, जहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच सीमित रही है। आज पूरे प्रदेश को 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट समर्पित की गई हैं, जो जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएँगी।

स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना की शुरुआत 15 नवंबर 2023 को विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के उद्देश्य से की गई थी। इस योजना का लक्ष्य बुनियादी सुविधाओं को सीधे बसाहटों तक पहुँचाना है।

उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को इन यूनिटों के माध्यम से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों तक शीघ्र पहुँचाया जा सकेगा। प्रत्येक यूनिट हर 15 दिन में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेगी, जिसमें जाँच, उपचार और दवाइयों का वितरण किया जाएगा। गंभीर मरीजों को आवश्यकता अनुसार उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि अब तक संसाधनों की कमी के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएँ नियमित रूप से नहीं पहुँच पाती थीं। नए वाहन, आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता से यह व्यवस्था अब लगातार संचालित होगी। इससे टीबी, मलेरिया, एनीमिया और कुपोषण जैसी बीमारियों की समय पर पहचान और रोकथाम संभव हो सकेगी।

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ऑपरेशन शंखनाद: गौवंश मांस के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार, 7 किलो मांस जब्त

 

 

चौकी सोनक्यारी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तालासिली में गौवंश वध के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से 7 किलो गौवंश मांस बरामद किया गया है। एक अन्य आरोपी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

प्रकरण के अनुसार, दिनांक 25.12.2025 को प्रार्थी छवि यादव (35 वर्ष), निवासी ग्राम छून्दरूपाठ, ने चौकी सोनक्यारी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 24.12.2025 की शाम ग्राम तालासिली निवासी सरीफ तिग्गा, इशाक तिग्गा, घनश्याम यादव एवं एक अन्य व्यक्ति उसके पड़ोसी खुलेश्वर यादव के पास बछड़ा खरीदने आए थे। प्रार्थी द्वारा बछड़ा बेचने से मना करने के बावजूद, आरोपी पुनः आकर बछड़ा खरीदकर ले गए।

अगले दिन सुबह खेत के पास झाड़ी में भारी मात्रा में खून मिलने पर संदेह हुआ कि किसी बड़े पशु का वध किया गया है। पूछताछ पर खुलेश्वर यादव ने आरोपियों द्वारा बछड़ा ले जाने की पुष्टि की।

रिपोर्ट पर चौकी सोनक्यारी में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस टीम द्वारा ग्राम तालासिली में सरीफ तिग्गा के घर की तलाशी लेने पर 7 किलो मांस बरामद हुआ। पशु चिकित्सक द्वारा परीक्षण में मांस गौवंश का पाया गया।

इसके बाद पुलिस ने सरीफ तिग्गा (30 वर्ष),इशाक तिग्गा (50 वर्ष),घनश्याम यादव (32 वर्ष) तीनों निवासी ग्राम तालासिली, चौकी सोनक्यारी, थाना सन्ना, जिला जशपुर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। एक आरोपी फरार है, जिसे चिन्हित कर लिया गया है और शीघ्र गिरफ्तारी की जाएगी।

इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी सोनक्यारी सहायक उप निरीक्षक वैभव सिंह, आरक्षक नरेंद्र यादव, बाबूलाल भगत एवं नगर सैनिक शिवशंकर रवि की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि ऑपरेशन शंखनाद के तहत गौवंश वध के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी है और कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएंगे।

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आदिवासी संस्कृति हमारी पहचान, इसका संरक्षण हम सबका दायित्व : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

 

 

अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के 73वें स्थापना दिवस एवं संस्थापक बाला साहब देशपांडे की जयंती के अवसर पर आज कल्याण आश्रम विद्यालय परिसर में वार्षिकोत्सव एवं स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी रहे।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति हमारी पहचान है और इसे सहेजना समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। बाला साहब देशपांडे का जनजातीय समाज की संस्कृति, कला और जीवनशैली के संरक्षण में योगदान अविस्मरणीय है। आज वनवासी कल्याण आश्रम देशभर में आदिवासी समाज के उत्थान और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आदिवासी समाज सदियों से प्रकृति पूजक रहा है। वृक्ष, पर्वत, नदियां, धरती माता और गौमाता की पूजा आदिवासी संस्कृति की विशेषता रही है। आज आदिवासी खान-पान और जैविक खेती को पूरी दुनिया अपना रही है। कोदो-कुटकी जैसे पोषक अनाजों का वैश्विक महत्व लगातार बढ़ रहा है।

उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज के योगदान को याद करते हुए भगवान बिरसा मुंडा और शहीद वीर नारायण सिंह जैसे महानायकों को नमन किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बिरसा मुंडा जयंती को जनजातीय गौरव दिवस घोषित कर आदिवासी समाज के योगदान को राष्ट्रीय सम्मान दिया गया है। वहीं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा नवा रायपुर में जनजातीय संग्रहालय का निर्माण कर जनजातीय इतिहास और संस्कृति को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया है।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि नागपुर हाईकोर्ट के अधिवक्ता श्री गजानन असोले एवं देवमंगल मेमोरियल ट्रस्ट के सचिव श्री गोविंद नारायण सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने की। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जनपद अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत, उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

कार्यक्रम में लोक कला संगम के अंतर्गत 150 से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत जनजातीय लोकनृत्य एवं मलखंभ प्रदर्शन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। सांस्कृतिक प्रतियोगिता में 8 से 18 वर्ष आयु वर्ग में शबनम बाई को प्रथम, संदीप को द्वितीय और ओंकार राम भगत को तृतीय पुरस्कार मिला। 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में कैलाश चौहान को प्रथम, गुंजी भगत को द्वितीय तथा कमला बाई को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के 115 नगरीय निकायों में अटल परिसरों का किया लोकार्पण।

 

 

भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई की जयंती पर रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अटल शताब्दी वर्ष के अंतर्गत प्रदेशभर के 115 नगरीय निकायों में नवनिर्मित अटल परिसरों का वर्चुअली लोकार्पण किया। इनमें जशपुर जिले के जशपुर जिला मुख्यालय स्थित संग्रहालय परिसर सहित पत्थलगांव, कुनकुरी, कोतबा और बगीचा के अटल परिसर शामिल हैं।

जशपुर जिला संग्रहालय में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में विधायक रायमुनी भगत ने प्रतीकात्मक रूप से अटल परिसर का लोकार्पण किया तथा भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। कार्यक्रम में अतिथियों ने अटल जी के राष्ट्र निर्माण में योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का व्यक्तित्व बहुआयामी और प्रेरणादायी था। वे कुशल राजनेता होने के साथ-साथ कवि, पत्रकार, लेखक और संवेदनशील चिंतक थे। उन्होंने स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के माध्यम से शहरों से लेकर गांवों तक सड़कों का मजबूत नेटवर्क तैयार किया, जिससे विकास को नई गति मिली। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का गठन अटल जी की दूरदर्शिता का परिणाम है और राज्य उनके सपनों के अनुरूप निरंतर प्रगति कर रहा है। सरकार वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।

विधायक रायमुनी भगत ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की दूरदर्शी सोच से छत्तीसगढ़ अस्तित्व में आया और आज विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के माध्यम से गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए अटल जी के योगदान को याद किया तथा छत्तीसगढ़ निर्माण में स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव के योगदान को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।

नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा थे। वे छत्तीसगढ़ राज्य के सच्चे निर्माता थे और अटल परिसर का लोकार्पण सभी के लिए गौरव का विषय है। नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव ने अटल जी की प्रसिद्ध कविता का पाठ कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगाराम भगत, पूर्व विधायक जागेश्वर भगत, कृष्ण कुमार राय, पार्षदगण राजेश गुप्ता, देवधन नायक, कंचन बैरागी, विजेता भगत, शशि भगत, विनोद निकुंज, कमला बाई, शैलेंद्री यादव, सुधीर पाठक, द्वारिका मिश्रा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, नगर पालिका जशपुर के सीएमओ योगेश्वर उपाध्याय, सहायक अभियंता कैलाश खरोले, शारदा प्रधान, रजनी प्रधान, कृपाशंकर भगत सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और नागरिक उपस्थित थे।

रंगीन रोशनी, फव्वारा और प्रेरक कविताओं से सजा अटल परिसर बनेगा प्रेरणा का केंद्र

जिला संग्रहालय परिसर में लगभग 30 लाख रुपये की लागत से निर्मित अटल परिसर को आकर्षक एवं भव्य स्वरूप दिया गया है। परिसर में आधुनिक रंगीन लाइटिंग, सुव्यवस्थित गार्डन और आकर्षक फव्वारा स्थापित किया गया है। साथ ही बैकवाल पर अटल बिहारी वाजपेयी के छायाचित्र, उनकी प्रेरणादायी कविताएं और विचार कलात्मक रूप से अंकित किए गए हैं।

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जमीन विवाद में बलवा मारपीट करने वाले 09 आरोपी गिरफ्तार, गांव में पुलिस का फ्लैग मार्च

 

 

 

चौकी कोतबा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खजरीढाब में जमीन विवाद को लेकर हुए बलवा व मारपीट के मामले में जशपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 09 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मारपीट में प्रयुक्त 06 लाठी-डंडे भी जप्त किए हैं।

पुलिस के अनुसार प्रकरण में बीएनएस की धारा 298, 351(2), 333, 115(2), 109(1), 190(1) एवं 191 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च भी निकाला गया। वर्तमान में स्थिति सामान्य है और पुलिस लगातार निगरानी रखे हुए है।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं—

भद्दे राम यादव (52 वर्ष)

खीत्रो मणि यादव (52 वर्ष)

तलेश्वर यादव (34 वर्ष)

महेश्वर यादव (48 वर्ष)

ललित यादव (52 वर्ष)

जागेश्वर यादव (45 वर्ष)

आगेश्वर यादव (32 वर्ष)

रुशि यादव (52 वर्ष)

गोपी यादव (26 वर्ष)

सभी निवासी ग्राम खजरीढाब, चौकी कोतबा, जिला जशपुर (छत्तीसगढ़)।

इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी कोतबा उप निरीक्षक बृजेश यादव सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि जमीन विवाद में कानून व्यवस्था भंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है और सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

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अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया नमन,अटल जी के सुशासन के आदर्श आज भी देश, प्रदेश के लिए पथप्रदर्शक।

 

 

भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर मनाए जा रहे सुशासन दिवस 25 दिसंबर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटलजी का सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और सुशासन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक महान राजनेता ही नहीं, बल्कि संवेदनशील कवि, दूरदर्शी विचारक और जनकल्याण को सर्वाेपरि रखने वाले प्रधानमंत्री थे। उनके नेतृत्व में देश ने सुशासन, पारदर्शिता और विकास की नई दिशा प्राप्त की। “अंत्योदय” की भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का उनका दृष्टिकोण आज भी हमारी शासन-नीति का आधार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। प्रशासनिक सुधार, पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध सेवाएं और जनविश्वास की पुनर्स्थापना, ये सभी प्रयास अटलजी के विचारों से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन दिवस केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प दिवस भी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों को अपने जीवन और कार्यशैली में आत्मसात करें तथा राष्ट्र और प्रदेश के समावेशी विकास में सहभागी बनें।

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छत्तीसगढ़ स्किल टेक से कौशल-आधारित निवेश को मिली रफ्तार, 13,690 करोड़ के प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ स्किल टेक कार्यक्रम ने राज्य में कौशल-एकीकृत औद्योगिक विकास को नई गति दी है। कार्यक्रम के दौरान 13,690 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं, जिनसे 12 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।

इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण GAIL का 10,500 करोड़ रुपये का गैस-आधारित उर्वरक संयंत्र रहा, जो राजनांदगांव जिले में प्रस्तावित है। इस परियोजना से लगभग 3,500 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे, साथ ही तकनीकी, लॉजिस्टिक्स और सहायक क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य का विकास मॉडल निवेश, कौशल विकास और रोजगार सृजन को एक साथ जोड़ने पर आधारित है। छत्तीसगढ़ स्किल टेक जैसे मंच युवाओं के लिए स्थायी आजीविका के अवसर तैयार करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

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धर्मांतरण के विरोध में सर्व समाज का नगर बंद का आह्वान

 

 

सर्व समाज द्वारा बुधवार को शांतिपूर्ण नगर बंद का आह्वान किया गया है। समाजसेवी कृपाशंकर भगत ने बताया कि धर्मांतरण की साजिश में लगे कुछ लोगों द्वारा लगातार जनजातीय समाज की परंपराओं और आस्था को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधियाँ की जा रही हैं, जिससे शांति के लिए पहचाने जाने वाले छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो रही है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में कांकेर जिले के आमाबेड़ा में हुई घटना भी धर्मांतरण और जनजातीय समाज की आस्था से जुड़े मामलों का ही परिणाम है। ऐसी घटनाओं का असर केवल जनजातीय समाज ही नहीं, बल्कि सभी वर्गों पर पड़ रहा है।

सर्व समाज का कहना है कि धर्मांतरण के विरुद्ध शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से कड़ा विरोध आवश्यक है। इसी के तहत 24 दिसंबर को प्रदेशव्यापी बंद का आह्वान किया गया है। इस बंद के समर्थन में जशपुर नगर बंद की अपील की गई है।

सर्व समाज ने नगर के सभी व्यापारियों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर इस शांतिपूर्ण बंद को समर्थन दें।

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अवैध वनोपज परिवहन पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई सेमल लकड़ी से लदा आईशर ट्रक जप्त, 105 नग लट्ठे बरामद।

 

 

वन मंडलाधिकारी शशि कुमार के निर्देशन में वन विभाग द्वारा अवैध वनोपज परिवहन के विरुद्ध सघन अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में वन विभाग की टीम ने सेमल लकड़ी से लदे एक आईशर ट्रक को जप्त कर बड़ी कार्रवाई की है।

वन मंडलाधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सघन गश्त एवं निगरानी अभियान के तहत दिनांक 20 दिसंबर 2025 की रात्रि लगभग 01.00 बजे एक आईशर ट्रक क्रमांक CG 04 PS 3426 को रोका गया। यह वाहन सीतापुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढोंढ़ागांव ठेठेटांगर की ओर से पत्थलगांव वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम बालाझर की दिशा में जा रहा था।

वाहन की तलाशी के दौरान उसमें सेमल प्रजाति के कुल 105 नग लकड़ी के लट्ठे बिना किसी वैध अनुमति पत्र अथवा परिवहन पास के अवैध रूप से परिवहन करते पाए गए। वाहन चालक बसंत सिंह परिहा, निवासी चकरभाठा, जिला बिलासपुर से पूछताछ करने पर वनोपज कटाई एवं परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।

