राशिफल

शाम के नाश्ते में कुछ कुरकुरा और नमकीन खाने का मन है| तो बेहद आसान तरीके से फिंगर चिप्स

फिंगर चिप्स बनाने का तरीका और विधि फिंगर चिप्स बनाने के लिए सबसे पहले आलुओ को अच्छी तरह से धोकर छील लें| उसके बाद आलुओ को चौकोर डंडियो के आकार में काट लें| फिर सभी आलुओ के टुकड़ें कर लें| ख्याल रखें आलू काटने के तुरंत बाद पानी में डाल दें| ऐसा करने से आलू काले नहीं पड़ते है| फिर एक भगोने में दो गिलास पानी डालकर गर्म होने के लिए रख दें| जब पानी गर्म हो जाएं तब उसमे कटे हुए आलू डालकर उबलने दें| जब आलू अधपके हो जाएं तब गैस को बंद कर दें और आलुओ को छलनी में निकाल लें| जब आलुओ का पानी निकल जाएं तब आलुओ को एक बाउल में निकाल लें| फिर बाउल में मैदा और स्वादनुसार नमक डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर लें| फिर एक कड़ाही में फिंगर चिप्स तलने के लिए तेल डालकर गर्म होने के लिए रख दें| जब तेल गर्म हो जाएं तब उसमे मैदा लगे आलुओ को डाल दें| मध्यम आँच पर फिंगर चिप्स को चार से पाँच मिनट तक अलट पलट कर गोल्डन ब्राउन होने तक फ्राई कर लें| जब चिप्स गोल्डन ब्राउन हो जाएं तब उन्हें कड़ाही में से निकाल कर प्लेट में रख लें|

स्वादिष्ट कुरकुरे फिंगर चिप्स बनकर तैयार है| फिंगर चिप्स पर चाट मसाला और लाल मिर्च छिड़क कर मिक्स कर लें| फिंगर चिप्स को चिली सॉस और टोमेटो सॉस के साथ सर्व करें|

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बृहस्पतिवार को कुछ विशेष उपाय करने से गुरु की दशा में सुधार होने लगता है आइए जानते हैं क्या हैं ये उपाय-

  • गुरुवार को घी का दीपक जलाएं
    गुरुवार को जल्दी उठकर सूर्य देवता को जल चढ़ाएं. उसके बाद अपने घर के मंदिर में भगवान विष्णु का पूजन करके उनके सामने घी का दीपक जलाकर रखें और अच्‍छा होगा यदि आप कलावे की बाती से यह दीपक जलाएं और उसमें थोड़ा सा केसर भी डाल दें. भगवान विष्‍णु आपसे प्रसन्‍न होकर आपको सुखी और संपन्‍न बनाएंगे.  
  • गुरुवार को दूध केसर का उपाय
    गुरुवार के दिन किसी भी तरह से केसर का प्रयोग आपकी ग्रह स्थिती को बेहतर बना सकता है. गुरुवार की रात को दूध में केसर डालकर उसका उपयोग करें. इसके अलावा आप चाहें तो दूध और केसर की खीर बनाकर पहले भगवान विष्‍णु को भोग लगाएं और फिर पूरे परिवार के साथ मिलकर खाएं. यह उपाय आपके घर के लोगों के बीच प्रेम बढ़ाएगा और आपको सुखी और समृद्ध बनाएगा. 
  • विष्णु चालीसा या विष्णु नाम स्तोत्र का पाठ करें 
    गुरुवार के दिन विष्णु चालीसा या विष्णु नाम स्हस्त्रनाम का पाठ करने से भगवान प्रसन्न होते हैं और आप तरक्की के मार्ग पर चलते हैं. कुश के आसन पर बैठकर विष्‍णु चालीसा या फिर विष्‍णु सहस्‍त्रनाम का पाठ करें. पाठ पूरा होने के बाद भगवान को किसी पीले मिष्‍ठान का भोग लगाएं. 
  • गुरुवार को पीले फलों का करें दान
    शास्त्रों में बताया गया है कि गुरुवार को फलों का दान करने से आपकी कुंडली में शुभ योग बनता है और गुरु की स्थिति मजबूत होती है. खासतौर पर गुरुवार को पीले फलों का दान करने से बृहस्पति देवता की अतिरिक्त कृपा बनती है. जरूरतमंद लोगों को फलों का दान अवश्‍य करें. अस्पताल में जाकर मरीजों के बीच में भी आप फल बांट सकते हैं. ऐसा करने से आपको बहुत पुण्‍य मिलेगा.
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टेस्टी और हैवी डिनर चाहते हैं तो बनाएं फूलगोभी पनीर पराठा

फूलगोभी पनीर पराठा बनाने के लिए सामग्री
मैदा – डेढ़ कप
गेहूं आटा – डेढ़ कप
पनीर कद्दूकस – 1/2 कप
बेसन – 1 टेबलस्पून
प्याज – 1
टमाटर – 1
फूलगोभी कद्दूकस – 1 कप
लाल मिर्च पाउडर – 1 टी स्पून
हल्दी पाउडर – 1/2 टी स्पून
लहसुन कलियां – 5
अदरक – 1 टुकड़ा
कसूरी मेथी – 1 टी स्पून
जीरा – 1/2 टी स्पून
हरा धनिया – 1 टेबलस्पून
तेल
नमक – स्वादानुसार

फूलगोभी पनीर पराठा बनाने की विधि
फूलगोभी पनीर पराठा बनाने के लिए सबसे पहले स्टफिंग बनाने की प्रक्रिया करें. इसके लिए फूलगोभी, पनीर, अदरक को कद्दूकस कर लें. अब प्याज, टमाटर और लहसुन कलियों को बारीक-बारीक काट लें. इसके बाद एक कड़ाही में एक टीस्पून तेल डालकर मीडियम आंच पर गर्म करने के लिए रख दें. जब तेल गर्म हो जाए तो उसमें जीरा डाल दें. जीरा जब तड़कने लगे तो कद्दूकस किया अदरक, लहसुन डालकर 1 मिनट तक भूनें. इसके बाद प्याज डालकर 2 मिनट तक भूनें. जब प्याज का रंग सुनहरा हो जाए तो उसमें कटे हुए टमाटर डालकर फ्राई करें. इसके बाद धीमी आंच करते हुए कद्दूकस किया फूलगोभी डाल दें और इस मिश्रण को लगभग 2 मिनट तक भूनें.

अब इस मिश्रण में पनीर डालें और सभी को अच्छी तरह से मिक्स कर लें. इस दौरान आंच धीमी ही रखें. अब इसमें लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, कसूरी मेथी और स्वादानुसार नमक और बेसन डालकर कम से कम 3-4 मिनट तक भूनें. आखिर में स्टफिंग में कटा हरा धनिया डालकर मिक्स करें. इसके बाद गैस की फ्लेम बंद कर दें और स्टफिंग को एक बर्तन में अलग निकालकर रख दें.
अब एक बर्तन में गेहूं का आटा और मैदा डालकर मिक्स कर लें. इसमें अजवाइन, नमक और 2 चम्मच तेल डालकर आटा गूंद लें. इसे 10 मिनट तक अलग रख दें. इसके बाद आटे को लेकर एक बार फिर गूंदे और उसकी लोइयां बना लें. अब एक लोई लें और उसे रोटी की तरह बेल लें. इसे थोड़ा मोटा रखें. इसके बीच में तैयार स्टफिंग को रखें और चारों ओर से ऊपर की ओर मिलाकर बंद कर दें और इसे बेल लें.

 

अब एक नॉनस्टिक पैन/तवा लें और उसे धीमी आंच पर गर्म करने के लिए रख दें. उस पर थोड़ा सा तेल डालकर फैला लें. अब उस पर पराठा डालकर सेकें. कुछ देर बाद पराठे को पलट दें और दूसरी ओर तेल लगाकर सेकें. पराठे को तब तक सेकना है जब तक कि वह दोनों ओर से सुनहरा न हो जाए. अब पराठे को एक प्लेट में उतार लें. इसी तरह सारी स्टफिंग के पराठे तैयार कर लें. डिनर के लिए आपके स्वादिष्ट फूलगोभी पनीर के पराठे तैयार हो चुके हैं. इन्हें दही के साथ सर्व करें.

 
 
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घर पे बनाएँ पनीर शवर्मा No egg No Oven No Yeast

सामग्री

250 ग्राम पनीर, पनीर

एक प्रकार का अचार

1 बड़ी लहसुन की कली, कीमा, लहसुन

1 बड़ा चम्मच धनिया, कुटा हुआ, साबुत धनिया

½ बड़ा चम्मच जीरा, कुटा हुआ, जीरा

1 बड़ा चम्मच इलायची, कुटी हुई, इलायची

1 चम्मच लाल मिर्च पाउडर, लाल मिर्च पाउडर

2 चम्मच नमक स्वादअनुसार, नमक स्वादअनुसार

1 चम्मच काली मिर्च पाउडर, काली मिर्च पाउडर

2 बड़े चम्मच नींबू का रस, नींबू का रस

2 बड़े चम्मच जैतून का तेल, जैतून का तेल

सेवा करना

4 रोटियां साबुत गेहूं, रोटी

¼ कप मेयोनेज़, मेयोनेज़

2 बड़े चम्मच ताहिनी पेस्ट, ताहिनी पेस्ट

कटा हुआ सलाद (कोस या आइसबर्ग),

फ़्रेंच फ़्राइज़, फ़्रेंच फ़्राइज़

अचार वाली सब्जियाँ, जूलिएन्स (गाजर, चुकंदर और ककड़ी), अचार सब्जी, (गाजर चुकन्दर)

खेड़ा)

प्रक्रिया

  • एक मिक्सिंग बाउल में लहसुन, कुटा हुआ धनिया, कुटा हुआ जीरा, कुटी हुई इलायची, लाल मिर्च पाउडर, स्वादानुसार नमक, काली मिर्च, नींबू का रस, जैतून का तेल डालकर अच्छी तरह मिला लें।
  • पनीर डालें और यह सुनिश्चित करने के लिए अपने हाथों का उपयोग करें कि प्रत्येक टुकड़ा लेपित है। इसे मैरीनेट करके एक तरफ रख दें.
  • ग्रिलर को मध्यम आंच पर गर्म करें। - पनीर को ग्रिल पर रखें और दोनों तरफ से तब तक पकाएं जब तक दोनों तरफ ग्रिल का निशान न आ जाए. पनीर को ग्रिल से निकालें और पन्नी से ढक दें। 5 मिनट के लिए आराम करने के लिए अलग रख दें।
  • सेवा करना

  • कटा हुआ पनीर और फ्लैटब्रेड, सलाद और मेयोनेज़, ताहिनी पेस्ट के साथ एक प्लेट में ढेर करें।
  • रैप बनाने के लिए, फ्लैटब्रेड का एक टुकड़ा लें और उस पर मेयोनेज़, ताहिनी पेस्ट अच्छी तरह से लगाकर पूरी ब्रेड पर फैला दें। ऊपर से थोड़ा सा सलाद, फ्रेंच फ्राइज़ और मसालेदार सब्जियाँ डालें।
 
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10वीं के बाद 11वीं में एडमिशन के लिए सब्जेक्ट्स भी अपनी पसंद व भविष्य को ध्यान में रखकर सेलेक्ट करने चाहिए.

 10वीं के बाद 11वीं में एडमिशन के लिए सब्जेक्ट्स भी अपनी पसंद व भविष्य को ध्यान में रखकर सेलेक्ट करने चाहिए. आम तौर पर स्टूडेंट्स आर्ट्स, साइंस व कॉमर्स स्ट्रीम में से ही किसी एक को चुनते हैं.

 

10वीं के बाद कहां करियर बनाएं?
अगर आप 10वीं पास करते ही नौकरी करना चाहते हैं तो नीचे बताए गए किसी कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं-
1- ITI- 10वीं के बाद जल्दी नौकरी ढूंढने के लिए ITI बेस्ट ऑप्शन है. आईटीआई में इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, फिटर, मोटर मैकेनिक, कंप्यूटर जैसे कोर्स प्रमुखता से शामिल हैं. इनकी ड्यूरेशन 6 महीने से 2 साल तक होती है.
2- कंप्यूटर हार्डवेयर और नेटवर्किंग- यह दौर कंप्यूटर का है. कंप्यूटर हार्डवेयर और नेटवर्किंग कोर्स में कंप्यूटर रिपेयरिंग, हार्डवेयरिंग और नेटवर्किंग आदि के बारे में सिखाया जाता है.
3- इंजीनियरिंग डिप्लोमा- इस कोर्स को पाॅलिटेक्निक डिप्लोमा भी कहा जाता है. इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स 3 साल का होता है. डिप्लोमा मिलने के बाद आप जॉब के लिए भी अप्लाई कर सकते हैं. इसमें कंप्यूटर साइंस, केमिकल, मैकेनिकल, प्लास्टिक, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों की पढ़ाई होती है.
4- नॉन इंजीनियरिंग डिप्लोमा- 10वीं के बाद नॉन टेक्निकल डिप्लोमा का ऑप्शन भी रहता है (Diploma After 10th). यह डिप्लोमा भी 3 साल का होता है. इसमें फैशन डिजाइनिंग,कमर्शियल आर्ट, टेक्सटाइल्स जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं.
5- होटल मैनेजमेंट- 10वीं के बाद होटल मैनेजमेंट में डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं (Hotel Management Course). इस इंडस्ट्री में भविष्य की बेहतर संभावनाएं हैं.

10वीं के बाद सरकारी नौकरी कर सकते हैं?
10वीं के बाद सरकारी नौकरी का विकल्प भी रहता है (10th ke baad Sarkari Naukri). 10वीं के बाद भारतीय सेना, रेलवे, BSF आदि में सरकारी नौकरी के लिए अप्लाई कर सकते हैं (10th Pass Jobs). इसमें अच्छी कमाई होती है. सरकारी नौकरी में भर्ती की सूचना अखबार व वेबसाइट आदि में ऐड के जरिए मिल जाती है.

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छत्तीसगढ़ की सबसे पसंदीदा और महंगी भाजी रेसिपी

बोहर भाजी का उपयोग कैसे करें?

बोहर भाजी में तीन मुख्य तत्व होते हैं: तना, पत्तियाँ और फूल। भाजी बनाते समय आमतौर पर पत्तियों और फूलों का उपयोग किया जाता है। मोटे तनों को हटा दिया जाता है और फूलों वाले पतले और मुलायम तनों का उपयोग किया जाता है।

सामग्री

  • 250 ग्राम बोहर भाजी।
  • एक कप खट्टा दही.
  • 3 बड़े चम्मच चना दाल.
  • 2 बड़े चम्मच इमली/इमली का गूदा। (परंपरागत रूप से व्यंजनों में उपयोग किया जाता है लेकिन मैं नहीं करता)
  • 7-8 कटे हुए लहसुन.
  • 2 सूखी लाल मिर्च.
  • एक चम्मच हल्दी / हल्दी पाउडर।
  • डेढ़ कप पानी.
  • 2 बड़े चम्मच तेल.
  • नमक स्वाद अनुसार।
  • खाना कैसे बनाएँ?

  • भाजी को अच्छी तरह लेकिन सावधानी से धो लें। आपको पत्ते काटने की जरूरत नहीं है. बस इसे तनों से तोड़ें और ऐसे ही उपयोग करें।
  • - एक कढ़ाई में आधा कप पानी डालें और चना दाल डालें. एक-दो मिनट बाद जब यह उबलने लगे तो इसमें भाजी, नमक, आधा कप पानी और हल्दी पाउडर डाल दीजिए.
  • ढककर मध्यम से तेज आंच पर 5 मिनट तक पकाएं। 5 मिनट बाद जब यह थोड़ा पक जाए तो दही को फेंट लें और भाजी में मिला दें. अगर आप इमली/इमली का गूदा भी डाल रहे हैं तो अभी डाल दीजिये.
  • इसे अच्छे से मिलाएं, ढककर तेज आंच पर 6-7 मिनट तक पकाएं जब तक कि पानी सोख न जाए।
  • भाजी अब पक चुकी है और आखिरी चरण बघार या तड़का देना है. इसके लिए भाजी को कढ़ाई से निकाल लीजिए और उसी कढ़ाई पर तेल डाल दीजिए.
  • जब यह गर्म हो जाए तो इसमें कटा हुआ लहसुन डालें और इसे गहरा भूरा होने तक भून लें। दो सूखी लाल मिर्च डालें और पकी हुई भाजी डालें। तुरंत ढक दें और दो मिनिट बाद यह पक जायेगा.
  • याद रखें कि आपको पानी सोखने तक पकाना है लेकिन यह पूरी तरह सूखा नहीं होना चाहिए. भाजी में नमी रहनी चाहिए.
  • इसे भात या बोरे बासी या फिर रोटी के साथ परोसें।
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अरबी की सब्जी तैयार कर सकते हैं. इसकी रेसिपी काफी आसान है.