वन परिक्षेत्र पत्थलगांव के गश्ती दल द्वारा वाहन एवं उसमें लदी वनोपज को अवैध पाए जाने पर भारतीय वन अधिनियम के अंतर्गत जप्ती की कार्रवाई करते हुए वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। जप्त वाहन सहित वनोपज को अग्रिम कार्रवाई हेतु वन परिक्षेत्र पत्थलगांव लाया गया है। प्रकरण की विवेचना वन परिक्षेत्राधिकारी पत्थलगांव द्वारा की जा रही है।

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राष्ट्रीय अभियान ‘नई चेतना 4.0’ अंतर्गत राज्य स्तरीय जेंडर कार्यशाला महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, सुरक्षा एवं लैंगिक समानता पर हुआ व्यापक विमर्श।

 

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा राष्ट्रीय अभियान “नई चेतना 4.0” के अंतर्गत एक दिवसीय राज्य स्तरीय जेंडर कार्यशाला का आयोजन आज न्यू सर्किट हाउस, रायपुर में किया गया। कार्यशाला में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन संचालक श्री अश्वनी देवांगन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यशाला का शुभारंभ माननीय अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। यह कार्यशाला महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में आयोजित की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने कहा कि जेंडर रिसोर्स सेंटर के माध्यम से महिलाओं को एक सशक्त मंच उपलब्ध होगा, जिससे वे अपने अधिकारों की जानकारी प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी। उन्होंने समाज के प्रत्येक क्षेत्र में महिला शक्ति की सक्रिय भूमिका और भागीदारी को आवश्यक बताया।

मिशन संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने अपने संबोधन में कहा कि जेंडर केवल किसी एक विभाग तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह शासन के सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जेंडर को मुख्यधारा में लाने के लिए विभागीय अभिसरण को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों की भूमिकाओं को सुदृढ़ करना तथा महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण हेतु समन्वित कार्यप्रणाली विकसित करना रहा। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता, सामाजिक समावेशन, जेंडर आधारित हिंसा, शिकायत निवारण तंत्र तथा अधिकार आधारित सेवाओं की पहुँच जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत परिचर्चा की गई।

कार्यशाला में पुलिस विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों द्वारा महिलाओं के हक एवं अधिकारों से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए गए।

कांकेर जिले की स्व-सहायता समूह की दीदियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जेंडर आधारित हिंसा, सामाजिक भेदभाव तथा जेंडर रिसोर्स सेंटर की भूमिका को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। साथ ही आयोजित दो पैनल चर्चाओं में महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण में आने वाली चुनौतियों तथा विभागीय अभिसरण पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यशाला में राज्य एवं जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी, विषय विशेषज्ञ, एनएमएमयू प्रतिनिधि, प्रदान, ट्रीफ, चैतन्य संस्था सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि, प्रदेश भर से आए जीएमटी, समूह सदस्य, पदाधिकारी एवं अन्य हितधारकों की सक्रिय सहभागिता रही।

कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जिला एवं ब्लॉक स्तरीय टीमों को सम्मानित किया गया। समापन सत्र में वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं को समय पर सहयोग, सुरक्षित मंच एवं भरोसेमंद तंत्र उपलब्ध कराना ही राष्ट्रीय अभियान ‘नई चेतना 4.0’ का मूल उद्देश्य है।

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प्रदेश में छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति को नई गति: SSIP के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु 5 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति

 

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और युवाओं के उद्यमशील विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई है। राज्य शासन के वित्त विभाग द्वारा छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति (SSIP) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 5 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह राशि विभागीय बजट में पूर्व से प्रावधानित थी, जिसे चालू वित्तीय वर्ष में व्यय किए जाने की अनुमति दी गई है।

स्वीकृत बजट के अंतर्गत i-Hub छत्तीसगढ़ के सुचारु संचालन हेतु प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) की व्यवस्था की जाएगी। इसके माध्यम से राज्यभर में स्टार्टअप गतिविधियों की प्रभावी मॉनिटरिंग, रिपोर्टिंग, वित्तीय प्रबंधन तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं नवाचार संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही राज्य स्तरीय हैकाथॉन, आइडियाथॉन, इनोवेशन कैंप, स्टार्टअप मीटिंग्स और नवाचार जागरूकता अभियानों का आयोजन किया जाएगा।

नीति के अंतर्गत छात्रों एवं नवप्रवर्तकों के विचारों को अवधारणा से प्रोटोटाइप तक पहुंचाने के लिए कॉन्सेप्ट वैलिडेशन के माध्यम से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे प्रारंभिक परीक्षण, अध्ययन, डिजाइन, तकनीकी सेवाएं तथा विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्राप्त करना संभव होगा। इसके अतिरिक्त, चयनित स्टार्टअप्स को सीड ग्रांट के माध्यम से बाजार सत्यापन, उत्पाद विकास, कानूनी एवं तकनीकी सहयोग तथा प्रारंभिक विपणन के लिए सहायता प्रदान की जाएगी।

छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति में बौद्धिक संपदा संरक्षण को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत पेटेंट, कॉपीराइट, डिजाइन एवं ट्रेडमार्क फाइलिंग के लिए तकनीकी, कानूनी एवं वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे नवाचार सुरक्षित रहेंगे और स्टार्टअप्स को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्राप्त होगी।

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट विजन है कि छत्तीसगढ़ को नवाचार एवं उद्यमिता का सशक्त केंद्र बनाया जाए। छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति के लिए 5 करोड़ रुपये की यह स्वीकृति युवाओं के विचारों और क्षमताओं पर सरकार के विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह निवेश छात्रों और नवप्रवर्तकों को अपने नवाचारों को व्यावहारिक उद्यम में परिवर्तित करने का अवसर देगा, जिससे न केवल नए स्टार्टअप्स विकसित होंगे, बल्कि राज्य में रोजगार सृजन को भी नई गति मिलेगी।

छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं की प्रतिभा, नवाचार और उद्यमशील सोच को सशक्त करने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति (SSIP) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु 5 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस निवेश से छात्रों और नवप्रवर्तकों को अपने नवाचारों को व्यावहारिक उद्यम में बदलने का अवसर मिलेगा, जिससे छत्तीसगढ़ में नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार सृजन को नई गति प्राप्त होगी। - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जशपुर दौरा दो वर्षों के सुशासन में विकास के नए आयाम: 1000 करोड़ से अधिक की सड़क–पुल परियोजनाओं की सौगात।

 

 

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज एक दिवसीय प्रवास पर जशपुर जिले के कुनकुरी पहुंचे। सलियाटोली में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में फूल-मालाओं से आत्मीय स्वागत के बाद मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार के दो वर्षों के सुशासनकाल की प्रमुख उपलब्धियों को रेखांकित किया।

स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर जिले को 220 बिस्तरों वाला आधुनिक जिला अस्पताल, मातृत्व एवं शिशु चिकित्सालय, कल्याण आश्रम में अत्याधुनिक अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज एवं फिजियोथेरेपी महाविद्यालय जैसी महत्वपूर्ण सौगातें दी गई हैं। इससे जिलेवासियों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