अरबी बनाने के लिए सामग्री
अरबी – 1/2 किलो
प्याज बारीक कटे – 2
टमाटर प्यूरी – 1/2 कप
दही – 1/2 कप
बेसन – 2 टेबलस्पून
अदरक-लहसुन पेस्ट – 1 टेबलस्पून
हरी मिर्च कटी – 2-3
धनिया पाउडर – 2 टी स्पून
लाल मिर्च पाउडर – 1 टी स्पून
गरम मसाला – 1/4 टी स्पून
हल्दी – 1/2 टी स्पून
तेजपत्ता – 1
खड़ी लाल मिर्च – 1
दालचीनी – 1 टुकड़ा
जीरा – 1 टी स्पून
कसूरी मेथी – 1 टी स्पून
हरा धनिया कटा – 2
तेल – 4 टेबलस्पून
नमक – स्वादानुसार

 

अरबी बनाने की विधि
ढाबा स्टाइल अरबी बनाने के लिए सबसे पहले अरबी को धो लें. इसके बाद उसे कुकर में डालकर 2 सीटी आने तक उबाल लें. इसके बाद अरबी के छिलके उतार लें और उन्हें एक बाउल में अलग रख लें. आप चाहें तो अरबी के अपनी पसंद के हिसाब से टुकड़े भी कर सकते हैं. अब एक कड़ाही में थोड़ा सा तेल डालकर उसे मीडियम आंच पर गर्म करने के लिए रख दें. जब तेल गर्म हो जाए तो उसमें अरबी डालकर लगभग 1 मिनट तक फ्राई कर लें.

अब इसमें हल्दी, लाल मिर्च सहित अन्य सारे मसाले डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर दें. अब सब्जी में 1 चम्मच बेसन डाल दें और उसे करछी की मदद से अरबी के साथ मिक्स करते हुए रोस्ट करें. अब एक अन्य कड़ाही में 2 टेबलस्पून तेल डालकर गर्म करें. तेल गर्म होने के बाद उसमें तेजपत्ता, दालचीनी और जीरा डालकर भूनें. कुछ देर बाद इसमें बारीक प्याज के टुकड़े और अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर प्याज नरम होने तक भूनें.
इसके बाद इस मिश्रण में खड़ी लाल मिर्च और हरी मिर्च डालें. कुछ देर बार सब्जी में टमाटर प्यूरी डालकर पकाएं. फिर दही, थोड़ा सा पानी, कसूरी मेथी, धनिया पाउडर डालें और सब्जी को ढाककर पकने दें. जब ग्रेवी में उबाल आने लग जाए तो इसमें फ्राई की हुई अरबी डाल दें और करछी से मिश्रण के साथ अच्छे से मिला लें. सब्जी को धीमी आंच पर ढककर पकाएं. 5 मिनट बाद गैस बंद कर दें. स्वाद से भरी ढाबा स्टाइल अरबी की सब्जी बनकर तैयार है. इसे रोटी, पराठे के साथ सर्व करें.

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मेष, वृष, मिथुन समेत सभी 12 राशियों के लिए ये सप्ताह काफी अहम रहेगा।

 

 
 
 

मेष: यदि आप विद्यार्थी हैं तो यह सप्ताह अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने का अच्छा समय है। आप स्वयं को पहले से अधिक प्रेरित और केंद्रित पा सकते हैं, जो आपको शैक्षणिक रूप से उत्कृष्टता प्राप्त करने में मदद कर सकता है। जरूरत पड़ने पर मदद मांगने से न डरें।

वृषभ: इस सप्ताह पढ़ाई के प्रति आपका समर्पण रंग ला सकता है। आप पाएंगे कि आप नई जानकारी को अधिक आसानी से आत्मसात करने में सक्षम हैं, और आपकी कड़ी मेहनत को शिक्षकों और सहकर्मियों द्वारा समान रूप से देखा और सराहा जाएगा।

मिथुन:यह सप्ताह अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने और नई चीजें सीखने का बहुत अच्छा समय है। आपका दिमाग नई जानकारी के लिए खुला और ग्रहणशील है, इसलिए किसी नए विषय या कौशल में गोता लगाकर इसका लाभ उठाएं।

कर्क: इस सप्ताह आपकी पढ़ाई आसान रहेगी। आप पाएंगे कि आप नई जानकारी को शीघ्रता से ग्रहण करने और उसे आसानी से बनाए रखने में सक्षम हैं। यदि आप अध्ययन के किसी नए क्षेत्र में आगे बढ़ने पर विचार कर रहे हैं, तो अब ऐसा करने का सही समय हो सकता है।

सिंह: इस सप्ताह आप अपनी शिक्षा में उल्लेखनीय प्रगति करने में सक्षम हो सकते हैं। चाहे आप किसी परीक्षा के लिए अध्ययन कर रहे हों या कोई नया कौशल सीख रहे हों, आप पाएंगे कि आप सामान्य से अधिक आसानी से जानकारी को अवशोषित करने में सक्षम हैं। गति बनाए रखें और अपने लक्ष्यों पर केंद्रित रहें।

कन्या: इस सप्ताह आप अपनी शिक्षा में उल्लेखनीय प्रगति करने में सक्षम हो सकते हैं। चाहे आप किसी परीक्षा के लिए अध्ययन कर रहे हों या कोई नया कौशल सीख रहे हों, आप पाएंगे कि आप सामान्य से अधिक आसानी से जानकारी को अवशोषित करने में सक्षम हैं। गति बनाए रखें और अपने लक्ष्यों पर केंद्रित रहें।

तुला: यह सप्ताह विद्यार्थियों के लिए अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने का अच्छा समय है। अपनी कक्षाओं में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए आपके पास आवश्यक मानसिक स्पष्टता और फोकस होगा। यदि आप किसी विशेष विषय से जूझ रहे हैं, तो किसी शिक्षक या परामर्शदाता से मदद लें, और आप सुधार देखेंगे।

वृश्चिक: यह सप्ताह छात्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है क्योंकि वे सीखने के लिए अधिक प्रेरित महसूस कर सकते हैं और उन्हें जटिल अवधारणाओं की बेहतर समझ हो सकती है। यह नए शैक्षिक अवसरों की तलाश करने या रुचि के नए क्षेत्रों का पता लगाने का भी एक अच्छा समय है।

धनु: इस सप्ताह आपकी मानसिक ऊर्जा मजबूत है, इसलिए इसका उपयोग चुनौतीपूर्ण परियोजनाओं से निपटने या कुछ नया सीखने में करें। अपने शैक्षिक लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद के लिए किसी कक्षा में दाखिला लें या एक सलाहकार खोजें।

मकर: इस सप्ताह आपकी ज्ञान की प्यास प्रबल है। इस ऊर्जा का लाभ उठाएं और व्यक्तिगत विकास में निवेश करें।

कुंभ: इस सप्ताह आपकी जिज्ञासा और ज्ञान की इच्छा प्रबल है। इस ऊर्जा का उपयोग नए विषयों का पता लगाने या किसी विश्वसनीय शिक्षक से सलाह लेने के लिए करें।

मीन: इस सप्ताह आपकी ज्ञान की प्यास प्रबल है। अपने व्यक्तिगत विकास को आगे बढ़ाने के लिए कोई पाठ्यक्रम लेने या किसी विश्वसनीय शिक्षक से सलाह लेने पर विचार करें।

 

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फेमस मुंबइया वड़ा पाव का स्वाद आप अगर घर पर ही उठाना चाहते हैं तो वही स्वाद आप भी हासिल कर सकते हैं.

झटपट तैयार होने वाले वड़ा पाव को पसंद करने वालों की कमी नहीं है. मुंबई का फेमस स्ट्रीट फूड अब कई राज्यों में आसानी से मिलने लगा है. तैयार करने में बेहद आसान वड़ा पाव स्वाद के मामले में किसी अन्य स्नैक्स से कम नहीं है. अगर दिन में हल्की भूख का एहसास हो रहा है और कम वक्त में ही कुछ टेस्टी बनाकर खाना है तो वड़ा पाव की रेसिपी को ट्राई किया जा सकता है. स्ट्रीट फूड के तौर पर फेमस मुंबइया वड़ा पाव का स्वाद आप अगर घर पर ही उठाना चाहते हैं तो वही स्वाद आप भी हासिल कर सकते हैं.
वड़ा पाव बनाना आसान है और इसे किसी खास मौके पर भी नाश्ते के तौर पर रखा जा सकता है. घर पर अगर बच्चों के लिए कोई पार्टी रखी है तो उसमें वड़ा पाव को डिश के तौर पर शामिल किया जा सकता है. आइए जानते हैं वड़ा पाव बनाने की आसान विधि.

 

वड़ा पाव बनाने के लिए सामग्री
पाव – 8
लहसुन चटनी – जरुरत के मुताबिक
उबले आलू – 5-6
हरी मिर्च कटी – 2 टी स्पून
अदरक कद्दूकस – 2 टी स्पून
कढ़ी पत्ता – 1 टेबलस्पून
राई – 1 टी स्पून
हल्दी – 1/2 टी स्पून
भुना धनिया – 1 टी स्पून
हरी धनिया पत्ती कटी – 2 टेबलस्पून
नमक – स्वादानुसार

घोल बनाने के लिए
बेसन – 3 कप
हल्दी – 1 टी स्पून
बेकिंग सोडा – 1 टी स्पून
तेल – तलने के लिए
नमक – चुटकी भर

वड़ा पाव बनाने की विधि
टेस्टी वड़ा पाव बनाने के लिए सबसे पहले आलू को उबालें और उसके छिलके उतारकर एक बर्तन में काट लें और उन्हें अच्छी तरह से मैश कर लें. अब एक कड़ाही में 2 चम्मच तेल डालकर गर्म करें. तेल गर्म होने के बाद उसमें राई का तड़का लगाएं और फिर धनिया, कद्दूकस अदरक, कटी हरी मिर्च और कढ़ी पत्ता डालकर कुछ देर तक भूनें. इसके बाद कड़ाही में हल्दी और मैश किए आलू डालकर चम्मच की मदद से मिक्स करें.

कुछ देर तक मिश्रम को भूनने के बाद उसमें स्वादानुसार नमक और बारीक कटा हरा धनिया डालें. अब 1-2 मिनट तक मिश्रण और पकाएं फिर गैस बंद कर दें और मिक्सचर ठंडा होने के लिए अलग रख दें. अब एक गहरे तले वाला बर्तन लें और उसमें बेसन डालें. इसमें हल्दी और चुटकीभर नमक डालकर थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए मीडियम थिकनेस वाला घोल तैयार कर लें. अब घोल में सोडा डालकर अच्छे से मिक्स कर दें.

अब एक कड़ाही में तेल डालकर गर्म करें. जब तक तेल गर्म हो रहा है उस बीच आलू की स्टफिंग लेकर उसके छोटे-छोटे गोले तैयार कर लें. अब हर गोले को बेसन के घोल में डुबोएं और फिर कड़ाही में तलने के लिए डालें. जब वड़े सुनहरे भूरे हो जाएं तो कड़ाही से निकाल लें. इसी तरह सारे वड़े तैयार कर लें. अब एक पाव लें और उस पर लहसुन की चटनी लगाए और एक गर्म वड़ा रख दें. इसे तली हरी मिर्च के साथ सर्व कर सकते हैं.

 
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अक्षय तृतीया पर क्या न करें आज अक्षय तृतीया पर दान, पूजा, खरीदारी के लिए बेहद शुभ संयोग बन रहा है,

इस दौरान जुआ और झूठ जैसे गलत कामों से दूरी बनाकर रखें, इस दिन भूलकर भी पूजा स्थान को गंदा न रहने दें। इससे मां लक्ष्मी रूठ सकती है. घर की साफ-सफाई का भी ध्यान रखें, साथ ही किसी भी व्यक्ति से पैसे की उधारी न करें

तुलसी में लक्ष्मी जी का वास है और अक्षय तृतीया पर जो व्यक्ति अपने घर में तुलसी का पौधा लगाता है, तो उन्हें अनंत सुखों की प्राप्ति होती है. मां लक्ष्मी उसे अक्षय फल प्रदान करती है. दरिद्रता दूर होती है.  

 

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शिव' भक्ति रस की होगी बरसात 27 से 2 जून तक मशहूर कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा का आयोजन महादेव घाट अमलेश्व में

शिव पुराण में बताए गए हैं शिव पूजा से जुड़े ये 8 नियम, करेंगे पालन तो मिलेगा पूरा फल

आदि देव महादेव के लिए कहा जाता है कि वह अपने भक्तों के लिए सुलभता से उपलब्ध रहते हैं और मात्र फूल-पत्ते चढ़ाने से प्रसन्न हो जाते हैं। महादेव को भोलेनाथ भी कहा जाता है क्योंकि ये किसी में कोई भेद नहीं करते। इसलिए शिव को प्रसन्न करने के लिए हम अपने-अपने तरीके से प्रार्थना करते हैं। शिव पुराण में शिव पूजा और शिव पुराण कथा सुनने के कई नियम बताए गए हैं। अपनी पूजा की सफलता के लिए हर किसी को इन नियमों की जानकारी होनी चाहिए…

-जो भी व्यक्ति शिवपुराण की कथा करे उसे कथा प्रारंभ करने के एक दिन पहले ही व्रत की तैयारी कर लेनी चाहिए। बाल कटवाना, नाखून काटना, दाड़ी बनाना इत्यादि काम पूर्ण कर लेने चाहिए। कथा शुरू होने बाद समानपन तक बीच में इन कामों को नहीं करना चाहिए।

भक्त को सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए। तामसिक और गरिष्ठ भोजन (देर से पचने वाला खाना) खाकर शिवपुराण की कथा नहीं सुननी चाहिए।

-शिव पुराण की कथा सुनने और करानेवाले शिव भक्तों को सबसे पहले कथा वाचक यानी कथा सुनानेवाले सम्मानीय व्यक्ति या ब्राह्मण से दीक्षा ग्रहण कर लेनी चाहिए।

-कथा के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। जमीन पर सोना चाहिए और कथा संपन्न होने के बाद ही भोजन ग्रहण करना चाहिए।

-कथा करानेवाले व्यक्ति को दिन में एक बार जौ, तिल और चावल से बने खाद्य पदार्थ खाने चाहिए। तामसिक भोजन और लहसुन, प्याज, हींग, नशीली चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।

-वैसे तो हमेशा ही घर का माहौल प्रेमपूर्ण रहना चाहिए लेकिन शिव पुराण की कथा के दौरान घर में कलह और क्रोध का वातावरण न बने, इसका विशेष ध्यान रखें।

-दूसरों की निंदा से बचें। अभावग्रस्त, रोगी और संतान सुख से वंचित लोगों को शिवपुराण की कथा का आयोजन अवश्य कराना चाहिए।

-जिस दिन शिव पुराण की कथा का समापन हो, उस दिन उद्यापन करते हुए 11 ब्राह्मणों को भोजन कराएं और दान-दक्षिणा दें। गरीबों को दान दें और शिवजी से अपने व्रत की सफलता के लिए प्रार्थना करें।


 

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मुंह में पानी आने वाला चटपटा कच्ची कैरी का ताजा अचार l I

कैरी यानी कच्चे आम के अचार का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है. खाने के फीके स्वाद में भी ये अचार टेस्ट का चटकारा लगा देता है. लेकिन अब जरा सोचिए कि अगर आपको कच्ची कैरी में हींग की खुशबू के साथ तीखेपन का कॉम्बिनेशन मिले, तो कैसा लगेगा ? निश्चित तौर पर खुद पर कंट्रोल करना मुश्किल हो जाएगा.

 

तो देर किस बात की आज ही आप घर पर कैरी लाइए और तैयार कीजिए हींग वाला आम का अचार (Asafoetida Mango Pickle). इसे आमतौर पर हींग का अचार (Heeng ka Achar) कहा जाता है. हींग का अचार बनाना बहुत आसान होता है और इसे पूड़ी, परांठे, मठरी, पकौड़े आदि तमाम व्यंजनों के साथ कभी भी खाया जा सकता है. यहां जानिए इसकी रेसिपी.

 

सामग्री : एक किलो कच्चा आम, डेढ़ चम्मच लाल मिर्च पाउडर, एक चम्मच हींग पाउडर, आधा कप सरसों का तेल और नमक स्वादानुसार.

ऐसे बनाएं

हींग का अचार बनाने के लिए सबसे पहले तो कैरी यानी कच्चे आम को अच्छी तरह से धोकर सुखा लें और एक कपड़े से पोंछ भी लें ताकि पानी न रह जाए. इसके बाद इसे छीलकर गूदे की लंबी-लंबी फांके काटें. आप चाहें तो इसे छोटे टुकड़ों में भी काट सकते हैं. अब इन फांकों में स्वादानुसार नमक मिलाएं और एक एयरटाइट कंटेनर में बंद करके इसे धूप में दो-तीन दिनों के लिए रखें.

इस बीच इसे खोलकर चमचे से चलाते रहें. ताकि इसका पानी निकल जाए. अब आम का पानी निकालकर अलग कर दें और कैरी के टुकड़ों को एक कपड़े पर फैलाकर थोड़ी देर के लिए धूप में रख दें ताकि रहा बचा पानी खत्म हो जाए. लेकिन याद रहे कि कैरी मुलायम रहनी चाहिए, कहीं ज्यादा धूप से सख्त न हो जाए. इस बीच आप सरसों के तेल को अच्छे से गर्म कर लें. फिर ठंडा होने दें.

जब कैरी का पानी कम हो जाए तो इन टुकड़ों में एक चम्मच हींग पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, सरसों का तेल मिलाएं और जरूरत लगे तो नमक और डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर लें. तैयार है हींग का अचार. अब आप इसे कभी भी पूड़ी, परांठे, कचौड़ी, मठरी या अपने पसंदीदा व्यंजन के साथ खा सकते हैं. साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखकर और इसे पानी से बचाकर आप किसी कांच के बर्तन में इसे स्टोर करें और पूरे सालभर तक चलाएं.

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फ्रूट सैंडविच बड़ों के साथ ही घर के बच्चों की सेहत के लिहाज से भी एक परफेक्ट फूड रेसिपी है.

सुबह का नाश्ता सभी के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है. कहते हैं सुबह का ब्रेकफास्ट पौष्टिक हो तो इसका असर दिनभर दिखाई देता है. हमारे यहां कई घरों में सुबह नाश्ते में सैंडविच बनाया जाता है, लेकिन कई बार सैंडविच सेहत को फायदा करने के बजाय नुकसान पहुंचाता है. ऐसे में आज हम आपको पोषक तत्वों से भरपूर फ्रूट सैंडविच (Fruit Sandwich) बनाने का तरीका बता रहे हैं. जैसा की इस सैंडविच के नाम से ही साफ है इसे बनाने के लिए फ्रूट्स का इस्तेमाल किया जाता है. इसे खाने से दिनभर शरीर में एनर्जी बनी रहती है. फ्रूट सैंडविच बड़ों के साथ ही घर के बच्चों की सेहत के लिहाज से भी एक परफेक्ट फूड रेसिपी है.

फ्रूट सैंडविच बनाने के लिए सामग्री
ब्रेड स्लाइस – 5
कटा आम – 1
सेब कटा – 1
अंगूर – 8-10
मलाई – 1 टी स्पून
जैम – 1 टेबलस्पून (3-4 वैराइटीज ली जा सकती हैं)
अखरोट पाउडर

फ्रूट सैंडविच बनाने का तरीका
पोषक तत्वों से भरपूर फ्रूट सैंडविच बनाने के लिए सबसे पहले ब्रेड स्लाइस को लें और उसके सारे किनारों को काट लें. अब चार तरह के जैम लें और उन्हें अलग-अलग बाउल में निकालकर रख लें.
अब एक ब्रेड स्लाइस लें और उसके ऊपर चारों ओर मलाई लगा दें. अब 4 ब्रेड स्लाइस लें और उन पर अलग-अलग चारों तरह के जैम लगा दें. अब आम, सेब के टुकड़े कर लें. अब सभी फलों को लें और हर जैम लगी ब्रेड पर अलग-अलग फलों के टुकड़े रख दें.

अब फल वाली एक ब्रेड लें और उसके ऊपर दो अन्य जैम और फल लगी ब्रेडों को रख दें. ब्रेड स्लाइस को एक के ऊपर एक रखने के दौरान बीच में मलाई वाली ब्रेड को रखें. इसके बाद सबसे आखिर यानी सबसे ऊपर बिना फल वाली ब्रेड स्लाइस को रख दें. अब एक एल्यूमिनियम फॉइल लें और उसमें फ्रूट सैंडविच को लपेट दें. इसके बाद सैंडविच को फ्रिज में आधा घंटे के लिए रख दें. तय समय के बाद फ्रूट सैंडविच को फ्रिज में से निकाले और उसे बीच में से काटकर ब्रेकफास्ट के लिए सर्व करें.

 
 
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अक्षय तृतीया के दिन इन राशियों की चमकेगी किस्मत

मिथुन राशि

मिथुन राशि वाले जातकों को अक्षय तृतीया के पर्व से विशेष लाभ मिलने के संकेत मिल रहे हैं. पारिवारिक जीवन में भी सुख-समृद्धि और खुशहाली आएगी. नौकरी या बिजनेस के क्षेत्र में भी सफलता के योग बन रहे हैं. अच्छे कार्य के लिए आपकी प्रशंसा भी हो सकती है, जिससे नौकरी या बिजनेस में उन्नति के भी रास्ते भी खुलेंगे. आर्थिक क्षेत्र में भी लाभ प्राप्त हो सकता है. धन की बचत करने में आप सफलता हासिल करेंगे. वैवाहिक जीवन भी सुखी और खुशहाल रहेगा.

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को भी बुध ग्रह के गोचर से महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा. इस दौरान आपको आमदनी के नए जरिये प्राप्त हो सकते हैं. व्यापार के क्षेत्र में भी लाभ के संकेत मिल रहे हैं. इस दौरान सिंह राशि के जातकों की सेहत भी अच्छी रहेगी. आप नौकरी या बिजनेस के क्षेत्र में भी खुद को अच्छा साबित करेंगे, जिससे सफलता के नए मार्ग खुलेंगे. इसके साथ ही जीवनसाथी या परिवार के साथ किसी धार्मिक यात्रा पर जाने के संकेत भी मिल रहे हैं, मन प्रसन्न रहेगा और तनाव से भी राहत मिलेगी.

 

तुला राशि

अक्षय तृतीया के पर्व पर तुला राशि के जातकों को भी विशेष लाभ मिलेगा. आमदनी के नए स्रोत मिल सकते हैं और नौकरी या बिजनेस में भी अच्छे प्रदर्शन से आपको पदोन्नति का उपहार मिल सकता है. आर्थिक स्थिति में भी सुधार के संकेत मिल रहे हैं, इस दौरान आप धन की बचत करने में भी सफल रहेंगे. सेहत पर भी अच्छा असर पड़ेगा. पुरानी चल रही समस्याएं भी दूर हो सकती हैं और जीवन में भी बहुत से अच्छे बदलाव दिखाई देंगे. पारिवारिक और दांपत्य जीवन भी सुखी रहेगा.

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अक्षय तृतीया 10 मई, को मनाई जाएगी अक्षय तृतीया का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित होता है

पंचांग के अनुसार, हर साल वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन अक्षय तृतीया मनाई जाती है. यह दिन बहुत शुभ माना जाता है. इस दिन स्नान दान, पूजा-पाठ और खरीदारी करने का विशेष महत्व माना जाता है. अक्षय तृतीया के दिन सभी मांगलिक कार्य बिना शुभ मुहूर्त देखे किए जाते हैं. इस साल अक्षय तृतीया 10 मई, दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी. अक्षय तृतीया का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित होता है इसलिए इस दिन मां लक्ष्मी का विधि विधान से पूजन किया जाता है. माना जाता है कि अक्षय तृतीया के दिन जो भी काम किए जाते हैं, उनके फल अक्षय रहते हैं यानी उनका फल हमेशा बना रहता है और उसमें कभी कोई कमी नहीं आती है.

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देसी और हेल्दी ड्रिंक्स, जानें आसान रेसिपीज

गर्मियों में इतनी गर्मी होती है कि कुछ खाने का मन ही नहीं करता। इसलिए लोग ड्रिंक, आम पन्ना या फिर शरबत पीना अधिक पसंद करते हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि हम जल्दी में होते हैं या फिर हमें ड्रिंक्स बनाने का टाइम ही नहीं मिलता। इसलिए कोई लोग घर पर ड्रिंक्स बनाने के बजाय बाहर की अनहेल्दी ड्रिंक्स जैसे- कोल्ड ड्रिंक, अल्कोहल युक्त ड्रिंक्स आदि।

 

सामग्री

  • 250- दही
  • 5 चम्मच- रूह अफजा
  • 2 चम्मच- चीनी
  • आधा कप- दूध
  • आवश्यकतानुसार- बर्फ

बनाने का तरीका

  • दही का रूह अफजा बनाने के लिए सबसे पहले आप एक बाउल में दही निकालें और इसे अच्छी तरह से भेंट लें। (रूह अफजा फालूदा रेसिपी)
  • अब इसमें आप चीनी, दूध, रूह अफजा आदि डालें और अच्छी तरह से मिला लें।
  • अब इसे ठंडा होने के लिए रख दें। जब ये ठंडा हो जाए तो इसमें बर्फ डालें और ठंडा- ठंडा सर्व करें।

पुदीने और नींबू का शरबत

सामग्री

  • 1 कप- पुदीने की पत्तियां
  • 2 नींबू
  • 2 चम्मच- शहद
  • 1 छोटा चम्मच- काला नमक
  • 1 चम्मच- काली मिर्च पाउडर
  • 1-चम्मच- जीरा पाउडर (भुना हुआ)
  • चुटकी भर- नमक
  • आइस क्यूब

बनाने का तरीका

  • लेमन और शहद का हेल्दी शरबत बनाने के लिए सबसे पहले आप पुदीने की पत्तियों को तोड़ लें और फिर पानी से अच्छी तरह से धो लें।
  • अब मिक्सी में पुदीने की पत्तियां और सभी मसाले जैसे काला नमक, नींबू का रस, नमक, शहद, पाउडर, जीरा पाउडर और आधा कप पानी डाल दें।
  • फिर इन सभी सामग्री को अच्छी तरह से पीस लें। आप सादे पानी का इस्तेमाल करने के बजाय ठंडा सोडा भी इस्तेमाल कर सकती हैं।
  • अब इस जूस को अच्छी तरह से छानकर एक गिलास में निकाल लें l
  • अब गिलास में आधा लेमन ड्रिंक और आधे गिलास में सोडा डाल दें।
  • अब ऊपर से बर्फ और पुदीने की पत्तियां डालें और सर्व करें।
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इस जानी-मानी एक्ट्रेस की निधन …अपार्टमेंट में मिला शव ,निधन से पहले सोशल मीडिया पर लिखी थे ये पोस्ट

 मुंबई: भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री से एक दुखद खबर आ रही है. जिसने रीजनल सिनेमा के लोगों को झकझोरकर रख दिया है. हाल ही में जानकारी मिली है कि अभिनेत्री अमृता पांडे की मौत हो चुकी है और 27 अप्रैल को बिहार में अपने अपार्टमेंट में मृत पाई गईं. कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमृता ने अपनी मौत से कुछ घंटे पहले अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर एक क्रप्टिक पोस्ट शेयर किया था. 27 साल की अमृता पांडे के आखिरी वाट्सअप पोस्ट में लिखा था, ‘दो नाव में सवार थी उसकी जिंदगी, हमने अपनी नाव डूबा के उसका सफर आसान कर दिया.’

भोजपुरी एक्ट्रेस अमृता पांडेय की संदिग्ध मौत की जांच अभी तक जारी है। पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी हुई है। इस बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जो इस दावे को गलत साबित करती है कि अमृता डिप्रेशन से जूझ रही थीं या फिर परेशान थीं। मौत से दो दिन पहले उन्होंने पति और अपने ग्रुप के दोस्तों के साथ जमकर पार्टी की थी। इस पार्टी में अमृता ने खूब डांस किया था। फिर आखिर ऐसा क्या हुआ, जो उन्होंने 48 घंटे बाद खुद की जिंदगी खत्म करने का फैसला कर लिया, पुलिस इसकी तफ्तीश कर रही है।

वायरल हुआ अमृता का व्हाट्सऐप स्टेटस

अमृता ने मौत से पहले व्हाट्सऐप पर एक स्टेटस लगाया था. इस वजह से भी कई सवाल उठने लगे हैं. उनका आखिरी स्टेटस था, दो नाव में सवार थी उसकी जिंदगी. हमने अपनी नाव डुबा के उसका सफर आसान कर दिया. बता दें कि अमृता की मौत के बाद से उनका परिवार बुरी तरह से सदमे में है. उनके मुताबिक वो अपने करियर को लेकर परेशान थीं और डिप्रेशन में भी थीं. उनका इलाज चल रहा था. बताया जा रहा है कि अमृता काम ना मिलने की वजह से परेशान थीं. साल 2022 में उनकी शादी बिलासपुर के रहने वाले चंद्रमणि झांगड़ से हुई थी. वह एक एनिमेशन इंजीनियर हैं.

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बोरे बासी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद,बहुत आसान है इसे बनाने का तरीका

ऐसे बनाते हैं बोरे बासी

बोरे बासी बनाने की विधि बहुत सरल है। बोरे बासी बनाने के लिए पका हुआ चावल और पानी की जरूरत होती है।चावल को रात में पकाकर ठंडा होने के बाद कांसे अथवा मिट्टी के बर्तन में पानी में डुबाकर रखा जाता है। सुबह नमक, हरी मिर्च, टमाटर की चटनी, प्याज के साथ इसका सेवन किया जाता है। कई लोग भात के पसिया (माड़) को भी भात और पानी के साथ मिलाते खाते हैं। इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिंन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं।

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ज्यादा मेकअप लगाने से बचें गर्मी में मेकअप का इस्तेमाल कम से कम करने की कोशिश करें

सनस्क्रीन लगाना न भूलें
त्वचा को धूप से बचाने और हाइड्रेट रखने के लिए मेकअप से पहले सनस्क्रीन लगाना न भूलें. साथ ही अगर हो सके तो फेस पर सनस्क्रीन बेस्ड मेकअप ही अप्लाई करें. इससे आपकी त्वचा धूप से सुरक्षित रहेगी और आपका मेकअप भी खराब नहीं होगा.

 

प्राइमर जरूर लगाएं
गर्मियों में मेकअप पैचेस से बचने के लिए प्राइमर लगाना बेहद जरूरी होता है. इससे न सिर्फ आपका मेकअप काफी टाइम तक चलता है बल्कि मेकअप में फ्लॉलेस लुक भी आता है.

ज्यादा मेकअप लगाने से बचें
गर्मी में मेकअप का इस्तेमाल कम से कम करने की कोशिश करें. शीमर प्रोडक्ट और हैवी फाउंडेशन का उपयोग आपके लिए ओवर मेकअप साबित हो सकता है. ऐसे में टिंट मॉइश्चराइजर या कंसिलर लगाना ही बेहतर रहता है.

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गुजरात की फेमस फूड डिश खांडवी बनाने का आसान तरीका

खांडवी एक ऐसी फू़ड डिश है जिसे शाम की चाय के साथ स्नैक्स के तौर पर या फिर ब्रेकफास्ट के तौर पर भी बनाकर परोसा जा सकता है. ये बेसन और दही से तैयार की जाने वाली फूड डिश है जो आसानी से बन जाती है.

खांडवी बनाने के लिए सामग्री
बेसन – 100 ग्राम
दही – 1 कप
हरी मिर्च कटी – 2
हल्दी – 1/4 टी स्पून
अदरक पेस्ट – 1/2 टी स्पून
कच्चा नारियल कद्दूकस – 1 टेबलस्पून
हरा धनिया कटा – 1 टेबलस्पून

कड़ी पत्ते – 4-5
तेल – 1 टेबलस्पून
नमक – स्वादनुसार

खांडवी बनाने की विधि
गुजराती स्टाइल की खांडवी बनाने के लिए सबसे पहले दही को लें और उसे अच्छी तरह से फेंट लें. इसके बाद बेसन को छानकर एक बर्तन में निकाल लें. अब बेसन में दही डालकर दोनों को अच्छी तरह से मिक्स कर लें. इसके बाद बेसन के घोल में 2 कप पानी, अदरक का पेस्ट, हल्दी और स्वादानुसार नमक डालकर सभी को अच्छे से मिला दें. अब एक कड़ाही को मीडियम आंच पर गैस पर रखकर उसमें बेसन का तैयार घोल डालकर करछी की मदद से उसे चलाते रहें.
जब बेसन का घोल गाढ़ा होने लग जाए तो गैस की आंच कम कर दें. इसके बाद घोल को 9-10 मिनट तक धीमी आंच पर ही पकने दें. इस दौरान घोल को लगातार चलाते रहना है. अब तक खांडवी का घोल अच्छी तरह से गाढ़ा हो चुका होगा. अब एक ट्रे लें और खांडवी के घोल को इसमें पतला-पतला कर फैलाते जाएं. अगर घोल ज्यादा हो तो ट्रे की संख्या बढ़ा सकते हैं.

इसके बाद ट्रे को 10 मिनट के लिए अलग रख दें. इतने वक्त में घोल ठंडा होकर जम जाएगा. अब जमी हुई परत को चाकू की सहायता से 2 इंच चौड़ी और 6 इंच लंबी पट्टियों में काट लें. इसके बाद इन पट्टियों को गोल-गोल कर रोल तैयार कर लें.
अब एक कड़ाही में तेल गर्म कर उसमें राई, कढ़ी पत्ता और हरी मिर्च डालकर तीनों को अच्छे से भून लें. इसके बाद राई के इस तड़के को सारी खांडवी पर एक-एक कर चम्मच की मदद से डालते जाएं. इस तरह आपके स्नैक्स के लिए स्वादिष्ट गुजराती खांडवी बनकर तैयार हो चुकी है. ये रेसिपी बच्चों को भी काफी पसंद आएगी.