सड़क–पुलों पर 1000 करोड़ से अधिक का निवेश

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिले की 623 सड़कों के लिए 998 करोड़ रुपये तथा 22 उच्चस्तरीय पुलों के लिए 109 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अतिरिक्त हाल ही में 4 प्रमुख सड़कों के लिए 12.69 करोड़ रुपये, 4 महत्वपूर्ण पुलों के लिए 13.69 करोड़ रुपये तथा 12 सड़कों के लिए 41.81 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मंजूरी दी गई है।

फरसाबहार क्षेत्र में 40.89 करोड़ रुपये की लागत से 13 विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिससे ग्रामीण कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।

शिक्षा एवं पर्यटन को नई गति

करडेगा एवं फरसाबहार में नवीन महाविद्यालयों की स्थापना, नए स्कूल भवनों का निर्माण तथा मयाली नेचर कैंप, जंबूरी आयोजन एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच मार्गों की स्वीकृति से जशपुर शिक्षा एवं पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर अब वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अपनी पहचान बना रहा है।

विद्युत क्षेत्र में सशक्त आधार

कुनकुरी के हर्राडांड में प्रदेश का पांचवां 400 केवी विद्युत उपकेंद्र एवं 11 नए सब-स्टेशनों की स्थापना से जिले में विद्युत आपूर्ति और अधिक सुदृढ़ हुई है। मुख्यमंत्री ने किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी, धान बोनस तथा 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति की जानकारी भी दी।

कार्यकर्ताओं से जन-जन तक विकास पहुंचाने का आह्वान

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ये सभी उपलब्धियां कार्यकर्ताओं की निष्ठा और परिश्रम का परिणाम हैं। उन्होंने सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा विकास कार्यों की जानकारी जन-जन तक ले जाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में विधायकद्वय श्रीमती गोमती साय एवं श्रीमती रायमुनी भगत, भाजपा नेता श्री गुरुपाल भल्ला, पूर्व संसदीय सचिव श्री भरत साय, पूर्व विधायक श्री रोहित साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री भरत सिंह, श्री कृष्ण कुमार राय, पूर्व जिलाध्यक्ष श्री सुनील गुप्ता, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, श्री मुकेश शर्मा, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, दुलदुला जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री राजकुमार सिंह, पार्षदगण एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बाबा गुरु घासीदास जयंती पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएँ “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश सामाजिक समरसता की अमर विरासत।

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महान समाज सुधारक एवं आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने अपने दिव्य उपदेशों और आदर्श आचरण से समाज को सत्य, अहिंसा, समानता और सामाजिक सद्भाव के मार्ग पर अग्रसर किया। उनका अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” केवल एक विचार नहीं, बल्कि भेदभाव रहित, न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज की स्थापना का सशक्त जीवन-दर्शन है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर सामाजिक एवं आध्यात्मिक जागरण की मजबूत आधारशिला रखी। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों, असमानताओं और अंधविश्वासों के विरुद्ध चेतना जगाई तथा नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना कर जनमानस में आत्मसम्मान और मानवीय गरिमा का भाव विकसित किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी का जीवन-दर्शन करुणा, सहिष्णुता, प्रेम, सत्यनिष्ठा और परस्पर सम्मान जैसे मानवीय मूल्यों का मार्गदर्शक है। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और वर्तमान समाज के लिए प्रेरणा का सशक्त स्रोत बने हुए हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे बाबा गुरु घासीदास जी के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें और सामाजिक समरसता, शांति एवं सौहार्द के साथ एक समृद्ध, सशक्त और समावेशी छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाएँ।

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सुशासन के दो साल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी पहल से जशपुर में सड़क क्रांति 623 सड़कों के लिए 986.90 करोड़ की ऐतिहासिक सौगात, गांव-शहर का सफर हुआ सुगम।

 

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन के दो वर्ष जशपुर जिले के लिए विकास की नई कहानी लिख रहे हैं। सड़क निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने जिले को 623 सड़कों के निर्माण हेतु 986 करोड़ 90 लाख रुपये की बड़ी सौगात दी है। यह पहल केवल अधोसंरचना विकास नहीं, बल्कि गांव-गांव तक प्रगति की मजबूत नींव है।

लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 108 सड़कों के लिए 634 करोड़ 32 लाख रुपये की मंजूरी से प्रमुख मार्गों की कनेक्टिविटी सुदृढ़ हो रही है। वहीं प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 93 सड़कों के लिए 239 करोड़ 23 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे दूरस्थ और पिछड़े इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

ग्रामीण विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत 29 सड़कों हेतु 76 करोड़ 20 लाख रुपये, जबकि ग्राम गौरव पथ योजना के तहत 17 सीसी रोड के लिए 5 करोड़ 81 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अतिरिक्त, गांव-मुहल्लों की आंतरिक सड़कों पर विशेष फोकस करते हुए 376 सीसी रोड निर्माण के लिए 31 करोड़ 34 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर तेजी से बदल रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस विकासशील सोच का सीधा लाभ आमजन को मिल रहा है। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सहूलियत, बच्चों के लिए स्कूल तक सुरक्षित पहुंच, मरीजों को त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन सेवाओं की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है। बरसात के दिनों में कीचड़ और जर्जर सड़कों से राहत मिलना लोगों के लिए बड़ी सौगात साबित हो रही है।

करोड़ों की सौगात से बदली जशपुर की तस्वीर

सड़क निर्माण के इस व्यापक अभियान से वर्षों से कीचड़, गड्ढों और खराब सड़कों से जूझ रहे ग्रामीणों को मुक्ति मिल रही है। नई पक्की सड़कों से आवागमन आसान, सुरक्षित और तेज होगा, जिससे जिले में आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।

जशपुर जिले में सड़क विकास की यह क्रांति मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन और विकास के प्रति प्रतिबद्ध नेतृत्व का स्पष्ट प्रमाण है। गांव से शहर तक मजबूत सड़क नेटवर्क आने वाले वर्षों में जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला सिद्ध होगा।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शहीद वीर नारायण सिंह बलिदान दिवस पर 101 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया गया लोकार्पण एवं भूमिपूजन।

 