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May 2024 के व्रत और त्योहार की List

May 2024 Major fasts and festivals मई 2024 प्रमुख व्रत-त्यौहार
4 मई 2024 दिन शनिवार -
 वरुथिनी एकादशी व्रत
10 मई 2024 दिन बुधवार - परशुराम जयंती, अक्षय तृतीया
15 मई 2024 दिन बुधवार - बगलामुखी जयंती
17 मई 2024 दिन शुक्रवार - सीता नवमी
19 मई 2024 दिन रविवार -  मोहिनी एकादशी व्रत
23 मई 2024 दिन गुरुवार- बुद्ध पूर्णिमा, वैशाख पूर्णिमा व्रत
24 मई 2024 दिन शुक्रवार - नारद जयंती, ज्येष्ठ माह

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छत्तीसगढ़ की चेच भाजी अदौरी बड़ी के साथ भाजी बनाने की रेसिपी |

  1. 500 ग्राम चेच भाजी
  2. 1/2 कटोरी अदौरी बड़ी
  3. 8 प्याज़
  4. 6 टमाटर
  5. 10 कलिया लहसुन
  6. आवश्यकतानुसार तेल
  7. 5 सूखी लाल मिर्च
  8. स्वादानुसार नमक
  9. आवश्यकता अनुसार पानी
  10. 500 ग्राम चेच भाजी लेकर इसे साफ कर ले
    पानी से धोकर साफ निकाल ले
    गैस ऑन कर कढ़ाई गर्म कर आधा कटोरी अदौरी बड़ी को तेल में सुनहरा होने तक भून कर निकाल ले
  11. एक प्लेट में टमाटर,प्याज,लहसुन, सूखी लाल मिर्च रख ले
    गैस ऑन कर कढ़ाई में एक गिलास पानी अदौरी बड़ी और भाजी को डालें ढककर 5 मिनट पकने दे
  12.  
  13. तड़का लगाने के लिए गैस ऑन कर कढ़ाई गर्म करें
    कढ़ाई गर्म होने पर तेल सूखी लाल मिर्च, बारीक कटी हुई प्याज,लहसुन डालकर सुनहरा होने तक भूनें सुनहरा होने पर भाजी को डाले और अच्छी तरह मिला लें
    इसे एक बॉल में खाली कर लें को
  14. गैस बंद कर दे सर्व करने को तैयार है हमारी पौष्टिक चेच भाजी अदौरी बड़ी के साथ
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शनि की कृपा चाहिए तो इन गलतियों से बचें

  • दूसरों की धन-संपत्ति का लोभ करने वालों और मेहनत से धन नहीं कमाकर धन हड़पने वालों को शनि देव कठोर दंड देते हैं.
  • दूसरों के साथ छल-कपट कर उन्हें परेशान करने वालों को भी शनि देव दंडित करते हैं. जब-जब इनपर शनि की महादशा, साढ़े साती या ढैया रहती है. शनि देव इन्हें खूब कष्ट देते हैं.
  • गलत काम करने वाले, महिलाओं पर बुरी दृष्टि रखने वाले और असहायों को सताने वालों को शनि देव हमेशा बुरा फल ही देते हैं और इनका जीवन परेशानियों से घिर जाता है.
  • दूसरों को हानि पहुंचाने वाले, नियम का पालन न करने वाले और अनुशासन को तोड़ने वालों को भी शनि माफ नहीं करते. शनि इन्हें अपनी दशा, अंर्तदशा में जरूर दंडित करते हैं.
  • ऐसे लोगों के जीवन में सदा खुशियां बनी रहती हैं और धन से तिजोरी भरी रहती है. लेकिन न्याय का देवता होने के कारण शनि देव अनुचित कर्मों के लिए दंडित भी करते हैं. इसलिए अगर आप शनि देव की कृपा चाहते हैं तो इन गलतियों को करने से आपको हमेशा बचना चाहिए.
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बंगाल की पारंपरिक मिष्टी दोई बंगाली भाषा में मिष्टी का अर्थ होता है - मीठा और दोई का अर्थ होता है - दही।

सामग्री 

 

 

  1. फूल क्रीम दूध - 1 लीटर 
  2. हंग कर्ड - 1 कप 
  3. चीनी - 1/2 कप 
  4. ईलाईची पाउडर - 1/4 टी- स्पून 
 
विधि 
 
  1. सबसे पहले दूध को एक मोटी तली के बर्तन में उबलने के लिए गैस पर रख दें। 
  2. जब दूध में एक उबाल आ जाए तब गैस की आंच को लो - मीडियम कर दें और बीच - बीच में चलाते हुए दूध को 3/4 होने तक पका लें। 
  3. जब तक दूध गाढ़ा हो रहा है, तब तक गैस की दूसरी तरफ चीनी को कैरेम्लाइज़्ड़ कर लें। इसके लिए एक पैन को गैस पर धीमी आंच पर रखें और उसमें चीनी डाल दें। पानी वगैरह कुछ भी नहीं डालना है। 
  4. धीमी आंच पर चीनी को चलाते हुए तब तक पकाएँ जब तक चीनी का रंग बिल्कुल ब्राऊन न हो जाए। जब आप चीनी को पकाना शुरू करेंगे तो आप देखेंगे कि चीनी पहले पिघलकर लिक्विड होगी और फिर धीरे- धीरे इसका रंग बदलने लगेगा और जब चीनी का रंग बिल्कुल ब्राऊन हो जाए  और चाशनी थोड़ी गाढ़ी हो जाए ,तब गैस बंद कर दें। चीनी को कैरेम्लाइज़्ड़ करने में धीमी आंच पर 5-6 मिनट का समय लग जाता है। 
  5. तब तक एक जाली या सूती कपड़े में 1 कप दही को डालकर रख दें , जिससे दही का अतिरिक्त पानी निकल जाए और हमें गाढ़ा हंग कर्ड प्राप्त हो जाए। दही से निकले पानी को फेंके नहीं, यह पानी बहुत  पौष्टिक होता है। इसका इस्तेमाल दाल , सब्जी बनाने में या आटा गूँथने में कर लें। दही या पनीर को बनाने में निकले पानी से ही मार्केट में मिलने वाला सबसे महंगा Whey Protein बनता है। 
  6. ध्यान रखें कि मिष्टी दोई बनाने के लिए हमें ताजी दही का उपयोग ही करना है। खट्टी दही बिल्कुल भी न लें। 
  7. जब दूध गाढ़ा होकर 3/4 रह जाए तब दूध का गैस भी बंद कर दें और कैरेम्लाइज़्ड़ शुगर में पहले 2 कलछी दूध डालकर चला दें। एक साथ पूरा दूध नहीं डालना है। दूध थोड़ा - थोड़ा करके ही मिलाएँ और चलाते जाएँ। 
  8. जब आप शुगर में दूध मिक्स करेंगे तब आप देखेंगे कि दूध में गुठली पड़ रही है, लेकिन घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। लगातार चलाते रहने से दूध में पड़ी गुठली समाप्त हो जाएगी और दूध कैरेम्लाइज़्ड़ शुगर में अच्छे से मिक्स होकर भूरे रंग का हो जाएगा। 
  9. इसके बाद चाशनी में बाकी बचा हुआ दूध भी धीरे - धीरे करके डाल दें और ईलाईची पाउडर भी डालकर मिक्स कर दें। 
  10. दूध को थोड़ा ठंडा होने के लिए छोड़ दें । एकदम गरम दूध में जामन न लगाएँ। 
  11. तब तक हंग कर्ड को एक बाउल में निकाल लें और एक चम्मच या व्हिसकर की मदद से तब तक फेंटे, जब तक दही का बिल्कुल क्रीमी टेक्सचर न आ जाए। 
  12. दूध में  4 -5 बार कलछी से ऊपर - नीचे करके झाग बना लें। 
  13. जब दूध गुनगुना से थोड़ा ज्यादा गरम रह जाए तब दूध में जामन लगा दें। जामन लगाते वक़्त भी एक साथ पूरा दही न डालें, थोड़ा - थोड़ा करके ही डालें और चलाते जाएँ , नहीं तो दही दूध में अच्छे से मिक्स नहीं होगी। 
  14. ध्यान रखें कि जामन लगाते वक़्त  दूध अच्छा गरम हो , ज्यादा ठंडा न होने पाये नहीं तो मिष्टी दोई अच्छे से सेट नहीं होगी और अगर दूध  बहुत ज्यादा   गरम हुआ तो दही पानी छोड़ देगी। दही जमाने के लिए दूध इतना गरम होना चाहिए कि जब हम उसे उंगली से छूएँ तो हमें गरम महसूस हो। 
  15. इसके बाद दूध को एक मिट्टी के बर्तन में डालकर , ढँककर 8 - 10 घंटे या रात भर के लिए  सेट होने के लिए किसी गरम स्थान पर रख  दें। 
  16. सुबह तक अच्छे से मिष्टी दोई सेट होकर तैयार हो जाएगी। इसे तुरंत न खाएं, क्यूंकि मिष्टी दोई ठंडी ही खाई जाती है। इसे उठाकर फ्रिज में 3 -4 घंटे  के लिए रख दें। 
  17. दोपहर के लंच तक शानदार मिष्टी दोई बनकर तैयार है। ठंडा - ठंडा सर्व करें। 
 
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पुणे की मशहूर मैंगो मस्तानी जरूर ट्राई करनी चाहिए!

मैंगो मस्तानी के लिए सामग्री

यह एक सरल और त्वरित मैंगो ड्रिंक है जिसके लिए केवल 5 सरल सामग्रियों की आवश्यकता होती है:

  • आम
  • वेनिला आइसक्रीम 
  • मिश्रित मेवे (वैकल्पिक)
  • फेंटी हुई मलाई
  • इलायची
  • आपको बस व्हीप्ड क्रीम को छोड़कर बाकी सभी चीजों को मिलाना है और फिर उसके ऊपर व्हीप्ड क्रीम या आइसक्रीम का एक और स्कूप डालना है।
    • 2 बड़े आम (गूदे का प्रयोग करें और हाथ की सहायता से गुठली से जितना रस निकाल सकें निकाल लें।)
    • 2 स्कूप वेनिला आइसक्रीम
    • 1 कप पूरा दूध
    • 1 चम्मच इलायची पाउडर
    • ⅓ कप मिश्रित मेवे (वैकल्पिक)
    • ऊपर से डालने के लिए व्हीप्ड क्रीम
    • सजावट के लिए चेरी (वैकल्पिक)

    निर्देश

     
     
    • एक ब्लेंडर में, व्हीप्ड क्रीम को छोड़कर सब कुछ डालें और एक क्रीम जैसी चिकनी स्थिरता में ब्लेंड करें।
    • एक लम्बे गिलास में डालें, ऊपर से व्हीप्ड क्रीम, कटे हुए मेवे और एक चेरी डालें।
    • ताज़ा आनंद लें!
     
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जॉन अब्राहम बने एप्रिलिया के ब्रांड एंबेसडर

*एप्रिलिया इंडिया ने जॉन अब्राहम को अपना ब्रांड एम्बेसेडर बनाते हुए, सुपरबाइक्स का पोर्टफोलियो पेश किया* हाई-परफॉर्मेंस मोटरसाइकल्स बनाने वाली मशहूर कंपनी एप्रिलिया ने भारत में जॉन अब्राहम को अपना ब्रांड एम्बेसेडर बनाने की घोषणा की है। जॉन ब्रांड के रोमांचक पोर्टफोलियो का प्रचार करते नज़र आएँगे। जॉन अब्राहम खुद मोटरसाइकल्स के शौकीन हैं और देश में सुपरबाइक कल्चर को बढ़ावा देने के लिए एकदम फिट होंगे। एप्रिलिया ने आधिकारिक रूप से अपनी सुपरबाइक्स के बड़े पोर्टफोलियो को लॉन्च भी किया है। इनमें भारतीय बाजार के लिए आरएसवी4 फैक्ट्री, आरएस660, टुओनो 660 और टुआरेग 660 शामिल हैं। यह क्षण देश में सुपरबाइक के शौकीनों के लिये बेहद मायने रखता है। ये सभी सुपरबाइक्स भारत में एप्रिलिया मोटोप्लेक्स डीलरशिप्स के माध्यम से कम्प्लीट्ली बिल्ट-अप यूनिट्स (सीबीयू) के तौर पर उपलब्ध हैं। एप्रिलिया इंडिया को अपने ब्रांड एम्बेसेडर के रूप में जॉन अब्राहम का स्वागत करने पर गर्व है, क्योंकि वे खुद एप्रिलिया के फैन हैं। जॉन अब्राहम के साथ यह भागीदारी सिर्फ एक सेलीब्रिटी से जुड़ने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि हाई-परफॉर्मेंस मोटरसाइकल्स के लिये जॉन अब्राहम का जुनून रेसिंग में एप्रिलिया की धरोहर और विरासत से मेल भी खाता है। वे भारत में परफॉर्मेंस बाइकिंग के प्रति उत्साह रखने वालों की लगातार बढ़ रही कम्युनिटी का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे केवल ब्रांड एम्बेसेडर ही नहीं हैं, बल्कि असली प्रशंसक और राइडर हैं, जो एप्रिलिया जैसा उत्साह दिखाते हैं। एप्रिलिया इंडिया के परफॉर्मेंस पोर्टफोलियो के बारे में बात करते हुए, जॉन अब्राहम ने कहा, "मैं एप्रिलिया का ब्रांड एम्बेसेडर बनकर उनके साथ जुड़कर बेहद उत्साहित हूँ। मैं निजी तौर पर भी एप्रिलिया ब्रांड से जुड़ाव महसूस करता हूँ, क्योंकि इसके पास जुनून, प्रदर्शन और अपना अंदाज़ है। ऐसे ब्रांड का हिस्सा बनकर मैं बहुत खुश हूँ, जिसकी विरासत को इतना सराहा जाता है। मुझे एप्रिलिया के सफर का हिस्सा बनने का इंतजार है, क्योंकि वह हाई-परफॉर्मेंस बाइक्स के मामले में हमेशा से ही अग्रणी है। इसकी बाइक्स स्पोर्ट, रेसिंग और एडवेंचर के जोश से भरपूर हैं।" पियाजियो व्हीकल्स प्रा. लि. के चेयरमैन और एमडी श्री डिएगो ग्रैफी ने अपनी बात रखते हुए कहा, "हम एप्रिलिया फैमिली में जॉन अब्राहम का स्वागत करते हुए बहुत उत्साहित हैं। प्रदर्शन, हिम्मत और उत्कृष्टता के लिये जॉन की लगन एप्रिलिया के उत्साह जैसी है। यह भागीदारी निश्चित तौर पर हमारे ब्रांड की सोच को मजबूत करेगी और ऐसे हर राइडर से जुड़ेगी, जो स्टाइल और रोमांच से भरपूर मोटरसाइकल की इच्छा रखता है।" कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन एवं मार्केटिंग के प्रमुख श्री अपूर्व सैगल ने अपनी बात रखते हुए कहा, "एप्रिलिया के ब्रांड एम्बेसेडर के तौर पर जॉन अब्राहम का जुड़ना हमारे ब्रांड की यात्रा में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। मोटरसाइक्लिंग के लिये जॉन का जुनून हमारे समझदार ग्राहकों की तरह है। जॉन के प्रभाव से एप्रिलिया की पहुँच बढ़ेगी और हम जुनूनी राइडर्स से जुड़ सकेंगे। साथ मिलकर हम ऐसे कैम्पेन बनाने की उम्मीद करते हैं, जो एप्रिलिया मोटरसाइकल से राइडिंग का रोमांच दिखाते हों।" *** About Aprilia: Aprilia is a motorcycle brand that is known for making motorcycles par excellence. In its quest for engineering purity, the company has provided its fans with great results. In recent years Aprilia has completely revamped its product range, becoming the technological signpost of the Piaggio Group in the scooter and motorcycle segment. With 297 Grand Prix races won in Road Racing World Championship, Aprilia holds the record for the most wins of any European manufacturer in the history of maximum motorcycle competitions. These are joined by an impressive 54 world titles: 38 in Road Racing World Championship, 7 in Superbike, and 9 in Off-Road disciplines About PVPL: Established in 1884, the Piaggio Group is Europe’s largest scooter and motorcycle manufacturer and one of the world leaders in the industry. PVPL is a 100% subsidiary of Piaggio & C. s.p.a. of Italy, the inventor of Commercial Vehicles and 2 Wheelers. Piaggio Vehicles Pvt. Ltd. (PVPL) leads the league today with its Commercial Vehicles and 2-Wheeler Vehicles segments. By revolutionizing the 3-wheeler cargo segment in the country, Piaggio, today, is setting global standards in multiple areas of service. It also owns legendary 2-wheeler brands like Vespa and Aprilia which is the luxury segment in the 2-wheeler industry. The sprawling Manufacturing Unit of PVPL is based at Baramati, Maharashtra, and is working to capacity produce commercial vehicles and 2-wheelers for India and select international markets. The vision and mission of PVPL are to be perceived as a unique, high-impact, fast-response, innovative, and growth-oriented company that is known around for its unmatched level of excellence. And also, to achieve the status of a world-class company that manufactures & markets a wide range of high-quality products to the total satisfaction of the customers in the domestic and overseas markets. With unmatched customer care, state-of-the-art products, and multiple awards to be honoured with, PVPL continues to journey – proving inspirational and providing an improved quality of life to millions across India along the way!
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*बिट्स पिलानी में राकेश वर्मा कन्वेंशन सेंटर की रखी गई आधारशिला