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान छत्तीसगढ़ के आत्मगौरव, संघर्ष और स्वाभिमान का अमर प्रतीक है। वे आज सोनाखान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को नमन करने पहुंचे, जहां उन्होंने शहीद के वंशजों को सम्मानित किया और क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। मुख्यमंत्री ने सोनाखान में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना अंतर्गत बस सेवा प्रारंभ करने, नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण हेतु 75 लाख रुपये, सियान सदन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये तथा मड़ई मेला स्थल में शौचालय निर्माण के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सोनाखान में इको-टूरिज्म विकास और सड़क निर्माण हेतु आवश्यक प्रावधान आगामी बजट में शामिल किए जाएंगे जिससे इस ऐतिहासिक स्थल को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार एवं सुविधाओं में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह अंग्रेजी शासन के अत्याचार के विरुद्ध गरीबों, किसानों और वंचित समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए खड़े हुए एक ऐसे वीर सपूत थे, जिन्होंने भीषण अकाल के समय गरीबों में अनाज बांटकर मानवता की ऐतिहासिक मिसाल पेश की। अंग्रेजी हुकूमत ने 10 दिसंबर 1857 को उन्हें फांसी दे दी, किंतु उनका बलिदान सदियों से संघर्ष, स्वाभिमान और अन्याय के प्रतिकार की प्रेरणा देता आया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की ‘गारंटी’ के तहत अधिकांश वादों को पूरा किया है और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर काम कर रही है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज ही के दिन अंग्रेजी हुकूमत ने रायपुर के जयस्तंभ चौक में वीर नारायण सिंह को फांसी दी थी। वे अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते हुए शहीद हुए और उनका बलिदान पीढ़ियों तक लोगों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने राज्य सरकार की जनहितैषी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि विकास और कल्याण के लिए सरकार सतत् कार्यरत है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 101.44 करोड़ रुपये की लागत के 119 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण के 10 हितग्राहियों को घरों की चाबियाँ सौंपी तथा ‘हम होंगे कामयाब’ कार्यक्रम के अंतर्गत 37 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। आदिवासी समाज के पाँच प्रतिभावान छात्रों को भी मंच पर सम्मानित किया गया। समारोह में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े तथा शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज श्री राजेंद्र दीवान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा जिन कार्यों का लोकार्पण किया गया उनमें ग्राम ओड़ान, खरतोरा, सकरी (स) और दतान (ख) में 9.88 करोड़ रुपये की लागत से रेट्रोफिटिंग नल-जल प्रदाय योजनाएँ तथा गोरधा में एकल नल-जल प्रदाय योजना शामिल है। जिन कार्यों का भूमिपूजन किया गया उनमें अर्जुनी में 5.84 करोड़ रुपये की लागत से जोंक शीर्ष जीर्णोद्धार एवं तटबंध निर्माण, लवन शाखा नहर के तिल्दा, करदा लाटा एवं सिरियाडीह माइनर के 3.63 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण, मटिया नाला में 3.36 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉपडैम निर्माण, परसाडीह के खोरसीनाला में 2.99 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉपडैम निर्माण और लाहोद में 2.60 करोड़ रुपये की लागत से निरीक्षण कुटीर एवं आवासीय भवन निर्माण कार्य मुख्य रूप से शामिल हैं।

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मुख्यमंत्री ने शहीद वीर नारायण सिंह को अर्पित की श्रद्धांजलि।

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बलिदान दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में शहीद वीर नारायण सिंह की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि कसडोल विकासखंड के ग्राम सोनाखान पहुंचे। उन्होंने सोनाखान स्थित शहीद स्मारक में श्रद्धासुमन अर्पित किया एवं शहीद वीर नारायण सिंह के आदमकद मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम, श्री केदार कश्यप, श्री टंकराम वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल,पूर्व विधायक बिलाईगढ़ डॉ सनम जागड़े, शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज राजेंद्र दीवान सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ महतारी के सच्चे सपूत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह को रायपुर स्थित जय स्तंभ चौक में 10 दिसम्बर को अंग्रेजों द्वारा फाँसी में चढ़ा दिया गया था। उन्हें 1857 की क्रांति में छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने का गौरव प्राप्त है। सोनाखान शहीद वीर नारायण सिंह की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि है। राज्य सरकार सोनाखान को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने लिए प्रतिबद्ध है। इसी के तहत यहां पर चरणबद्ध विकास कार्यों को लगातार मंजूरी दी जा रही है।

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UNICEF व NSS के संयुक्त तत्वाधान में "सुरक्षित लइका मान 3.0" के तहत ग्राम संपर्क अभियान आयोजित।

UNICEF और NSS (शासकीय महाविद्यालय आरा) के संयुक्त तत्वाधान में आज "सुरक्षित लइका मान 3.0" के अंतर्गत ग्राम संपर्क अभियान का सफल आयोजन जिला पंचायत आरा के केतार ग्राम में किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समुदाय के बीच स्वच्छता, पोषण, लैंगिक हिंसा रोकथाम और मानसिक स्वास्थ्य के विषयों पर जन-जागरूकता बढ़ाना रहा।

अभियान के दौरान NSS स्वयंसेवकों ने घर-घर संपर्क कर लोगों को साफ-सफाई के महत्व, संतुलित आहार, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, लैंगिक समानता तथा तनाव व मानसिक स्वास्थ्य के संरक्षण पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। ग्रामीणों को इन विषयों पर पोस्टर, नारे और संवाद आधारित गतिविधियों के माध्यम से जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में महिलाओं, किशोर-किशोरियों और बच्चों की सक्रिय भागीदारी देखी गई। स्वयंसेवकों ने बताया कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए स्वच्छ आदतों, पोषणयुक्त भोजन, सुरक्षित वातावरण और सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य को अपनाना आवश्यक है।

ग्राम के लोगों ने ऐसे जन-जागरूकता अभियान को समयानुकूल बताते हुए UNICEF व NSS टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

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खेल से मिलती है अनुशासन की सीख : कौशल्या साय, कुडूकेला नॉकआउट फुटबॉल फाइनल में बेलटोली ने लोधमा को 3–1 से हराया, जीता खिताब....।

जशपुरनगर। स्थानीय मैदान में आयोजित नॉकआउट फुटबॉल प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला रोमांच से भरपूर रहा। लोधमा को 3–1 से हराकर बेलटोली की टीम ने शानदार जीत के साथ चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम कर ली। खिलाड़ियों के कौशल और टीमवर्क ने दर्शकों को आखिरी मिनट तक बांधे रखा। मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि “खेल बच्चों और युवाओं में अनुशासन, नियम पालन और आत्मविश्वास बढ़ाने का सबसे बड़ा माध्यम है। ऐसे आयोजन ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”फाइनल मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में विजेता टीम को 51 हजार रुपए एवं ट्रॉफी, जबकि उपविजेता की टीम को 31 हजार रुपए एवं ट्रॉफी प्रदान की गई।

इस कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष सुशीला साय, डी.डी.सी. अनीता सिंह एवं मलिता बाई, जिला मंत्री संतोष सहाय, मंडल अध्यक्ष उमेश यादव, जनपद उपाध्यक्ष बालेश्वर यादव, संतन राम, तुलाधार यादव, भारती भगत, असलम आजाद कार्यक्रम के अध्यक्ष, मोहम्मद जमीर स्लाम जिन्ना, सुशन्ति बैग, बसंत बैग,कुलदीप ,बेनी कश्यप,कलेश्वर सिंह, असनूलहक सहित भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता गण एवं आयोजन समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।आयोजन समिति ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। आने वाले समय में इस टूर्नामेंट को और बड़े स्तर पर कराने की योजना है।

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लोगों ने जनसम्पर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी को सराहा राज्य की उपलब्धियों और योजनाओं की दिखी झलक।

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष पर नवा रायपुर अटल नगर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर में आयोजित 5 दिवसीय राज्योत्सव कार्यक्रम में जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी दूसरे दिन लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। 

प्रदर्शनी में शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं, विकास कार्यों, सामाजिक उत्थान, महिला सशक्तिकरण तथा डिजिटल प्रगति को छायाचित्रों और आंकड़ों के साथ रोचक रूप में प्रदर्शित किया गया है। एलईडी स्क्रीन पर लगातार प्रसारित हो रही “सॉफ्ट स्टोरी” के माध्यम से लोग योजनाओं को सहज और सरल तरीके से समझ रहे हैं।

नयापारा राजिम से आई मां दुर्गा स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसे बेहद उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया। समूह की अध्यक्ष श्रीमती नेहा साहू ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है। साथ ही उनके बच्चे को आंगनवाड़ी केंद्र से पूरक पोषण आहार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजनाएं महिलाओं के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। समूह की सचिव श्रीमती संतोषी साहू ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि यहां प्रदर्शित योजनाओं से उन्हें कई नई जानकारियां मिलीं।

प्रदर्शनी में पहुंची नवीन कॉलेज की छात्राएं कुमारी टीनू साहू, खुशबू साहू, पाखी सोनवानी, प्रियंका, काजल निहाल और कंचन यादव ने कहा कि महतारी वंदन योजना, भर्ती में पारदर्शिता और मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना जैसी लोगों के लिए वरदान हैं। उन्होंने कहा हम प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे है और यह जानकर अच्छा लगा कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है। 

राज्योत्सव घूमने आई रायपुर की पारुल चंद्राकर, सोनाली धुरंधर और विधि धुरंधर ने जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसे बेहद सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सरल और स्पष्ट रूप से प्रस्तुत की गई है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को योजनाओं की जानकारी सहज रूप से प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में उपलब्ध प्रचार सामग्री अत्यंत उपयोगी है, जिससे आम नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया समझने में मदद मिल रही है। राज्योत्सव में प्रदर्शनी देखने पहुंचे अन्य दर्शकों ने भी विभाग द्वारा प्रस्तुत सामग्री, पोस्टर और ऑडियो-वीडियो प्रदर्शनों की प्रशंसा की। यह प्रदर्शनी न केवल जानकारी प्रदान कर रही है, बल्कि लोगों को शासन की योजनाओं से जुड़ने और उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित भी कर रही है।

पुलिस प्रशासनिक अकादमी चंद्रखुरी में प्रशिक्षणरत इंद्रजीत सिंदार ने राज्योत्सव स्थल पर जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि विभाग द्वारा राज्य सरकार की योजनाओं को बहुत ही सरल और आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में उपलब्ध प्रचार सामग्री न केवल जानकारीपूर्ण है, बल्कि आम जनता को योजनाओं के लाभ से जोड़ने में भी सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने जनसंपर्क विभाग के इस प्रयास को जनजागरण के लिए अत्यंत प्रभावी बताया। 

जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाई गई इस प्रदर्शनी को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। प्रचार सामग्री निःशुल्क वितरित की जा रही है, जिससे लोग योजनाओं की विस्तृत जानकारी घर ले जा रहे हैं। यह प्रदर्शनी निश्चित रूप से राज्य की उपलब्धियों, पारदर्शी शासन व्यवस्था और नागरिक सहभागिता की एक जीवंत झलक प्रस्तुत कर रही है, जो “नए छत्तीसगढ़” के संकल्प को साकार करती है।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल उरांव ने की सौजन्य मुलाकात।

 

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल उरांव ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री जुएल उरांव का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह व शॉल भेंट किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव से छत्तीसगढ़ में जनजातियों के विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने श्री उरांव को राज्य में आदिवासी समुदाय के स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सहित समग्र विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने श्री उरांव को बताया कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति बहुत समृद्ध है, जिसके संरक्षण और संवर्धन की दिशा में सरकार द्वारा सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री उरांव ने राज्य में आदिवासी उत्थान की दिशा में किये जा रहे कार्यों की सराहना की। 

 इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, विधायक किरण देव और पुरंदर मिश्रा उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री साय बोले – स्वदेशी से मजबूत होगा भारत फरसाबहार में आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान स्वदेशी उपयोग को बढ़ावा देने का आह्वान

 

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को फरसाबहार में आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित कुनकुरी विधानसभा सम्मेलन में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के प्रति जनमानस को प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “लोकल फॉर वोकल” केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत में निर्मित उत्पादों के उपयोग का दृढ़ संकल्प है। स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और देश की पूंजी देश में ही रहती है। उन्होंने व्यापारियों से अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं के विक्रय का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। प्रधानमंत्री का लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। उन्होंने कहा कि भारत अब अपनी सीमाओं की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है। पाकिस्तान के दुस्साहस का जवाब सर्जिकल स्ट्राइक के रूप में दिया गया। आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलते हुए भारत ने अमेरिकी टैरिफ चुनौतियों के बावजूद अपनी अर्थव्यवस्था को स्थिर रखा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जीएसटी 2.0 लागू होने से वस्तुओं के मूल्य में कमी आई है, जिससे आमजन को राहत मिली है। वाहनों और घरेलू सामानों के दाम घटने से किसानों और उपभोक्ताओं के बजट को सहूलियत मिली है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने 22 माह में प्रधानमंत्री की अधिकांश गारंटियों को पूरा किया है।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह ₹1000 की सहायता दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में प्रति मानक बोरा दर ₹5500 कर दी गई है। कृषि और सिंचाई विकास हेतु ₹2800 करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर जिले में मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना की जाएगी। गिनाबहार में 50 बिस्तर वाले मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण जारी है, वहीं रायपुर के सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के सहयोग से जिले में मदर-चाइल्ड अस्पताल स्थापित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि जशपुर जिले में लगभग ₹2000 करोड़ के विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है। ई-ऑफिस प्रणाली और सुशासन-अभिसरण विभाग से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आई है। पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई से करवाई जा रही है। नई उद्योग नीति के तहत छत्तीसगढ़ में ₹7 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य में नक्सलवाद समाप्ति की कगार पर है और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है।

सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि स्वदेशी अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वदेशी हथियारों के बल पर भारत ने पाकिस्तान को जवाब दिया।

विधायक गोमती साय ने कहा कि महात्मा गांधी के स्वदेशी संदेश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वास्तविक रूप दे रहे हैं। दीपावली के दौरान स्वदेशी वस्तुओं की रिकॉर्ड बिक्री इसका प्रमाण है।

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मुख्यमंत्री की घोषणाएँ :मुख्यमंत्री साय ने मंच से कई विकास कार्यों की घोषणाएँ कीं —

 

तामामड़ा सामुदायिक भवन के लिए ₹20 लाख

बरहाटुकू–घोनघोषा मार्ग पर पुल निर्माण

पंडरीपानी परहाटोली में सामुदायिक भवन

गारीघाट में मिनी स्टेडियम

मुंडाडीह में ₹25 लाख की लागत से सामुदायिक भवन

सुन्दरू में शिव मंदिर का जीर्णोद्धार

कोतेबीरा कपाटद्वार तक लक्ष्मण झूला निर्माण एवं विस्तार

पंडरीपानी, बनगांव, फरसाबहार और लकराघरा के करमा नर्तक दलों को ₹25–25 हजार की अनुदान राशि

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कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या विष्णुदेव साय, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष राम गर्ग, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, पूर्व संसदीय सचिव भरत साय, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता, भाजपा महामंत्री मुकेश शर्मा, मनीष अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य वेदप्रकाश भगत, दुलारी सिंह, अनिता सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री साय और उनकी धर्मपत्नी ने अस्तांचलगामी सूर्य को दिया अर्घ्य,दुलदुला छठ घाट से प्रदेश के सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना।

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय ने आज छठ महापर्व के अवसर पर दुलदुला छठ घाट में डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की।

 

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को छठ पूजा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज बड़े ही सौभाग्य का दिन है कि मुझे अपने विधानसभा क्षेत्र में छठ पर्व में शामिल होने का अवसर मिला। यह पर्व लोक आस्था, पवित्रता और सामाजिक एकता का प्रतीक है।

 