*बिट्स पिलानी में राकेश वर्मा कन्वेंशन सेंटर की आधारशिला रखी गई* 18 अप्रैल, 2024: अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता और इनोवेशन के लिए मशहूर, बिट्स पिलानी में राकेश वर्मा कन्वेंशन सेंटर की आधारशिला रखी गई है। राकेश वर्मा बिट्स पिलानी के भूतपूर्व छात्र और भारत के ओरिज़नल मैप निर्माता, मैपमाईइंडिया के संस्थापक व चेयरमैन हैं। यह कन्वेंशन सेंटर श्री वर्मा द्वारा पिछले साल पिलानी कैंपस में आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 15 करोड़ रु. का अनुदान देने के संकल्प का हिस्सा है, जो बिट्स के किसी भी भूतपूर्व छात्र द्वारा दी गई अब तक की सबसे बड़ी राशि है। इस कन्वेंशन सेंटर में 200 लोगों के बैठने की व्यवस्था के साथ एक कॉन्फ्रेंस रूम होगा, जिसमें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, उच्च एग्ज़िक्यूटिव डेवलपमेंट प्रोग्राम, वर्कशॉप्स और एल्युमिनाई मीट्स का आयोजन किया जा सकेगा। इसके अलावा यहाँ आधुनिक सुविधायुक्त 94 कमरों के साथ आरामदायक आवासीय सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। बिट्स पिलानी परिसर में यह केंद्र महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है, जो विचारों के आदान-प्रदान और सहयोग के केंद्र के रूप में काम करेगा। यह अत्याधुनिक प्रोजेक्ट अगले 18 महीनों में पूरा कर लिया जाएगा। यह पूरा हो जाने के बाद संस्थान में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कॉन्फ्रेंस, कार्यक्रमों, और वर्कशॉप्स का आयोजन करने की क्षमता बढ़ जाएगी। इस अवसर पर बिट्स पिलानी के कुलपति, प्रो. वी रामगोपाल राव ने कहा, बिट्स पिलानी में हम शोध और इनोवेशन के एक जीवंत परिवेश को बढ़ावा देते हैं, जिससे राकेश वर्मा जैसे दूरदर्शी आकर्षित होते हैं, जो हमारे प्रतिष्ठित पूर्व विद्यार्थियों में से एक हैं। हम उनके सहयोग और इस विशाल योगदान के लिए आभारी हैं, जिससे बिट्स पिलानी को विश्व स्तर पर ले जाने की उनकी प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है। इस कन्वेंशन सेंटर के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए एलुम्नाय रिलेशंस के डीन, प्रोफेसर आर्य ने कहा, यह कन्वेंशन सेंटर बिट्स पिलानी को एक सर्वोच्च संस्थान बना देगा, जो अपने समुदाय की विकसित होती जरूरतों को पूरा कर सकता है। मैपमाईइंडिया के संस्थापक और चेयरमैन, राकेश वर्मा ने कहा, हमारे जीवन के हर पहलू में वैश्वीकरण और टेक्नोलॉजी का प्रवेश हो जाने के साथ यह आवश्यक हो गया है कि प्रतिभा को पहचानकर उन्हें लगातार बदलते समय के साथ चलने में समर्थ बनाया जाए। मुझे एक ऐसा प्लेटफॉर्म प्रदान करने की खुशी है, जहाँ विचारों का आदान-प्रदान हो सकेगा और विद्यार्थियों एवं फैकल्टी के बीच इनोवेशन और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए सहयोग का विकास हो सकेगा। बिट्स पिलानी एक प्रतिष्ठित संस्थान है, जो विज्ञान, इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी लॉ, डिज़ाइन और मैनेजमेंट प्रोग्राम्स पेश करता है। इसके पाँच परिसर पिलानी, दुबई, गोवा, हैदराबाद और मुंबई में स्थित हैं। यहाँ के पूर्व विद्यार्थियों ने अपनी अविश्वसनीय उपलब्धियों से न केवल संस्थान को, बल्कि पूरे राष्ट्र को गौरवान्वित किया है। यहाँ के पूर्व विद्यार्थियों ने भविष्य के लिए संस्थान के महत्वाकांक्षी उद्देश्यों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई है। विभिन्न पहलों में उनके महत्वपूर्ण योगदानों ने संस्थान के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पिछले पाँच सालों में बिट्स पिलानी के पूर्व विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रोजेक्ट्स के लिए 115 करोड़ रुपए से ज्यादा का योगदान दिया है।
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बाल हनुमान की शक्ति और भक्ति की ताकत दिखेगी

*‘हनुमान जयंती’ के शुभ अवसर पर ‘श्रीमद रामायण’ में दिखेगी बाल हनुमान की शक्ति और भक्ति की ताकत* सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न की दिव्य गाथा, ‘श्रीमद रामायण’ में माता सीता को खोजने के प्रयास तेज़ हो गए हैं, क्योंकि भगवान हनुमान ने अपनी वानर सेना के साथ लंका की ओर कदमताल शुरू कर दिया है। इस सफर के दौरान, वे समुद्र के किनारे पहुंच जाते हैं, और उनकी उम्मीदों का बांध टूटना शुरू हो जाता है, क्योंकि सेना के पास समुद्र पार करने का कोई साधन नहीं है। तभी जामवंत भगवान हनुमान के सामने पहुंचते हैं और उन्हें उनके जन्म और उन दिव्य शक्तियों का स्मरण कराते हैं, जिनसे उन्हें लंका में माता सीता को खोजने में मदद मिलेगी। अंजना और केसरी के पुत्र, भगवान हनुमान के पास अद्वितीय शक्तियां थीं, लेकिन इस कारण से वे काफी नटखट और शरारती हो गए। इतना कि एक दिन, अपने दोस्तों के साथ खेलते हुए, उन्हें एक लाल चमकता हुआ गोला दिखाई देता है, जिसे देख उन्हें लगा कि यह कोई फल है, और उसे खाने के लिए निकल पड़ते हैं। लेकिन वास्तव में वह कोई फल नहीं, बल्कि सूर्य है। चूँकि, अनजाने में ही सही, लेकिन बाल हनुमान ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया, इसलिए भगवान ब्रह्मा ने हनुमान को श्राप दिया। इस वजह से भगवान हनुमान अपनी सभी शक्तियों को भूल गए, जो उस स्थिति में वापस आ सकती थीं जब कोई उन्हें याद दिलाता और उन्हें राम भक्ति का वरदान देता। बाल हनुमान की भूमिका अब्दुल करीम निभाएंगे, जो बच्चे के रूप में भगवान हनुमान की मासूमियत और शरारतों को खूबसूरती से प्रदर्शित करेंगे। लिंक: https://www.instagram.com/reel/C57ycRMLPqA/?igsh=eTFlM3RwOXM0azVj मौजूदा कहानी के बारे में बात करते हुए, भगवान हनुमान का किरदार निभा रहे, निर्भय वाधवा कहते हैं, "शो ‘श्रीमद रामायण’ में, बाल हनुमान की कहानी दिखाया जाना किसी साधारण पल से कही बढ़कर है। यह उनकी दिव्यता की गहन अभिव्यक्ति को दिखाता है और बताता है कि आखिर क्यों वे भगवान राम के सबसे बड़े भक्त हैं। इस पवित्र कहानी को जानते हुए, हम उनके बचपन के दिनों को देखेंगे, जहाँ मासूमियत और असीम शक्तियां एकजुट हो जाती हैं। उनके इस सफर में, हम न केवल उनकी असाधारण शक्तियों के त्याग को देखेंगे, बल्कि यह भी देखेंगे कि वे कैसे इतने विनम्र बने और प्रभु श्री राम के प्रति उनकी अटूट भक्ति कैसे जन्मी। यह कहानी बड़ी ही खूबसूरती से हमें याद दिलाती है कि वास्तविक धैर्य का जन्म केवल शारीरिक कौशल से नहीं, बल्कि व्यक्ति की आत्मा की पवित्रता से भी होता है। 23 अप्रैल को रात 9:00 बजे शुरू होने वाला श्रीमद रामायण का ‘हनुमान जयंती महासप्ताह’ देखना न भूलें, केवल सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न पर
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रोट प्रसाद विशेष मनोकामना की पूर्ति के लिए चढ़ाते हैं रोट

बजरंगबली को हर मंगलवार रोट या मीठी रोटी खुद बनाकर अर्पित करने से आपके तरक्की के रास्ते खुलते हैं. आपके किसी भी काम में अड़चन नहीं आती. इमरती हनुमान जी का अति प्रिय भोग है. इसे आप मंगलवार और अन्य किसी भी दिन हनुमान जी को अर्पित कर सकते हैं और अपनी हर मनोकामना पूरी करने का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं.

हनुमान जी को चढ़ने वाले रोठ प्रसाद तो आपने कभी न कभी तो खाया ही होगा। यह प्रसाद हनुमान जी को शनिवार, मंगलवार और बजरंगबली के खास पर्व या अवसर पर चढ़ता है। इस प्रसाद की खास बात यह है कि यह बिना पानी के कच्चा दूध या गंगाजल की मदद से तैयार की जाती है। भगवान बजरंगबली को यह प्रसाद किसी विशेष कामना के पूरा होने पर या मन्नत के लिए भी चढ़ाई जाती है। बहुत से लोगों को रोठ प्रसाद बनाने की सही विधि नहीं पता होती है, ऐसे में आज हम उन्हें रोठ बनाने की विधि बताएंगे जिससे आप बहुत ही आसानी से यह प्रसाद घर पर बना सकती हैं।

 

  • कच्चा दूध या गंगाजल
  • गेहूं आटा
  • गुड़
  • घी

रोठ बनाने की विधि

  • प्रसाद बनाने के लिए साफ और शुद्ध आटा लें। इसे छलनी की मदद से छान लें और एक बर्तन में निकाल कर रखें।
  • रोट का प्रसाद हनुमान जी में पांच, सात, नौ, ग्यारह और 21 के अंक में चढ़ता है तो आप इसे उतनी ही गिनती के हिसाब से आटा लें।
  • अब एक बर्तन में दूध और गुड़ या गुड़ और गंगाजल को मिक्स करें।
  • आटा में घी मिलाकर मोयन बना लें। मोयन डालने से रोट कुरकुरा बनता है।
  • अब इस मोयन वाले आटा में गुड़ और दूध के मिश्रण को डोलकर आटा तैयार करें।
  • आटा से पांच, सात, नौ, ग्यारह और 21 के अंक की लोई बना लें।
  • लोई से आप गोल आकार या फिर सितारे के आकार में रोठ बना लें।
  • रोठ को बनाने के बाद धीमी आंच पर गाय के शुद्ध घी से सेक लें।
  • दोनों तरफ सुनहरा भूरा होने के बाद निकाल लें। प्रसाद लगाने के लिए रोठ तैयार है।
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जैन स्टाइल पनीर की सब्जी आइए जानते हैं इसकी सिंपल रेसिपी.

जैन स्टाइल पनीर की सब्जी बनाने के लिए काजू, टमाटर, मलाई और अन्य सामग्रियों की मदद से ग्रेवी तैयार की जाती है. आप भी अगर घर पर बिना प्याज-लहसुन की पनीर सब्जी बनाना चाहते हैं तो आइए जानते हैं इसकी सिंपल रेसिपी.

पनीर सब्जी बनाने के लिए सामग्री
पनीर क्यूब्स – 2 कप
टमाटर प्यूरी – 3 कप
मलाई – 3 टेबलस्पून
काजू पेस्ट – 2 टेबलस्पून
दालचीनी – 1 इंच टुकड़ा
जीरा – 1 टी स्पून
लौंग – 2-3
हल्दी – 1/2 टी स्पून
लाल मिर्च पाउडर – 1 टी स्पून
गरम मसाला – 1 टी स्पून
कसूरी मेथी – 1 टी स्पून
नींबू – 1
हरा धनिया – 2 टेबलस्पून
तेल – 4 टेबलस्पून
नमक – स्वादानुसार

पनीर सब्जी बनाने की विधि
स्वाद से भरपूर जैन स्टाइल पनीर की सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले एक कड़ाही में तेल डालकर उसे मीडियम आंच पर गर्म करें. तेल गर्म होने के बाद उसमें जीरा, दालचीनी और लौंग डालकर भूनें. कुछ सेकंड बाद तेल में हल्दी और लाल मिर्च पाउडर डाल दें. कुछ सेकंड और भूनने के बाद कड़ाही में टमाटर प्यूरी डाल दें और पकने दें. 2-3 मिनट बाद टमाटर प्यूरी में उबाल आना शुरू हो जाएगा.
इसके बाद प्यूरी में पहले से बनाकर रखे काजू के पेस्ट को डालकर चम्मच की मदद से मिक्स कर दें.

इसके बाद गरम मसाला और कसूरी मेथी डालकर उन्हें भी 2 मिनट तक उबलने दें. इस दौरान थोड़ा सा पनीर का चूरा बना लें. जब प्यूरी अच्छी तरह से उबलने लगे तो उसमें क्रम्बल किया हुआ पनीर, पनीर क्यूब्स और स्वादानुसार नमक को डालकर ग्रेवी के साथ अच्छी तरह से कोट कर पकने दें. अब कड़ाही को ढककर सब्जी को 2-3 मिनट और पकाएं फिर गैस बंद कर दें. अब सब्जी में 1 चम्मच नींबू रस और धनिया पत्ती डालकर परोसें.

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बड़ों के साथ ही बच्चे भी काफी पसंद करते हैं.मैंगो बर्फी को बेहद आसानी से बनाया जा सकता है

गर्मी के मौसम में मैंगो बर्फी यानी आम की बर्फी को काफी पसंद किया जाता है. स्वाद से भरपूर मैंगो बर्फी का ज़ायका मुंह में आम के स्वाद से भरी मिठास घोल देता है. आप अगर मीठा खाने के शौकीन हैं तो समर सीजन में मैंगो बर्फी की रेसिपी को ट्राई कर सकते हैं. मैंगो बर्फी को किसी भी वक्त खाया जा सकता है और इसका स्वाद बड़ों के साथ ही बच्चे भी काफी पसंद करते हैं. पारंपरिक मैंगो बर्फी को बेहद आसानी से बनाया जा सकता है और इसे तैयार करने में ज्यादा वक्त भी नहीं लगता है.
आप घर में किसी फंक्शन या खास मौके पर भी मैंगो बर्फी को बनाकर सभी का मुंह मीठा करा सकते हैं. आपने अगर कभी मैंगो बर्फी की रेसिपी को ट्राई नहीं किया है तो हमारी बताई विधि आपके लिए काफी हेल्पफुल हो सकती है. आइए जानते हैं मैंगो बर्फी बनाने का तरीका.

मैंगो बर्फी बनाने के लिए सामग्री
आम के टुकड़े – 1 कप
दूध – आधा कप
नारियल कद्दूकस – 3 कप
इलायची पाउडर – 1/4 टी स्पून
केसर – 1 चुटकी
चीनी – 1 कप (स्वादानुसार)

मैंगो बर्फी बनाने की विधि
मैंगो बर्फी गर्मी के मौसम के लिए परफेक्ट स्वीट डिश है. मैंगो बर्फी बनाने के लिए सबसे पहले आम को काटें और उसके गूदे के टुकड़े कर एक बाउल में जमा कर लें. अब एक ब्लेंडर में आम के टुकड़े और आधा कप दूध डालकर इन्हें ब्लेंड करें. ध्यान रखें कि आम की स्मूद प्यूरी तैयार होनी चाहिए. जरूरत के मुताबिक प्यूरी बनाने के लिए थोड़ा सा दूध और भी मिलाया जा सकता है.

अब एक कड़ाही को गैस पर गर्म करने के लिए रख दें. इसमें आम की प्यूरी डालकर धीमी आंच पर पकाएं. कुछ देर बाद प्यूरी में 1 कप चीनी डालें और चम्मच से तब तक चलाते रहें जब तक कि प्यूरी के साथ चीनी पूरी तरह से न घुल जाए. इसके बाद प्यूरी में 3 कप कद्दूकस नारियल डालें और पकाएं. इस बीच एक छोटी कटोरी में थोड़ा सा गुनगुना दूध लें और उसमें केसर के धागे डालकर घोल दें.

अब केसर धागे वाले दूध को कड़ाही में डालकर प्यूरी के साथ अच्छी तरह से मिक्स करें. अब मिश्रण को लगभग 10 मिनट तक पकाएं जिससे ठीक से गाढ़ा हो सके. मिश्रण को पूरी तरह से तैयार होने में 15-20 मिनट का वक्त लग सकता है. जब मिश्रण ठीक तरह से पक जाए तो उसमें इलायची पाउडर डालें और गैस बंद कर दें.
इसके बाद एक थाली/ट्रे लें और उसके तले पर थोड़ा सा घी लगा दें. इसके बाद तैयार मिश्रण को ट्रे में समान अनुपात में फैला दें. इसके बाद मिश्रण को सैट होने के लिए आधा घंटा छोड़ दें. जब मिश्रण सैट हो जाए तो चाकू की मदद से बर्फी के आकार में काट लें. टेस्टी मैंगो बर्फी बनकर तैयार है. इसे खाने के लिए सर्व कर सकते हैं. इसके साथ ही एक एयरटाइट कंटेनर में मैंगो बर्फी को रखा जा सकता है.

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मां को हलवा पूड़ी और चने का भोग काफी प्रिय है. आइए जानते हैं हलवा पूड़ी चना बनाने की रेसिपी…

 आप नवरात्रि के अष्टमी और नवमी को मां को हलवा पूड़ी और चने का भोग लगा सकते हैं. मान्यता के अनुसार, मां को हलवा पूड़ी और चने का भोग काफी प्रिय है. आइए जानते हैं हलवा पूड़ी चना बनाने की रेसिपी…

 

चने के लिए सामग्री:

चना – 2 कप
हरा धनिया – 3 टेबल स्पून कटा
घी -2 टेबल स्पून
हरी मिर्च -3
जीरा – 1/2 छोटी चम्मच
हल्दी पाउडर – 1/4 छोटी चम्मच
धनिया पाउडर – 1 छोटी चम्मच
अमचूर पाउडर – 1/4 छोटी चम्मच
लाल मिर्च पाउडर – 1/4 छोटी चम्मच
गरम मसाला – 1/4 छोटी चम्मच
नमक – 1 छोटी चम्मच

हलवा के लिए सामग्री:
सूजी – 100 ग्राम
घी – 1/4
चीनी – 1/2 कप (125 ग्राम)
इलायची पाउडर – ½ छोटी चम्मच
काजू – 1 टेबल स्पून (बारीक कटे हुए)
बादाम बारीक कटे – 1 टेबल स्पून
किशमिश – 1 टेबल स्पून

पूड़ी के लिए सामग्री:
गेहूं का आटा – 2 कप
नमक – स्वादानुसार

चना रेसिपी:
काले चने को पानी से दो बार धोकर रातभर के लिए पानी में भिगोकर रख दें ताकि सुबह तक चने फूल जाएं.