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर दुलदुला क्षेत्रवासियों की मांग पर छठ घाट के सौंदर्यीकरण की घोषणा करते हुए कहा कि अगले छठ पर्व तक घाट का कायाकल्प कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुनकुरी छठ घाट के लिए लगभग 5 करोड़ 17 लाख रुपये की राशि से सौंदर्यीकरण कार्य कराया गया है, जिससे श्रद्धालु महिलाएं पूरे श्रद्धाभाव से पूजा-अर्चना कर रही हैं।

 

श्री साय ने कहा कि “क्षेत्र की जनता के आशीर्वाद से ही मैं विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री बना हूं। उनकी समस्याओं को भलीभांति समझता हूं और समाधान के लिए निरंतर कार्य कर रहा हूं।”

 

इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जनपद पंचायत दुलदुला अध्यक्ष रामकुमार सिंह, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, एसपी शशिमोहन सिंह, जनप्रतिनिधि, व्रती महिलाएं और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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विशेष लेख : रानीदाह जलप्रपात- जशपुर की धरती पर प्रकृति का अनमोल उपहार।

 

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की हरी-भरी पहाड़ियों और घने साल के जंगलों के बीच स्थित रानीदाह जलप्रपात जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता का एक अद्भुत प्रतीक है। यह झरना जशपुर नगर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहरी पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ख़ूबसूरत सड़कों से होकर जब कोई इस स्थल तक पहुँचता है, तो सामने फैली हरियाली, चट्टानों से गिरता दूधिया जल और पक्षियों की आवाज़ें मिलकर एक अविस्मरणीय दृश्य प्रस्तुत करती हैं।

बरसात के मौसम में रानीदाह अपने पूरे वैभव पर होती है, जब पानी कई धाराओं में बँटकर ऊँची चट्टानों से नीचे गिरता है। गर्मी के मौसम में जल प्रवाह भले थोड़ा कम हो जाए, लेकिन आसपास की प्राकृतिक शांति और वातावरण का सौंदर्य हमेशा समान रूप से मनमोहक रहता है।

 

रानीदाह जलप्रपात केवल प्राकृतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि अपनी लोककथाओं और रहस्यमयी कहानियों के कारण भी प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि बहुत समय पहले ओडिशा की एक राजकुमारी रानी शिरोमणि जशपुर की इन पहाड़ियों में आ पहुँची थीं।

 जब उनके पिता और पाँच भाई उनका पीछा करते हुए यहाँ पहुँचे, तो रानी ने अपमान और जबरन विवाह से बचने के लिए इसी गहरी खाई में छलांग लगा दी और अपने प्राण त्याग दिए। उसी समय से यह झरना “रानीदाह” के नाम से जाना जाने लगा, जिसका अर्थ है “रानी का जलप्रपात।” झरने के पास स्थित कुछ चट्टानें “पाँच भैया” के नाम से जानी जाती हैं, जो रानी के भाइयों के प्रतीक माने जाते हैं। यह कथा आज भी स्थानीय लोगों के बीच पीढ़ी दर पीढ़ी सुनाई जाती है और इस स्थल को एक रहस्यमयी और भावनात्मक पहचान देती है।

 

प्रकृति प्रेमियों और सैर-सपाटे के शौकीनों के लिए रानीदाह जलप्रपात एक शांत, मनोरम और छायादार पिकनिक स्थल है। यहाँ आने वाले पर्यटक न केवल झरने की भव्यता का आनंद लेते हैं, बल्कि आसपास के गाँवों की लोकसंस्कृति, संगीत और आतिथ्य से भी प्रभावित होते हैं।

 रानीदाह जलप्रपात जशपुर की आत्मा का प्रतीक है — जहाँ प्रकृति की सुंदरता, इतिहास की गहराई और लोककथाओं का आकर्षण एक साथ जीवंत हो उठता है। यदि आप कभी जशपुर आएँ, तो इस दिव्य स्थल का भ्रमण अवश्य करें और प्रकृति के इस अनुपम उपहार का अनुभव स्वयं करें।

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जशपुर जिले को बड़ी सौगात, कांसाबेल–बगीचा मार्ग के निर्माण कार्य के 29 करोड़ 37 लाख रूपए की दी मंजूरी, क्षेत्र वासियों ने सीएम साय का जताया आभार.....।

 

 

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को एक और बड़ी सौगात दी है। वर्ष 2025-26 के बजट में कांसाबेल–बगीचा मार्ग के सुदृढ़ीकरण एवं पुलिया निर्माण कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। यह सड़क लगभग 39 किलोमीटर लंबी होगी,जिसके लिए 29 करोड़ 37 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है।इस मार्ग के मजबूतीकरण के साथ आवश्यक पुलिया निर्माण भी शामिल है।इस सड़क निर्माण से कांसाबेल, बगीचा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को आवागमन की सुविधा में बड़ी राहत मिलेगी।खासकर यह मार्ग कांसाबेल विकासखंड के क्षेत्र वासियों को बगीचा तक आवागमन के लिए सुगम होगी,वहीं यह मार्ग जशपुर जिले को सरगुजा जिले को जोड़ने वाली प्रमुख मार्ग भी है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि –“प्रदेश के हर जिले में सड़क और आधारभूत संरचना का विस्तार हमारी प्राथमिकता है। ग्रामीण अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना प्रदेश सरकार का संकल्प है।इस स्वीकृति के साथ जशपुर जिले के सड़क नेटवर्क को नई मजबूती मिलने जा रही है, जिससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी।इस सड़क निर्माण की मंजूरी मिलने पर क्षेत्र वासियों में खुशी की लहर है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सोहरई करमा महोत्सव में हुए शामिल ग्राम कण्डोरा में करमा अखरा निर्माण के लिए 50 लाख रुपए की घोषणा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले में अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद, प्रांतीय शाखा छत्तीसगढ़ द्वारा ग्राम कण्डोरा में आयोजित महासम्मेलन (सोहरई करमा महोत्सव 2025) में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कुनकुरी में 20 लाख रुपए की लागत से निर्मित रौतिया समाज के सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया तथा ग्राम पंचायत कण्डोरा में 50 लाख रुपए की लागत से बनने वाले रौतिया भवन निर्माण का भूमिपूजन किया।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने समाज की मांग पर ग्राम कण्डोरा में करमा अखरा निर्माण के लिए 50 लाख रुपए तथा रायपुर में रौतिया भवन पहुँच मार्ग के लिए 25 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने मंच पर रौतिया समाज के वीर शहीद बख्तर साय और मुण्डल सिंह के छायाचित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। 

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि करमा महोत्सव हमारी प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है, जिसे सभी समाज मिलजुलकर मनाते हैं। यह पर्व हमें हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ प्रकृति के प्रति आदर और सम्मान का भाव भी सिखाता है। उन्होंने कहा कि एकादशी करमा, दशहरा करमा जैसी परंपराएँ हमारी संस्कृति में गहराई से रची-बसी हैं। ये उत्सव समाज को एक सूत्र में बाँधने का कार्य करते हैं।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को तीव्र गति से लागू कर रही है। सरकार बनते ही पहली ही कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई। महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपए की सहायता दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार ने प्रति मानक बोरा दर को 5500 रुपए कर दिया है।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित भारत की तर्ज पर वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध है। उन्होंने लोगों से वोकल फॉर लोकल अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि स्वदेशी वस्तुओं की खरीद से न केवल देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नक्सल उन्मूलन की दिशा में तीव्रता से कार्य कर रही है। दो दिन पूर्व ही 210 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है। 