सुबह फूल चुके चनों को एक बार और पानी से धोकर कूकर में डालें और इसमें एक कप पानी और नमक डालें. कूकर को आंच पर चढ़ा दें और 1 सीटी आने तक पकाएं. सीटी आने के बाद गैस मद्धम कर दें. 2 से 3 मिनट बाद आंच बंद कर दें. जब कूकर का प्रेशर खत्म हो जाए तो ढक्कन खोल लें.

कढ़ाई में तेल डालकर आंच पर चढ़ा लें/ इसमें जीरा डालकर तड़कने दें. फिर इसमें कटी मिर्च और अदरक डालकर हल्का सा भून लें. अब इसमें धनिया, हल्दी पाउडर डालकर थोड़ा सा भूनें. इसके बाद इसमें थोड़ा पानी डालकर चने डाल दें. ऊपर से अमचूर पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और गर्म मसाला डालकर चमचे से मिला लें. आंच तेज करके चमचे से चनों को चलाते हुए पकाएं. 3 मिनट बाद चनों में गाढ़ापन आ जाए तो आंच बंद कर दें और ऊपर से हरा धनिया डालें.

हलवा रेसिपी:
एक कड़ाही में घी डालकर इस आंच पर चढ़ाएं. घी पिघलने पर इसमें सूजी डालकर चमचे से लगातार चलाते रहें. ध्यान रहे कि आंच मद्धम ही रखनी है. जब यह सुनहरा भूरा हो जाए और इसमें प्यारी से खुशबू आने लगे तब इसमें कटे हुए ड्राई फ्रूट्स डालकर चीनी और 1.5 कप पानी एकसाथ डालें. इसे कम से कम 5 मिनट तक आंच कम करके पकने दीजिए. इसके बाद इसे चमचे से मिलाते हुए गाढ़ा होने तक पकने दीजिए. ऊपर से इलायची पाउडर भी डालकर चला लें. लीजिए तैयार है आपका हलवा प्रसाद.

पूड़ी रेसिपी:
पूड़ी बनाने के लिए एक बड़ी परात में आटा और इसमें थोड़ा थोड़ा पानी डालते हुए सख्त आटा गूंथ लें. इसमें लगभग 1 कप पानी की जरूरत पड़ेगी. आटे को एक गीले कपड़े से ढंककर 20 मिनट के लिए रख दें ताकि आटा सेट हो जाए.

इसके बाद हथेली पर थोड़ा सा घी लगाकर आटे को मसलते हुए इसकी लोइयां बना लें और लोइयों को हथेली के बीच दबाकर चपटा कर लें. अब तिपाई पर लोई रखकर बेलन से बेल लें.

कड़ाही में घी डालकर गर्म कर लें और इसमें एक एक करके पूरियां तलती जाएं. लीजिए तैयार है आपका हलवा पूड़ी चना प्रसाद.

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आप भी घर पर बना सकते हैं गुरुद्वारे जैसा कड़ा प्रसाद

कड़ा प्रसाद बनाने के लिए जरूरी सामग्री
-एक कप देशी घी
-एक कप चीनी
-एक कप मोटा आटा
-चार कप पानी

कड़ा प्रसाद बनाने का आसान तरीका-

-कड़ाह प्रसाद बनाने के लिए सबसे पहले मोटे तल वाला बर्तन लें। जब यह गर्म हो जाए तो इसमें घी डालकर पिघलाएं। 
-दूसरी तरफ एक बर्तन में चार कप पानी मध्यम आंच पर उबलने के लिए रखें।
-घी में गर्म होने पर उसमें आटा डालकर अच्छी तरह मिक्स करते हुए उसे सुनहरा होने तक भूनें। ध्यान रखें हलवा बनाने के लिए गेहूं का मोटा पिसा आटा ही अच्छा होता है।
-जब आचा सुनहरा हो जाए उसमें चीनी और उबला हुआ पानी डालकर अच्छी तरह चलाते हुए पकाएं।
-पानी डालते वक्त हलवे में बिल्कुल गांठ न पड़ने दें।
-पानी को सूखने तक चलाते हुए पकाएं।
-आपका हलवा बनकर तैयार है। ठंडा होने के बाद सर्व करें।

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बंगाली नववर्ष पोइला बोइशाख 2024 में कब ?

पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, झारखंड और असम में बंगाली लोग इस त्योहार को धूमधाम से मनाते हैं. इस दिन लोग एक दूसरे को नए साल की बधाई देने का साथ तरह-तरह के पकवान बनाते हैं. आइए जानते हैं इस साल पोइला बोइशाख यानी बंगाली नववर्ष 2024 कब मनाया जाएगा.

पोइला बोइशाख 2024 में कब ? (Poila Baisakh 2024 date)

पोइला बोइशाख 14 या 15 अप्रैल को मनाया जाता है. इस साल पोइल बोइशाख 14 अप्रैल 2024 को है. ‘शुभो नोबो बोरसो’ (नया साल मुबारक) कहकर एक दूसरे को नए साल की शुभकामनाएं देते हैं. 1431 को इसी दिन बंगाली कैलेंडर की शुरुआत हुई थी. असर में इसी दिन बोहाग बिहू त्योहार भी मनाया जाएगा.

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ईद पर ‘बड़े मियां छोटे मियां’ को मिली बंपर ओपनिंग पहले ही दिन तोड़ा रिकॉर्ड

अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ स्टारर ‘बड़े मियां छोटे मियां’ ईद के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज हुई. इस फिल्म का अजय देवगन की मैदान से ‘क्लैश हुआ है. हालांकि एडवांस बुकिंग से लेकर पहले दिन के कलेक्शन तक ‘बड़े मियां छोटे मियां’ ने ‘मैदान’  को मात दे दी दी है. चलिए यहां जानते हैं अक्षय कुमार की फिल्म ने रिलीज के पहले दिन कितने करोड़ से ओपनिंग की है?

बड़े मियां छोटे मियां’ ने रिलीज के पहले दिन कितने करोड़ कमाए?
‘बड़े मियां छोटे मियां’ के ट्रेलर के बाद से फैंस को इसकी रिलीज का बेसब्री से इंतजार था. फिल्म के होश उड़ा देने वाले एक्शन सीक्वेंस ने ‘बड़े मियां छोटे मियां’ को लेकर एक्साइटमेंट लेवल और बढ़ा दी थी. वहीं सिनेमाघरों में दस्तक देने के बाद अक्षय कुमार की फिल्म ने भी धमाल मचा दिया और इसे बंपर ओपनिंग मिली है. यहां तक कि ‘बड़े मियां छोटे मियां’ ने अजय देवगन की स्पोर्ट्स ड्रामा ‘मैदान’ को भी पहले दिन धो डाला है. 

बडे मियां छोटे मियां ने तोड़ा क्रू’ और शैतान का रिकॉर्ड
‘बड़े मियां छोटे मियां’ ने दमदार ओपनिंग की है. एक्शन पैक्ड फिल्म को रिलीज के पहले दिन दर्शकों से काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है और इसी के साथ ‘बड़े मियां छोटे मियां’ ने अजय देवगन की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'शैतान' का पहले दिन की कमाई का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है. बता दें कि ‘बड़े मियां छोटे मियां’ ने जहां रिलीज के पहले दिन 15.50 करोड़ का कलेक्शन किया है तो वहीं ‘शैतान’ की पहले दिन की कमाई 15.21 करोड़ रुपये रही थी. वहीं ‘बड़े मियां छोटे मियां’ ने करीना कपूर की ‘क्रू’ का भी रिकॉर्ड ब्रेक कर दिया है. ‘क्रू’ ने पहले दिन 10.28 करोड़ का कलेक्शन किया है.  वीकेंड पर ‘बड़े मियां छोटे मियां’ की कमाई में और उछाल आने की उम्मीद है.

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बैसाखी का ये त्योहार पंजाबी व्यंजनों के बिना अधुरा है पंजाब वैसे भी अपने खान-पान के लिए प्रसिद्ध है

पिंडी छोले

बैसाखी के त्योहार पर खासतौर पर पिंडी के छोले बनाए जाने की परंपरा है. इसे खूब सारे मसालों के साथ तैयार किया जाता है. पिंडी छोले के साथ मक्खन वाली रोटी या फिर चावल खाए जाते हैं. इस बार बैसाखी पर आप भी ये रेसिपी ट्राई करें.

कढ़ी-चावल

बैसाखी पर पीले व्यंजन भी बनाए जाते हैं. कढ़ी चावल तो वैसे भी सबकी फेवरेट होती है. बात करें पंजाबी कढ़ी की तो इसका फ्लेवर अलग होता है. पंजाब में पकौड़े वाली कढ़ी खाने का प्रचलन ज्यादा है. कढ़ी को खट्टा करने के लिए दही या इमली का इस्तेमाल किया जाता है. कढ़ी को भी आप बैसाखी पर बना सकते हैं.

पीले चावल

मीठे के बिना तो हर त्योहार अधूरा है. ऐसे में बैसाखी वाले दिन मीठे पीले चावल बनाने की भी परंपरा है. इन्हें केसर चावल के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन हर पंजाबी के घर में मीठे चावल बनाए जाते हैं. इन चावलों का स्वाद बढ़ाने के लिए इलायची, लौंग और काजू जैसी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है.

दही भल्ले

उड़द दाल के वड़े बनाकर इसे अच्छी तरह से फेंटी हुई दही में डुबोया जाता है. इसे खट्टी-मीठी इमली और धनिया की चटनी के साथ परोसा जाता है. दही भल्ले की रेसिपी भी आसान है. इसे आप बैसाखी पर बना सकते हैं.

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इस तरीके से बनाएं सूजी का हलवा, हर कोई चाट लेगा उंगलियां, आसान है बनाने की विधि

सूजी का हलवा बनाने के लिए सामग्री
सूजी (रवा) – 1 कटोरी
इलायची कुटी – 3/4 टी स्पून
बादाम कटी – 7-8
किशमिश – 10-12
देसी घी – 1 टेबलस्पून
चीनी – 1 कप
नमक – 1 चुटकी
सूजी का हलवा बनाने की विधि
स्वाद से भरपूर सूजी का हलवा बनाने के लिए सबसे पहले एक कड़ाही को मीडियम आंच पर गर्म करें और उसमें सूजी डालकर चलाते हुए सेकें. सूजी को तब तक सेकना है जब तक कि उसका रंग गोल्डन ब्राउन न हो जाए. इसके बाद सूजी को एक बाउल में निकाल लें. अब कड़ाही में देसी घी डालें और गर्म करें. जब घी पिघल जाए तो पहले कुटी हुई इलायची डालें और फिर कुछ सेकंड बाद भुनी हुई सूजी डालकर घी के साथ अच्छी तरह से मिक्स कर दें.
अब करछी से चलाते हुए सूजी को एक से दो मिनट तक पकाएं, इसके बाद कड़ाही में लगभग 2 गिलास पानी डालें और चलाते हुए सूजी को पकने दें. कुछ देर बाद सूजी में चीनी डालकर ठीक ढंग से मिला लें. अब हलवे को चलाते हुए तब तक पकाना है जब कि गाढ़ा न हो जाए. इसके बाद हलवे में बारीक कटी बादाम और किशमिश मिला लें. इसके ऊपर एक चुटकी नमक भी भुरक दें.
सूजी के हलवे में चुटकीभर नमक डालने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. अब सूजी का हलवा कम से कम 8-10 मिनट तक पकाएं. जब हलवे का रंग सुनहरा भूरा हो जाए और उसमें से भीनी खुशबू आनी शुरू हो जाए तो गैस बंद कर दें. इस बात का ध्यान रखना है कि सूजी हलवा बनाते वक्त उसे चलाते रहना है वरना हलवा कड़ाही से चिपक सकता है. इसके बाद हलवा सर्विंग बाउल में निकालें और ड्राई फ्रूट्स से गार्निश कर सर्व करें.
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इस ईद मेहमानों के लिए बनाना चाहती हैं कुछ स्पेशल

आज देशभर में लोग ईद-उल-फितर यानी मीठी ईद मना रहे हैं, ये मुसलमानों के लिए बड़े फेस्टिवलों में से एक है. ईद का विशेष महत्व होता है क्योंकि यह रमजान के समापन का प्रतीक है, जो एक महीने तक चलने वाला रोजा होता है. ईद के मौके पर लोग घरों में तरह तरह के पकवान बनाते हैं जैसे शीर, मटन और गोश्त आदि, लेकिन कई बार हम कुछ नया बनाने की सोचते हैं, ऐसे अग आप भी इस बार कुछ नया बनाना चाहते हैं तो आज हम आपके लिए लेकर आए हैं, कुछ नई और आसान रेसिपीज, जिन्हें आप घर पर आसानी से बना सकते हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में

 

खीर-

सामग्री:

 

¾ कप बासमती चावल या गोविंदभोग चावल, इनमें से आप किसी एक का इस्तेमाल कर सकते हैं
½ कप चीनी
½ लीटर फुल क्रीम दूध, साथ ही साथ 1-2 कप अतिरिक्त दूध भी रखें ताकि जरूरत पड़ने पर इसे मिलाजा जा सके
-100 ग्राम काजू
-100 ग्राम किशमिश
-1 चम्मच घी
-1 चम्मच इलायची पाउडर

-तरीका:

– सबसे पहले चावल को पानी साफ होने तक धो लें और फिर भिगोकर सारा पानी निकाल दें, फिर चावल को उंगलियों से रगड़कर अच्छे से तोड़ लें

 एक कुकर में दूध उबालें और जब यह उबलने लगे तो आंच बिल्कुल धीमी कर दें और दूध में टूटे हुए चावल डाल दें

-फिर इसे अच्छे से मिलाएं. और फिर कुकर का ढक्कन बंद करें, आंच धीमी कर दें और आधे घंटे तक पकने दें

– इसके बाद गैस बंद कर दें, ध्यान रहे ढक्कन तभी खोले जब इसकी सीटी पूरी तरह खुद से निकल जाए

– अब ढक्कन खोलें और चीनी मिलाएं और अच्छी तरह मिलाएं

-धीमी आंच पर 5 से 10 मिनट तक और पकाएं. आंच बंद कर दें और इसे एक तरफ रख दें

– अब आप घी गर्म कर सकते हैं और इसमें किशमिश और काजू डालें

-काजू को घी में हल्का सुनहरा होने तक और किशमिश पकने तक भून लीजिए. आप चाहें तो काजू को तोड़ भी सकते हैं

फिर खीर में काजू किशमिश और इलायची पाउडर डालकर अच्छे से मिला दीजिए

-इसे कमरे के तापमान तक ठंडा करें

– खीर ठंडी होने पर गाढ़ी हो जाएगी, अगर आपको खीर ज्यादा गाढ़ी लग रही है तो आप इसमें दूध मिला सकते हैं.

-आप इसे गर्मागर्म भी खा सकते हैं या फिर ठंडा परोसना चाहें तो वो भी कर सकते हैं

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गुड़ी पड़वा 2024 त्यौहार पर बनाकर खाएं ये पारंपरिक व्यंजन

सामग्री-

  • 1.5 कप दही
  • ¼ चम्मच इलायची पाउडर
  • 2 से 3 चुटकी कसा हुआ जायफल
  • ½ कप चीनी
  • 1 बड़ा चम्मच गर्म दूध
  • 12 से 15 केसर के धागे या 1 चुटकी
  • 2 बड़े चम्मच नट्स

बनाने का तरीका-

  • एक छोटी कटोरी में गर्म दूध लें और 2 चुटकी केसर के धागे डालें। इसे एक तरफ रख दें।
  • दही को एक कटोरे में निकाल लें और उसमें चीनी डालकर अच्छी तरह से मिलाएं।
  • इसके बाद इसमें केसर वाला दूध डालकर अच्छी तरह से फेंट लें।
  • इसमें नट्स और ड्राई फ्रूट डालकर सजाएं और फिर फ्रिज में ठंडा करने के लिए रख दें।
  • आपका श्रीखंड तैयार है और इसे अपने मेहमानों को सर्व करें।
 

श्रीखंड

श्रीखंड को छाने हुए दही से बनाया जाता है और इसे आमतौर पर पूरियों के साथ या फिर खाने के साथ परोसा जाता है।इसे बनाने के लिए सबसे पहले केसर के धागों को दूध में घोल लें।अब एक कटोरे में गाढ़ा दही, आइसिंग शुगर, रोज एसेंस और इलाइची पाउडर डालकर सामग्रियों को अच्छी तरह फेंट लें। अब इसे कुछ देर के लिए ढककर रख दें।इसके बाद श्रीखंड को सूखे मेवों से सजाकर ठंडा-ठंडा परोसें।

 

पूरन पोली

इसे बनाने के लिए सबसे पहले मैदा और घी को एकसाथ मिलाएं। अब पानी डालकर इसका नरम आटा गूंद लें।इसके बाद चना दाल को 20 मिनट तक पानी में पकाएं और इसे छानकर एक बर्तन में डालें। अब दाल, जायफल, इलायची और गुड़ को पांच मिनट तक पकाएं।आटे की लोई बनाकर बेलें और फिर उसमें दाल वाला मिश्रण भरकर इसे फिर से बेल लें। इसके बाद इसे घी में सुनहरा भूरा होने तक पकाएं और इसका आनंद लें।

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बैसाखी कब मनाई जाएगी,13 या 14 अप्रैल को? जानें सही तारीख

बैसाखी पर्व की शुरुआत पंजाब (भारत) से हुई थी, और इसे रबी की फसल की कटाई शुरू होने के उपलक्ष्य के प्रतीक स्वरूप मनाया जाता है. इस पर्व का यूं तो पंजाब और हरियाणा में विशेष महत्व है, लेकिन आज यह पंजाब, हरियाणा या भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में उसी धूमधाम के साथ मनाया जाता है. लेकिन इस वर्ष 2024 में बैसाखी कब मनाई जाएगी, 13 या 14 अप्रैल को, मूल तिथि को लेकर कुछ संशय है. पंजाब में इस दिन को नववर्ष के रूप में भी मनाया जाता है. नये साल के उपलक्ष्य में स्वादिष्ट पकवान बनाए जाते हैं, और शाम के समय सभी लोग एक जगह एकत्र होकर भांगड़ा नृत्य कर अपनी खुशी का इजहार करते हैं. आइये जानते हैं, पंजाब के इस वैभवशाली नववर्ष के बारे में कुछ रोचक जानकारियां...

 

इस दिन होगी बैसाखी!

भारत विविधताओं का देश है. यहां तमाम धर्म और जाति के लोग रहते हैं. त्यौहार हो या व्रत-पूजा, अथवा कोई अन्य उत्सव, सभी की सेलिब्रेशन की अपनी-अपनी मान्यताएं एवं रीति-रिवाज होते हैं. उदाहरण के लिए सिख समुदाय का नया साल शुरू हो रहा है. इस नये साल को वे प्रतीकात्मक रूप से वे बैसाखी रूप में मनाते हैं. खालसा संवत के अनुसार खालसा कैलेंडर का निर्माण खालसा 1 वैशाख 1756 विक्रमी (30 मार्च 1699) को शुरू होता है. इस हिसाब से इस साल 2024 में 13 अप्रैल शनिवार को बैसाखी मनाई जाएगी.

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नवरात्रि व्रत के दौरान खाने में इन स्वास्थ्यवर्धक चीजों का करें उपयोग, नहीं टूटेगा आपका उपवास

व्रत के दिन खाएं ये हेल्दी रेसिपी:

 

1. साबूदाना: शरीर को होंगे ये खास फायदे :-
नवरात्र व्रत में खाए जाने वाली चीजों में साबूदाना वह है जो आपको दिनभर एनर्जी देती है और शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होती है। साबूदाना आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है और आप इसे व्रत में भी खा सकते हैं।
साबूदाना की खीर, साबूदाना की खिचड़ी, साबूदाना के पकौड़े आदि व्रत में चाव से खाए जाते हैं। साबूदाने में आयरन, कैल्शियम, कॉपर, सेलेनियम, विटामिन बी-6, बी-कॉम्प्लेक्स, सोडियम आदि पाया जाता है। यही कारण है कि अगर आप व्रत में साबूदाना खाते हैं, तो आपके शरीर में दिनभर एनर्जी बनी रहती है और शरीर के लिए जरूरी सभी पोषक तत्व आपको मिल जाते हैं।
देर तक रखता है पेट भरा- इसके साथ ही साबूदाने में फाइबर की मात्रा भरपूर होती है, इसलिए ये आपका पेट लंबे समय तक भरा रखता है। फाइबर वाले आहार खाने से व्रत के दौरान कब्ज, गैस आदि की समस्या भी नहीं होती है और पेट अच्छी तरह साफ होता है। साबूदाने में 45% कार्ब्स होता है, जिससे आपको देर तक भूख का एहसास नहीं होता है।
 

 

दिनभर शरीर में बनी रहती है एनर्जी – साबूदाना खाने से आपके शरीर में दिनभर एनर्जी बनी रहती है। इसका कारण यह है कि इसमें ढेर सारे विटामिन्स और मिनरल्स मौजूद होते हैं, जिनकी आपके शरीर को रोजाना जरूरत होती है। कार्ब्स और कार्बोहाइड्रेट्स होने के कारण ये शरीर में जाते ही इंस्टैंट एनर्जी देता है।
पाचन में आसानी- व्रत के दौरान भारी चीजें खाने से आपको नींद आती है और गैस की समस्या हो सकती है। इसलिए व्रत में हमेशा ऐसी चीजें खाने की सलाह दी जाती है, जो आसानी से पच जाए। साबूदाने में फाइबर होने के कारण ये अच्छी तरह और आसानी से पच जाता है। जिससे आपको पेट फूलने, गैस, अपच और कब्ज की समस्या नहीं होती है।
बढ़ाता है खून- साबूदाने में आयरन भी भरपूर होता है इसलिए ये आपके शरीर में खून की कमी दूर करता है। साबूदाना में मौजूद आयरन शरीर में रेड ब्लड सेल्स को बढ़ाने में मदद करता है।
हड्डियों और मांसपेशियों को करे मजबूत – कैल्शियम की अच्छी मात्रा होने के कारण साबूदाना हड्डियों और मांसपेशियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसके अलावा इसमें आयरन, विटामिन और प्रोटीन की मात्रा भी अच्छी होती है। ये तत्वहड्डियों की कमजोरी को दूर करते हैं और उन्हें मजबूत बनाते हैं।
2. फ्राई आलू : बनाने में आसान और फायदेमंद भी :-
व्रत के दौरान फ्राई आलू सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला व्यंजन है। इसे बनाना भी आसान है साथ ही ये ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत भी है।
ऐसे करें तैयार- इसके लिए सबसे पहले 4-5 आलू उबाल लीजिए और उसके छिलके उतारने के बाद उन्हें 4-6 टुकड़ों में काट लीजिए। एक कढ़ाई में थोड़ा सा तेल गर्म कर जीरा डालिए। जीरा तड़कने के बाद आलू, नमक और आधा छोटी चम्मच काली मिर्च डालकर आलू 2-3 मिनट तक भूनिये, गैस बन्द कर दीजिये, हरा धनिया और एक नींबू का रस डाल कर मिलाइये। व्रत के आलू तैयार हैं। माता को भोग लगाकर परिवारजनों के साथ खाइए।
3. फलों का रायता : पौष्टिकता से भरपूर –
अगर व्रत के दौरान आप फलों का रायता खाते हैं तो आपको और कोई पौष्टिक खाने की जरूरत नहीं होगी। क्योंकि न तो इसे बनाने में तेल का इस्तेमाल किया जाता है और न ही गैस खर्च होती है। इसे बनाना भी बहुत आसान है। यह आपको पूरे दिन तरोताजा रखता है और आपके पाचन शक्ति को कमजोर भी नहीं होने देगा।
 

 

बनाने की विधि- 1 केले के मोटे-मोटे गोल टुकड़े काट लीजिये। 1 सेब को छोटे-छोटे टुकड़े काट लीजिए। 40-50 अंगूर लें और खरबूज के छोटे-छोटे टुकड़े लें। 400 ग्राम (2 कप) दही को 100 ग्राम मलाई और 2 -3 टेबल स्पून चीनी मिला कर फेंट लीजिये।
सारे तैयार फल दही में मिलाइये। 2 इलायची छील कर बारीक कूट लीजिये और रायते में मिला दीजिये। रायते को ठंडा होने के लिये फ्रिज में रख दीजिये। फलों का रायता तैयार है, ठंडा खुशबू दार रायता परोसिये और खाइये। फलों का रायता बनाने के लिये आप अपने मन पसन्द कोई भी फल ले सकते हैं और कोई भी हटा सकते हैं।

4. कुट्टू के आटा: नहीं टूटेगा आपका व्रत :-
नवरात्र व्रत के दौरान कुट्टू के आटे की बनी चीजें खाने का चलन है। नवरात्रि में कुट्टु के आटे की रोटी या पकौड़ी बनाकर चाय या फिर और टमाटर की चटनी के साथ स्वाद लेकर खाया जाता है। कुट्टू के आटे से कई ऐसी चीजें बनती हैं,जिनका व्रत के दौरान इस्तेमाल किया जा सकता है,ऐसा इसलिए क्योंकि इस दौरान अनाज का सेवन नहीं किया जाता है।
 

 

कुट्टू का आटा अपने अंदर बहुत से गुण छिपाए हुआ है। कुट्टू सिंघाड़ा से भी बनता है और बक्वीट के पौधों के बीज से भी। कुट्टू कहे जाने वाले आटे को अंग्रेजी में ‘बक्वीट’ तो पंजाब में ‘ओखला’ के नाम से जाना जाता है। इसे वैज्ञानिक भाषा में ‘फैगोपाइरम एसक्युल्युटम’ कहते है। ये बक्वीट का पौधा होता है।
( कुट्टू के आटे को लेेकर इस बात का रखें खास ध्यान:- नवरात्रि के दौरान कई बार बाजार में लोगों को ठगने की मंशा से कई नकली आटा भी आ जाते है। जिससे बाजार में जहरीला कुट्टू का आटा आने लगता है। 2011 में इस जहरीले कुट्टू के आटे को खाकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से 200 लोगों के बीमार होने की खबर भी आई थी।
कुट्टू का आटा जहर तब बन जाता है जब ये पुराना होता है। विशेषज्ञों की मानें तो कुट्टू का आटा बनने के एक माह तक ही खाने लायक रहता है और उसके बाद ये खराब हो जाता है। पुराना होने पर ये जहरीला हो जाता है और खाने लायक नहीं रहता।)
अ. कुट्टू की खिचड़ी-
नवरात्र की पूजा शुरू होने के साथ ही लोगों के व्रत भी शुरू हो गए हैं। इस व्रत में कई लोग कुट्टु के आटे की पूरी या परांठे भी खाते हैं। लेकिन इसमें तेल होने के कारण कैलोरी बहुत अधिक होती है। ऐसे में कुट्टु के आटे से बनी खिचड़ी खाएं।
कुट्टु बहुत ही ज्यादा पौष्टिक और ऊर्जापूर्ण वाला आहार है। ऐसे में व्रत में इसकी खिचड़ी व्रतधारियों को पूरे दिन एनर्जेटिक बनाए रखने में मदद करती है। कुट्टु शरीर को गर्म करता है इसलिए ठंडे मौसम में ही खाएं।
जरूरी सामग्रीः
1 कप कुट्टू का आटा, 2 मध्यम आलू चैकोर कटे, 2 कप पानी, 1 हरी मिर्च, 1/2 इंच अदरक, 1/2 चम्मच जीरा, 1 चम्मच चीनी, 2 चम्मच मूंगफली, 1 चम्मच घी, 1 चम्मच धनिया, नींबू रस, सेंधा नमक
बनाने की विधि:
सबसे पहले तवे को गर्म कर उसमें बिना नमक और तेल के मूंगफली को अच्छी तरह से रोस्ट कर लें। अब इन रोस्ट की हुई मूंगफली का पावडर बनाएं।

 

: अब कुट्टु को अच्छी तरह से धोएं।
: फिर एक पैन में घी गर्म करें। उसमें जीरा डालें।
: फिर इस पैन में बारीक कटी हुई मिर्च और अदरक डालकर चलाएं।
: अब इसमें आलू डालकर फ्राई करें।
: जब आलू अच्छी तरह से फ्राई हो जाए तो उसमें पिसी हुई मूंगफली और कुट्टु डालकर दो मिनट तक चलाएं।
: अब इसमें पानी, चीनी और नमक डालें। अब पैन को ढंक कर उसे धीमी आंच में पकने दें।
: जब इसमें से पानी पूरी तरह से सूख जाएं तो गैस बंद कर उसमें कटी हुई हरी धनिया ऊपर से डालें।
: अब आपकी कुट्टु की खिचड़ी तैयार है।

ब. कट्टू के आटे का चीला –
व्रत के दरान कई घरों में कट्टू के आटे का इस्तेमाल भोजन के लिए किया जाता है। कूटू के आटे से व्रत के लिये तरह-तरह के व्यंजन बनाये जाते हैं। इन व्यंजनों में कूट्टू के आटे का चीला बहुत से लोगों द्वारा पसंद किया जाता है।
ऐसे बनाएं: इसे घर में बनाने के लिए 100 ग्राम (आधा कप) कूट्टू का आटा छान कर किसी बर्तन में निकाल लीजिए। 200 – ग्राम अरबी धोकर उबाल लीजिये। अरबी को छील कर, कद्दूकस करके, मैस कर लीजिये।
कूट्टू के आटे में मिलाइये, थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर, आटे को घोलते जाइये, गुठलियां नहीं पड़नी चाहिए। घोल को अधिक गाढ़ा और अधिक पतला मत कीजिये। घोल को 15 मिनट के लिये ढककर रख दीजिये।
घोल में 1 छोटा चम्मच नमक, आधा छोटा चम्मच काली मिर्च और एक टेबल स्पून कतरा हुआ हरा धनिया मिला लीजिये। तवा गैस पर रखिये, गरम कीजिये, एक बड़ा चमचा घोल तवे पर डालिये और चमचे से गोल गोल चलाते हुये पतला चीला फैलाइये।
चीले की निचली सतह ब्राउन होने तक सेक कर पलट दीजिये। दूसरी तरफ भी ब्राउन होने तक सेकिये। चीला तवे से उतारकर प्लेट में रखी कटोरी के ऊपर रखिये। सारे चीले इसी तरह बनाकर तैयार कर लीजिये। कूट्टू के चीले तैयार हैं इन्हैं आप गरम गरम फ्राई आलू या दही के साथ खाइये।
 
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नवरात्रि में करें इन चमत्कारी मंत्रों का जाप

मां दुर्गा के इन मंत्रों का करें जाप 

1. ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।


2. या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु शांतिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

3. सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।

4. नवार्ण मंत्र ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै’ का जाप अधिक से अधिक अवश्‍य करें.

5. पिण्डज प्रवरा चण्डकोपास्त्रुता।
प्रसीदम तनुते महिं चंद्रघण्टातिरुता।।
पिंडज प्रवररुधा चन्दकपास्कर्युत । प्रसिदं तनुते महयम चंद्रघंतेति विश्रुत।

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व्रत में क्या खाएं जिससे मोटापा कम हो जाए

1- ड्राई फ्रूटस और नट्स- व्रत में शरीर को एनर्जी की जरूरत होती है. इसके लिए ड्राई फ्रूट्स जरूर खाएं. ड्राई फ्रूट्स खाने से शरीर में गुड फैट बढ़ता है. आप व्रत में दिनभर में अपनी पसंद के 1 मुट्ठी नट्स खा सकते हैं. इससे आपको तुरंत एनर्जी मिलेगी और काफी देर तक भूख नहीं लगेगी. आप भीगे हुए ड्राई फ्रूट्स भी खा सकते हैं. 

2- कद्दू और लौकी- व्रत में आप कुट्टू या फिर सिंघाड़े के आटे से बनी रोटी खा सकते हैं. आप इन रोटियों को कद्दू या फिर लौकी की सब्जी से खा सकते हैं. इससे आपका पेट भी भर जाएगा और वजन भी कम होगा. आप हरी मिर्च और जीरा में इन सब्जियों को कुक कर सकते हैं. लौकी खाने से तेजी से वजन कम होता है. 

3- दही- व्रत डाइट में दही जरूर शामिल करें. दही खाने से पेट हेल्दी रहता है. इससे बॉडी डिटॉक्स होती है और दही वजन घटाने में भी मदद करता है. जो लोग रोजाना दही खाते हैं उनका इम्यून सिस्टम भी मजबूत बनता है. व्रत में दही से मीठी लस्सी या सेंधा नमक और भुना हुआ जीरा पाउडकर छाछ बनाकर पी सकते हैं. इससे शरीर को तुरंत एनर्जी मिलेगी और वजन भी कम होगा. 

फल- सब्जियां- वेट लॉस डाइट में ज्यादा से ज्यादा फल और सब्जियां शामिल करें. उपवास में आप अपनी पसंद के खूब सारे फल खाएं. इससे शरीर को विटामिन और मिनरल मिलेंगे. फल खाने से वेट लॉस में भी मदद मिलती है. आप सीजनल फलों को डाइट का हिस्सा बनाएं. इसके अलावा खीरा, टमाटर, गाजर और चुकंदर को सलाद के रूप में खाएं. आपका वजन तेजी से कम होगा. 

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चैत्र नवरात्रि 2024 इन राशियों को होगा लाभ

चैत्र नवरात्रि 9 अप्रैल से 17 अप्रैल 2024 तक रहेगी. इस साल चैत्र नवरात्रि पर मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर पृथ्वी पर आ रही है. माता रानी की नौ दिन अपने भक्तों के बीच रहकर उनकी हर परेशानी दूर करती है. यहीं कारण है कि चैत्र नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना से लेकर आखिरी दिन राम नवमी तक हर दिन बहुत खास माना जाता है.

इस साल चैत्र नवरात्रि की शुरुआत बेहद दुर्लभ संयोग से हो रही है, जिसका असर राशियों पर भी पड़ेगा. चैत्र नवरात्रि में तीन राशियों के भाग्य खुल जाएंगे. कारोबार के साथ करियर में भी लाभ मिलेगा. जानें कौन सी हैं वो लकी राशियां

कर्क राशि - चैत्र नवरात्रि कर्क राशि वालों के लिए खुशियां लेकर आ रही है. आर्थिक तौर पर शुभ संयोग का लाभ मिलेगा. जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में आपकी जीत होगी. इनकम के नए स्त्रोत खुलेंगे. पुराने निवेश से भी फायदा होगा और नया इनवेस्मेंट करने के लिए भी ये समय सबसे अच्छा है. नौकरी की तलाश वालों को नई जॉब के अच्छे अवसर मिल सकते हैं.  रिश्तों में सामंजस्य बढ़ेगा. बिजनेस को लेकर यात्रा सफल होगी. प्रॉपर्टी खरीदने के योग बन रहे हैं.