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना की जाएगी, जिससे स्थानीय युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने माध्यमिक विद्यालय खेल मैदान स्थित आमा बगीचा के करमा पूजन स्थल पर करम वृक्ष की डाली की पारंपरिक रीति से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने करमा नर्तक दल के साथ गले में मांदर टाँगकर ताल मिलाते हुए करम वृक्ष की डाली के चारों ओर उत्साहपूर्वक नृत्य किया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय तथा परिवारजन भी उपस्थित थे।

 

सोहरई करमा महोत्सव: रौतिया समाज की सांस्कृतिक पहचान

 

सोहरई करमा महोत्सव मूलतः रौतिया समाज द्वारा गोवर्धन पर्व के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला पारंपरिक पर्व है। इस दिन नए फसल को पूरे विधि-विधान से पूजा-पाठ कर घर लाया जाता है। ग्राम कण्डोरा में आयोजित इस भव्य आयोजन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के साथ-साथ झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से आए कुल 52 मंडलों के नर्तक दलों ने सहभागिता की। विविध लोक संस्कृतियों और पारंपरिक नृत्यों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उल्लास और उत्सव की भावना से सराबोर कर दिया।

 

इस अवसर पर सांसद श्री राधेश्याम राठिया, अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री ओ. पी. साय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री दामोदर सिंह, राष्ट्रीय महासचिव श्री आजाद सिंह, केंद्रीय संगठन मंत्री श्री भुनेश्वर केसर, केंद्रीय महिला सदस्य श्रीमती उमा देवी सहित समाज के अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दीपावली और गोवर्धन पूजा की दी हार्दिक शुभकामनाएं

 

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को दीपावली और गोवर्धन पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीपावली का पर्व प्रकाश, सत्य और सद्भाव का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि दीपावली का यह पावन पर्व अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और नकारात्मकता पर सकारात्मकता की विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि दीपों का यह उत्सव हमारे जीवन में नई ऊर्जा, नई चेतना और आशा का संचार करता है। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे दीपावली को स्वदेशी भावना के साथ, पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखते हुए मनाएं और एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनकर समाज में प्रेम और सौहार्द का संदेश फैलाएं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व प्रकृति, पशुधन और पर्यावरण के प्रति हमारी श्रद्धा और आभार का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा हमें यह सिखाती है कि प्रकृति का संरक्षण ही समृद्धि का आधार है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि दीपावली और गोवर्धन पूजा का यह पावन अवसर छत्तीसगढ़ राज्य में खुशहाली, समृद्धि और विकास की नई रोशनी लेकर आएगा तथा हर घर में आनंद, शांति और उजाला फैलाएगा।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने की स्थानीय उत्पादों की खरीदारी कर दिया वोकल फॉर लोकल का संदेश......।

 

दीपों के पर्व दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने स्थानीय बाजार पहुंचकर कुम्हारों द्वारा बनाए गए स्वदेशी दीयों और सजावटी सामग्रियों की खरीदारी की। उन्होंने मिट्टी के दीयों से अपना घर रोशन करने का संदेश दिया और कहा कि इस दीपावली हर घर में स्वदेशी दीप जलाएं।

उन्होंने कहा कि वोकल फॉर लोकल अभियान अब आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह हर भारतीय को प्रेरित करता है कि हम स्वदेशी वस्तुओं को अपनाएं और स्थानीय कारीगरों व उद्योगों को सशक्त बनाएं।

 

     श्रीमती साय ने कहा कि दीपावली खुशियों और उमंग का पर्व है। इस अवसर पर स्थानीय उत्पादकों और व्यापारियों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है और रोजगार के अवसर में भी वृद्धि होती है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस दीपावली स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें और कुम्हारों, हस्तशिल्पियों व छोटे व्यापारियों की दीपावली को भी उजाला दें।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर तैयारियां शुरू 01 नवंबर को पांच कार्यक्रमों में होंगे शामिल।

 

 

 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। 01 नवंबर को प्रधानमंत्री श्री मोदी नया रायपुर अटल नगर में राज्योत्सव स्थल में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा वे शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय, छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित भवन और प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग सेंटर एकेडमी फार ए पीसफुल वर्ल्ड “शांति शिखर” का शुभारंभ और सत्य सांई हॉस्पिटल में हृदय का ऑपरेशन कराने वाले बच्चों से चर्चा करेंगे। 

अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ ने आज नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव स्थल में प्रधानमंत्री के प्रवास को लेकर तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्री पिंगुआ ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी 31 अक्टूबर की रात्रि राजधानी रायपुर पहुंचेंगे और अगले दिन कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस दौरान नए विधानसभा भवन के लोकार्पण और राज्योत्सव के शुभारंभ अवसर पर सभाएं होंगी। इन आयोजनों के लिए सभी तैयारियां शुरू कर दी जाए। बैठक में कलेक्टर श्री गौरव सिंह ने प्रधानमंत्री के प्रवास को लेकर की जा रही तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी।

बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन, कमिश्नर रायपुर श्री महादेव कावरे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. लाल उमेंद सिंह सहित जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।  

 

अपर मुख्य सचिव पिंगुआ ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रवास के मद्देनजर ट्रैफिक प्लान और पार्किंग की व्यवस्था कर ली जाए। इसी प्रकार राज्योत्सव मेला स्थल और अन्य कार्यक्रमों के स्थल पर पार्किंग, पेयजल, शौचालय की व्यवस्था की जाए।

उन्होंने कहा कि नया रायपुर के चौक-चौराहों को व्यवस्थित और सौंदर्यीकरण कर ली जाए। राज्योत्सव मेला स्थल में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए को सेक्टरों में बांटकर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। कार्यक्रम के दौरान सतत् रूप से बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा वैकल्पिक व्यवस्था भी रखी जाए। इसी प्रकार साउंड सिस्टम उच्च गुणवत्तायुक्त हो। साथ ही दूर संचार विभाग के अधिकारियों को संचार व्यवस्था दुरूस्त करने के निर्देश दिए।

 

 राज्योत्सव मेला स्थल पर मुख्य मंच के सामने तीन विशाल डोम बनाएं जा रहे हैं। जिनमें 60 एलईडी स्क्रीनिंग लगाए जाएंगे। मेला स्थल पर लोगों बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की जा रही है। लोगों के प्रवेश के लिए दो द्वार होंगे। एक द्वार विभागीय प्रदर्शनी के लिए होगा।

विभागीय प्रदर्शनी में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के साथ ही सार्वजनिक उपक्रमों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। मुख्य मंच के नजदीक ही डिजिटल प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। मेला स्थल पर प्रधानमंत्री आवास का मॉडल भी बनाया जाएगा। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्योत्सव मेला स्थल के दोनों तरफ 20-20 हजार वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अन्य शहरों से रायपुर पहुंचने वाले मार्गों पर भी पार्किंग, पेयजल आदि की व्यवस्था की जा रही है।

राज्योत्सव मेला स्थल पर 300 शौचालय बनाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 20 बैड का हॉस्पिटल तथा आईसीयू बनाया जा रहा है। इसके अलावा 25 एम्बुलेंस और पर्याप्त संख्या में फायर ब्रिगेड वाहन की व्यवस्था की जा रही है।

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