वृषभ राशि - चैत्र नवरात्रि के शुभ योग और उसके एक दिन पहले लग रहा सूर्य ग्रहण वृषभ राशि वालों के लिए लाभदायक साबित होगा. देवी दुर्गा भी आप पर मेहरबान रहेंगी. भाग्य का पूरा साथ मिलेगा. संपत्ति से जुड़ा लाभ मिल सकता है. नौकरी में तरक्की होगी, बॉस आपके काम की सराहना करेंगे. अचानक धन लाभ होगा. छात्रों का पढ़ाई में मन लगेगा. परिवार में हंसी-खुशी का माहौल रहने वाला है.

मेष राशि - देवी मां की कृपा से आपको कार्य और व्यापार में बेहतर अवसर मिलेंगे. आपकी सेहत में भी सुधार आएगा. घर में शुभ कार्य बिना विघ्न के संपन्न होंगे. पिता का सहयोग आपको हर क्षेत्र में कामयाबी दिलाएगा. सुख-साधनों में वृद्धि होगी.

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भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सोमवार को करें ये 5 सरल उपाय

भगवान शिव को जग के रचयिता कहा जाता है. इनके बड़ी संख्या में भक्त हैं. भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए लोग हर वक्त तरह-तरह के जतन करते हैं और उन्हें प्रसन्न कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. भगवान भोलेनाथ ऐसे देवता हैं, जो अपने भक्तों की थोड़ी सी भक्ति में ही प्रसन्न हो जाते हैं. भगवान शिव को प्रसन्न करने, उनका आशीर्वाद प्राप्त करने और उनकी आराधना के लिए सोमवार का दिन सर्वोत्तम माना गया है. आज (सोमवार) के दिन कुछ सरल उपाय कर मनुष्य अपने जीवन की परेशानियों से छुटकारा पा सकता है. आइए जानते हैं भोपाल के रहने वाले ज्योतिषी एवं पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से वे कौन से उपाय हैं.

1. घर में खुशहाली लाने का उपाय

 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि आप अपने घर में सुख शांति और खुशहाली लाना चाहते हैं, तो हर सोमवार भगवान शिव को घी शक्कर और गेहूं के आटे से बना भोग अर्पित करें. इसके बाद उनकी आरती करें. इस उपाय से आपके घर में सुख शांति और खुशहाली बनी रहेगी.

2. मनचाहा वरदान पाने के उपाय

यदि आप अपनी हर मनोकामना पूरी करना चाहते हैं तो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सोमवार के दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दूध, शक्कर, सफेद वस्त्र और दही का दान करना चाहिए. इस उपाय से भोलेनाथ अपने भक्तों से प्रसन्न होकर मनचाहा आशीर्वाद देते हैं.

3. आर्थिक तंगी से बचने के उपाय

यदि आप कड़ी मेहनत कर रही है और उसके बाद भी मेहनत के अनुरूप फल नहीं मिल रहा है, जिसकी वजह से आप आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं तो सोमवार के दिन शिव मंदिर में जाकर शिव रक्षा स्त्रोत का पाठ करें. इस उपाय से आपको लाभ मिलेगा.

 

4. भोलेनाथ की कृपा पाने का उपाय

यदि भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करना चाहते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं, तो सोमवार के दिन महादेव को दूध, धतूरा, आक, गंगाजल, चंदन, अक्षत और बेलपत्र चढ़ाना चाहिए. इससे महादेव प्रसन्न होकर शुभ आशीष प्रदान करते हैं.

5. चंद्र दोष को कम करने का उपाय

यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में चंद्रमा कमजोर है तो चंद्र दोष को कम करने के लिए ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, उस व्यक्ति को सफेद वस्त्र धारण करना चाहिए और जब भी घर से बाहर निकलें अपने माथे पर चंदन का तिलक लगाकर ही निकलना चाहिए.

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धन संबंधी समस्याओं से परेशान तो आज शुक्रवार को करें ये काम, भर जाएंगे धन के भंडार

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  • शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी का दिन माना जाता है. इस दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह के उपाय किए जाते हैं. माना जाता है कि शुक्रवार के दिन किए गए कुछ खास उपायों से मां लक्ष्मी शीघ्र प्रसन्न होती हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसती है. अगर आप आर्थिक तंगी से परेशान हैं तो शुक्रवार के दिन कुछ खास उपाय जरूर करें. इससे घर में मां लक्ष्मी पधारती हैं. 

    शुक्रवार के दिन करें ये काम

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  • दांपत्य जीवन में खुशहाली चाहते हैं तो शुक्रवार के दिन पति-पत्नी साथ में मिलकर मां लक्ष्मी का पूजन करें. शुक्रवार के दिन गाय को रोटी खिलाने से भी मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और धन प्राप्ति का आशीर्वाद देती हैं.
  • शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी के पूजन के साथ तुलसी का भी पूजन करना चाहिए. मां लक्ष्मी को श्रृंगार की वस्तुएं जैसे लाल वस्त्र, बिंदी, चू​ड़ी, सिंदूर और आल्ता अर्पित करने से विशेष लाभ मिलता है.
  • शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की पूजा में शंख और घंटी दोनों का उपयोग करना चाहिए. माना जाता है कि शंख और घंटी में मां लक्ष्मी का वास होता है. पूजा में इनके इस्तेमाल से आकस्मिक धन लाभ के योग बनते हैं.
  • मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहे इसके लिए शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी को कौड़ी, कमल का फूल, मखाने, बताशे, खीर और गुलाब का इत्र चढ़ाएं. ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं.
  • आर्थिक तंगी दूर करने के लिए शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी के साथ श्री यंत्र की भी पूजा करें. साथ ही श्री सुक्त का पाठ करें और मां के चरणों में कमल का फूल अर्पित करें. ऐसा करने से मां लक्ष्मी आर्थिक तंगी दूर करती हैं.
  • मां लक्ष्मी की पूजा में उनका प्रिय कमल का फूल अर्पित करना चाहिए. माना जाता है कि कमल का फूल चढ़ाने से मां प्रसन्न होती है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है. 
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छत्तीसगढ़ के स्वादिष्ट व्यंजन जिसे देखते ही मुंह में आ जाता है पानी

रायपुर. छत्तीसगढ़ एक एेसा प्रदेश हैं जहां प्रचूर मात्रा में खाद्य पदार्थो का उत्पादन होता हैं। एेसे में छत्तीसगढ़ के भोजन भी देशभर में प्रसिद्ध हैं। एेसे ही यह रहे छत्तीसगढृ के कुछ प्रसिद्ध पकवान जो पूरे देशभर में अपनी छाप छोड़ चुके हैं। और जिंदगी में एक बार आप इन स्वादिस्ट पकवानों का लुफ्त जरूर उठाना चाहेंगे।

मुठिया – मुठिया छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पकौड़ों का एक रूप हैं। मुठिया को पके हुए चावल के साथ मिर्ची व तरह- तरह के मसालों को मिलाकर बनाया जाता है। इस पकवान को तेल में तलकर नही बल्कि उबालकर बनाया जाता है जिससे इसका स्वाद पूर्णत: बरकरार रहता है। मुठिया राज्य का एक प्रसिद्ध पकवान है जिसे हरी चटनी के साथ नाश्ते के रूप में खाया जाता है।

 

भजीया – भजिया छत्तीसगढ़ का एक बहुत ही फेमस स्ट्रीट फूड है जो स्थानीय लोगों में बहुत ही लोकप्रिय है। भजिया आमतौर पर दक्षिण भारत का स्थानीय पकवान है। छत्तीसगढ़ में भजिये को विभिन्न प्रकार के अवयवों के साथ तैयार किया जाता है जो इसके स्वाद को और भी स्वादिष्ट बना देता है। भजिये को कई प्रकार से बनाया जाता है, जैसे – प्याज भजिया, आलू भजिया, मिर्च भजिया आदि। बारिश के मौसम में गरम- गरम चाय के साथ भजिये खाना हर किसी की पहली पसंद होता हैं।

सावुदाने की खिचड़ी – साबुदाने की खिचड़ी छत्तीसगढ़ की सबसे स्वस्थ और स्वादिस्ट व्यंजनों में से एक है जिसे न केवल छत्तीसगढ़ में खाया जाता है बल्कि यह देशभर में प्रसिद्ध है। विभिन्न प्रकार के मसाले व सब्जियां साबुदाने के स्वाद को और भी बढ़ाती हैं। साबुदाने की खिचड़ी छत्तीसगढ़ के लोगों की दिनचर्या का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग हैं।

चीला – भारत के अलग- अलग हिस्सों में लोग अलग- अलग प्रकार के पकवान का आनंद लेते हैं यह छत्तीसगढ़ की ही देन है। चीला चपाती की ही तरह एक पकवान है जिसे उड़द दाल और चावल के आटे के घोल के साथ बनाया जाता है। इसे तैयार करना बहुत ही आसान है व यह खाने में बहुत ही स्वादिस्ट होता है। छत्तीसगढ़ में लोग अक्सर नींबु के अचार व हरे धनिये की चटनी के साथ इसे नाश्ते के वक्त आनंद लेते हैं।

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लूज मोशन होने पर क्या खाना चाहिए और क्या नहीं, जानें दस्त रोकने के घरेलू उपाय

लूज मोशन की समस्या ज्यादातर तभी होती है, जब हम कुछ उल्टा-सीधा खा लेते हैं. या फिर हेल्दी भोजन जो हमने बाहर से खरीदा हो वो कंटैमिनेटेड हो. यानी किसी भी कारण से उसमें बैक्टीरिया पनप गए हों. अस्वच्छ पानी पीने के कारण भी लूज मोशन की समस्या हो जाती है.

कुछ लोगों को पर्टिकुलर फूड्स खाने से लूज मोशन की समस्या हो सकती है. जैसे, बहुत से लोगों का पेट पनीर खाने से खराब हो जाता है या दूध पीने से लूज मोशन लग जाते हैं. ऐसा उन लोगों के साथ होता है जिन्हें या तो लैक्टोज इंटॉलरेंस की समस्या होती है या फिर क्रॉनिक पेचिस होती है. जबकि कुछ लोगों को स्ट्रेस होने पर भी लूज मोशन लग जाते हैं.

कितने दिन में ठीक हो जाते हैं लूज मोशन?

लूज मोशन ठीक होने में आमतौर पर 2 से 3 दिन का समय लगता है. जबकि कुछ मामलों में ये एक दिन में भी ठीक हो सकते हैं. जैसे, दूध पीने के कारण हुए लूज मोशन या तनाव के कारण हुए लूज मोशन. जैसे ही पेट से दूध या इससे बने पदार्थ पूरी तरह निकल जाते हैं, लूज मोशन बंद हो जाते हैं. वहीं जिन लोगों को तनाव के कारण ऐसा होता है, उनका तनाव घटते ही लूज मोशन भी बंद हो जाते हैं.

  • लूज मोशन रोकने के लिए क्या करें?
  • लूज मोशन जल्दी रोकने के लिए किसी तरह की दवाओं का सेवन खुद से नहीं करना चाहिए. क्योंकि जब पेट में जमा गंदगी निकल जाती है और इंफेक्शन साफ हो जाता है तो लूज मोशन खुद ही बंद हो जाते हैं. 
  • इस दौरान आप जीरा और अजवाइन को तबे पर बिना तेल के भून लें और फिर इन्हें दरदरा कूट लें. इस चूर्ण का सेवन एक-एक चम्मच दिन में दो से तीन बार ताजे पानी के साथ करें. यह इंफेक्शन पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारने और पेट को जल्दी क्लीन करने में मदद करता है.

लूज मोशन होने पर क्या खाएं?

  • लूज मोशन होने पर ऐसा कुछ नहीं खाना चाहिए जिसे पचाने में समय लगता है या जिन चीजों को खाकर गैस बनती हो. जैसे, दूध और इससे बनी चीजें ना खाएं. आप सिर्फ दही का सेवन कर सकते हैं.
  • मूंग दाल की खिचड़ी दही के साथ खाएं. दही और किचड़ी दोनों ही लूज रखें. दही में पानी मिला सकते हैं.
  • आप प्लेन जीरा राइज को दही के साथ खा सकते हैं. इसमें अलग से कुछ भी मिलाना नहीं होता है, नमक भी नहीं. दही में आप भूनकर कूटा गया जीरा और अजवाइन मिला सकते हैं.
  • लूज मोशन के दौरान शरीर में पानी की कमी ना होने दें. इसके लिए एक गिलास साफ और ताजे पानी में एक चुटकी नमक और 2 चम्मच चीनी मिलाकर पिएं. दिन में जितनी बार भी पीना हो इस पानी को ही पिएं. 
  • कहीं सफर में है तो इलेक्ट्रोल पाउडर का पाउच लें और मिनरल वॉटर की बॉटल में घोल लें और सिर्फ इसी पानी का सेवन करें. एक लीटर पानी की बॉटल में एक पाउच पर्याप्त होता है.

 

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स्वाद और पौष्टिकता से भरपूर मैंगो शेक बनाने की बेहद आसान रेसिपी

मैंगो शेक बनाने के लिए सामग्री
पके आम – 2
दूध – 2 कप
ड्राई फ्रूट्स – 1 टेबलस्पून
चीनी – 3 टेबलस्पून
आइस क्यूब्स – 6-7

मैंगो शेक बनाने की विधि
मैंगो शेक बनाने के लिए सबसे पहले आम को लें और उन्हें लगभग आधा घंटे के लिए पानी में डालकर रखें. तय समय के बाद आम को निकालकर छिलनी से छिलके उतार लें और फिर एक बाउल में आम के गूदे के टुकड़े कर रख दें. अब मिक्सर जार लें और उसमें आम के टुकड़े और 1 कप दूध डाल दें. आप चाहें तो दूध को भी कुछ देर के लिए फ्रिज में रखकर ठंडा कर सकते हैं. इससे मैंगो शेक का स्वाद और बढ़ जाएगा.

 

इसके बाद सर्विंग ग्लास लें और उसमें मैंगो शेक डालकर ऊपर से 3-4 आइस क्यूब्स डाल दें. इसके बाद ड्राई फ्रूट्स की कतरन से मैंगो शेक की सजावट करें. स्वाद और पौष्टिकता से भरपूर आपका मैंगो शेक बनकर तैयार हो चुका है.

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गर्मियों में फ्रूट सलाद से करें दिन की शुरुआत, रहेंगे फिट और हेल्दी, आसान है बनाने का तरीका

गर्मियों के मौसम में फ्रूट सलाद शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है. पोषक तत्वों से भरपूर फ्रूट सलाद शरीर का तापमान मेंटेन रखने के साथ ही बॉडी डिहाइड्रेट होने से बचाता है. समर सीजन में दिन की शुरुआत फ्रूट सलाद के साथ की जा सकती है. इसे खाने के बाद आप दिनभर खुद को एनर्जेटिक महसूस करेंगे. गर्मियों में खान-पान को लेकर खास एहतियात बरतना जरूरी होता है. ऐसे में ये ध्यान रखने वाली बात है कि हम ऐसी चीज खाएं या पिएं जो आसानी से डाइजेस्ट हो जाए और शरीर को ऊर्जा से भरपूर रखकर तरोताजा महसूस कराए.

 

फ्रूट सलाद खाने के बाद आप खुद को एनर्जेटिक महसूस करेंगे. इसे बनाने के लिए मौसमी फलों का प्रयोग किया जाता है. फ्रूट सलाद डाइजेशन को भी बेहतर रखने में मदद करता है. आइए जानते हैं फ्रूट सलाद बनाने की सिंपल रेसिपी.

फ्रूट सलाद बनाने के लिए सामग्री
सेब – 1
खीरा – 1
पपीता कटा – 1 कप
अनार दाने – 1 कप
अंकुरित स्प्राउट्स – 1 कप
अंगूर – 1 कप
नींबू रस – 1 टी स्पून
काली मिर्च पाउडर – स्वादानुसार
हरा धनिया बारीक कटा – 1 टी स्पून
नमक – स्वादानुसार

फ्रूट सलाद बनाने की विधि
फ्रूट सलाद बनाने के लिए सबसे पहले पपीता, सेबफल और खीरा लेकर इनके चौकोर टुकड़े काट लें. अब एक मिक्सिंग बाउल लें और उनमें कटे हुए फल डालकर अच्छी तरह से मिला दें. अब एक बर्तन में पानी डालकर उसे मीडियम आंच पर गर्म करने के लिए रख दें. जब पानी गर्म हो जाए तो उसमें स्प्राउट्स डालकर उबाल लें.जब स्प्राउट्स नरम हो जाएं तो गैस बंद कर दें. इसके बाद छन्नी की मदद से स्प्राउट्स से पानी निकाल लें और उन्हें ठंडा होने के लिए कुछ देर अलग रख दें.

लगभग 5 मिनट में स्प्राउट्स पूरी तरह से ठंडे हो जाएंगे. इसके बाद स्प्राउट्स को फ्रूट्स के साथ डालकर मिक्स कर दें. अब बाउल में काली मिर्च पाउडर, एक टी स्पून नींबू का रस और स्वादानुसार नमक डालकर मिक्स करें. इसके बाद सर्विंग प्लेट में स्प्राउट्स को निकाल लें. चाहें तो इसे चटपटा स्वाद देने के लिए ऊपर से चाट मसाला भी छिड़क सकते हैं. फ्रट चाट बनाने के लिए मौसमी फलों का इस्तेमाल किया जाता है.

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